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कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 💐🇨🇮🙏🏻Sometimes, after joining Sohrat and sometimes losing Sohrat, both are involved in life.

#EDMranjit

 कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 💐🇨🇮🙏🏻Sometimes, after joining Sohrat and sometimes losing Sohrat, both are involved in life. 


 💐motivational poetry💐


कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 
कभी हारकर कभी जीतकर दोनों के काबील है जिंदगी। 
चलकर भी दुर तलक मुकाम ना मिला फिर भी जारी है जिंदगी। 
लोग कहते हैं थककर भी जो ना रुके वही है जिंदगी।। 

हजारों सपनो का सफर लिये लोगों के हौसले बुलंद है। 
घर शहर हर तरफ सपनों तले दबी हैं ये जिंदगी।। 
क्यों इतनी ख्वाहिशो की भरमार सबके पास है। 
हर तरफ हर शहर में ख्वाहिशो तले जल रही हैं जिंदगी।। 

सुबह से लेकर शाम तक लोग दर दर भटक रहे।। 
जिंदगी के रास्ते  करवटे बदल रहे। 
हे नहीं कोई आज इस जहां में जो निष्पाप हो। 
हर गुनाह कर के गर्दिशो में जी रहे हैं जिंदगी।। 

आज की तकदीर पर कुछ लोग सवारी कर रहे। 
कल कहां तकरीर का मौका दिलाऐ वक्त भी। 
निकल गया है डर जहाँ से खौफ में इंसानियत ।
जिंदगी भी डर के साये मैं जी रही अब जिंदगी।। 
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

मित्रों हर किमत पर जिना जिंदगी हैं। 
पर हर किमत पर ख़्वाहिश पुरी करना गलत है ।शृष्टि शिष्टाचार और संस्कृति से अलग है।। 

जरूरी भी नहीं के हर मुकाँ हासिल हो जाएं। 
कुछ जिंदगी के खातिर भी सफर तय किया जाता है।। 
मिट्टी के कण को छू कर जो चलना सिखाया था उसने। 
उस धरा की हिफाज़त के लिये भी तो जिया जाता हैं।।

 कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 💐🇨🇮🙏🏻Sometimes, after joining Sohrat and sometimes losing Sohrat, both are involved in life-

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Poetry motivational. 

Writing by ranjit choubeay.
23/08/2019





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कुछ पल की जिंदगी हैं कुछ पल में मिट जाना हैं। /There are few moments of life to be erased in a few moments/

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बड़े शानौ शौकत से मिली हैं  आपको ये प्यारी सी जिंदगी।। खुलकर लुटा डालो अपने मन के हर अरमानो को।। क्या पता कब ये पल हमें मजबूर कर दे सब कुछ यही छोड़ जाने को। लोग कहतें आऐं हैं  तरसते हैं  सब जीव मानव जन्म पाने को।। 
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Poetry //कितनें सत्य जीवन के💐

###ranjit//
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अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐

###ranjit//
अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐 अब जिंदगी में वापस।
जाना नहीं हैं।
किसी से भी दिल ये।
लगाना नहीं हैं।
कोई इसकों तोड़ें खिलौना।
समझकर।
ऐसें लोगों की बातों में ।
आना नहीं हैं।

```नहीं कोई मेरी तमन्ना रही अब।
नहीं कोई सपनें सजाएंगे हम।
जो अपना समझकर पराया हैं करता।
ऐसे लोगों से मीलने ना जाऐंगें हम।

``मेरी हर कहानी के पन्नों में शामिल।
मेरी जिंदगी के वो पहलू हैं मिलतें।
जहाँ हर कदम लिखी हमनें नफरत।
वो साहिल किनारें से सजदा करें क्यों।
``हर एक पन्ना मेरी कहानी कहेगा।

हर एक आँसू बहकर नादानी लिखेगा।
नहीं होगा कोई तेरा साहिल बनकर।
ये इश्क ही तेरी कहानी कहेगा।
``हमनें खाई हर बार चोट।

फिर भी कुछ सीख ना पाएं।
एक नई शुरुआत के लिये।
हम क्यो लौट आएं।
```क्यों आशिक ही बरबाद होतें हैं।

उनकीं खता क्या हैं दुनियाँ वालों।
तुम बताओं नफरत के ठेकेदारों।
क्या दिल जलाने की ठेकेदारी मिलती हैं।
```दुनियाँ में भलें ही घर ।

चारदिवारी होतें हैं।
पर दिल की तो एक ही दिवार हैं।
क्या करेंगेः अब सच्चे दिवाने।
दिल की दिवारों पर चल रही तलवार हैं।
``टुटा हैं दिल अब जोड़ना नहीं चाहेंगे।

राह बिछ़डी है…