तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

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तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

Motivational poetry
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गिरते गिरते जो उठ जाते हैं।
वक्त रहते जो संभल जाते हैं।
हर वजह को अनदेखा जो करते हैं।
वक्त रहते वहीं कुछ कर जाते हैं।।

वाकिफ होते हैं जो दुनियां से।
वो तो डर डर कर बढ़ते है।
जो निडर होते हैं हर जहाँ से ।
वो सबसे आगे निकल जाते हैं।

कसर कौन छोड़ता है यहाँ जीत की।
हर किमत पर लोग जीतना चाहते हैं।
वजह जैसे ही समझ आती है कुछ खोने की।
बस वहीं हौसले पस्त हो जाते हैं।।

शिकार कहाँ शिकारी को बुलाता है कभी।।
वो अपनी भुख मिटाने की राह तय करता है।
बस कुदरत की मेहरबानी हैं दोनों पर।
कोई शिकार बन जाता है कोई शिकारी कहलाता है।

तराजु भी हमेशा दो तरफ बहता है।
कभी कम तो कभी ज्यादा कहता है।
मगर जैसे ही थोड़ा ज्यादा मिलता है उसे।
वो भी उसी साहुकार का होकर रहता है।।

इंसान का हुनर भी कमाल का होता है।
जहाँ पिटता है जिंदगी की चक्की मैं हर पल।
पता नहीं क्यों उसी चक्की के गुण गाता हैं।
हद तो तब हो जाती हैं एक दिन वहीं दम तोड़ जाता है। 🙏🏻
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Writing by ranjit choubeay.
22/09/2019.

तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

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