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Thursday, October 10, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09

#EDMranjit

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09

Pizza boy love story
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               आकाश साहिल बात क्या है भाई आज सैठ जी।
पहले तो तुम्हें सुनाते रहे फिर कुछ टाइम बाद तुम्हें।
वापस बुलाया और बोले मै बहुत पराउड फिल कर रहा।
हु कि तुम मेरे लिये काम करते हो ।साहिल एक बात तो समझ।
आती हैं की आज सुबह जो कुछ तुमनें किया उससे सैठ जी का।थोड़ा नुकशान हो गया।

और इसके लिये उनहोंने तुम्हें डांट लगाई। फिर अचानक से कुछ टाइम बाद बुलाकर शाबाशी भी दे रहे हैं। आकाश अरे दिपु तुमने कुछ जानते हो तो बताओ।
आकाश भईया बात ये हैं जब सैठ जी साहिल को डांट रहे थे उस टाइम उन्हें बस अपना नुकसान नजर आया था।

 लेकिन बाद मे जब (आई सी आई बेंक )से निशा मेम का फौन आया और उन्हौने सैठ जी से कहा की वाह सैठ जी आपका और साहिल का बहुत बहुत धन्यवाद ।आप लोगो की वजह से हमारे एक होनहार एडवाईजर की जान बच गई। अगर आपका साहिल वक्त पर उसको हौस्पिटल ना ले जाता तो डाक्टर का कहना था उसको बचाना मुश्किल हो जाता।

निशा मेम ने आगे कहा सेठ जी इस अच्छे काम के लिये परोपकार और हैल्प के लिये हम और हमारी पुरी स्टाप टीम साहिल को सम्मानित करना चाहते है ।और कल के अखबार मे आपकी सोप के साथ साहिल का नाम भी ऐसे जुड़ जाऐगा जैसे आज तक आपके पिज्जा की वजह से दिल्ली मे लोग आपको जानते हैं।

और फिर सैठ जी ने भी मेम को शुक्रिया किया। आकाश तो ये बात हैं। हां आकाश भईया इसलिये सैठ जी को जब ऐ एहसास हुआ की सिर्फ पैसे का नुकशान ही सब कुछ नहीं होता किसी की जान बच गई इससें बड़ा फायदा और क्या हो सकता हैं।

तब सैठ जी साहिल को बुलाकर उससॆ शौरी भी बोले और उसको सम्मान का हकदार भी बताया। आकाश भाई और दीपु।
क्या आप लोग भी सुबह से वहीं रट्टा लगा रखे हो। अरे किसी की हैल्प करना अच्छी बात हैं और उसके लिये हमे किसी सम्मान की कोई जरूरत नहीं अरे हमारै गाँव घर में हम सबको यही सिखाया गया हैं ।

 क्या आप सब किसी मरते को छोड़ सकते हो। आकाश साहिल तु नाराज मत हो लेकिन ये बात तो तु भी जानता हैं आज दुनिया में इनसानियत नाम की कोई चीज नहीं हैं ।जब वहाँ एक्सिडेंट हुआ तो इकलौता तु रोड पर नहीं था हजारों कार बाईक और बस वाले भी थें।

 और जिसने गलती की वो तो सीधा अपनी गाड़ी लेकर भाग गया। तब तुम्हें वहाँ किसी की ईनसानियत दिखी नहीं ना।और जब इसके तुमनें उसकी हैल्प की उसकी जान बचाई तो ।इसके लिये अगर कोई थोड़ा सा सम्मान देता हैं इसमे गलत क्या हैं। जब हमारे कनजूस सैठ तक को बात समझ आ गई तो तुम क्यो नाराज होते हो।

 साहिल आकाश भाई मै नाराज नहीं हु बल्कि ये सोच रहा हु। क्यो लोग अपनी जिम्मेदारी नही समझते क्यो सब अपना ही सोचते हैं। अगर हर इंसान सिर्फ़ अपना सोचता हैं तो।
कल को हम सब भी तो रोड पर चलते हैं काम करते हैं ।
और हादशे बोलकर नहीं होतै बस हो जातै हैं।

 जो लोग दुसरो को रोड पर मरता छोड़ अपने काम को तव्जो देते है भगवान ना करे कल उनके साथ ऐसा कुछ हो।आज सुबह जब सैठ जी ने मुझे डांटा तो में थोड़ा दुखी जरूर हुआ था मुझे लगा था में किसी ऐसी जगह पर काम कर रहा हु जहाँ सिर्फ हमे अपना काम टाइम पर करना हैं ।और उसके अलावा कुछ नहीं।बहुत सारे सवाल थें।

मेरे दिमाग में। और मैने मन ही मन सोच लिया था अब यहाँ काम करना उचित नहीं। पर सैठ जी को बाद मै समझ आया मैने कोई गलत काम नहीं किया । आकाश साहिल मेरे भाई तु इतनी जल्दी इतना सब मत सोचा कर और काम छोड़ने का तो बिल्कुल मत सोचना और हां तुझे जो करना हैं कर सैठ जी दिल के बुरे नहीं हैं। साहिल पर थोड़े बनिया टाइप हैं।

 उन्हें हर बात समझ आती हैं में तो इनके पास काफी टाइम से हु इन्हें अच्छे से जानता हु।तु इनकी टेन्शन ना लिया कर।
और हां अब कल तो तु पेपर मे आऐगा मेरे दोस्त ।देखा जाऐ।
तो ये भी कामयाबी की तरफ तेरा पहला कदम हैं।

 आकाश साहिल तु जानता हैं बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो अपने अच्छे करमों की बजह से पेपर मे जगह पाते हैं। और तुने अखबार में अपने अच्छे काम की वजह से जगह मीलेगी कल यार
इसलिये मे तो बहुत खुश हु मेरे भाई।हाहाहाहाहाहा।
साहिल आकाश भाई आप तो ऐसे खुश हो रहे हो जैसे मुझे कोई नेशनल आवर्ड मिल रहा हो।

 साहिल किसी कि जिंदगी बचा लेना बहुत सारे बड़े आवर्ड से भी बड़ा गिफ्ट हैं यार।
और कल जब सुरभि भी तुझे अखबार मे देखेगी बहुत खुश होगी। साहिल आकाश भाई बस भी करो।



 पढतें रहिये।
साहिल और सुरभि की कहानी
क्या होगा साहिल की लाईफ में।

Writing by ranjit Choubeay 

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10/10/2019

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09


Thursday, October 3, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08)

#EDMranjit

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08

साहिल सुरभि प्रेम कहानी
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            साहिल ऐं साहिल कहां खोये हो। तुम तो खोये हुऐ।
रेगिस्तान तान की तरह खो जाते हो।।
नही सुरभि में सोच रहा हु तुमने पहले मुझें उस दिन बुक मेला।
में देखा थोड़ी बात की उसके बाद मुझे बुक आँफर की जब मैने लेने से मना किया तो चोरी चुपके हमे फौलो किया और हम ये सब महज एक सयोग समझते रहे।।

सुरभि क्या यार अब तो मैने सब बता दिया ना की मैने तुम्हें एक दिन एक बेकरी में देखा बस मुझे लगा मील गया वो दोस्त जिसकी मुझे तलाश थी और वहीं से तुम्हें फौलो करने लगी। चाहती तो सब बुक मेले में भी बोल सकती थी लेकिन फिर मुझे सब कुछ जल्दी जल्दी लगता इसलिये खुद मैने ही थोड़ी मेहनत कर ली।।

साहिल हाहाहाहाहाहा। सुरभि अब इसमे हसनें वाली क्या बात हैं। नही यार बस तुम्हारी मेहनत पर मुझे हसी आ गई मुझे नही पता था दिल्ली आकर मुझे इतनें अच्छे दोस्त मीलने वाले हैं वरना पहलें ही आ जाता सुरभि हाहाहा शो फनी चलो अब ये बताओ तुम खुश तो हो ना।।

साहिल हा यार खुश हु क्यो तुम्हें खुश नही लग रहा। सुरभी हां लग रहे हो खुश लेकिन अभी कुछ टाइम पहले रेगिस्तान में खोये थे इसलिये पुछा। साहिल पता हैं सुरभी अभी तो में बस ये सोच रहा हु में जब यहाँ से रूम जाऊंगा तब उस आकाश से क्या बहना बनाऊँगा क्योंकि वो आज मेरा पुरा हिसाब लेगा पुछेगा कहां था इतने टाइम।।

क्योंकि कभी उसके बिना इतना टाइम कही बिताया नहीं इसलिये मे भी कुछ सोच लु सुरभि अच्छा तो क्या बोलोगे उस से आज सब सच बता देना सुरभी बुक देने आई और साथ ले गई फिर हमने होटल मे लंच किया फिर बाहर गार्डन में बहुत टाइम बैठे बहुत सारी बाते हुई।।

बोलना सुरभि ने बहुत सर खाया और अब वो मेरी बेस्टी हैं। साहिल हाहाहाहा बाप रे तुम तो उस से भी ज्यादा बातुनी हो।सुरभि क्यो अब मुह भी बंद रखना चाहिये और तुम्हारी हैल्प ही तो कर रही हु।साहिल हा बाबा ठिक है यहीं सब बोल दुंगा लेकिन फिर अगर उसने मुझे डांटना शुरु किया तो फिर तुम वहाँ रहोगी बचाने के लिये।।

सुरभि लेकिन साहिल वो डांटेगा क्यों।साहिल इसलिये क्योंकि वो मेरें बड़े भाई जैसा हैं जब में यहाँ आया था तो उसने बिना कुछ सोचे बिना मेरे बारे में जाने ही। कहां था दोस्त रहने कै लिये टेनशन मत लो मै हु ना और उसने कभी मुझसे ऐसा कुछ नही कहां जो मुझे बुरा लगे एक बड़े भाई से ज्यादा ख्याल रखता हैं वो मेरा।।

 अब तुम ही बताओ। सुरभि उस दोस्त से कुछ छुपाना क्या सही होगा ।नही साहिल सब सच बता देना ।साहिल लेकिन एक बात ये भी याद रखना मैने तुम्हें एक नजर मे Select कर लिया था। सेम तुम्हारे दोस्त कि तरह। साहिल हा जानता हु यार तुम भी उसके जैसी हो। अच्छा साहिल अब हमें चलना चाहिये ना आज तो मम्मा भी बहुत सवाल करेगी बोलेगी बिना बताऐँ कहां गायब थी।।

पिज्जा बोय लव स्टोरी।।


और मैने तो फोन भी ना किया। साहिल हा तुम जाओं में भी निकलता हु। सुरभि नही तुम बाहर चलो में पार्किंग से कार निकालती हु तुम्हें भी छोड़ दुंगी ।साहिल नहीं यार मे आटो ले लुंगा। सुरभी क्यो मेरी कार पंसद नहीं या मेरे साथ उसमें बैठना।।

साहिल अरे नही यार ठिक हैं चलो साथ ही चलता हु।में तो बस ये सोच रहा था कही तुम्हारे किसी अपने ने तुम्हें किसी अजनबी के साथ देख लिया तो बहुत सवाल दैने होते हैं। लड़की कि जात को बहुत सवाल करते लोग यार। सुरभि ओफ वोह। यार साहिल कहां चले जाते हो पन्द्रहवीं सदीं में ।इतना मत सोचा करो और अगर ऐसा कुछ हुआ भी तो मैं हैन्डल कर लुगीं यार मार्डन गर्ल हु कोलेज जाती हु घर के बाहर सारे काम देखती हु।।

इतनी बड़ी हो गई हु अपना खयाल औरो से बेहतर रख सकती हु। और सबसे अच्छी बात ये हैं मेरे मम्मी पापा सेम मेरे जैसे ही अच्छी सोच रखते हैं। वो जानते हैं उनकी बेटी कैसी हैं। औकें मिस्टर साहिल लो देखो तुम्हारा घर भी आ गया ।हाहाहा। साहिल जी बिलकुल झासी की रानी जी अब आप आराम से जाईये।।

और अपना खयाल रखना। हम साहिल बायं कल शाम को मीलते हैं ।सुरभि अच्छा ठिक हैं। मिलते हैं औके।
बांय बांय ।रेगिस्तान हाहाहा। साहिल बांय बांय।
साहिल अरे बाप रे लड़की हैं या चलती फिरती डिवीडी जो एक बार शुरू हो जाऐ तो रूकती ही नही।
वैल अब आकाश भाई से निपटना पडेगा।

अब आगे।
क्या साहिल और सुरभि।
की दोस्ती प्यार में बदल जाऐगी।
या फिर दोनों अच्छे दोस्त ही रहेंगे।
और साहिल क्या दिल्ली प्यार करने ।
आया हैं कही वो अपना कुछ भुल तो नहीं।
रहा।
पढते रहिये ।

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Writing by ranjit choubeay.
03/10/2019

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08

Sunday, September 22, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

#EDMranjit। motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

Pizza boy love story
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साहिल यार आकश आज जब में लास्ट डिलीवरी करके निकल रहा था तो मैने कुछ नोटिस किया पर फिर लगा नही मेरा वहम हैं। लैकिन फिर भी मन कहता है नही वो सच था अब समझ नही आता में सही था या फिर वो और मन कहता है वहम नही है सच है।

 आकाश साहिल लेकिन क्या मुझे अब बतायेगा या फिर खुद ही सही गलत करता रहेगा। बात क्या है खुलकर बता। साहिल यार बीते रविवार को मैने छुट्टी की थी ये तो तुझे पता है आकाश हा पता है।

अब आगे यार उस दिन में प्रगति मैदान गया था वहाँ कुछ पेंटिंग्स और बुक्स कि प्ररद्शनी लगी थी तो मै भी कुछ पुरानी ऐतिहासिक बुक्स देखने लगा मुझे एक बुक पंसद आई लेकिन उसका प्राइज़ बहुत था यार पुरे तीन हजार नौ सौ । फिर मैने वो बुक रख दि लैकिन तभी एक लड़की आई और पुछने लगी हैलो क्या आप ये बुक ले रहे हो।

तो मैने कहा नही तो उसने कहा आप काफी टाईम से इस बुक को पढ़ रहे थे। इसका मतलब आपको पंसद आई हैं तो फिर आप झुठ क्यो बोल रहे हो फिर उसने मुझे गौर से देखा मुझे ऐसा लगा जैसे वो मेरे कपड़े ओर पैरो की तरफ देख कर ये अंदाजा लगाने की कोशिश कर रही थी।

 मे गरीब हु या अमीर इसलिये में निकलने लगा तभी उसने कहा हु लगता हैं आपके पास इस बुक्स को लैने के लिये पुरे पैसे नही हैं क्यो मिस्टर सही कहा ना मैने तो मैने कहा दैखिये आप तो बेमतलब की बात कर रही हैं हम बुक ले या ना ले ये हमारी मरजी है।

 तो वो बोली देखिये मैने ऐसा इसिलिये कहा क्योंकि मुझे भी ये बुक्स पंसद हैं तो क्यो ना हम दोनो मिलकर यै बुक ले और पहले हम पढ़ लेगें और फिर आप का एडरेस दो आपको दे देगें हम लाकर।

आकाश साहिल अजीब लड़की थी बीना जान पहचान के ही गले पड़ रही थी अच्छा अब ये बता आगे क्या हुआ।
यार आगे फिर बोली क्यों मंजूर हैं। तो मैने कहा जी नहीं आप ले लिजिये हमे नही लेनी कोई बुक हम तो बस देखने आऐ है।

उसके बाद उसने कहा ओके और वो बुक उसने ले ली और जाते जाते बाय बाय बोल गई।आकाश अच्छा तो आज क्या हुआ जो तु उस दिन को लेकर आज सोच रहा हैं।साहिल अरे तु सुन यार आज जब मोरनिंग मै गार्ड अंकल से मीलने क्नाट पैलेस गया तो मैने उसको गार्डन मै जागिंग करते दैखा।

आकाश दिल्ली कि हैं यार दिख गई होगी यही आस पास की होगी। साहिल सुन तो लै भाई। उसके बाद जब मै अंकल से मिलकर लौटने लगा तो कार से रास्ते में मीली और हौरन दिया पिछे से जब मे साइड हुआ तो बोली क्यो हिरो मुझे फौलो कर रहे हो ।

 मैने जी नही में यहां अपने अंकल से मीलने आया था।
तो बोली अच्छा ओके सुनो तुम्हें वो बुक पढ़नी हैं तो में फ्री में दे सकती हु क्योंकि मैने पढ़ ली। यार मैने कहा लैकिन मेडम में आपको नही जानता तो आपसे बुक क्यो लु। तो बोली औके तुम्हारी मरजी और बांय बोलकर चली गई।

आकास उसके बाद लास्ट टाईम यार अभी जब में डिलवरी करके लौट रहा था तो मैरे पिछे ही कार का हौरन बजाने लगी।
जब मैने पिछे देखा तो मेरे होश उड़ गये वो दैख कर हंस रही थी। यार आकाश एक तो उसको ये भी पता चल गया मै एक डिलीवरी बोय हु ।

और ऊपर से ये समझ नही आ रहा वो बार बार क्यो मिल रही हैं ये कोई इतिफाक हैं या फिर वो मुझे फौलो कर रही हैं ।आकाश हाहाहाहाहा अरे यार तु बोलता है वो कार वाली हैं इसका मतलब पैसे वाली है।

और आस पास की है ईसलिए दिख जाती है। बस इतनी सी बात हैं और तु परेशान हैं।
लेकिन साहिल तुझे वो बुक ओफर कर रही थी तो ले लेता यार इसी बहाने पहचान हो जाती। साहिल अरे बाप रे नही यार वो बहुत हाईफाई दिखती हैं लगता हैं बहुत बडे़ घर की हैं देखते ही डर लगता हैं यार।

आकाश साहिल तु तो घबरू हैं यार लेकिन अब अगर वो मीले और कुछ बोले तो इसबार इतिफाक नही समझना उससे बात करना। हाहाहाहाहाहा।

क्या भाई तु बहूत खिचाई करता हैं यार।
आकास नहीं साहिल रियली यार तु भी हैंडसम हैं ।
और ये दिल्ली लड़कियों को तुझ सरीखे लड़के बहुत पंसद आते। हाहाहाहाहाहा साहिल बस बस भाई।

अब आगें ।
कौन हैं वो लड़की।
क्या साहिल से वापस उसकी मुलाकात होगी।


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Writing by ranjit choubeay.
22/09/2019

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

Friday, September 20, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05

#EDMranjit.  Motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05)

Pizza boy love story.
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साहिल आकाश से कहता हैं।
यार जब घर से भागा था था तो कुछ पता नही था कहां जाऊंगा क्या करूंगा बस भाग लिया रेलवे स्टेशन पर बैठा बैठा काफी देर तक सोचता रहा कहा जाऊ क्योंकि किसी के पास नही जाना चाहता था जहा भी जाना था बस अकेला ही रहना था।
फिर कितनी ट्रेन आती थी जाती थी बस सबको देखता और सोचता नहीं यहाँ नही कही और।

फिर यही देखते सोचते सुबह हो गई ऐसा लगा जैसे में कोई निर्णय ले ही नही पाऊंगा और फिर अचानक से एक दिल्ली ट्रेन आई कुछ टाइम वो रूकी रही बस फिर मैने भी टिकट लिया और बैठ गया।

आकाश बोला पर साहिल ये सब अभी क्यो सोच रहा हैं। साहिल नही यार तु समझ नही रहा में जो बता रहा हु वो बस ध्यान से सुन शायद जो में नही समझ पाया वो तु समझ जाऐ और मुझे बता सके की आखिर मेरे दिमाग में ऐसा क्या था जो में खुद ब खुद यहाँ आ गया।

आकाश यार तु क्या बोल रहा हैं फिलहाल तो मुझे अभी कुछ समझ नही आया। अच्छा आगे बोल। साहिल मुझे लगता था बचपन में जैसे में बहुत काबील वकील या डाक्टर बन जाऊंगा।

क्योंकि घर और टीचर सबको यही लगता था और मैने खुद से कभी ऐसा नही सोचा था हमेशा घर और टीचर के बीच सोचता रहा कभी कभी ऐसा लगता था जैसे सबकी लाईफ ऐसी ही

होती हैं। पर नही कुछ दोस्त मीलते थे उनकी बाते अलग होती थी पुछते थे साहिल तु क्या करने वाला हैं Study के बाद और में उन्हें कुछ खास  बता ही नही पाता था।

आकाश देता भी कहा से यार तुझे यहाँ पिज़्ज़ा जो बेचना था।
हाहाहाहाहाहा। साहिल नही यार ऐसा कुछ नहीं हैं ऐसा तो कभी नही सोचा था।आकाश साहिल एक बात कहता हु यार ध्यान से सुन अगर तेरी फिलोसोफी खत्म हुई हो तो तु ज्यादा सोचा मत कर 70 year ki तो जिंदगी हैं जिसमे 22 to बिता चुके अब जो बची है।

उसको सोच के नही बल्की कुछ करके बितानी है मेरे भाई। ईसलिए खयालों से बाहर निकलो और देखो। फिलहाल तो हम दिल्ली की गलियों के बस डिलीवरी बोय हैं इससे ज्यादा कुछ भी नही।आकाश तुम्हारी बात सही है ।इसका ये तो बिलकुल भी मतलब नही की हम सोचे ही ना हमे जाना कहां हैं करना क्या हैं।

ये जरूरी तो नही अगर हमने अपने आज को एक डिलीवरी बोय बना लिया तो बस वही काम हमारी लाईफ बन जाऐ।
मैं तो बस ये सोच रहा हु क्या में जो अभी कर रहा हु क्या यही मेरा ऐम था क्या यही मेरी मंजिल थी या फिर मुझे कुछ और करना हैं इससे आगे भी कुछ सोचना है। आकाश साहिल यार तुम्हारी सोच सही हैं ।

पर हम क्या कर सकते हैं नौकरी अच्छी मीलने से रही पहचान और पैसे हैं नही अब अगर ये नौकरी भी ना करें तो फिर वही या तो गांव जाकर जानवरों को चारा डालों या फिर खैती मे काम करो। साहिल मेरे भाई में तो बस यहीं तक सोच पाता हु। तु क्या और कितना सोचता हैं।

मे नही समझ पाता लेकिन एक बात जानता हु तु कुछ अलग जरूर करना चाहता हैं और अगर इश्वर ने चाहा तो जरूर कोई राह मिलेंगी यार। अब हमे सोना चाहियें कल लोगों को पिज्जा भी दैना हैं।
हाहाहाहाहा। औके गुडनाईट यार।

क्या है साहिल के मन में।
क्या करना चाहता हैं वो।
Next day.
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Writing by ranjit choubeay.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05)

Saturday, September 14, 2019

पिज्जा डिलवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी💐Pizza Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'14/09/2019💐

#EDMranjit.  Motivational Story.

पिज्जा डिलवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी💐Pizza Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'14/09/2019💐part 2)




तो आखिर में साहिल को।
रात बिताने की जगह मिल जाती है।
वो एक सिक्योरिटी से कहता हैं।

सर क्या में यहाँ आप के पास रेस्ट कर सकता हु।
शायद सिक्योरिटी को दया आती हैं और वो कहता हैं।
ठिक हैं तुम आरम कर लो लेकिन सुबह जल्दी ही यहाँ से जाना होगा और वो गार्ड साहिल से पुछता हैं ।
पर तुम कहां से आऐ हो और भटक क्यो रहे हो।

साहिल अपनी पुरी कहानी सच सच बता देता हैं।
वो गार्ड जिसकी उम्र कोई 45 year की होगी।
वो साहिल से कहता हैं बेटा तुमने कदम तो बहुत गलत उठाया हैं।

पर अब करोगे क्या यहाँ तो कोई अपना भी नहीं तुम्हारा फिर कहां जाओगे कैसे रहोगे एक काम करो सुबह वापस घर निकल जाओ। साहिल नही अंकल कुछ भी काम कर लुंगा कही भी रह लुंगा पर घर नही जाना मुझे।
बातो ही बातो में शायद गार्ड को साहिल पर दया आने लगती हैं।

वो कहते हैं सही कहां तुमने तुम पढ़े लिखे तो हो ही कोई काम तो जरूर मिल जाऐगा।
लेकिन उसके लिये भी पहले तुम्हें भटकना होगा।
तब कही जाकर कुछ काम मिलेगा।
साहिल हां अंकल अब थोड़ी तकलीफ तो होगी मुझे पर कोई बात नही ।

लाईफ में तकलीफ ना हो तो फिर मुझे पता कैसे चलेगा मैने क्या सही किया और क्या गलत ।
तो मुझे तकलीफ से डर नहीं लगता बस अब यहाँ रहना हैं और
खुद को साबित करना हैं मैने कोई गलत कदम नह उठाया।
साहिल की बातों से उस गार्ड को भी लगता है इस लड़के में हिम्मत तो हैं।
और वो साहिल से कहते हैं बेटा अभी आप सौ जाऔ।

सुबह कुछ सोचना अच्छे से।
साहिल वही गार्ड रूम में सौ जाता हैं।
सुबह के करीब 6 बजे साहिल की नींद खुलती हैं।
गार्ड अंकल भी झपकी ले रहे होते हैं।
साहिल उन्हें जगाता हैं ।

और कहता हैं अंकल अब में चलु कुछ देखता हु किसी काम की तलाश करता हु। फिर रहने के लिऐ भी मुझे जगह की तलाश करनी हैं।
गार्ड अंकल को लगता हैं क्यो ना में इस बच्चे की कुछ मद्त करू।
वो साहिल से कहते हैं अब कहां जाओगे दिल्ली में यहाँ बीना पहचान के काम मीलेगा ना रहने की जगह ।
अगर तुम चाहों तो जब तक तुम्हें कुछ काम ना मील जाऐ।
तुम मेरी खोली में रह सकते हो ।

साहिल कहता हैं पर अंकल आप तो मुझे जानते भी नहीं।
फिर आप मेरी इतनी मद्त क्यो करना चाहते हैं।
गार्ड अंकल बोलते हैं बेटे अगर एक आम आदमी किसी की हेल्प नहीं करेगा तो फिर कल दुसरा साहिल इतनी हिम्मत कैसे कर पाऐगा अभी तुम बस इतना समझ लो ईश्वर ने तुम्हारी हैल्प के लिये हमे एक छोटा सा मौका दिया हैं।
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Writing by ranjit choubeay.
14/09/2019


पिज्जा डिलवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी💐Pizza Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'14/09/2019💐part 2)

Thursday, September 12, 2019

पिज्जा डिलवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी💐Pizza Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'12/09/2019💐

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पिज्जा डिलवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी💐Pizza Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'12/09/2019💐

         



पिज्जा डिलवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी💐Pizza Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'12/09/2019💐



कहतें हैं जब इंसान कभी तनहा होता हैं।
तो भीड़ से दुर जाने की कोशिश करता हैं
एक ऐसी ही कोशिश साहिल भी करना चाहता था।
शाहिल जो बनारस का रहने वाला हैं।अभी कुछ महिने पहले ही
उसने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भुल की हैं।
उसने अपनी पढ़ाई छोड़ दि हैं।

उसे लगता लाईफ में ज्यादा पढ़ना बेवकूफी हैं।
शायद इसके लिये ही उसके पापा ने उसकी बहुत खिचाई की हैं।
और इस बात से परेशान हौकर साहिल को लगता हैं उसका खुद का घर और उसके पापा उसके दुश्मन हैं।
साहिल ने बहुत सोच समझकर घर छोड़ भाग लिया हैं वो घर से और अब इतनी बड़ी दुनिया में वो अकेला हैं।
आज साहिल बनारस से दिल्ली आ गया हैं ।

यहाँ उसे कोई जानता भी नहीं और ना ही वो किसी अपने के पास जाना चाहता हैं। उसके पास बस एक बेग हैं जिसमें उसके कुछ कपड़े हैं।
कुछ पैसे हैं जो ज्यादा दिन तक शायद उसकी मद्त ना कर पाऐ।
साहिल दिल्ली आ तो गया हैं और कुछ खुश भी लग रहा हैं ।
ये सोचकर अब में अपना मालिक खुद हु ना पढाई करनी हैं ।
ना कोई कुछ बोलेगा हमें।

उसके सामने अब एक चुनौती हैं ।
वो रहेगा कहां क्या काम करेगा।
और कुछ बात भी करनी हो तो किस से करेंगा।
अभी वो दिल्ली से कनाट पैलेस के पास आकर बहुत खुश हैं।
वहाँ इधर उधर देख रहा हैं बड़े बड़े लोग बड़ी बडी गाडियां।

बहुत बड़ा मार्किट शापिंग मांल।
लेकिन अफशोस ना तो उसका कोई अपना हैं यहाँ ना ही उसको कोई जानता हैं।
अब शाम हो गई हैं ठंड भी बहुत हैं।
साहिल को फिर भी घर का कुछ याद नही आ रहा।
उसे तो बस अपनी तलास हैं ।

अपने मन की इक्छानुसार जिना हैं।
जिसके लिये उसने सब कुछ पिछे छोड़ दिया हैं।
साहिल अभी मात्र 20 साल का हैं।
देखा जाऐ तो कोई मैच्योरिटी भी नही हैं।

अब रात हौ गई हैं सब लोग अपने अपने घर की तरफ निकल रहे हैं दुकानें बंद हो रही हैं। ओफिस भी बंद हो रहे हैं।
पर साहिल कहां जाऐ ।
उसने एक चाय की दुकान पर कुछ नास्ता किया हैं।
और उनसे पुछा हैं क्या यहाँ रात मैं रूकने के लिये कौई ऐसी जगह हैं जहाँ रहकर पैसे ना देने पड़े।
पहले तो चाय वाले ने साहिल से उसका सब पुछ लिया फिर कहां बहुत पागल लगते हौ जो घर छौड़ कर भागें हो।
अब कहां जाओगे क्या करोगे कहां रहोगे।

साहिल ने कहा इतना बड़ा शहर हैं इतने बड़े लोग हैं।
कही ना कही कुछ काम और रहने का जुगाड़ तो हौ ही जाएगा।
आप कृपया करके आज रात रूकने की कोई जगह बता दिजिये।
!!
पार्ट 2..
Next day.
क्या साहिल दिल्ली जैसे शहर मे खुद की तलाश कर पाऐगा।
जानिऐ आगे।
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Writing by ranjit choubeay. 
12/09/2019

💐पिज्जा डिलवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी💐Pizza Delivery Sahil Surabhi's love story'12/09/2019💐

बंसत पंचमी कविता 👏30/01/2020

#EDMranjit बंसत पंचमी कविता👏30/01/2020 बंसत पंचमी कविता  इस माँ के बीना तो संसार अधुरा लगता था। नहीं आती तु तो सब सूना सूना लगता...