पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05

#EDMranjit.  Motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05)

Pizza boy love story.
Www.edmranjit.com pics form web. Pixel 


साहिल आकाश से कहता हैं।
यार जब घर से भागा था था तो कुछ पता नही था कहां जाऊंगा क्या करूंगा बस भाग लिया रेलवे स्टेशन पर बैठा बैठा काफी देर तक सोचता रहा कहा जाऊ क्योंकि किसी के पास नही जाना चाहता था जहा भी जाना था बस अकेला ही रहना था।
फिर कितनी ट्रेन आती थी जाती थी बस सबको देखता और सोचता नहीं यहाँ नही कही और।

फिर यही देखते सोचते सुबह हो गई ऐसा लगा जैसे में कोई निर्णय ले ही नही पाऊंगा और फिर अचानक से एक दिल्ली ट्रेन आई कुछ टाइम वो रूकी रही बस फिर मैने भी टिकट लिया और बैठ गया।

आकाश बोला पर साहिल ये सब अभी क्यो सोच रहा हैं। साहिल नही यार तु समझ नही रहा में जो बता रहा हु वो बस ध्यान से सुन शायद जो में नही समझ पाया वो तु समझ जाऐ और मुझे बता सके की आखिर मेरे दिमाग में ऐसा क्या था जो में खुद ब खुद यहाँ आ गया।

आकाश यार तु क्या बोल रहा हैं फिलहाल तो मुझे अभी कुछ समझ नही आया। अच्छा आगे बोल। साहिल मुझे लगता था बचपन में जैसे में बहुत काबील वकील या डाक्टर बन जाऊंगा।

क्योंकि घर और टीचर सबको यही लगता था और मैने खुद से कभी ऐसा नही सोचा था हमेशा घर और टीचर के बीच सोचता रहा कभी कभी ऐसा लगता था जैसे सबकी लाईफ ऐसी ही

होती हैं। पर नही कुछ दोस्त मीलते थे उनकी बाते अलग होती थी पुछते थे साहिल तु क्या करने वाला हैं Study के बाद और में उन्हें कुछ खास  बता ही नही पाता था।

आकाश देता भी कहा से यार तुझे यहाँ पिज़्ज़ा जो बेचना था।
हाहाहाहाहाहा। साहिल नही यार ऐसा कुछ नहीं हैं ऐसा तो कभी नही सोचा था।आकाश साहिल एक बात कहता हु यार ध्यान से सुन अगर तेरी फिलोसोफी खत्म हुई हो तो तु ज्यादा सोचा मत कर 70 year ki तो जिंदगी हैं जिसमे 22 to बिता चुके अब जो बची है।

उसको सोच के नही बल्की कुछ करके बितानी है मेरे भाई। ईसलिए खयालों से बाहर निकलो और देखो। फिलहाल तो हम दिल्ली की गलियों के बस डिलीवरी बोय हैं इससे ज्यादा कुछ भी नही।आकाश तुम्हारी बात सही है ।इसका ये तो बिलकुल भी मतलब नही की हम सोचे ही ना हमे जाना कहां हैं करना क्या हैं।

ये जरूरी तो नही अगर हमने अपने आज को एक डिलीवरी बोय बना लिया तो बस वही काम हमारी लाईफ बन जाऐ।
मैं तो बस ये सोच रहा हु क्या में जो अभी कर रहा हु क्या यही मेरा ऐम था क्या यही मेरी मंजिल थी या फिर मुझे कुछ और करना हैं इससे आगे भी कुछ सोचना है। आकाश साहिल यार तुम्हारी सोच सही हैं ।

पर हम क्या कर सकते हैं नौकरी अच्छी मीलने से रही पहचान और पैसे हैं नही अब अगर ये नौकरी भी ना करें तो फिर वही या तो गांव जाकर जानवरों को चारा डालों या फिर खैती मे काम करो। साहिल मेरे भाई में तो बस यहीं तक सोच पाता हु। तु क्या और कितना सोचता हैं।

मे नही समझ पाता लेकिन एक बात जानता हु तु कुछ अलग जरूर करना चाहता हैं और अगर इश्वर ने चाहा तो जरूर कोई राह मिलेंगी यार। अब हमे सोना चाहियें कल लोगों को पिज्जा भी दैना हैं।
हाहाहाहाहा। औके गुडनाईट यार।

क्या है साहिल के मन में।
क्या करना चाहता हैं वो।
Next day.
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05)

Comments

Popular posts from this blog

कुछ पल की जिंदगी हैं कुछ पल में मिट जाना हैं। /There are few moments of life to be erased in a few moments/

Poetry //कितनें सत्य जीवन के💐

अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐