Showing posts with label मोटिवेशनल पोयम. Show all posts
Showing posts with label मोटिवेशनल पोयम. Show all posts

Wednesday, September 25, 2019

कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny. Poem 26/09/2019

#EDMranjit

कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny.  Poem 26/09/2019

मोटिवेशनल पोयम
Www.edmranjit.com .sri Krishna dham mathura. 

रूक कर चलते चलते चलना ही भुल गये। 
थोड़ा सी खुशी क्या मिली सारे गम ही भुल गये। 
अभी बस चले थे कुछ कदम मस्ती की राह में। 
पता चला चलते ही मंजिल अपनी भुल गये।। 


जुगनू रातों में अक्सर जगाया करते हैं। 
आँखों ही आँखों में कुछ राज बयाँ करते हैं। 
हम पुछे भी तो सिर्फ़ टिमटिमाते है।। 
ना जानें वो सारी उम्र हमसे क्या छुपाया करते हैं।। 

तकदीर तो सबकी वहीं लिखता आया है।। 
तश्बीर  में कुछ बेइमानी करता आया है।। 
तकदीर में कुछ कर्मो का लिहाज बताकर। 
तश्बीर में एक ही रंग परमामेंट भरते आया है।। 

कोई भगवान को कभी हरा नहीं पाया। 
को भाग्य को कभी मिटा नही पाया। 
कौई झुठ को कभी छुपा नहीं पाया। 
तो कोई सत्य को कभी दबा नहीं  पाया।। 

इंसान दुख का पुजारी है इस दुनियां में। 
इंसान ही सुख का भंडारी है इस दुनियां मैं। 
थोड़ा सा गर सर झुकाकर चलना सिख जाओ।। 
तो इंसान ही वफादारी हैं इस दुनिया में।। 

वक्त हरिशचंद से भी सब कुछ ले बैठा था।। 
वक्त रावण को भी मिटा आया है। 

वक्त ने बलि को भी खुद में समाया था।। 
वक्त ने हर बार खुद को दोहराया है।। 

सिखोगे तो हर बात में कुछ मिलना तय है।। 
देखोगे तो हर राह पर कुछ मिलना तय है।। 
समझ जाओगे तो हर इंशा लाजवाब हैं।। 
समझ पाओगे तो खुद से मिलना भी तय है।। 


पहचान न छुपाना कभी आप अपनी। 
क्योंकि ऊपर से सब नजर आ रहा  उसको। 
डर सदेव रखना जीवन में मित्रों अपने। 
 हमको तुमको सबको एक श्री ही चला रहा है💐

💐ऊँ नमोः भग्वते वाशुदेवाय नमः 💐
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. 
26/09/2019
Poetry motivational .


कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny.  Poem 26/09/2019



बंसत पंचमी कविता 👏30/01/2020

#EDMranjit बंसत पंचमी कविता👏30/01/2020 बंसत पंचमी कविता  इस माँ के बीना तो संसार अधुरा लगता था। नहीं आती तु तो सब सूना सूना लगता...