पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part10) 17/10/2019💐

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पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'17/10/2019💐

Love story pizza boy
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       हैलो दिपु सुनो हा साहिल भईयां बोलिये क्या बात हैं। देखो दिपु आज सैठ जी भी नहीं हैं और हमारी तबीयत कल से ही कुछ ठिक नहीं है। पर हमने आज की सारी डिलवरी कर ली हैं और अब ये लास्ट डिलवरी के लिये निकल रहे हैं। तो अब वहीं से रूम चले जाऐंगे ऐसा लग रहा हैं हमे ।तो आकाश भाई अभी कुछ देर में आऐंगे तो उनको बोलना की हम अब कल सुबह ही आऐंगे।

दिपु जी साहिल भईयां जी हम आकाश भईयां को सब बोल दैंगे। आप आराम से डिलीवरी दे कर रूम जाईयें।साहिल हैंलो सुरभि हा साहिल बोल़ो क्या बात है सुरभि यार हमने आपको इसलिये फोन किया आज शाम हम गार्डन नहीं आऐंगे। सुरभि लेकिन क्यो क्या हुआ काम ज्यादा हैं या कोई बात हैं। साहिल अरे नहीं अभी तो लास्ट डिलीवरी करके जल्दी रूम पर आया हु मुझे थोड़ा फिवर है कल से ही मोर्निग मै आकाश भाई बोले थे आज छुट्टी कर लो पर हम काम पर गये।

और अब थोड़ा फिवर बढ़ गया इसलिये रूम आ गये रेस्ट कर लेंगें तो ठिक हो जाऐंगे। सुरभि साहिल तुम रूको मै अभी आती हु। साहिल अरे नहीं ऊफ ये लड़की भी ना। दिपु हा आकाश भईयां अरे भाई वो साहिल अब तक नहीं आया क्या। दिपु नहीं आकाश भईया साहिल भाई आऐ थें और। बोले अब तबीयत कुछ अच्छी नहीं लग रही लास्ट डिलवरी लेकर गये हैं और वहीं से रूम जाऐंगे यहाँ अब कल ही आऐंगे। दिपु पता है मैने उसको सुबह कहां था।

तुम्हें बुखार है आज रेस्ट कर लो काम सारा हम कर लैगें। पर वो साहिल हमारी एक भी नही सुनी आ गया बुखार में भी काम पर।
अब अपना काम तो सारे दिन धुप में गरमी मे भटक कर डिलवरी करना है तुम ही बताऔ दिपु उसको आराम कैसे मीलेगा। और तबीयत बिगड़ ही जाऐगी ना। दिपु हा आकाश भईया साहिल भाई काम कै आगे सब भुल जाते है अब देखियें ना उनको फिवर भी बढ गया है। पिपिपिपिपिपिपि। साहिल सुरभि रूको बस आ गया ।यार सुरभि आपने सुना भी नही कुछ फोन काट दिया। सुरभि अच्छा पता हैं तुम मुझे क्या बोलते यही ना की मे मैने मैडिकल से दवा ले ली हैं और अब रेस्ट करूगा।

साहिल हां इसलिये तो रूम आया। सुरभी अच्छा ओके। तो साहिल मै भी तुम्हें बस डाक्टर अंकल क़ो दिखा दु। उसके बाद घर छोड़ दुंगी आराम से रेस्ट कर लैना। साहिल सुरभि यार हल्का सा फिवर है हमें। साहिल तुम नहीं जानते ये दिल्ली का हल्का सा फिवर तुम्हें अच्छा बेड रेस्ट दे सकता हैं। सुरभि तुम मेरी सुनोगी ही नहीं पता हैं। हम पता हैं साहिल तो चुप रहो कोई दो मिनट मे क्लिनिक आने वाला हैं। ऊफ। साहिल आऔ चलो यार आ गये हम। औके। चलो। हैलो मैम हैलो सुरभि कैसी हौ आप। जी मै ठिक हु आप थोड़ा जल्दी से डांक्टर अंकल से बोलिये सुरभि आई हैं। जी बिलकुल। हैलो सर सुरभि आई हैं अंदर भेज दु।

 हा भेज दो उसको। उसने फोन किया था उसका दोस्त बीमार हैं जी औके।
जाईयें आप दोनों। वो फ्री हैं। सुरभी चलों साहिल।
हैलो अंकल हैलो बैटा। कैसे हो जी अंकल मे बिलकुल ठिक हु पर मेरा ये दोस्त ठिक नही हैं।   साहिल अंकल को हैलो तो बोलो। हाहा वो शौरी हैलो अंकल हौलो साहिल । जी अंकल बेटा इधर आओ आपका फिवर चेक कर ले हम कुछ कम हुआ या नहीं।


पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'17/10/2019💐


आपको तकलीफ मेहसूस नहीं हुई। सुरभी अंकल ये तो बोल रहे है हम मेडिकल से दवा लेकर ठिक हो जाऐंगे। पर हम पकड़ लाऐ क्योंकि हमे अपनी दिल्ली का फिवर पता है। साहिल बैटे सुरभि बिल्कुल सही बोल रही हैं आप अभी नये हो लेकिन दिल्ली का क्लाईमेट इतना जहरीला हैं यहाँ अगर अपना खयाल नहीं रख पाया कोई तो जल्दी ही बहुत बीमार होता हैं। इसलिये जब भी थोड़ी तकलीफ मैहसुस हो फोरन डाक्टर से चैक करवां लैना चाहिये।

साहिल जी डाक्टर अंकल आगे से पुरा ध्यान रखेंगे हम भी।
गुड अच्छा साहिल ये दवा बाहर मेडिकल से लेकर आओ।
सुरभि साहिल तुम रूको मै लेकर आती हु। डाक्टर साहिल बेटे काम क्या करते हो आप। जी अंकल में पिज्जा डिलीवरी करता हु। डाक्टर अरे वाह बेटे कभी हमारे लिये भी लाओ।
साहिल हाहाहा जी अंकल बिलकुल क्यो नहीं कल ही आपके लिये लाता हु।

डाक्टर। हाहाहा अरे नहीं बेटे पहले ठिक हो जाओ हम तो कभी भी तुम्हारा पिज्जा खां लगे।
सुरभि अंकल दवाई। हा साहिल ये दवा आज अभी से लै लौ ।
जी अंकल कल भी तीन टाइम लैना और परसो भी ।अगर उसके बाद भी आराम नहीं हुआ तो फौरन आ जाना।
सुरभि सुना साहिल अगर अच्छे नहीं हुये तो मुझे कौल कर लैना मै लै आऊगी ।साहिल अंकल आपकी फिश ।डाक्टर अच्छा साहिल अंकल भी बोलोगे और हमें फिश भी दोगे।
सुरभि हाहाहाहाहा। अच्छा अंकल हम चलते हैं।

औके बैटा। साहिल का खयाल रखना बहुत अच्छा दोस्त हैं पिज्जा पार्टी लैनी हैं हमें तो। सुरभि हाहाहाहाहा। जी अंकल हमे भी। बाय अंकल बाय बैटा।
साहिल सुरभि ये डाक्टर अंकल तो बहुत अच्छे हैं। हम साहिल अंकल बहुत बहुत अच्छे हैं।
अब गाड़ी मै बैठो बाबा। वो हा यार चलतें हैं साहिल तो आज शाम तो हो गई अब भलें ही गार्डन मै नहीं मीले तुम।

पर देखो मुलाकात तो हो ही गई ना। हा सुरभी तुम कोई ना कोई तरकीब तो निकाल ही लेती हौ। सुरभि अच्छा बच्चु हमें आपकी फिकर हैं यै कोई तरकीब नहीं थी।
साहिल हम पता हैं हमे और बहुत बहुत थेंक्यू यार तुम मेरा ईतना ख्याल रखती हो। सुरभि अच्छा साहिल बस करो।
तुम नहीं समझोगे बस फिर कभी हमें हमारे किसी भी काम के लिये थेंक्यू तो नहीं चाहिये तुम से।

साहिल ऊफ यार तुम तो नाराज हो गई साहिल नहीं नाराज नहीं हु देखो तुम्हारा रूम आ गया अब जाओ आराम से रेस्ट करो। अब दो दिन कोई काम नहीं।
मै अभी जाती हु बिना बोले चली आई थी। और सूनो कुछ टाइम बाद मैं फौन कर लूंगी। तब तक रेस्ट कर लो साहिल ओके। यार आप आराम से जाना घर। सुरभी हम बाय बाय।
साहिल बाय।
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Writing by ranjit ChOubeay
17/10/2019.

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