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मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05

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मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05


आज सच मैं मुझे इस बात का एहसास हुआ था ।के अपने गाँव का मुखिया बन कर मेने कोई गलती नहीं की थी। क्योंकि आज जो कुछ भी हुआ वो मेरे इस पद की इमानदारी के कारण ही हुआ था। कलेक्टर सर तो गाँव से अपना वादा पुरा कर के जा चुके थे। 

लेकिन गाँव के लिये अभी भी खुशी का महौल बिलकुल झकास था सब लोग बहुत खुश थे। और जयकारा लगा रहे थे कभी कभी मेरे कुछ मित्र मुझे उठाकर नाच भी रहे थे। सच में पहली बार अपने गाँव वालों को इतना खुश देखा था यकीन ही नहीं हो रहा था इतना सब कब कैसे हो गया। 

सच ही कहते हैं इमानदारी का कोई मुल्य नहीं होता वो तो एक ऐसा गुण है जो समाज के लिये हमेशा ही अतुलनीय साबित होता है।। आज पिताजी भी बहुत खुश से उन्होनै खुद मुझे गले लगाकर कहाँ था शाबस बेटा आज तुमने वाकई सभी का दिल जीत लिया है। ऐसे ही काम करते रहना और समाज के हित के लिये अग्रसर रहना। यही उतम कर्म है।। 

अब गाँव की एक समस्या का लगभग अंत हो चुका था क्योंकि पुल जल्दी ही बनकर तैयार होनै वाला था मेंने इंजीनियर और पुल निर्माण में लगे सभी मिस्त्री से निवेदन किया आप सब अब पुरी लगन मेहनत से इसका काम संपन्न कीजिए।। सभी ने इस काम में पुरी ईमानदारी से जुटने के लिये हामी भी भरी और लगभग हर व्यक्ति बहुत खुश नजर आया।। 

मेंने आज शाम वापस अपने गाँव के बड़े बुजुर्ग की एक बैठक  घर पर बुलाई और उनसे गाँव के विकास पर चर्चा की सभी से में जानना चाहता था की फिलहाल गाँव में सबसे ज्यादा जरूरी और क्या होना चाहिए। तो लगभग सभी का मत गाँव में एक छोटा या बड़ा हाँस्पिटल खुलवाने की थी।  क्योंकि गाँव से लगभग बीस किलोमीटर दुर था सरकारी हाँस्पिटल तो परेशानी ज्यादा हो जाती थी जब भी कोई बिमार होता था खासकर बच्चों को ज्याद तकलीफ़ होती थी।। 

गाँव में और भी  समस्याऐ थी जिनसे मुझे गाँव को छुटकारा दिलाना था जैसे की लाईट साफ पानी अच्छी सड़क खैल के लिये कोई मैदान और सरकारी स्कुल को ठिक से मेंटेन करवाना ये सब काम बहुत ज्यादा जरूरी थे।। क्योंकि मेरा गाँव बाकी के गाँव से बहुत ज्यादा पिछड़ चुका था वो सिर्फ इसलिये क्योंकि भूतपूर्व मुखिया जी ने भ्रष्टाचार के अलावा कुछ और किया ही नहीं था।। 

मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05


सभा खत्म होते ही पिताजी पुछने लगे बेटे पंचायत के बाकी गाँव पर भी तुम्हें ही ध्यान देना है। कही कोई ये ना कहें की मुखिया जी सिर्फ अपने ही गाँव का विकास कर रहे हैं। और बाकी के गाँव छोड़ दिये है।  मेंने पिताजी को बताया की ऐसा नहीं होगा । पंचायत के हर गाँव की समस्याओं की लिस्ट मेरे पास है। सभी गाँव के लोगो से बारी बारी मिलता हु। और सबकी राय भी ली है मेंने । कौन से गाँव की क्या समस्या पर जल्दी कार्य किया जाएं। ये सब गाँव वालों के विचार से ही उनकी सहमती से ही कार्य शुरु करवाता हु। और पिताजी मुझे ये तरीका बहुत अच्छा लगता हैं। सबकी रजामंदी से उनके गाँव में विकास हो इससे अच्छा क्या हो सकता है।। 

पिताजी की आँखों में एक अद्भुत विश्वास था मेरे प्रति सेम यही विश्वास और स्नेह में सभी से चाहता था पता नहीं क्यों लोगो को खुश देखकर मुझे बहुत ही खुशी होती थी। उनकी खुशी से मुझे दिन रात कार्य करने की प्रेरणा मिलती थी। एक गजब सा जुनून मुझमे आ गया था अपने पंचायत के हर घर में मुझे अपना ही घर अपने ही नजर आते थे। और सच कहु तो अपने इस प्रोरोफेशन से भी में बहुत खुश था। मेरे दोस्त मेरा गाँव मेरे अपने सभी मेरे साथ थे और इस तरह मेरा हर काम खुशी खुशी आगे बढ़ता गया। 

पंचायत के हर गाँव का धिरे धिरे संभव विकास होता गया लोग अब जागरूक भी होने लगे थे। एक शुरूआत की थी मेंने ईमानदारी से कार्य करने की वो अब एक बड़ी टिम बन चुकी थी। अब में अकेला नहीं था गाँव समाज के मेरे मित्र भी विकास और इमानदारी के पथ पर मेरे साथ था।। 

आज मुझे पुरे गाँव का हर बच्चा बड़ा बुजुर्ग बडे़ नेक नजरिये से देखता हैं सम्मान देता है। आज में बहुत खुश हु ये बताकर की मेंने अपने जीवन में एक मुखिया कै तौर पर पंचायत के हर गाँव को सुविधाजनक बनाया हर व्यक्ति को उसकी सुविधाएं दिलाई उसका हक दिलाया और मेरी पंचायत एक सफल इमानदार पंचायत बनी। अगर एक इंसान अच्छी सुरूआत करता है उस पर चलता है। इमानदारी से सेवा करता है। 

तो ये सच है उसके आसपास का समाज भी उसके इर्दगिर्द जरूर उसकी तरह अच्छा बन जाता है। तो कृपया आप भी अगर भविष्य में अपने गाँव का विकास चाहते हैं तो पूर्णत्ह इमानदारी से कदम उठाईये आपका सपना जरूर सच होगा आपके आसपास विकास होगा समाज का विकास होगा तो देश का भी विकास होगा।। 

मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05


💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮💐जय हिंद वंदेमातरम💐🇨🇮
Edmranjit.com
Writing ranjitchoubeay
20/8/2019.........ईमानदारी उज्जवल भविष्य बुनती है। 
Next story. 
पढ़ना ना भले।। 

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