मौती संग धागे की प्रीत पौयम। 08/9/2019💐

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मौती संंग धागे की प्रीत पौयम। 08/9/2019💐

मौती और धागे का नाता।
शदियों से चर्चा  मे था।
 जग ने भी माना दोनो को।
शुभ माला का शवरूप दिया।

एक एक मौती धागा को।
हर पल ऐसे हरसाता।
मानो जग का सबसे सुदंर।
उन दोनों का नाता।

एक दिन बोला धागे ने।
मौती तु मुझको भाता हैं।
मुझसे मिलके बोल जरा अब।
आनंद तुझे भी आता हैं।

दिया प्रेम मौती ने भी।
धागे को अब जीवन माना।
कहा साथ हमको रहना।
और साथ अमर हो जाना हैं।

ईश्वर और मानव ने भी।
मौती धागे को प्रेम किया।
मंदिर और मूर्तियों में।
प्रेम संग स्विकार किया।

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Writing by ranjit choubeay.

मौती संग धागे की प्रीत पौयम। 08/9/2019💐
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