नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

#EDMranjit



जिंदगी प्यार से जिओ तो नादानी बन जाती हैं। 
जिंदगी को समझो तो बेईमानी नजर आती हैं।। 
जिंदगी से दुर रहो तो दर्द बहुत दे जाती हैं।। 
जिंदगी की ये पहेली तो उलझी रह जाती हैं।। 

जब तक आप खुद से निडर हो सब ठिक। 
जरा सा डरे तो सब साथ छोड़ जाएंगे।। 
जो मतलबी होते हैं शुरू से ही यारो। 
वो क्या आपका उम्र भर साथ निभाऐंगे।। 

नहीं करना कभी किसी पर विश्वास तुम।। 
ये शब्द आपको जला कर राख कर जाऐगा।। 
जब टुटेगा आपके हृदय से निकलकर तो। 
वापस आपकी जिंदगी मैं लौट नहीं पाएगा।। 

इंसान जब भी खुद को समेटता हैं ।
तो  दुनियां से अलग हो जाता हैं।। 
फिर कोई रहे न रहे उसकी दुनियां में।। 
हर परवाह से वो दुर हो जाता है।। 

हम ने तो खूद को मिटाया हंसते हुए।। 
रोना तो जिंदगी ने सिखाना चाहा था। 
निकालकर फेक दिया उन किताबो को। 
अपनी जिंदगी से बाहर जिसने हमें दर्द में। 
रहकर भी जिना सिखाया था।। 

आसपास ही होती जिंदगी तो इतनी दुरी क्यों।। 
जब दिल मिलते ही नहीं तो मजबुरी क्यों। 
कुछ जालसाज़ होती हैं जिंदगानी उन लोगों की।। 
जो मोहब्त को भी बदनाम कर जाते निजी स्वार्थ कर।। 


स्वार्थी लोग कभी साथ नहीं निभा सकते। 
सिर्फ़ धोका फरेब झुठ और जाल बुनते हैं।। 
वो तब तक आपके साथ चलने का ढोंग करेंगे। 
जब तक आप उनकी हाँ में हाँ करते हैं।। 


दोस्तों इस दुनियां मैं मोहब्त जैसा कुछ नहीं होता। 

आप खुद को मजबूत करो दुनियां आप की हो जाएगी। 

अगर आप कुछ नहीं हो तो माफ करना मित्रों। 

यहाँ पर आपकी जिंदगी सिर्फ मजाक बनकर रह जाएगी।।  

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Writing by ranjit choubeay. 
07/10/2019 poetry. 

नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

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