कोरोना को हराना हैं poem 05/04/2020

#कोरोना को हराना हैं poem 05/04/2020


खौफ मैं है जींदगी फिर भी साथ है मन 
हर तरफ माहौल है गमगीन फिर भी
एक हे जन जन। 
इस तरह टुट कर ना बिखरे ये वतन 
आओ मिलकर सब एक हो जाए। 
चलो आज शाम एकता का दीपक जलाए

रोशनी एकता की दिखा दे सब मिलकर। 
ये देश है स्वालम्बि ये बता दे साथ चलकर।
कुछ सहम गए साथी उन्हें भी साथ ले आए। 
चलो आज एक होकर एक साथ दीप जलाए। 
  
जीतना है हम सबको देश को साथ लेकर ही
हराना हैं महामारी को एक साथ होकर ही। 
कोरोना से भी ज्यादा जडे़ मजबुत हैं हमारी। 
भारत पड़ेगा इस महामारी पर भी भारी। 

जब भी वतन पर संकट आए जग जाना है। 
डट कर सामना करना है औरो को भी जगाना है। 
भुल मत जाना साथ रहकर ही हराना हैं। 
आज शाम एकता का दिया जलाना हैं। 

कोरोना को हराना हैं poem 05/04/2020


आज शाम एकता का दिया जलाना हैं। 
Corona ko harana Hai.
Poem ranjit choubey www.edmranjit.com
05 /04/2020

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