में हैरान नहीं होता हु💐motivated poetry. 💐

#EDMranjit

में हैरान नहीं होता हु💐motivated poetry. 

कई बार उलझ कर भी ।
में हेरान नहीं होता हु।
कई बार चोट खाकर भी।
परेशान नहीं होता हु।
।।
चलता हु बहुत दुर तक।
पर पहुँच नहीं पाता हु।
एक बार और चलने की।
उम्मीद लिए रहता हु।
।।
जलता हु में हर पहर।
मन उदास भी होता हैं।
पर खुश होने की आश में।
हर सुबह रोज जगता हु।
।।
में हु बहुत अकेला पर।
दुनियां बहुत बड़ी है।
हर आदमी को देखकर।
कुछ सीख लिया करता हु।
।।
जब लगता हैं डर कभी।
एक सांस गहरी लेता हु।
और रोज की तरह में।
खुद से बात किया करता हु।
।।
सुना हैं मेनें भी यहाँ पर।
वक्त बदल जाता हैं।
बस यही समझ लिये में।
अपना काम किया करता हु।
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Writing by ranjit choubeay.
।।दिनांक 05/09/2019

में हैरान नहीं होता हु💐motivated poetry. 

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