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शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019

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शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019
कोई सौगात नहीं जिंदगी जो  हार जाएं ।
बस दिल की बेबसी ने जलाया हैं। ।
प्यार भी तो वहीं किया करते हैं ज्यादा। 
जिन्हें वक्त ने हरपल रूलाया हैं ।।

मासुम सा दिल भी जल कर पत्थर। 
बन जाता है दुनियां में अक्सर ।
क्योंकि इस दुनियां में हर तरफ ।
बेवफ़ाई का साया छाया हैं । 

खता नहीं हो अश्क फिर भी  गिरते हैं ।।
सजा ना भी मिले लोग फिर भी डरते हैं ।
ऐसी बेईमान मोहब्त को भी कहते हैं ।
खुदा ने अपने ही हाथों से बनाया हैं। 

जमीं गवाह उनकी हो गई जो इश्क में। ।
ताबुत हो गए । 
कुछ तो समझे कुछ मिट गए फंसाने बने ।।
कुछ सब हारकर भी न पा सके मोहब्त  ।
सुना हैं वही मजनू वही रांझा दिवाने बने। 

कोई पढ़े दिवानगी पर किताबों में नहीं । 
नशा मोहब्त का तो मिट जानें पर होता हैं।। 
वक्त जब निकल जाता है परवाने का अक्शर। 
फिर प्यार में सिर्फ़ आँसुओं का समंदर रह जाता हैं।। 

What is Love ,only for sadness then sadness ,
दोस्तों जिंदगी में प्यार तभी करना जब आपमें गम सहने की ताकत हो। 
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay .
29/10/2019शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019

अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019

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#EDMranjit motivational thought.

अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019
अब मौसम बदल रहा हैं।
अब.लोग संभल रहें हैं।
अब सच्चाई को समझकर।
अब लोग भक भक जल रहे है।
अब मौसम बदल रहा है।
**अब जागी है थोड़ी इनसानियत देखों।
अब लोग बात कर रहे है।
अब जब कंगाल हुआ हैं अपना कुछ।
अब पाँव फुक फुक लोग चल रहें हैं।
**अब समझ आएगा सबकों
अब आँखों मैं ज्वाला भड़कने लगी हैं।
अब पागल पब्लिक कुछ कुछ करने लगी हैं।
अब नहीं चलती भेड़चाल की मरजी।
अब मरजी से अपनी सब चलने लगें हैं।
**अब मौसम बदल रहा हैं।
अब लोग संभल रहे हैं*******
www.edmranjit.com
Writing ranjit choubeay.
26/10/2019
अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019

👏💐शुभ दीपावली 🎆🎇27/10/2019

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👏💐शुभ दीपावली 🎆🎇27/10/2019
दीपों के जगमग उजालों का मौसम आया है।
सोनें चाँदी सा चमचम बजारों का रूतबा छाया हैं।
घरों मैं सबकी अपनी अपनी फरमाइशे हैं।
बाजारों मैं भी अतरंगी अतरंगी नुमाईशे हैं।
**नौकरी से छुट्टी लेनें का मौसम आया हैं।
सभी के साथ माहौल बनाने का मौसम आया है।
यारों से मिलने अपनी सुनाने उनकी सुनने का मौसम आया है।
मिठाइयों मैं डुबकी लगाने का मौसम आया है।

**सभी रूठें मित्र रिस्तेदारों को मनानें का मौसम आया हैं।
नई फसल का लुत्फ उठाने का मौसम आया है।
घरों को नया साफ सुथरा चमकदार बनाने का मौसम आया हैं।
खुशियों मैं झुमने नाचने गानें का मौसम आया है।
भग्वान श्री राम को यादकर खुशियाँ लुटाने का मौसम आया है।**जीवन के एक और साल को शुभ दिपावली मैं छाने का मौसम आया है।

सच और झुठ पर विजय अजय समझने का मौसम आया है।
वर्षों से चली आ रही शुभ परमपरा को निभाने का मौसम आया है।
नई पिढ़ी को रावन कौन था बताने का मौसम आया.हैं।
अपनी सभ्य संस्कृति को आत्मसात करने का मौसम आया है।
छोटे को आशीर्वाद देने बड़ों का आशीर्वाद लेने का मौसम आया है।**

अपनी भुलों को भुलाकर और सत्य को अपनाकर फिर से चलने …

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐

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पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐
आकाश हमनें कहा था ना साहिल तुमसे तबीयत अच्छी।
नहीं तो काम पर मत चलों पर तुम माने नहीं। अब देखों कैसे बुखार ज्यादा बढ़ गया। साहिल क्या आकाश भाई आप भी बिल्कुल उस सुरभि जैसे ही रिऐक्ट कर रहे हौ वौ हमें ले गई पकड़ कर डाक्टर के पास हमने दवा भी ली हैं।

 और डाक्टर ने कहा एक दो दिन मे फिट हो जाऔगे। आकाश सही है जो सुरभि हैं वरना तुम मेरी तो सुनते ही नहीं। वरना आज बीमार तो नहीं होते। साहिल आकाश भाई आप अब शान्त हो जाईयें कल सुबह देखिये हम कैसे ठिक होकर काम पर जाते हैं।
अच्छा क्या कहा तुमने कल काम पर जाओगे। हाहाहा साहिल हमने सैठ जी को फोन कर दिया साहिल बिमार हैं ।

और दो दिन वो काम पर नहीं आ पाऐगा।आकश भाई क्या किया आपने आखिर में अकेला यहाँ रूम पर करुगां क्या। और आप कै ऊपर ज्यादा लौड आ जाऐगा शौप पर फिर ये ठिक नहीं ईसलिए मुझे यहाँ बोर नहीं हौना। आकाश साहिल कोई बोरिंग नहीं होगी मस्त खा पिकर आराम करना और शाम को सुरभि ले जाऐगी गार्डन सब मुड अच्छा हो जाऐगा। हाहाहाहा क्या भाई आ…

एक आईना। पोयम 23/10/2019💐

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एक आईना। पोयम 23/10/2019💐एक आईना की तरह जिंदगी ।
को साफ रखा जाए। 
कुछ खुशियों की तरह गम। 
को भी पास रखा जाए।। 

" शिकायत नहीं करों कभी भगवान से।। 
बेईमानी न करो कभी इंसान से।। 
खुद की तरह औरो  को भी
दिल के पास रखा जाए।। 

" कुछ भटक कर लौट आओ। 
कुछ सीख कर वापसी करो।। 
कुछ चाहत नसीब के बस में नहीं।। 
ये बात समझ कर मान लिया जाए।

" इंसान हर तरफ अब बढ़ रहा हैं।। 
हर राह में तरक्की कुछ कर रहा हैं।। 
यही सोच कर हम सबको अब।। 
बदलाव का युग समझ लिया जाए।

"चिंगारी को भी कम नहीं समझना कभी।। 
वो भी शौला बन जाती हैं हवा की मद्त से। 
आना जाना तो लगा ही रहता है सबका ।।
अब ठहर जाना ही उचित राह बन जाए।। 

"मदत कुदरत प्रकृति की  माया हैं।। 
इम्तिहान जिंदगी की पाठशाला हैं।। 
अपने पराए रिस्तो का गठबंधन हैं।। 
क्यों न इन्हीं को जीवन दर्पण समझा जाए।। 
Www.edmranjit.comWriting by ranjit choubeay. 23/10/2019 Poem. एक आईना। पोयम 23/10/2019💐

इतनी हैं जिंदगी। पोयम 18/10/2019💐

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इतनी हैं जिंदगी। पोयम 18/10/2019💐
इतनी है जिंदगी जैसे शाम का ढल जाना।
इतनी है खुशियाँ जैसे कुछ पल मुश्कुराना।
इतनी है आदतें जैसे सासों का आना जाना।
इतनी है ख्वाहिशें जैसे सपने में सब कुछ मिल जाना।


इतनी है लड़ाईया जैसे सुई का चुभना।
इतनी है बेबसी जैसे सब भुलकर लौट आना।
इतनी है कमियां जैसे गलतियों की किताब।
इतनी है बातें जैसे कुछ पल लाजवाब।

इतनी है बेवकूफी जैसे पहली एक गलती।
इतनी हैं चाहत जैसे उस पर मिट जाना।।
इतनी है मिन्नते जैसे फिर कुछ और नहीं।।
इतनी है पागलपंती जैसे आगे अब और नहीं।।

इतनी हैं दुरियां जैसे पास आना मुमकिन नहीं।।
इतनी हैं मजबुरियाँ जैसे भुल जाना चाहत हैं।।
इतनी हैं खामोंशियाँ जैसे सच गलत हो जाएं।।
इतनी हैं आवारगी जैसे गलत भी सही हो जाएं।।

इतनी हैं मुश्किलें जैसे एक पल का दर्द।।
इतनी हैं मंजिलें जैसे सफर का एक दौर।।
इतनी हैं शुरूआत जैसे अंतहीन एक कहानी।।
इतनी हैं नफरतें जैसे मिट जानी हैं जिंदगानी।।

इतनी हैं नैतिकता जैसे सब कुछ अच्छा है।।
इतनी हैं सादगी जैसे कुछ और सुंदर नहीं।।
इतनी हैं माया जैसे सब एक और हैं।।
इतनी हैं मासुमियत जैसे फिर कोई और नहीं।।


 जिंदगी…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part10) 17/10/2019💐

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पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'17/10/2019💐

       हैलो दिपु सुनो हा साहिल भईयां बोलिये क्या बात हैं। देखो दिपु आज सैठ जी भी नहीं हैं और हमारी तबीयत कल से ही कुछ ठिक नहीं है। पर हमने आज की सारी डिलवरी कर ली हैं और अब ये लास्ट डिलवरी के लिये निकल रहे हैं। तो अब वहीं से रूम चले जाऐंगे ऐसा लग रहा हैं हमे ।तो आकाश भाई अभी कुछ देर में आऐंगे तो उनको बोलना की हम अब कल सुबह ही आऐंगे।

दिपु जी साहिल भईयां जी हम आकाश भईयां को सब बोल दैंगे। आप आराम से डिलीवरी दे कर रूम जाईयें।साहिल हैंलो सुरभि हा साहिल बोल़ो क्या बात है सुरभि यार हमने आपको इसलिये फोन किया आज शाम हम गार्डन नहीं आऐंगे। सुरभि लेकिन क्यो क्या हुआ काम ज्यादा हैं या कोई बात हैं। साहिल अरे नहीं अभी तो लास्ट डिलीवरी करके जल्दी रूम पर आया हु मुझे थोड़ा फिवर है कल से ही मोर्निग मै आकाश भाई बोले थे आज छुट्टी कर लो पर हम काम पर गये।

और अब थोड़ा फिवर बढ़ गया इसलिये रूम आ गये रेस्ट कर लेंगें तो ठिक हो जाऐंगे। सुरभि साहिल तुम रूको मै अभी आती हु। …

वृक्ष और आस्था। पोयम 16/10/2019💐

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वृक्ष और आस्था। पोयम 16/10/2019💐
एक गाँव मैं एक पेड़ था।
वो हरा भरा विशाल था।
उसकी जड़ें बहुत मजबूत थी।
भयंकर तूफान भी उसे गिरा नहीं पाए।


एक दिन एक फकीर आया।
उस पेड़ के नीचे उसने डेरा जमाया।
पेड़ पहले ही गाँव में बहुत लोकप्रिय था।
अब फकीर वहाँ निरन्तर रहने लगा।।

कुछ वक्त पहले वो पेड़ सिर्फ गाँव का था।
अब फकीर के कारण लोग पेड़ से कतराने लगे।
इधर फकीर वहीं से अपना गुजर चलाने लगा।
लोग पेड़ की जगह फकीर से मीलने जाने लगे।।

वक्त कभी ठहरता नहीं वो तो गतिमान है।
पेड़ अब निराश रहने लगा।
लोगों की रूची बदलने लगी।
फकीर की दुकान चलने लगी।।

पेड़ समझ गया उसके प्रति प्रेम अब गाँव मैं नहीं।।
उसे बड़ा अफसोस हुआ जन जन की मूर्खता पर।
क्योंकि पहले लोग उस पर जल चढा़या करते थे।
उसकी आरती और पूजा किया करते थे।

पेड़ भी अपने इष्टदेव से गाँव के मंगल की।
कामना किया करता था।
एक समय में वो गाँव के लिए भगवान हुआ करता था।।
पर एक ढोंगी फकीर ने सबका विश्वास जीत लिया।
पेड़ के साथ ही उसके इष्टदेव से भी पंगा लिया।


वर्षौ पुराना रिस्ता अब पेड़ का टुट चुका था ।
लोगों के विश्वास और आस्था का सुरज डुब चुका था।
उस …

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2) ,

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वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2)


आज शीतल को गाँव गये पुरे आठ दिन हो गए थे। और मन बस याद किए जा रहा है समझ नहीं आ रहा था मन को हुआ क्या था। ऐनि टाईम दिमाग की घंटी सिर्फ उसके ही इर्दगिर्द घुमती रहती थी परेशान था इस तरह की बेबसी से मन विद्यालय में भी मन नहीं लग रहा था दोस्तों से बात करना भी कुछ खास नहीं अच्छा लगता था। जब तक स्कुल का टाइम होता था किसी तरह निकल जाता था लेकिन घर का टाइम तो जैसे बदल ही गया था लगता ही नहीं था हर वक्त खुश रहने वाला साहिल इतना भी उदास हो सकता था। मैने लाइफ को हमेशा से एक बच्चे की तरह समझा था जब भी मुझे कुछ चाहिए होता तो मैं माँ या पापा से बोलकर ले लेता था। पर यहाँ जो कुछ भी मेरे साथ हो रहा था वो सब कुछ अलग सा था वो कोई चिज या सामान नहीं था जो मम्मी पापा दिला देते ।कभी कभी मन होता था माँ से बात करू और अपनी सारी परेशानी बता दू। पर फिर मन में संकोच होता था ये सब बहुत अलग था। मेरा टाइम शीतल को याद कर के बस युही निकल रहा था।

आज मैंने आँटी से पुछा शीतल कैसी है ऐडमिशन हो गया उसका वहाँ आँटी पहले तो कुछ पल मुझे देखती रह…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09

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पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09
               आकाश साहिल बात क्या है भाई आज सैठ जी।
पहले तो तुम्हें सुनाते रहे फिर कुछ टाइम बाद तुम्हें।
वापस बुलाया और बोले मै बहुत पराउड फिल कर रहा।
हु कि तुम मेरे लिये काम करते हो ।साहिल एक बात तो समझ।
आती हैं की आज सुबह जो कुछ तुमनें किया उससे सैठ जी का।थोड़ा नुकशान हो गया।

और इसके लिये उनहोंने तुम्हें डांट लगाई। फिर अचानक से कुछ टाइम बाद बुलाकर शाबाशी भी दे रहे हैं। आकाश अरे दिपु तुमने कुछ जानते हो तो बताओ।
आकाश भईया बात ये हैं जब सैठ जी साहिल को डांट रहे थे उस टाइम उन्हें बस अपना नुकसान नजर आया था।

 लेकिन बाद मे जब (आई सी आई बेंक )से निशा मेम का फौन आया और उन्हौने सैठ जी से कहा की वाह सैठ जी आपका और साहिल का बहुत बहुत धन्यवाद ।आप लोगो की वजह से हमारे एक होनहार एडवाईजर की जान बच गई। अगर आपका साहिल वक्त पर उसको हौस्पिटल ना ले जाता तो डाक्टर का कहना था उसको बचाना मुश्किल हो जाता।

निशा मेम ने आगे कहा सेठ जी इस अच्छे काम के लिये परोपकार और हैल्प के लिये हम…

शुभ दशहरा। 💐08/10/2019🏹

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शुभ दशहरा। 💐08/10/2019🏹
सभी मित्रों को दशहरा  की अनेक अनेक शुभकामनाएं। 
आज फिर से एक बार।
दुनिया ने इतिहास को ।
दोहराया रावण को मान्यता।
अनुसार जलाया।🏹

हर बार की तरह इस बार भी।
देशवासियों ने रावण को बुराई का।
प्रतीक मानकर उसका अंत किया।
और सदियों से करते रहे है।🏹

आगे भी रावण युही जलता रहेगा।
और हम सब इसको एक उत्सव।
के रूप मे मनाते रहैंगे।🏹

भगवान राम ने तो रावण को।
शतयुग मे ही मार दिया था।
और उनहोंने कहा था किसी।
वयक्ति राज्य और धर्म को।
तभी याद रखना चाहिए।🏹

जब वो समपूर्णतह उचित हो।
राजा श्री राम ने ये भी कहा था।
आज केवल युद्ध मै रावण हि नहीं मरा।
अपितु उसकी सारी बुराइयों का अंत हो गया है।
रावन ने भी मरने से पूर्व भगवान श्री राम से।
पुछा हे राम क्या ये संसार मुझे ।🏹

मेरी द्ववारा किये गये अपराधों से छमा कर पायेगा।
तब भगवान  श्री राम ने रावण से कहा रावण तुम तो।
परम ज्ञानी हो और जानते हो।🏹

मेरी लड़ाई केवल तुम्हारे द्वारा किये गये अपराध और पाप से थी। जीस पर धर्म की बिजय हुई।
तुम्हारे पापो का अब अंत हो चुका है।
इसलिए अब आपसे संसार मै कोई भी।
द्ववेश नही रखेगा।🏹

और फिर रावण श्री राम के नाम को पुकारते…

नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

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नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

जिंदगी प्यार से जिओ तो नादानी बन जाती हैं। 
जिंदगी को समझो तो बेईमानी नजर आती हैं।। 
जिंदगी से दुर रहो तो दर्द बहुत दे जाती हैं।। 
जिंदगी की ये पहेली तो उलझी रह जाती हैं।। 

जब तक आप खुद से निडर हो सब ठिक। 
जरा सा डरे तो सब साथ छोड़ जाएंगे।। 
जो मतलबी होते हैं शुरू से ही यारो। 
वो क्या आपका उम्र भर साथ निभाऐंगे।। 

नहीं करना कभी किसी पर विश्वास तुम।। 
ये शब्द आपको जला कर राख कर जाऐगा।। 
जब टुटेगा आपके हृदय से निकलकर तो। 
वापस आपकी जिंदगी मैं लौट नहीं पाएगा।। 

इंसान जब भी खुद को समेटता हैं ।
तो  दुनियां से अलग हो जाता हैं।। 
फिर कोई रहे न रहे उसकी दुनियां में।। 
हर परवाह से वो दुर हो जाता है।। 

हम ने तो खूद को मिटाया हंसते हुए।। 
रोना तो जिंदगी ने सिखाना चाहा था। 
निकालकर फेक दिया उन किताबो को। 
अपनी जिंदगी से बाहर जिसने हमें दर्द में। 
रहकर भी जिना सिखाया था।। 

आसपास ही होती जिंदगी तो इतनी दुरी क्यों।। 
जब दिल मिलते ही नहीं तो मजबुरी क्यों। 
कुछ जालसाज़ होती हैं जिंदगानी उन लोगों की।। 
जो मोहब्त को भी बदनाम कर जाते निजी स्वार्थ कर।। 


स्वार्थी लोग कभी साथ नहीं निभा सकत…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08)

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#EDMranjit पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08

            साहिल ऐं साहिल कहां खोये हो। तुम तो खोये हुऐ।
रेगिस्तान तान की तरह खो जाते हो।।
नही सुरभि में सोच रहा हु तुमने पहले मुझें उस दिन बुक मेला।
में देखा थोड़ी बात की उसके बाद मुझे बुक आँफर की जब मैने लेने से मना किया तो चोरी चुपके हमे फौलो किया और हम ये सब महज एक सयोग समझते रहे।।

सुरभि क्या यार अब तो मैने सब बता दिया ना की मैने तुम्हें एक दिन एक बेकरी में देखा बस मुझे लगा मील गया वो दोस्त जिसकी मुझे तलाश थी और वहीं से तुम्हें फौलो करने लगी। चाहती तो सब बुक मेले में भी बोल सकती थी लेकिन फिर मुझे सब कुछ जल्दी जल्दी लगता इसलिये खुद मैने ही थोड़ी मेहनत कर ली।।

साहिल हाहाहाहाहाहा। सुरभि अब इसमे हसनें वाली क्या बात हैं। नही यार बस तुम्हारी मेहनत पर मुझे हसी आ गई मुझे नही पता था दिल्ली आकर मुझे इतनें अच्छे दोस्त मीलने वाले हैं वरना पहलें ही आ जाता सुरभि हाहाहा शो फनी चलो अब ये बताओ तुम खुश तो हो ना।।

साहिल हा यार खुश हु क्यो तुम्हें खुश नही लग रहा। सुरभी हां …