Saturday, August 31, 2019

छोटी सी हैं जिंदगी 🇨🇮💐💐👏पौयम)

#EDMranjit


छोटी सी हैं जिंदगी।पौयम 🇨🇮💐

छोटी सी हैं जिंदगी।
छोटे से ख्वाब।
जितनी छोटी चाल है।
उतने मोटे आप।

छोटी छोटी सीढी़ पर।
लम्बे लम्बे ख्वाब हैं।।
एक एक पग जो चढे़ हैं।
 वो करता पुरे  ख़्वाब हैं।।

छोटी सी एक सुई की।
नौक जरा लग जाऐ तो।
आह निकल के आती है।
जब दर्द बदन मैं आऐं तो।।

छोटी सी एक चींटी भी।
बोझ  उठाती खुद अपना।
लुड़क लुड़क भी हर दिन।
भोज जुटाती हैं अपना।।

छोटी छोटी बातों से कुछ।
नया नया मिल जाता हैं।।
जब बात जुबाँ पर मिठी हो।।
तब गीत नया बन जाता हैं।।

छोटी चीजें भी अक्सर।
एक दिन बड़ा बन जाती है।।
जब वक्त का पहिया फिरता हैं।।
शुरूआत उन्हें मिल जाती हैं।।


छोटी सी इस लाइन मैं ।
बस यहीं बताने आया हु।।
में जीवन हु तेरा अपना ।
तेरे साथ धरा पर आया था।
तेरे साथ ही एक दिन जाऊंगा।। 💐

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Writing by ranjit choubeay.

31/08/2019 motivated poetry 

छोटी सी हैं जिंदगी।पौयम 🇨🇮💐







पौयम) मैंने कितनी बार सोचा💐🇨🇮💐

#EDMranjit

पौयम) मैंने कितनी बार सोचा💐🇨🇮💐

मैंने कितनी बार सौचा।
एक ही इंसान की जिंदगी।
दौहरी कैसे हौ जाती हैं।
बार बार मिला किसी से।
पर कुछ समझ ना आया।
।।
फिर खुद की तलाश की।
कभी अपने आपसे बात की।
तो कभी अपने व्यवहार की।
हर कड़ी की जाँच की।
।।
इंसान को दुनियाँ में।
सबसें अद्भुत पाया मैंने।
हर पहर के साथ मैने।
इंसान के बदलाव देखें।
।।
अपनें और पराये के बीच।
सबसें अलग नीति नजर आई।
अजीब तो तब लगा बहुत।
जब गलती कर भी खुद में।
इंसान बड़े मजे में नजर आया।
।।
कुछ लोगों के विचार संयोग बस।
अच्छे भी मिल जातें थें।
पर शायद अच्छे विचार भी।
अगले पल एक नीति के।
के लिये मिले बड़ा अजीब था सब।
।।
मैनें गहन विचार किया।
संसार की बातों को समझा।
अपनें और पराये की समझ।
मुझे उस वक्त बहुत छोटी।
लगी जब सबकों एक साथ।
एक मुद्रा में ईश्वर के समक्ष।
हाथ जोड़े पाया।।
।।
अंत में बस एक बात।
समझ पाया हु।
में खुद मैं इंसान हु।
 इंसान बनने आया हु।
ना कोई नीति हैं ना हैं कोई चाल।
बस मानवता की राह में।
सुंदर एक विचार लेकर आया हु।

पौयम) मैंने कितनी बार सोचा💐🇨🇮💐


Www.edmranjit.com
#लेखनरंजीतचौबे
#दिनांक 31/08/2019

Friday, August 30, 2019

एक ख्याल आया। पोयम 🇨🇮👏👏🙏🏻

#EDMranjit

एक ख्याल आया। पोयम 🇨🇮👏👏🙏🏻


एक ख्याल आया ।
अगर रूक जाऐं हवा तो।
होगा क्या। 🇨🇮👏👏🙏🏻
फिर ख्याल आया।
अगर थम जाऐ दिशा तो।
होगा क्या।
।।
फिर नजरें टकराईं।
सुखे बगीचों से।
लालच के भुखे आदमखोंरो से।
फिर सोचा सा़ंसे ही नहीं होगी तो।
लालच का होगा क्या।
।।
फिर ख्याल आगें चला।
थोड़ा सहमा सा कुछ और दिखा।
सुखी नदियाँ कोई बहाव ना था।
हर तरफ फकड़ हाल बेहाल था।
अब ऐसा रहा तो जीवन होगा क्या।
।।
ख्याल युहीँ चलता रहा।
उसे कहीं क़ोई राहत नजर ना आई।
राह में उसें भुखा किसान मीला।
रोता हुआ बेचारा बहुत परेशान दिखा।।
अन्नदाता का ऐसा हाल ।
तो कुछ और अच्छा होगा क्या।
।।
ख्याल भी परेशान।
अब उसने और आगें।
जानें से परहेज किया।
थक कर हार गया ।
उसे कोई सच्चा सुखी।
नजर ना आया।
अगर ऐसा कुछ होता रहा तो।
कुछ और कभी होगा क्या।
।।
ख्याल सबके पास खिलतें हैं।
पर सब अस्त व्यस्त हैं।
हम कहीं ना कहीं मस्ती भरें।
जीवनशैली में डुबें हुयें हैं।
लेकिन इसका असर ।
प्रकृति भुगत रही हैं।
।।
शान्ति से मनन करें।
अपने आस पास सजग रहे।
धरती अपनी माता हैं।
प्रर्यावरण हमारा मित्र हैं।
और व्यवस्था बनाएं रखना।
अपना कर्तव्य हैं।

एक ख्याल आया। पोयम 🇨🇮👏👏🙏🏻


।।।।।।।।।।।।।।।।
।।#लेखनरंजीतचौबे।।
।।#एक ख्याल आया।
।।#दिनांक।#30/08/2019👏👏🇨🇮www.edmranjit.com
Poetry
।।#धन्यवाद।

फिट होगा तभी तो हिट होगा इंडिया। India will be a hit only if it is fit.🇨🇮👏👏

#EDMranjit🇨🇮

फिट होगा तभी तो हिट होगा इंडिया। India will be a hit only if it is fit.🇨🇮👏👏


मित्रों कल हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने देश को एक नई मुहिम से जोड़ दिया। उन्होने एक न्यु मुहिम की घोषणा की जो हम सभी देशवासियों के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण है  उन्होने देश के हर नागरिक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की और उन्होने कहाँ देश का हर नागरिक स्वस्थ होना चाहिए फिट होना चाहिए इसके लिये उन्होनै देश की युवा पिढी़ देश के बच्चे  सभी बुजुर्ग महिला बहने अथवा वरिष्ठ नागरिक सभी को संबोधित किया।। 

हमें और आपको इस बात को बहुत ही गहराई से समझना होगा क्योंकि अगर देश का प्रधान सेवक कोई आग्रह करता है तो इसमे देश हित और देशवासियो का ही हित छुपा होता हैं। इसके पहले भी प्रधानमंत्री जी ने पुरे विश्व को योग से जोडा़ आज पुरा विश्व योग का लाभ ले रहा हैं।  उन्होने स्वछ भारत अभियान की मुहिम चलाई इसका  फायदा भी हम सभी को हुआ आज हर कोई अपने आस पास साफ सफाई रखना भी चाहता है और रखता भी है।। 

अब बात करते है स्वस्थ होना कितना जरूरी है।।  मित्रों हम सभी जानते हैं अगर कोई भी बच्चा बड़ा  वरिष्ठ नागरिक स्वस्थ नहीं रहता है तो इसका सिधा असर पुरे परिवार पर पड़ता हैं।। जिस तरह हमारे शरीर को डेली भोजन की आवश्यकता होती है ठिक उसी तरह हमारे शरीर का स्वस्थ होना भी जरूरी है।। 

अगर एक व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं रहता तो उसका असर उसकी पूरी जिंदगी पर पड़ता हैं। 
क्योंकि अगर हम सारिरिक रूप से स्वस्थ नहीं है तो फिर हम कोई भी काम अच्छे तरीके से नहीं कर सकते इसकी वजह से हमे मानसिक रूप से भी बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।। इसलिए हमे हर तरह से अपने  स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा इसलिये आप खुद भी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दिजिए और अपने परिवार मित्र आस पास सभी को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करवाए। अगर आपके प्रयास से एक भी व्यक्ति को स्वास्थ्य स्वास्थ्य लाभ मिलता है तो सच मैं आपने देश हित और समाज हित में अपना योगदान दिया है। ये आप खुद भी समझ सकते हैं आपको कितनी खुशी होगी जब आपके प्रयास से और भी प्रयास जुड़ेगे और भारत फिट होगा हिट होगा।। 

स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए हमे क्या करना चाहिए।। मित्रों स्वास्थ्य के प्रति हमे बस कुछ सावधानियां ही बरतनी होगी और हम सब पुरी तरह फिट रह सकते हैं।।  जैसे की अगर हम आज तक व्याम वगेराह नहीं करते हैं तो बस शुरू कर लीजिए अपने हिसाब से थोड़ी सी मेहनत अगर आप सुबह की वाँक भी करने लगे तो आप धिरे फिट हो जाऐगें। 

इसके बाद आप सभी  को अपने भोजन के प्रति भी कुछ सावधानियां बरतनी होगी। आज की युवा पिढी़ फास्ट फुड पर नजरे जमायें हुये है इसकी वजह से शरीर में हजारों प्रकार के रोग पनपते जा रहे हैं। इसमें मैन हैं मोटाप फैटनेस जो एक अच्छे इंसान को भी गधो वाला फिगर गिफ्ट में मिल रहा है। सुगर भी फैल रहा है  फुड पोईजनिंग की वजह से भी बहुत बड़ी संख्या मैं लोग परेशान होते हैं इसकी एक वजह  अनिद्रा भी फैलती जा रही है मतलब अगर आप एक हैल्थ कैयर जाओ और अपनी जाँच करवाओ तो आपको पता चलेगा आज आप ये आयली फूडस खाकर साथ मै कितनी सारी बीमारियां लेकर चल रहे हो।। इसलिये आयली फास्ट फुडस से नाता तोडि़यो अगर आपको सच मैं स्वस्थ होना हैं अच्छा दिखना हैं  और भविष्य में अच्छी लाइफ चाहिए तो।। 


फिट होगा तभी तो हिट होगा इंडिया। India will be a hit only if it is fit.🇨🇮👏👏


कुछ खास नहीं हमे खुद को बहुत खास बनाना होगा इसलिये तैयार हो जाइये आज से घर में बना भोजन ही करेंगे।। 
हरी सब्जियां ज्यादा से ज्यादा दाल ज्यादा से ज्यादा और दही दुध का सेवन करेंगे।। क्योंकि अगर घर में भी आप माँसाहारी बने रहोगे तो सेहत पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा इसके लिये हमे साकासारी चिंजो पर खास ध्यान रखना होता या फिर हमे पुरा वैजिटेबल होना पड़े तो ये और भी लाभकारी होगा। 

क्योंकि माँस मछली शराब कबाब गुटखाँ तम्बाकू बिडी़ सिगरेट पान मशाला भी आपके शरीर की बर्बादी का मुख्य कारण है।। मार्केट मैं बिकने वाला सालो पुराना कोका कौला ठंडा ये सब हमारे लिबर को डैमज ही करता है। 
मैं समझ सकता हूँ एक साथ इतनी चीजों का त्याग करना मुमकिन नहीं है। पर मित्रों अगर हमारे शरीर को इन चिंजो से नुकसान होता है तो हमें धिरे धिरे इन चिंजो का त्याग करना ही होगा।। 


हमारे पूवर्ज जामुन आम संतरा अमरूद अंगुर इमली सहतुत खाते रहना पंसद करते थे और हम सब आज सिगरेट सराब कबाब तम्बाकू गुटखाँ खा खा कर अपनी जिंदगी तबाह कर रहे हैं।। इसलिये हमें जागना होगा अपने स्वभाव को पहले की तरह ही करना होगा। अगर आप स्वस्थ रहोगे तभी आप भविष्य में कुछ भी बड़ा या छोटा अच्छा काम अपने लिए कर पाओगे अन्यथा जिंदगी की आधी एज तो बस बीमारियों  से जूझने में ही निकाल जाऐगा।। 

में जो भी यहाँ लिख रहा हु कहीं ना कहीं ये सब आम जिंदगी की बातें हैं जो हम सभी जानते भी है लेकिन फिर भी हम लापरवाह हो गये हैं।। अब हम सभी को ये लापरवाही खुद से दुर करनी होगी अगर अपने लिये अपने परिवार के लिये अपने समाज के लिए अपने भाई बंधुओ के लिये अपने देश के लिए आप सच में कुछ करना चाहते हैं तो कृपया अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो जाईये अपने आस पास स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत खुद से किजिऐ। 

चाहे कोई गरीब हो या अमीर जीवन सभी को प्रिय होता है और मेरा देश इस बात को भलिभांति समझता है। इसलिये आईये  माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ मिलकर हम स्वय के लिये देश के लिये समाज के लिये एक ऐसी स्पथ लै के हम सब आज से अपने और अपने  परिवार के स्वास्थ्य के प्रति पुरी ईमानदारी से आजीवन सजग रहेगें। 

मित्रों फिट होगा तभी तो हिट होगा इंडिया।।।  (जय हिंद वंदेमातरम )🇨🇮👏👏👏👏👏👏👏🙏🏻



फिट होगा तभी तो हिट होगा इंडिया। India will be a hit only if it is fit.🇨🇮👏👏


Www.edmranjit.com writing by Ranjit choubeay. 30/08/2019

Thursday, August 29, 2019

भारतीय राजनीति के भ्रष्ट नेता उनकी भ्रष्ट राजनीति में मूर्ख जनता का स्पोट।Corrupt leaders of Indian politics, unwise public discourse in their corrupt politics

Edmranjit

भारतीय राजनीति के भ्रष्ट नेता उनकी भ्रष्ट राजनीति में मूर्ख जनता का स्पोट।Corrupt leaders of Indian politics, unwise public discourse in their corrupt politics


      1)कहते हैं  राजनीति बहुत कमीनी चीज होती है  पिछले कुछ दशक से हमारे भारतिय  नैताओ ने भलिभाँति ये करके भी दिखाया। शुरूआत करते है बिहार की राजनीति से। बिहार की राजनीति  में शुरुआत से पूरा वर्णन तो नहीं कर सकता लेकीन एक यूथ के तौर पर जब से मैंने हौश संभाला बिहार की राजनीति दुनियां की सबसे ओछी भ्रष्ट राजनीति रही इसकी गंदी शुरुआत हुई लालुप्रसाद यादव के राजनेतिक जीवन की शुरुआत से। सुना है बचपन से ही गरीब परिवार से आने वाले लालुप्रसाद यादव का परिवार किसी रेलवे के कवार्टर में अपनी जिंदगी काट रहा था।। खैर गरीबी कोई बुरी चिज नहीं लेकीन गरीब होकर भी भ्रष्ट बन जाना बहुत बुरी बात है। और इसको कृतार्थ किया लालु यादव ने। लालु प्रसाद यादव ने तो पुरा बिहार ही बदल दिया महामाय प्रसाद  जगजीवन राम का नाम सुना था मेंने लोग कहते थे बड़े भले नेता थै वो सब।। अब लालु प्रसाद यादव आये गरीबी से निकलकर अपनी यादव बुद्धि लगा दी। सोचा पुरा चबा चबा कर खाँँ जाऐ बिहार को की फिर कभी गरीबी वाली भुख प्यास ना हमे लगे ना हमारी सात पिढ़ियो को शौ कर दिया यादव जी ने ऐतिहासिक घोटाला खाँ गये आदमी से लेकर जानवर तक का चारा घोटाला सब कुछ चर कर गये।। चरते चरते अपनी जात बिरादरी साथ में दलित और मुस्लिम समुदाय को लालटेन का उजाला दिखाते रहे। कहते रहे साथ दो हमारा आप सब को अमेरिकी सुख देंगे। मुर्ख जनता ये भी नहीं सोची जो अपने ही दो बेटों को नहीं पढ़ा पा रहा वो हम सब के बच्चों को क्या खाक शिक्षा से जोडे़गा। मणिपुर फुलवरियाँ से निकलकर तरकुलहि सलार में शादी किया और एक दही बेचने वाली गँवार औरत को लाकर बिहार की मुख्यमंत्री तक बना बैठा। ऐसा इतिहास बनाया बिहार की राजनीति का  युगो युगो तक याद किया जाऐगा।। मूर्ख पब्लिक कभी सोचा ही नहीं पढ़ाई लिखाई का मतलब क्या होता हैं। लालटेन दिखा दिखा बिहार की बतियाँ गुल कर गया पन्द्रह सालो मैं।। अब क्या कर सकते हैं जनता मालिक हैं फिर वहीं जनता रोती है विकास नहीं हुआ । क्या जनता ने कभी सोचा लालुप्रसाद यादव के पिताजी की निजी संपत्ति कितनी और क्या थी  उनके पास कौन सा कारखाना था कितना बैंक बैंलस था। आज लालु के दो गँवार लाल बिहार में मुरली बजाते फिर रहे हैं। उन्हें भी बिहार वाले शिक्षित जनता गण मुख्यमंत्री बना ले शायद अब वो विकास कर दे। अरबो की संपती गटक कर अब अंधे कानून की कुछ सजा काट बाहर आ जाऐंगे बिहारी मसीहा लालु यादव जी। जय हो आपकी। लिखना चाहें तो इनके सद्गुण कार्यो की पुरी रामायण ही बन जाऐं पर क्या फायदा  मालिक तो वहीं जनता हैं।। 

भारतीय राजनीति के भ्रष्ट नेता उनकी भ्रष्ट राजनीति में मूर्ख जनता का स्पोट।Corrupt leaders of Indian politics, unwise public discourse in their corrupt politics)


 अब बात करते हैं उतर प्रदेश की राजनीति मैं मुलायम सिंह यादव की। ये यादव जी तो और भी धुरन्धर खिलाड़ी निकले इन्हौने तो राजनैतिक परिभाषा ही बदल दी कुछ ऐसे बयान दिये जो यहाँ लिखने में भी शर्म आ रही है।। ये भी ऐसे परिवार से थे जिनके पास कुछ भी नहीं था यहाँ तक की एक साईकिल तक नहीं थी इसीलिये जब जुऐं से मिली जीत के पैसे से पहली साईकिल खरीदी तो राजनैतिक जीवन में आते ही अपना चुनाँव चिंह ही साईकिल रख लिया। भोली जनता जरा सा सोच कर देखें आपने किन लोगों को क्या से क्या बना दिया मुलायम सिंह यादव किसी राज घराने के वंशज नहीं थे जो आप सब को नजर नहीं आता ये अकुत संपत्ति कहाँ से बनाई एक घर नहीं था दो शादियाँ कर ली बच्चें अरबती बन गये  खरबो की संपती जमा हो गई। क्या आप नहीं जानते इनका कारखाना कौन सा चल रहा था युपी मैं बताओ आप सब (कहते हैं मूर्ख पड़ोसी मिल जाऐं तो समझदार खाने बिना नहीं मरता ) ये वाक्य मुलायम सिंह यादव परिवार पर सही बैठती हैं। पुरे उतर प्रदेश को चबा चबा कर बरबाद किया समाजवादी पार्टी ने सारे खानदान को नेता बना लिया फिर चाहे वो दो सौ साल पुराने कुनबे का ही क्यो ना हो।। आज साईकिल छाप की औलाद  पाँच करौड़ की कार मैं घुमता है। जनता की औलादे भले ही बाढ़ के पानी में डुबती रहे।। मुशलिम  दलितो का मसीहा बने ये पार्टी भी राष्ट्रीय राजनीति में किसी गंदे धब्बे से कम नहीं।। 

उतर प्रदेश की राजनीति मैं ही एक और दलित मुशलिम मसीहा पैदा हुई मायावती जी। इनका भी योगदान गजब का रहा है।। खुद को दलितों की बहन  बताने वाली ये नैता सिर्फ गरीबों की खुन चुशवाती रही अपने ही दुनियां भर में मूर्तियाँ लगवाती रही। कभी एक हाथी को चारा या फल नहीं डाला होगा लेकीन जगह जगह पत्थर के हाथी पार्क मै लगवाना अपना चुनाव चिंह बनवाना परचार करवाना कोई इनसे सिखे।। खुद को भीमराव अंबेडकर के पथ पर चलना बताकर गरीब दलितो के सहारे रोटिया सेकना कोई इस महामारी नेता से सिखे। इन्होनै तो अंबेडकर का नाम ही डुबा दिया सिर्फ ढो़ग रचा कर सबको मुर्ख बनाया इनकी संपत्ति भी अब अरबो मै झूले झुल रही है। पता नहीं कासीराम ने इस महिला में ऐसा कौन सा सदगुण देखा जो प्रदेश की भोलीभाँली जनता का मसीहा बना गया।। जनता को अब तो समझ आ जाना चाहिए ये लोग सिर्फ जातिवादी राजनीति कर के भारत की जनता को गुमराह करने का काम करते हैं।। 


3)अब आते हैं मध्य प्रदेश की राजनीति मैं दिग्गी मतलब दिग्विजयी कहुगाँ इन्हें तो मैं  ये महाश्य जी तो एमपी की लुटीया ही डुबो ले गये पुरा प्रदेश ही चंबल बना डाला था इन्होने प्रदेश का सारा बजट खा गये पता नहीं कहाँ पचा गये बडी़ पार्टी के दिग्गी नैता है डकार तक नहीं लिया एक बार। जवानी ऐसी आई बुढाँपे में वापस शादी रचा डाली फिर भी सदाबहार नेता है। अभी अभी धारा तीन सौ सतर पर नजर आऐ बोलते हुये बोले सरकार मनमानी कर रही है। इनसे कोई पुछता नेहरू तो जबरदस्ती प्रधानमंत्री बन गये थे तब क्यों नहीं बोला था किसी ने। हाँ शायद उस टाइम ये उस पार्टी में होगें या नहीं पता नहीं। पर सोनिया जी का और राहुल जी के अच्छे सहायक है।। 

4)भ्रष्टाचार की बात हो और हरियाणा ना आऐं ये तो ईमानदारी नहीं होगी इसलिये बता ही देता हु चौटाला सरकार से लैकर हुड्डा सरकार तक सब अभी भुगत ही रही है जहाँ चौटाला सरकार हरियाण को घोटाले की चौटी पर ले गई  तो वही हुड्डा सरकार अभी अभी कोर्ट को बता रही है कहाँ क्या कैसे किया। शायद इसी कानुनी दांवपेंच से बचने के लिये मंत्री जी का बयान आया है। जो हरियाणा सरकार में मुख्यमंत्री रहे हैं। बोल रहे हैं मोदी सरकार ने धारा तीन सौ सतर हटाकर बढ़िया काम किया है। आगे कहाँ हमारी पार्टी रास्ता भटक गई है।। जनता पुछ रही है मंत्री जी आप तो ईमानदार थे फिर अपनी सरकार में घोटाले में कैसे फँस गये।। 

5)  महाराष्ट्र घोटालो का राष्ट यहाँ की राजनीति भी खूब फलति फुलती है। यहाँ तो पंचायत से लेकर वार्ड चुनाव हो या मंत्री पद तक सिर्फ़ नौट ही वोट दिलाते है। यहाँ की राजनीति इतनी शुद्ध होती है के यहाँ के नेता लोग पानी के बजट को भी खा पिकर डकार ले जाते हैं और पहुँच इतनी सुप्रीम कोर्ट से क्लिन चिट तक ले आते हैं। यहाँ के मुख्यमंत्री मंत्री सरद पवार जी यहाँ के कृषि मंत्री रहे सरद पवार जी और भी तमाम पदो पर सभी पदो को सुशोभित करते हुये सरद पवार जी ने भ्रष्टाचार की सारी सीमाओं का अंत कर लिया यहाँ तक भतीजे को बेटी को सबको राजनीति में ले आऐ शिवसेना जैसी पार्टी भी इनका कुछ ना कर पाई खाते रहे फिर आते रहे खाते रहे फिर आते हैं जनता को नौटो खिलाकर वौट जुटाते रहे और अभी भी सक्रिय राजनीति मैं  बड़ी पार्टियों से हाथ मिलाकर सबको उल्लु बनाते रहे।। इनका काम है किसी भी पार्टी के खिलाफ बोलना नहीं है अपना टाईम आऐगा भर पेट खाऐंगे और फिर चुपके से एक कोने मे सरक जाऐगे।। 

मित्रों  आज देश को एक मजबूत सरकार चला रही है कृपया उसका साथ दे इसका उसका ना करे। 
वरना ये इतिहास और भी लम्बा चौडा़ होता जाएगा देश को गरीब जनता को लुटकर ये पार्टिया खाती रहेगी। और देश का अंधा कानुन अंधा बना रहेगा बहरी जनता कभी सत्य ना सुन पाऐगी ना समझ पाऐगी।। इसलिये आज के इस भारत को सलाम कीजिए जातीधर्म से ऊठर देश का साथ दीजिए। खुजरीवाल और तमाम इन नैताऔ की तरह आप सब भी देश को बर्बाद होते ही देखोगे।। इसलिए ऐसे खुजरिवाल नेताओ का साथ कभी मत दिजिऐ।। 

लेखक ने जनता के विचारो को जाना है समझा है और खुद भी देखा है।। 
समाज मैं इन चापलुस भरष्टाचारी नेताओ की अब और नहीं चलनी चाहिऐ ऐसा लेखक भी चाहता है और समाज भी देश के कानून को इन सभी नेताओ की संपत्ति की सही जाँच करनी चाहिए और इन सबको तिहाड़ जैसे जैल में डालना चाहिऐ क्योंकि देश और समाज का धन लुटकर इन नैताओ ने देश को समाज को बहुत पिछे धकेल दिया है।। 
इस लेख को इतना शेयर करो की हर भरष्टाचारी की आँखो का मैल धुल जाएं।। 



भारतीय राजनीति के भ्रष्ट नेता उनकी भ्रष्ट राजनीति में मूर्ख जनता का स्पोट।Corrupt leaders of Indian politics, unwise public discourse in their corrupt politics


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Writing by ranjit choubeay. 
30/08/2019👏👏👏👏👏👏🇨🇮👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏

जिंदगी में अगर कामयाब होना हैं तो पाँच बातें हमेशा याद रखना। If you want to succeed in life then always remember five things🇨🇮💐👏👏.

#EDMranjit


05) motivated think's. 

जिंदगी में अगर कामयाब होना हैं तो पाँच बातें हमेशा याद रखना। If you want to succeed in life then always remember five  things🇨🇮💐👏👏.


 1)अगर आपको लगता हैं  लाइफ में कामयाबी युही मिल जाती हैं तो आप गलत जा रहे हो गलत सोच रहे हो। 
क्योंकि कामयाबी के लिये अथक प्रयास अथाह परिश्रम और एक दुरगामी सोच रखना अति आवश्यक है।। 
आपको एक एक सही मार्ग दर्शन की भी जरुरत होगी आपको एक लक्ष्य भी निर्धारित करना होगा आपको अपने लक्ष्य के प्रति इमानदार रहना होगा आप जो भी प्राप्त करना चाहते हैं उसमे आपको अपना 100% देना होगा  सबसे अहम आपको अपने लक्ष्य के प्रति एक समय सीमा भी निर्धारित करनी होगी। अगर आपने ऐसा किया तो सच मैं आप अपने फिल्ड में सफल हो सकते हो।। 

2) कुछ युथ बहुत बड़ी बड़ी युनिवर्सिटी से स्टडी करते हैं। और नाकामी  हाथ लगने के कारण हताशा निराशा की जिंदगी जिने लगते हैं। और एक दिन हाई डिपरेशन का शिकार हो जाते हैं। हाल ही में आई आई टी के एक छात्र ने सफल ना होने के कारण सुसाइड कर लिया। उसने रिजन दिया परिवार से दुर रहकर हाई स्टडी के बाद पूरे चार साल बरबाद किये फिर भी सपने पुरे नहीं कर पाया इसलिये मुझे माफ  कर देना। और दुनियां को अलविदा कह दिया।
(motivated)  मुझे नहीं पता बडी़ बडी़ युनिवर्सिटी मैं क्या पढ़या जाता हैं। लेकिन मुझे इतना पता हैं दुनियां की सबसे बड़ी युनिवर्सिटी हमारे अंदर होती हैं,। जो हम हमेशा भूल जाते हैं। अगर आपको लगता हैं सिर्फ विद्यालय और युनिवर्सिटी की पढ़ाई से इंसान कामयाबी हासिल करता है तो आप से बड़ा बेवकूफ दुनियां मैं दुसरा नहीं हो सकता मित्रों 
आप सब जानते हैं। ऐसे बहुत नाम हैं जिन्होंने युनिवर्सिटी देखी तक नहीं फिर भी कामयाबी उनसे छोटी हो गई और लोग बहुत आगे तक गये। धिरुभाई अंबानी  को पढ़ लिजिऐ़ करसन भाई पटेल को पढ़ लीजिए अमिताभ बच्चन को भी पढ़ लिजिए। धरम जी को भी देख लिजिए। ऐसे बहुत नाम हैं जो सिर्फ बेसिक शिक्षा ही ले पाए और अपने फिल्ड मैं कामयाब हूये। सबसे बड़ा नाम हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी को पढ़ और समझ लीजिए।
motivation  दुनियां की सबसे बड़ी युनिवर्सिटी की पढ़ाई तब शुरू होती है जब हम अपनी स्टडी पुरी करके दैनिक जीवन में अपनी शुरूआत करते है खुद के दम पर खुद का डिजायर तैयार करते हैं और उस पर लगातार प्रयास करके सफलता अर्जित करते हैं।। 🇨🇮👏💐🙏🏻

3) कुछ लोगों के पास सब कुछ होता है  फिर भी उन्हें  लगता है उनके पास कुछ भी नहीं  है  ऐसे लोग दुनियां मैं बहुत हैं। 
ऐसे लोगों को मैं यही कहना चाहता हु। निराश होने की जरूरत नहीं है। 
motivation शायद आप भुल गये हो इस दुनियां मैं हर एक इंसान अकेला ही आया है। जहाँ तक रिस्तों का सवाल है वो यहीं बनते हैं। और फिर यहीं मिट भी जाते हैं।। इसलिये निराशा को खुद से अलग किजिऐ ये पुरी दुनियां आपकी है आप खुद को उन्हें सोंप दीजिए जो असहाय है उनके पास आप की तरह कुछ भी नहीं है। उनकी मद्त किजिए यकीनन आपको वो एहसास वो खुशी प्राप्त होगी जिसके लिए आप मायुस थे। जिंदगी को अपना औनर बना लीजिए और अपनी खूशी सबकी खुशी में शामिल किजिऐ आपको नई जिंदगी मिल जाऐगी और आपसे बहुतो को खुशी मिल जाऐगी।। 💐


जिंदगी में अगर कामयाब होना हैं तो पाँच बातें हमेशा याद रखना। If you want to succeed in life then always remember five  things🇨🇮💐👏👏.


4) अगर कामयाबी के पिछे दौड़ते दौड़ते कभी थक जाओं और आपको ऐसा लगने लगे आप् और नहीं दौड़ सकते तो ये आप की हार हो सकती है।। 
Motivation जब भी ऐसा एहसास मन मैं आऐ। तो। पि टी उषा को पढ़ लेना उस बच्ची एलन को पढ़ना जो जन्म से ही लुली लगड़ी थी। या फिर कभी  किसी भी एथलिट के विषय मैं पढ़ना जो चंद मिंनटो की रैस जीतने के लिये वर्षो प्रयास जी तोड़ प्रैक्टिस के बावजूद हार जाते हैं। फिर से प्रयास प्रेक्टिस करते हैं और तब तक हार जीत नहीं सोचते जब तक वो अपना गोल्ड अपना लक्ष्य पुरी तरह हासिल नहीं कर लेते।। motivation कामयाबी को अपना सपना बनाओं और तब तक उसी सपने को दिन रात देखो जब तक वो सपना सच होकर सामने न आऐ।। हमेशा( B positive )ही सोचो🇨🇮💐


05)  कुछ लोग हमेशा अपने आपको दोष देते रहते हैं में कुछ नहीं  कर पाया लाइफ में अब तो तीस का हो गया हु शादी भी हो गई है बच्चे भी हो गये हैं। जिंदगी अब ऐसे ही  गुजारनी पड़ेगी ऐसे मित्रों को मेरी एक सलाह है।। हिम्मत कभी भी नहीं हारें।। 
Motivation में उन सभी मित्रों से कहना चाहुँगा दोस्तों कामयाबी की कोई समय सीमा नहीं होती है। कभी कभी ऐसा भी होता हैं मंजील बस कुछ कदमों पर हमारा इंतजार कर रही होती हैं और हम नादानी में हारकर पीछे मुड़ जाते हैं। 
ऐसे में गलती सिर्फ हमारी ही होती हैं हम जिंदगी को भला बुरा क्यो कहे मित्रों जीवन का तो दुसरा नाम ही संघर्ष है और ये सदैव रहना चाहिए हम जीवन में तकलीफो को जिंदगी बना लेते हैं। लेकिन सही अर्थ तब होता है जब जीवन में संघर्ष को जिंदगी बना लेते।। समझ लिजिए जीवन का उदेश्य ही संघर्ष है। जिस दिन आपने ये समझ लिया जीना है तो संघर्ष पुर्ण जिंदगी समझ लेना आपकी सफलता निश्चित हो गई। आप अपना लक्ष्य जरूर प्राप्त कर पाओगे।। 


Motivation. विश्व की आबादी शायद सात या आठ अरब होगी या इससे भी ज्यादा यकीन कीजिये इस आबादी का 90% हिस्सा वहीं लोग है जो अथाह प्ररिश्रम से जीवन जी रहे हैं अपने अपने तरीके से। और सभी कोशिश में लगे हैं सफलता के इन्हीं में सफल होकर निकलने वाले वो लोग भी शामिल हैं जो कल आप में और बहुत सारे मित्र हो सकते हैं।। इसलिये B positive soch ke saath jai hind jai Bharat 👏👏🇨🇮💐

जिंदगी में अगर कामयाब होना हैं तो पाँच बातें हमेशा याद रखना। If you want to succeed in life then always remember five  things🇨🇮💐👏👏.


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Writing by ranjit choubeay. 
29/08/2019.                      Motivation thought 💐👏🇨🇮👏🙏🏻

Wednesday, August 28, 2019

पंछी नादान दिल अकेला आसमां। दिल परेशान अकेला सितारों का। फिर ताकता रात के अंधेरे मैं कोई अपना। और जिंदगी में चाँधनी रात की ख़्वाहिश में एक उसका तारा नजर आ जाता है।। 💐love poetry 💐👏👏

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पंछी नादान दिल अकेला आसमां।  दिल परेशान अकेला सितारों का।  फिर ताकता रात के अंधेरे मैं कोई अपना।  और जिंदगी में चाँधनी रात की ख़्वाहिश में एक उसका तारा नजर आ जाता है।। 💐love poetry 💐👏👏

       
टुट जाऐगा बातों का सिलसिला भी। 
खत्म होगा यादों का सिलसिला भी। 
अगर वो ऐसे ही नादान बने रहें तो।। 
लोगों को हमेशा शिकायतें तबाह करेंगी। 
अगर सब चुपचाप पड़े रहे तो।। 


पंछी नादान दिल अकेला आसमां। 
दिल परेशान अकेला सितारों का। 
फिर ताकता रात के अंधेरे मैं कोई अपना। 
और जिंदगी में चाँधनी रात की ख़्वाहिश
में एक उसका तारा नजर आ जाता है।। 

फिर भी बातों में आजमाइश की जगह। 
फिर भी यादों में गुंजाइश की जगह। 
दिल आवारा ढूँढना पड़ता हैं हर रहगुज़र को। 
मिल जाऐ उसे शुकु में कुछ जीने की जगह। 

मिज़ाज हैं दिल भी शायद बदल जाऐ किसी का। 
राहे चिट्ठियों का दौर अब गुजरा जमाना रहा।। 
अब तो लोग पल पल में ट्वीट किया करते हैं। 
तु मेरा आशिक लगता था कभी ऐं मुशाफिर। 
लौट जा अपने ठिकाने पर वो तो गुजरा जमाना रहा।।

अंत दिल हार जाता है अक्सर ये सिलसिला जारी रहेगा। 
चाहें मौसम कोई भी हो इश्क तो युहीं हावि रहेगा।। 
लोग आऐंगे तलाश भी करेंगे सच्ची कहानियों मैं। 
पर प्यार करने वालों का सफर तो खुद पर ही भारी रहेगा। 
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पंछी नादान दिल अकेला आसमां।  दिल परेशान अकेला सितारों का।  फिर ताकता रात के अंधेरे मैं कोई अपना।  और जिंदगी में चाँधनी रात की ख़्वाहिश में एक उसका तारा नजर आ जाता है।। 💐love poetry 💐👏👏


Love poetry writing by ranjit choubeay. 
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Motivation poetry 
29/08/2019🙏🏻🇨🇮👏👏💐

प्रोरोफेशर डाइनामाइट (B3) professor dainamight💐🇨🇮एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 👏🙏🏻

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प्रोरोफेशर डाइनामाइट (B3) professor dainamight💐🇨🇮एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 👏🙏🏻


आज फिर प्रोरोफेशर (डाइनामाइट) सर से मेरी मुलाकात हुई हमेशा की तरह वही अंदाज एकदम तरोजाजा गजब की उर्जा से भरे थे वो। मिलते ही पुछने लगे और बताओ मिस्टर लेखक कैसे हो कहाँ तक पहुंचे। उनके ये लब्ज मुझे फिर से असमंजस मैं ले गये मै कुछ ज्यादा नहीं बोल पाया और बस मुश्कुरा कर कहाँ सर बिलकुल ठिक हु और सही चल रहा है मेरा लेखन कार्य भी। उनके चेहरे पर भी हल्की सी मुस्कान आई फिर रूक गई और वो बोले अच्छा है सब कुछ ठिक रहे जिंदगी मैं तभी सब अच्छा होता है।। 

मैने भी उनकी हाँ में हाँ मिला लिया।। मैने देखा उन्होनै अपने रहने के लिये अकेले ही एक लकड़ी का घर बना लिया है।। में कहनें ही वाला था सर घर तो आपने कमाल का  बना लिया वो भी बिलकुल अकेले ही। इससे पहले ही वो बोल पड़े कैसा बना है ये घर बताओ। मैने कहाँ सर बहुत सुंदर सच मैं एक अकेला व्यक्ति कुछ ही दिनों में जंगल से लकड़िया काट कर इतना सुंदर घर बना लेगा थोडा़ सोचने का विषय था। उनका घर गजब का लग रहा था ऐसा लगता था जैसे किसी खास कारीगर ने बड़े प्यार से अपना आशियाना बनाया है।। 

मेरे मन में और भी कई विषय थे जो में उनसे पुछना चाहता था। लेकिन पता नहीं क्यों उनसे कोई सवाल करने में ही डर लगता था। फिर भी में कोशिस जरूर करता था । प्रोरोफेशर सर ने अपने हाथों में एक लकडी़ का बना नुकीला सा हथियार उठाया और मुझसे कहने लगे आओ मेरे साथ तुम जो सोच रहे हो वो में समझ चुका हु।। उन्होने कहाँ देखो ये हथियार तुमनें पहले कभी देखा था। मैने ना मै सर हिला दिया उन्होने कहाँ आज से हजारों वर्ष पूर्व हमारे पूर्वज इसी हथियार के सहारे जीवन यापन करते थे।। बातो बातों में हम एक पुराने तलाब के पास आ गये  थे मतलब वो मुझे तलाब के पास ले आये थे। 


प्रोरोफेशर डाइनामाइट (B3) professor dainamight💐🇨🇮एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 👏🙏🏻


वहाँ उन्हौने एक झाडी़ की जड़ जो बहुत हरी भरी थी उसकी जड़ें उखाड़ने लगे में कुछ भी समझ नहीं पा रहा था आखिर ये करेंगे क्या यहाँ इस झाड़ी की जड़े खोदकर कुछ एक फिट तक उन्होनै खोदने के बाद कहाँ वाह ये तो बहुत पुराना लगता है इसका स्वाद भी मजेदार होगा।। में यही तो उनके घर पर खडे़ होकर सौच रहा था घर तो बना लिया है पर इस जंगल में ये खाते क्या है।। और सर मेरे मन की बात समझ गये थे।। यही बात उन्हें बहुत खास बनाती थी।। में यही सब सोच समझ रहा था तब तक उन्हौने उस झाड़ी से कुछ आलू जैसे करीब दस बारह फल निकाल लिये। मैने पुछा सर इसका नाम क्या है और ये खाओगे आप वो फिर हंसने लगे और बोले सही समझे तुम में यही खाता हु फिलहाल यहाँ पर। 

कुछ वक्त चलकर हम वापस उनके घर पर आये वहाँ उन्होने कहाँ क्या तुम भी खाओगे मैने कहाँ सर आज तक तो मैने ये देखा भी नहीं था शायद किसी और ने भी ना देखा हो। फिर भी आप कहते हैं तो जरूर इसका टेस्ट लुगाँ खाकर। उन्होने वहाँ हल्की सी आग सुलगाई और उसमें उसको पकाना शुरू कर दिया बातों ही बातों मै करीब दस मिनट में वो पककर तैयार हो गया। फिर उन्होनै अंदर से दो लकड़ी के ही बर्तन लाये तो खुद उन्होनै बनाये थे। उसमे मुझे परोस दिया ःःऔर खुद भी लिया। मजे की बात तो ये थी की उनका भोजन इतना टेस्टी था मुझे लगा सब खाँ जाऊ उनसे माँगकर पर मेंने ऐसा नहीं किया गजब का स्वाद था उस खाने में। मैने तो सोचा में खुद भी जंगल से उसे निकालकर ले जाऊँगा और घर पर बनाकर सबको खिलाऊंगा और इसे अपनी एक खोज बताऊँगा पर ये कर नहीं पाया।। 

सर से मैने पुछा क्या इस जंगल का ये स्वादिष्ट भोजन आम जनता को भी मिल सकता है। प्रोफेसर सर मुश्कुराये और कहने लगे फिर मै अपना जीवन यापन कैसे करूंगा। और फिर आम पब्लिक ये सब खाऐगी तो रोटी चावल कौन खाऐगा।। उन्होने फिर मुझे समझाते हुये बताया।  बेटा जो अभी तुमने खाया हैं उसमे जहर भी है।। ये सुनते ही मेरी तो साँसे फुलने लगी और डर के मारे मेरी हालत खराब होने लगी। तभी वो बोले घबराओ नहीं जहर कट जाने के बाद ही तुमने और मैंने इस फल को पका कर खाया हैं।। और सिर्फ इसको आग में पकाने से इसका जहर नहीं जाता।  मैने कहाँ सर ठिक से बताइए मेरी जान सुख रही है। 

उन्होनै बताया इस फल को एक विशेष लकडी़ की आग में  पकाया जाता हैं  जिस आग में मैने इस फल को पकाया वो आम लकड़ी नहीं थी। आयुर्वेदिक लकड़ी थी जो आम इंसान नहीं पहचान पाता इसलिए तुम ऐसा कभी नहीं करना फिर उन्होने वो बर्तन भी दिखाया जिसमें मैने भोजन किया था उन्होने कहाँ इस बरतन को जरा सा अपनी नाक के पास ले जाओ। मैने जैसे ही बरतन नाक से महका एक बहुत सुंदर खुशबू आई जिसने दिल खुश कर दिया। प्रोरोफेशर सर ने कहाँ ये लकडी़ की किमत चाँदी के बर्तन से भी ज्यादा है और ये बहुत उपयोगी हैं। मुझे तो उनकी एक एक बातों मे राज नजर आता था और उनके हर कार्य में कुछ अलग जरुर होता था।। 

मैने उनसे कहाँ सर आप ये सब आम जनता के साथ शेयर क्यों नहीं करते तो वो नाराज स्वर में कहने लगे नहीं मिस्टर लेखक आम पब्लिक इतना सब नहीं समझ सकती क्योंकि दुनियाँ अब तेजी से मार्डन लाईफ की तरफ बढ़ रही हैं। वहाँ ये सब बाते लोगों को सत्य कम और चमत्कारी ज्यादा लगती है।। तुम्हें नहीं पता हमारी धरती अपार आयुर्वेदिक संपदाओ से भरी हुई है। और आज के लोग इस धरती का सिर्फ विनाश कर रहे हैं इसकी संपदाओ का नाश कर रहे हैं ना जल सुरक्षित है ना पेड़ पहाड़ ना जंगल और ना ही गाँव नदियाँ। सब अपने अपने क्षितिज को खोते जा रहे हैं। और ये सब की जिम्मेदार आम पब्लिक ही तो है।। 

में तो उनकी बाते सुनकर हतप्रभ रह गया क्योंकि वो सत्य बोल रहे थे और वही बोल रहे थे जो सब कुछ हो रहा था।। शायद इसलिए प्रोरोफेशर सर दुनियां से अलग जंगल को ही अपना रैन बसेरा मानते थे और जंगल जन जीवन धरती आकाश पेड़ पौधे जीव जंतु चर चराचर सभी धरा पर उगने वाली या फिर होने वाली वनस्पति को समझते थे। सच मैं मेरी आज की मीटिंग भी अद्भुत थी में खुद को बहुत भाग्यशाली समझता हु जो ऐसे इंसान से मिलने का मौका मुझे कुदरत बार बार दे रहा था।। 

अभी मैं उनसे किसी विषय पर और बात करता तब तक उन्होने मुझसे कह ही दिया मिस्पर लेखक आज का आपका टाइम अब खत्म हुआ अब फिर अगली मुलाकात का इंतजार करना मैने कहाँ जी सर आप से जब भी मिलता हु एक नये उत्साह से भर जाता हु। मुझे टाइम देने के आपका बहुत बहुत शुक्रिया सर जी।। 
और फिर में वहाँ से घर की और निकल पड़ा रास्तें भर उनके बारे में ही सोचता रहा और अपनी अगली मुलाकात के रोमांच के विषय में अभी से ही उत्सुक हो रहा था।। 

तो मित्रों प्रोरोफेशर डाइनामाइट की अगली मुलाकात मुझसे जल्दी हो आप भी प्रार्थना कीजिए। 
मिलते हैं अगले भाग के साथ (जय हिंद जय भारत वंदेमातरम)।। 

प्रोरोफेशर डाइनामाइट (B3) professor dainamight💐🇨🇮एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 👏🙏🏻


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Motivational Story. Professor dainamight. 
28/08/2019🙏🏻🇨🇮👏💐

कुछ वक्त और होता तो जिंदगी कुछ और होती। poetry 💐Life would have been different if there had been some time.💐👏🇨🇮🙏🏻

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कुछ वक्त और होता तो जिंदगी कुछ और होती। poetry 💐Life would have been different if there had been some time.💐👏🇨🇮🙏🏻

कुछ वक्त और होता तो जिंदगी कुछ और होती। 
कुछ साथ और होता तो जिंदगी कुछ और होती। 
फितरत इंसान की  लालच भरी रही हमेशा यहाँ पर। 
समय के अंत तक उसका यही था 
थोड़ा और होता तो जिंदगी कुछ और होती। 

ख़्याल स्थाई  नहीं रहा जिंदगी में किसी का। 
कोई घबराया और रास्ता बदल गया।। 
कोई कुछ पल चलकर मुश्कुराया रास्ते भर। 
बस युही राह चलतें जिंदगी मैं संभल गया। 
वो जनाब फिर भी देख कर रास्ते को सोचते रहे। 
कुछ पल और होता तो जिंदगी कुछ और होती। 

हर तरफ हलचल हैं जिंदगी के पड़ाव पर। 
पल पल रिस्ते बदल रहे हैं वक्त के अलफाज पर। 
कुछ लोग पढ़ रहे जिंदगी का फलसफा आज भी। 
कुछ जी रहे जिंदगी बेख़ौफ ही अंदाज पर। 
हम फिर भी सोच रहे हैं कुछ पल और होता तो
 जिंदगी कुछ और होती।

मौसम नहीं है ये तो जिंदगी का आईना हैं।
जो चेहरे के साथ सब कुछ बयाँ कर जाता हैं। 
कौन बेहतर है अपने आप में कुदरत के आगे। 
अंत आते आते वो तो सबको झुका देता हैं। 
फिर भी नासमझ की जिंदगी मैं वही राग होता है। 
कुछ वक्त  और होता तो जिंदगी कुछ और होती।।

कुछ वक्त और होता तो जिंदगी कुछ और होती। poetry 💐Life would have been different if there had been some time.💐👏🇨🇮🙏🏻

🇨🇮💐👏🙏🏻 poetry ranjit choubeay. 
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27/08/2019



सपनों का शहर मुम्बई उसमें पल पल बड़े होते छिपकी के ख्वाब। Motivation story 👏👏🇨🇮🙏🏻💐

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सपनों का शहर मुम्बई उसमें पल पल बड़े होते छिपकी के ख्वाब। Motivation story 👏👏🇨🇮🙏🏻💐

                        कहाँ जाता हैं मुम्बई सपनों का शहर हैं। आज में आपको इसी शहर में रहने वाली धारावी की गलियों से रुबरू होकर धारावी में रहने वाली छिपकी की कहानी बताने जा रहा हूँ। दुनियां भर में वैसे तो गरीबो की तमाम बस्तियां मिल जाऐंगी जुग्गी झोपड़ी  की भी अपनी एक पहचान मिल जाऐगी  लेकीन मुम्बई के धारावी की पहचान पुरे विश्व में है। आप ऐसा भी कह सकते हैं। धारावी भारत ही नहीं विश्व की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाली बस्ती भी है और शायद क्षैत्रफल भी इसका सबसे बड़ा है।। मित्रों इस बस्ती की खास बात ये है। यहाँ बसने वाले लोग सपनों के मामले में किसी से भी कम नहीं है। 


हमारे देश की शाइनिंग सिटी मुम्बई हर युवा दिल की धड़कन है और यहां आकर अपनी एक पहचान बना लेना हर युथ का सपना भी है। मुम्बई समुन्दर से घिरा हुआ खूबसूरत शहर तो है ही। अपने आप में ये देश के युथ के लिए किसी विदेश से कम नहीं। धारावी को लोग वैसे तो सही नजरिऐ से नहीं देखते लोगों को लगता है यहाँ रहने वाले गरीब मेहनत मजदुरी करने वाले लोग छोटे छोटे विजनेस करने वाले लोगों के बीच कुछ गंदे लोगों की संख्या भी ज्यादा है। और ये कुछ परसेंट सच भी है। पर एक सच ये भी हैं  की मुम्बई की धरती पर ये जगह भी बहुत खास हैं। आज वक्त के साथ धारावी ने भी विकास किया है। यहाँ रहने वाले लोग भी अब शिक्षित हो रहे हैं।। 

और उन्हें भी अब अच्छा  करने की ख्वाहिशे हो रही है। इसी धारावी में एक परिवार रहता है। जो बेहद ही गरीब है एक माँ एक बेटी और उसका एक बाप साथ में रहते हैं। इस परिवार की लाडली है छिपकी अभी छिपकी मात्र आठ साल की है उसके पिता लोगों के कपड़े धोने का काम करते हैं। और माँ लोगों के घरों मैं झाडू पोछा बर्तन साफ करती है। मतलब साफ है। ये लोग बहुत गरीब है। कुछ वक्त पहले मीडिया के कुछ लोग झुग्गी मैं ये देखने आयें की यहाँ साफ सफाई कितनी है लोगो की तकलिफो को केमरे में लैकर सरकार तक पहुचाने की कोशिश कर रहे थे। तभी अचानक छिपकी की नजर उन पर पड़ी और वो तेज दोड़ कर उनके समीप आकर बोलने लगी कैमरे वाले अंकल यहाँ मच्छर बहुत हैं गली में नाले भी जाम है। और पिने का पानी भी साफ नहीं आता  हम सब लोग बहुत परेशान हैं। 

कैमरामैन देखकर दंग था छोटी बच्ची इतना सब बोल रही है उन्होने उसे केमरे के सामने लैकर ये सब बुलवाना चाहा पर तभी छिपकी की माँ उसको पकड़कर ले गई । कैमरामैन बोला बहन जी क्या आप की बच्ची स्कुल जाती है। छिपकी की माँ बोली नहीं साहब अभी हम इतना नहीं पाते जो इसका दाखिला किसी अच्छे स्कुल में करवा पाये। लेकिन साहब इसी जुग्गी का एक बेटा है। जो बहुत सारे बच्चों को टाइम निकालकर पढ़ता हैं छिपकी भी वही थोड़ा सा पढ़ लेती है साहब
कैमरामैन बोला जी कोई बात नहीं हम कोशिश करेंगे यहाँ की समस्याओं को सरकार तक पहुचाँने की और यहाँ आसपास कोई सरकारी स्कुल में आप इस बच्ची का दाखिला करवा लीजिए।  ये छिपकी में बहुत प्रतिभा है। 

छिपकी अपनी माँ का हाथ पकड़े सब सुन रही थी और हस रही थी। कैमरामैन के जाने के बाद छिपकी तैयार होकर माँ से कहने लगी मुझे जल्दी से सोनू भैया के घर पर छोड़ आओ माँ मुझे पढ़ना है। देखा ना अंकल ने क्या कहाँ मुझमे बहुत प्रतिभा है। छिपकी की बाते सुनकर उसकी माँ कभी हंसती तो कभी रोती क्योंकि वो भी जानती है उसकी बैटी बहुत तैज है। इतनी मासुमियत से सवाल करती है बातें करती है उस मुहल्ले मैं सबकी लाडली भी है छिपकी।। 

सपनों का शहर मुम्बई उसमें पल पल बड़े होते छिपकी के ख्वाब। Motivation story 👏👏🇨🇮🙏🏻💐


सोनू  दसवीं का छात्र हैं बहुत ही हौनहार लड़का हैं गरीब तो हर कोई यहाँ है पर कुछ लोग ठिक ठाक जीवन यहाँ भी जी रहे हैं। सोनू के पिता का एक ढाबा है जो सही चलता है। सोनू हमेशा से पढ़ लिखकर यहाँ रहने वाले अपनो की मद्त करना चाहता है इसके लिये उसने  अभी से ही यहाँ के छोटे छोटे बच्चों को फ्री में पढ़ना शुरू कर लिया है।।  सोनू को भी छिपकी से बहुत लगाव हैं।। वो हमेशा छिपकी को प्यारी गुड़िया कह कर बुलाता है। अपनी छोटी बहन की तरह उसकी देखभाल भी करता है।। शायद यही वजह है जो छिपकी छोटी होते हुये भी बाकी बच्चों से तैज हैं।। 

कभी कभी सोचता हु। समाज में जो बड़े लोग हैं वो किस काम के है। मेरे हिसाब से तो सब निक्ममें हैं क्या मुम्बई के उद्योगपति मुम्बई फ़िल्म सिटी के बड़े बड़े स्टार लोग अपना थोड़ा थोड़ा योगदान करते। तो क्या मुम्बई जैसे शहर में विश्व की सबसे बड़ी जुग्गी होने का तमगा तो नहीं लगता वहाँ इतना अपराध भी नहीं पनपता। इतने गरीब भी नहीं होते और मुम्बई सच मैं एक शीशे का शहर होता। पर अपनी चकांचौंध नगरी में अपने शीशमहल से इन सितारों को अपने बीच कहीं अंधेरा दिखता ही नहीं।। इसी शहर में मुकेश अंबानी जैसा भारत का सबसे बड़ा उद्योगपति दसहजार करोड़ के घर में रहता है।। इसी शहर में रैमोन्ड का मालिक भी रहता है। बड़े बड़े दिग्गज जिन्हे सदी का महानायक भी कहाँ जाता है। क्यों ये लोग अपना पैसा कहाँ लेकर जाएंगे।।  खैर ये बाते तो सभी जानते हैं। गरीबों का कोई नहीं होता पर मुझें लगता हैं एक दिन जरूर धारावी की प्रतिभाऐं भी लोगों  को अपनी और आकर्षित करेंगी।। 

छिपकी सोनू जैसे तमाम बच्चे बड़े होकर इस धारावी की छवि को सुधार देंगे वैसे आज के वक्त मैं भी यहाँ से बहुत प्रतिभाशाली लोग निकलकर अपना मुकाम बना चुके हैं। पर क्या फर्क पड़ता है सिर्फ़ अपनी सफलता में गुम हौकर खौ जाने से।। मजा तो तब आता है जब अपने साथ कामयाबी का पुरा एक कारवाँ ही निकलता है।। 

छिपकी छोटी हैं  पर उसके सपने बहुत बडे़ हैं उसके सपनों के साथ उसकी सोच उसके इरादे और भी बड़े है।। में जानता हूँ। मेरी इस कहानीं की स्टार छिपकी है।।  लेकिन सबसे बड़ा सच कुछ और ही है।। हम आज जीस समाज मैं  जी रहे हैं वहाँ सिर्फ़ अपना अपना बड़ा करने की होड़ है। जरा सोचिये अगर समाज के हर इंसान में ये गुण आ जाऐं मुझे अपने साथ अपने गाँव अपने लोग अपने देश के लिये भी कुछ करना है। तो कितना सुंदर होगा और शायद फिर मेरे देश में कोई धारावी जैसी कोई जगह भी ना बने।। 

सपनों का शहर मुम्बई उसमें पल पल बड़े होते छिपकी के ख्वाब। Motivation story 👏👏🇨🇮🙏🏻💐


मित्रों आगे की कहानी जानने के लिये थोड़ा इंतजार कीजिए।। 
कहना चाहूंगा अपने आसपास लोगों की मद्त कीजिए।। 
हो सकता है आपके आसपास भी छिपकी हो।। 👏👏👏🙏🏻🇨🇮
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27/08/2019***/***********Motivated story. 

Monday, August 26, 2019

प्रोरोफेशर डाइनामाइट(B2) professor dainamight एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 💐🇨🇮💐👏🙏🏻

#EDMranjit

प्रोरोफेशर डाइनामाइट(B2) professor dainamight एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 💐🇨🇮💐👏🙏🏻


#प्रोरोफेशर #डाइनामाइट
       (B2 )                 प्रोरोफेशर की कहानी बहुत अलग है। 
समझना भी उतना ही मुश्किल।
वो हमेशा कहाँ करते हैं। अगर तुम्हें मेरी तरह बनना है तो तुम्हें मेरी तरह ही सोचना होगा।

दुसरी बात वो हमेशा भीड़ से घिरे होते हैं। लेकिन फिर भी अगर आप उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे होते थे। तो फिर वो आपकों नोट कर लेते थें। और फिर अपनी बात खत्म होने के बाद बहुत सरल तरीके से आपकी प्राब्लम पुछ कर उस से बाहर निकलने का इतना आसान सा रास्ता बताते थे।
यकीन नहीं होता था जो आदमी अभी तंगहाली मैं था।
वो अब खुशी खुशी यहाँ से जा रहा है।

आज कोई एक हफ्ते बाद मेरी उनसे मुलाकात हुई हैं।
 मैंने देखा कुछ बिजी हैं। सोचा बस नमस्ते राम राम कर के चलता बनु। पर जैसे ही मैंने उनसे नमस्ते सर जी कहाँ वो एकदम से पास आ गये।
और पुछने लगे कैसे हो बेटे। और केसी चल रही हैं तुम्हारी स्टोरी राइटिंग।

सच बोल रहा हु मैं अचम्भित था उनके मुंह से ये सुनकर की वो जानते हैं मैं राईटिंग करता हूँ। मैनें भी कहाँ सर जी एकदम झकास लिख रहा हूँ।
फिर भी मेरे दिल में सवालो के तुफान चल रहे थे।

मैनें पुछा सर जी आप बताईये आप अभी कुछ काम कर रहे थे। शायद मेरे आने से आपका काम रूक गया।
प्रोफेसर कहने लगे नहीं बेटे में तो बस वहीं कर रहा था डेली रूटीन का काम।

मित्रों लेकिन मैंने देखा वो यहाँ इस पेड़ के नीचे कुछ पत्थरो को इक्कठा कर रहे थे। अब डेली रुटीन मैं वो ऐसा क्यों करते हैं बता नही सकता अभी लेकिन पता लगतें ही। जरूर बताऊंगा।

प्रोरोफेशर डाइनामाइट(B2) professor dainamight एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 💐🇨🇮💐👏🙏🏻


अब एक बात तो मुझें ये सताने लगी है की जब मैं उनसे अगली बार मिलु तो वो मुझसे ये ना पुछने लगे। की बताओ बेटे और क्या क्या लिख लिया मेरे बारे में। एक अजीब सा सवाल दिल में बार बार आता हैं। आखिर ये इंसान जान कैसे लेता है सब कुछ सामने आते ही।

फिर मन आत्मा दिल और मैं खुद इस इंसान को समझने की कोशिश में और भी ज्यादा बेसब्र होकर जुट जाता हूँ।
पर एक बात जो मुझे उनमे सबसे ज्यादा पंसद है वो बात ये हैं।
इतना बड़ा आत्मज्ञानी एक वैज्ञानिक स्तर का इंसान इतना सरल कैसे हो सकता है।

अभी मुझसे बात करते करते उन्होनें मुझे बताया वो अब कुछ साल यहाँ रहने वाले हैं। सच्ची ये सुनकर मैं बहुत खुश हु।
क्योंकि मेंने अपनी लाइफ मैं पहली बार एक महान इंसान को गरीबों के बीच देखा है।

मेरी आँखों मैंं खुशी  देखकर वो समझ गये। की उनके इस फैसले से में बहुत खुश हु। इसलिये उन्होनें तुरंत कहाँ अब तो खुश हो ना बच्चें। फिर उन्होनें कहाँ अब तो तुम्हें कुछ समय तक मेरी तलाश नहीं रहेगी मैं तुम्हें आसानी से मिल जाऊगा मैनें भी कहाँ जी सर।

फिर उन्होनें कहाँ अभी अगर तुम कहों तो मैं अपना वो काम कर लु जो अभी कर रहा था। मैंने कहाँ बिलकुल सर जी। कीजिए ।क्या में भी इस काम मैं आपकी मद्त करू। उन्होनें तुरंत मना कर दिया और मुझसे कहाँ बेटा अभी आप जाओं मुझे लगता हैं। आज की मुलाकात के लिये इतना वक्त बहुत था।

मैं एक दम से चुप हो गया और फिर वहाँ से उन्हें वापस नमस्ते सर बोल कर वापस अपने घर आ गया।
लेकिन मेरा मन शांत नहीं था। बहुत सारे सवाल दिमाग में कबड्डी खेल रहे हैं।

आखिर प्रोफेसर अचानक से इस जगह इस जंगल टाइप गाँव में क्यों रूक गये हैं।
और उन्हें मेरी खुशी से क्या काम कहीं उन्हें पता तो नहीं चल गया।
मैं उनके बारे में लिख रहा हु। 👏

प्रोरोफेशर डाइनामाइट(B2) professor dainamight एक ऐसा व्यक्ति जो दूरगामी भविष्य सोच समझ लेता है एक दार्शनिक की भांति 💐🇨🇮💐👏🙏🏻


मित्रों आप सब की तरह ही में भी जानना चाहता हूँ।
आखिर प्रोफेसर सर मैं ऐसी क्या खास बात है।
जो सबसे अलग है। मिलता हु।
उनसे मेरी अगली मुलाकात पर। ।जय हिंद ।
तब तक अपना ख्याल रखियें। धन्यवाद।
(रंजीत चौबे )27/08/2019/
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Writing motivational Story professor dainamight.

प्रोरोफेशर डाइनामाइट।(B1)Professor Dainamight. एक ऐसा व्यक्ति जो दुरगामी भविष्य सोच समझ लेता था एक दार्शनिक की भांति।🇨🇮👏💐🙏🏻

#EDMranjit
Motivated story.

प्रोरोफेशर डाइनामाइट।(B1)Professor Dainamight.  एक ऐसा व्यक्ति जो दुरगामी भविष्य सोच समझ लेता था एक दार्शनिक की भांति🇨🇮💐👏🙏🏻। 

 
#प्रौरोफेशर #डाइनामाइट      आज एक ऐसे प्रोरोफेसर की कहानी बताऊँगा जो कभी किसी ने नहीं सुनी होगी। एक ऐसा इंसान जो कभी स्कुल नहीं गया जो कभी किसी गुरुकुल नहीं गया जो कभी मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा या चर्च भी नहीं गया।

लेकिन उसके पास हर सवाल का जवाब था उसके पास हर बिमारी का इलाज था उसके पास हर दुख को सुख में बदलने की क्षमता थी। जब भी कोई उससे कोई सवाल करता वो हर सवाल का उतर दे देता था। और बडी़ बात तो ये थी के उसके जवाब से सवाल करने वाला इंसान पुरी तरह संतुष्ट होता था।

वो एक हवा की भाँती आता था और फिर हवा की रुख की तरफ चला जाता था। ना तो कभी किसी ने उसको किसी घर में देखा था। और ना ही कहीं उसका कोई निजी ठिकाना था। फिर भी वो हर मिलने वाले का दोस्त बन जाता था।

हर वो सख्स उससे मिलना चाहता था जिसने भी उसे एक बार देखा था। एक बार किसी सख्स ने उसे भगवान बोल दिया तो वो बहुत नाराज हुआ उस सख्स ने उसे फिर अल्हाह कहाँ तो और भी नाराज हुआ। फिर भीड़ से निकलकर एक दुसरे सख्स ने उसे इसाह मसीह कह दिया। वो और भी गुस्सा हो गया।

किसी ने राम किसी ने कृष्ण और किसी ने साई कहाँ पर वो हर नाम से नाखुस और गुस्सा ही हुआ। उसको कभी कोई अपने द्वारा संतुष्ट नहीं कर पाया लेकिन उसने सभी को संतुष्ट किया। जब मुझें उनके बारे में लिखनें का ख़्याल आया तो मैंने भी कई नाम सोचे मुझे लगा किसी इंसान को भगवान बना देना सही नही।

खासकर जब हमें उसके बारे में कुछ मालुम ही ना हो तो हमें कोई हक नहीं होता उसको किसी सीमा में बाँधने का। फिर भी मुझे उनके बारे में लिखना था इसलिए मेंने उन्हें अपनी लेखनी में प्रोरोफेशर कहना उचित समझा।

तो अब में जो भी यहाँ लिखुंगा उनके लिये प्रोरोफेशर बोलकर ही लिखुंगा। क्योंकि में भी उनका रियल नाम नहीं जानता अगर जानता हु तो सिर्फ उनके विचार उनके काम उनकी सोच और उनका व्यक्तित्व जो बहुत ही सरल और सद्गुणी था।

वो इंसान एक दार्शनिक की तरह सब सोच और समझ लेता था। लेकिन उसको कोई समझ जाऐं ये बड़ा ही कठिन था। दुनियां मैं अगर कुछ भी हमे फ्री मैं मील जाऐं तो हम कभी उस चिज की उस वक्त की कदर नहीं करते। फिर चाहें वो काल्पनिक हो या रियल लाइफ से जुड़ी कोई घटना हो।
आप सभी को में प्रौरोफैशर के बिषय मैं जरूर बताऊंगा पर आराम आराम से।

प्रोरोफेशर डाइनामाइट।(B1)Professor Dainamight.  एक ऐसा व्यक्ति जो दुरगामी भविष्य सोच समझ लेता था एक दार्शनिक की भांति।🇨🇮👏💐🙏🏻 


####रंजीतचौबे//26/08/2019 Edmranjit.com

Motivated Story. Professor Dainamight.

              तो आप सब उनके बारे में जानने कै लिये उत्सुक हैं अगर सच मैं जानना चाहतें हैं तो अपने इस दोस्त का हौसला बढाईये। ब्लाँग पर कन्टिन्यू अपने विचार कमेंट कीजिए। धन्यवाद###

Sunday, August 25, 2019

Motivation //How much faith do we have on ourselves? हम खुद पर कितना विशवास करते हैं।💐🇨🇮👏🙏🏻

#EDMranjit

Motivation //How much faith do we have on ourselves? हम खुद पर कितना विशवास करते हैं।💐🇨🇮👏🙏🏻


EDMranjit   मित्रों जीवन में चार स्टेप बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं।  जैसे ही हम सब दुनियाँ में आते हैं। हमारे साथ साथ परिवार की उम्मिदों का भी 

जन्म हो जाता है। अथाह स्नेह और बहुत सारी शुभाशीष से शुरुआत होती है हम सभी के बचपन की ।समय के साथ जब थोड़े बड़े होते हैं। स्कूल की यात्रा का शुभारंभ होता है। 

घर में अगर शुरू से ही शिक्षा का माहौल हो तो स्कुल में और भी हमसे महात्वकांक्षा रखी जाती है। और कही ना कहीं ज्यादातर बच्चें इसमे सफल भी होते हैं। 

जीवन चरित्र पर भी निर्भर होता है। ऐसा कुछ शास्त्र भी कहते हैं। जीवन संस्कारी हो इसके लिये बचपन से ही घर और विद्यालय दोनो जगह हमें प्रतिदिन प्रेरणा भी मिलती रहती है। 

कुछ बातों का असर हम पर बचपन मैं बहुत ज्यादा होता है। जैसे की कहानियाँ आज के दौर मैं गेम्स या फिर टेक्नाँलिजी फ़िल्म. खेल वगैरह वगैरह। 

इसी तरह जिंदगी का एक सबसे खूबसूरत पल धीरे धिरे माँ पापा भाई बहन टिचर दोस्त सबके साथ गुजरता रहता है। और हम सब बचपन से कुछ आगे की तरफ बढ़ते बढ़ते एक दिन किशौर अवस्था मैं आ जाते हैं। 

इस स्टेज पर आते आते हमने बहुत सी चीजों को सिखा होता हैं अच्छा बुरा सही गलत धर्म अधर्म भले ही हमने इन बातों को अपने अंदर ना अपनाया हो पर हम समझ चुके होते हैं एक सही जिंदगी को। उसके मायनो को। 

क्योंकि मित्रों अगर हम जीवन में कुछ सबसे अच्छा और महत्वपूर्ण सिखते हैं तो वो बचपन से किशौर अवस्था तक ही सिखते हैं। ये बात गौर से समझ जाओ। क्योंकि ज्यादातर कैरियर में सफल होने वाले महापुरुष वहीं हुये है जिन्होंने अपने बचपन से  किशौर अवस्था तक की लाईफ के पन्नों को अपनेे आगे की लाइफ मैं स्थान  दिया है। 

Motivation //How much faith do we have on ourselves? हम खुद पर कितना विशवास करते हैं।💐🇨🇮👏🙏🏻


आज वक्त बदला है दौर भी बदला है। पर याद रखो जीवन का शुरूआती दौर आज भी वही है।  अब आप जवान हो चुके हो इसका मतलब ये बिलकुल भी नहीं की आपके जीवन का वो सुंदर अनुभव आपमे नहीं है। 

में पुछनाँ चाहता हूँ क्यों हम ये सोचकर वक्त बरबाद करे की हमें क्या बनना हैं क्या नहीं बनना। क्यों हम लोगो की सलाह ले।। क्यों हम अपने उन सपनों को मार दे जो हमें बचपन में आगें बढ़ने की प्रेरणा दैते थे। 

मैं यहाँ किसी भी महापुरुष का नाम नहीं लेना चाहता क्योंकि में जानता हूँ हर एक इंसान में वो सारे गुण हैं जो उसे महान बनाने के लिये सक्षम होते हैं। कहने का मतलब सिर्फ इतना है। मित्रों आपको आपसे क्या चाहिए ये दुनियां आपको नहीं दे सकती। ना ही बता सकती है। 

करो अपने भविष्य का चुनाव बचपन से किया है तो अब जब शिक्षा पुरी हुई तो इसे पुछना उस से पुछना क्यों। ये गलत है। सही ये है खुद जागो पुछो खुद से सवाल करो खुद से क्या सपने थे आपके ।क्या सपना था आपके माता पिता का । आपका डिजायर क्या था बंद करो ये इधर उधर का चक्कर बस शूरू करो । जो  आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकशद था वो जरूर पुरा होगा। मित्रों बस डगमागाना नहीं। 

और अगर डगमगाऐं भी तो कैसा डर जिंदगी अपनी सपने अपने चुनाव अपना। एक सवाल आपके मन मै होगा फैल हुये तो क्या होगा।

तो जवाब आपके पास खुद ही मिल जाएगा। आपकी चुक आपकी लापरवाही आपकी कमिमाँ दुर कर लेना। जिंदगी आपका महान सपना पुरा करवाने से पहले। आपका इम्तिहान तो जरूर लेगी। कुम्हार भी मटके को दस से बीस बार ठोक कर जरूर देखता है। कहीं इसमें छेंद तो नहीं। 

यहाँ तो आपकी जिंदगी मैं आपके सपनों का सवाल है आपकी काबलियत का सवाल है इम्तिहान तो बनता है मेरे दोस्त। जब भी हम खुद से गिरते हैं। चोट चाहें जितनी गहरी हो उठते जरूर है। और वजह समझ जाते हैं फिर वहीं भुल नहीं करते। 

एक बात मैने बचपन से ही समझी हैं सिर्फ़ अपना मत सोचना क्योंकि ये सोच उचित नहीं ये हमारे स्वाभिमान का हिस्सा नहीं। लाईफ मैं चाहें जितनी भी कठिनाइयों से सामना क्यों ना हो बस हर बार मुस्कुरा देना विशवास करो मित्रों दुख भी आपसे जुदा होते वक्त यहीं कहेगा वाह मेरे दोस्त तुझ सा नहीं देखा। 

जब आप जिंदगी मैं कामयाब हो जाओ आप कामयाब होना अपनी कामयाबी को कामयाब नहीं होने देना वरना फिर आपकी कामयाबी में और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रम्प की कामयाबी में कोई खास फर्क नहीं रह जाएगा। कामयाबी में अवरशरवादी ना बने। ना ही कामयाबी को अवशरवादी बनाये। याद रहें तभी जिंदगी आपको आपकी उम्मीद से ऊपर ले जाएगी। 

कुछ लोगों का मानना होता हैं। बीस या तीस साल तक ही कैरियर बन पाता है या मौका मीलता है। मित्रों ये सोच निहायति घटियाँ हैं।  मेहनत लगन से हम अपने मुकाम को पाना चाहें तो कोई भी उम्र मायने नहीं रखती।  जिंदगी मैं बिना कुछ खास किये हारने से तो अच्छा होगा हम बार बार अपने सपनो के लिये प्रयास करते रहे। 

आप सभी ने ऐसे तमाम कामयाब लोगो के बारे में पढ़ा ही होगा। मेरे नजरिये से कामयाबी की कोई उम्र नहीं होती। आप धिरूभाई अमबानी जी को पढ़ लिजिऐगा। आप अमिताभ बच्चन जी को पढ़ लिजिऐगा। आप बोमन ईरानी जी को भी पढ़ सकते हैं। 

मित्रों हमारी शुरूआत कहाँ से होती हैं । ये हमारे लिये मायने नहीं रखता लेकीन हमें इसको एक अंजाम तक ले जाना है ये जरूर मायने रखता है ।

दुरगामी सोच हमेशा कामयाबी को जन्म देती हैं। आप हमेशा अपने विजन को ध्यान मैं रखकर लगातार वर्क कीजिए । यकीनन आप कामयाब हो जाएंगे। 


Motivation //How much faith do we have on ourselves? हम खुद पर कितना विशवास करते हैं।💐🇨🇮👏🙏🏻

moral of the Story... 

एक रिक्सा वाला काफी टाइम तक मेहनत करता रहा उसने अपनी मेहनत से कुछ ही सालो मैं एक कार खरीद ली। और अब वो कार चलाने लगा लेकिन एक दिन उसकी कार का एक्सीडेंट हो गया कोई व्यक्ति उसकी कार से बहुत घायल हो गया। अब उसको उस व्यक्ति के इलाज के लिये अपनी कार वापस बेचनी पड़ी। वापस फिर से उसने रिक्सा चलाना शुरू किया धिरे धिरे वक्त बदला और उसकी मेहनत और लगन ने आज उसे दस हजार रिक्सो का मालिक बना दिया। 

कामयाबी का सबसे बड़ा मंत्र तो यही है अपने पथ पर लगातार प्रयासरत लगे रहना डटे रहना। एक दिन वक्त भी हम पर गर्व करे ऐसा कुछ कर जाना। डटे रहना है लगे रहना है। वक्त चाहें जैसा भी आऐं उसे हस के गले लगाना हैं। 

एक बार फिर से कहता हु। 

कामयाबी एक ख्वाब हैं उसे हर रात देखना। एक दिन वो हकीकत का रूप लेकर आपसे मिलने जरूर आऐगी।।।। 

Motivation //How much faith do we have on ourselves? हम खुद पर कितना विशवास करते हैं।💐🇨🇮👏🙏🏻


जय हिंद वंदेमातरम।। 

लेख रंजीत चौबे।। Edmranjit.com motivational thought

25/08/2019

Saturday, August 24, 2019

इंसान के स्वामित्व को उसका चरित्र ही दर्शाता हैं। The character of a person's ownership is shown by him.💐🇨🇮🙏🏻👏

#EDMranjit

इंसान के स्वामित्व को उसका चरित्र ही दर्शाता हैं। The character of a person's ownership is shown by him.💐🇨🇮🙏🏻👏


मनुष्य की प्रवृत्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक अलग अलग धारणाओं के इर्द गिर्द घुमती है। वो जिस कुल में जन्म लेता है उस के प्रति धिरे धिरे सहज भाव हो जाता है। हम कह सकते हैं वो पूण्तह अपने धर्म कर्म के प्रति रूचिबद्ध हो जाता हैं।। 

जन्म के कुछ वक्त बाद वो पाठशाला जाता है वहाँ  वो भिन्न स्वभाव के सहपाठियो से मिलता हैं अलग अलग सोच रहन सहन खान पान धर्म कर्म और सोच विचार का सामना उसे करना पड़ता है। बड़े आश्चर्य की बात होती हैं उस वक्त उस माहौल का कुछ ज्यादा असर उस पर नहीं पड़ता। 

अगर कोई असर होता हैं तो सिर्फ शिक्षा का ही असर होता है इसके पिछे एक लाँजिक वर्क करता है। और वो कोई लाँजिक नहीं उसके घर का माहौल होता है। क्योंकि मनुष्य का मस्तिष्क सबसे ज्यादा कुछ ग्रहण करता है तो सिर्फ़ घर के माहौल से ही करता है। हमारे संस्कारो में बेसिक शिक्षा हमे घर से ही मिल जाती है। अब इसका परिणाम पुरी लाइफ मैं दिखाई भी देता है असर भी करता है और सामने भी आता है।

कहते हैं हर निर्माण की एक आधारशिला होती हैं। मेरी समझ में यही आता है एक मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन का आधार उसकी जड़ता से ही जुड़ा होता है। फिर भी आज इंसान अपनी जड़ो से दुर होता दिखाई देता है। क्योंकि आज मनुष्य वक्त के साथ कम। और समाज के स्वभाव से खुद को जोड़ता अग्रसर होता जा रहा है। इसका एक और कारण है दिखावा जलस लालच भेदभाव और दोगलापन। 

इंसान के स्वामित्व को उसका चरित्र ही दर्शाता हैं। The character of a person's ownership is shown by him.💐🇨🇮🙏🏻👏


यह किसी भी पाठशाला में ये नहीं पढ़ाया जाता की आप अपने परिवार में भेदभावपूर्ण व्यवहार करो। जो एक परिवार को जोड़ता है वो एक समान स्नेह एक समान शिक्षा एक समान व्यवस्था होती है। पर आज ऐसा नहीं होता आज कहीं ना कहीं इसकी कमी समाज के हर वर्ग में पाई जाती है परिणाम जड़ता ढिली और लचर हालत में बिखर जाती है एकता खत्म हो जाती हैं समुल विनाश हो जाता है।। 

चरित्र तभी उतम होता है जब घर से निकला व्यक्ति घर का स्नेह साथ रखता है चरित्र का निर्माण भी स्नेह से ही होता है अगर आप के पास अपने लिये सबसे किमती कुछ होता है तो सिर्फ़ परिवार का स्नेह ही होता है अगर आप उससे वंचित हो तो आप सबसे बहुत दुर हो। इसमें आपका कोई दोष नहीं ।
इस दुनियां का हर कोना उस मनुष्य के लिये जीवंत होता है जिसमें कुछ अलग करने की क्षमता होती है। घर समाज और रूतबा आप खुद से भी हासिल कर सकते हो सिर्फ आप में सबक होना चाहिए।। 

 अगर हिमालय सोचता मेरा कोई घर नहीं तो परिणाम क्या होता। संसार को अपना मानने वाले ईश्वर का भी कोई घर नहीं।।  बस सोच का अंतर है वरना घर तो सिर्फ़ रैन बसेरा है।। 

इंसान के स्वामित्व को उसका चरित्र ही दर्शाता हैं। The character of a person's ownership is shown by him.💐🇨🇮🙏🏻👏


Writing ranjit choubeay. 
Www.edmranjit.com
24/08/2019


Friday, August 23, 2019

कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 💐🇨🇮🙏🏻Sometimes, after joining Sohrat and sometimes losing Sohrat, both are involved in life.

#EDMranjit

 कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 💐🇨🇮🙏🏻Sometimes, after joining Sohrat and sometimes losing Sohrat, both are involved in life. 


 💐motivational poetry💐


कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 
कभी हारकर कभी जीतकर दोनों के काबील है जिंदगी। 
चलकर भी दुर तलक मुकाम ना मिला फिर भी जारी है जिंदगी। 
लोग कहते हैं थककर भी जो ना रुके वही है जिंदगी।। 

हजारों सपनो का सफर लिये लोगों के हौसले बुलंद है। 
घर शहर हर तरफ सपनों तले दबी हैं ये जिंदगी।। 
क्यों इतनी ख्वाहिशो की भरमार सबके पास है। 
हर तरफ हर शहर में ख्वाहिशो तले जल रही हैं जिंदगी।। 

सुबह से लेकर शाम तक लोग दर दर भटक रहे।। 
जिंदगी के रास्ते  करवटे बदल रहे। 
हे नहीं कोई आज इस जहां में जो निष्पाप हो। 
हर गुनाह कर के गर्दिशो में जी रहे हैं जिंदगी।। 

आज की तकदीर पर कुछ लोग सवारी कर रहे। 
कल कहां तकरीर का मौका दिलाऐ वक्त भी। 
निकल गया है डर जहाँ से खौफ में इंसानियत ।
जिंदगी भी डर के साये मैं जी रही अब जिंदगी।। 
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

मित्रों हर किमत पर जिना जिंदगी हैं। 
पर हर किमत पर ख़्वाहिश पुरी करना गलत है ।शृष्टि शिष्टाचार और संस्कृति से अलग है।। 

जरूरी भी नहीं के हर मुकाँ हासिल हो जाएं। 
कुछ जिंदगी के खातिर भी सफर तय किया जाता है।। 
मिट्टी के कण को छू कर जो चलना सिखाया था उसने। 
उस धरा की हिफाज़त के लिये भी तो जिया जाता हैं।।

 कभी सोहरत पाकर कभी सोहरत खोकर दोनों में शामिल हैं जिंदगी। 💐🇨🇮🙏🏻Sometimes, after joining Sohrat and sometimes losing Sohrat, both are involved in life-

Www.edmranjit.com

Poetry motivational. 

Writing by ranjit choubeay.
23/08/2019





Thursday, August 22, 2019

ईमानदारी उज्जवल भविष्य बुनती है। Honesty weaves a bright future.🇨🇮🙏🏻motivated story

#EDMranjit 

ईमानदारी उज्जवल भविष्य बुनती है। Honesty weaves a bright future.🇨🇮🙏🏻motivated story


  मुझे याद हैं  उस रात  कोई गयारह बज रहे थे और में झबरू रोजाना की तरह अपना काम खत्म करके अपने क्वाटर की तरफ लौट रहा था। मेरा नाम झबरू हैं और मैं असाम के तिनशुकिआ का रहने वाला हु। पेशे से में धोबी हु। 

मेंने अपनी रोजी रोटी के लिये कपड़े आयरन की दूकान डाल रखी है। उस रात दिवाली के त्योहार की वजह से दुकान मैं कपडो़ का अमबार लगा हुआ था। और मेरे पास कोई और कामगार भी नहीं था जो मेरी हेल्प करता इसी कारण में अपनी दूकान पर लैट नाईट काम कर रहा था उस रात काम खत्म करके मुझे कुछ ज्यादा ही लैट हुआ था। 

दिवाली में दो दिन शेष थे लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे आज ही अमावस्या की रात है। आसमान में काले बादल और कुछ मौसम भी तेज हवाओ का था मतलब आँधी की तरह् हवा तेज चल रही थी। कुछ ही कदम मैं और आगे की तरफ चला था। बस बारिस भी शुरू हो गई। मेरे पास पानी से बचने का कोई साधन भी नहीं था। 

इसलिए रात के उस पहर मैं  मेंने  सामने रोड के किनारे एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे शरण ली। मेरे पास बस एक बैटरी थी जिसकी रोशनी कुछ दुर तक जाती थी। वहीं बैटरी उस वक्त मेरा सहारा थी नेशनल हाईवे होने के कारण गाडिया़ बडी़ तेजी से भाग रही थी सभी को घर जाने की जल्दी थी। में ऐसा ही कुछ सोच रहा था और इश्वर से प्रार्थना कर रहा था ये बारिश जल्दी ही बंद कर दो। 

तभी बहुत तेज आवाज आई में डर गया कुछ समझ नहीं आया ।मेने इधर उधर देखा तो भी कुछ समझ नहीं आया ।
अचानक कुछ आवाज आई हैल्प हैल्प मैं  उस दिशा की और भागा तो देखा एक कार पेड़ से टकरा कर बुरी तरह डैमेज हो चुकी थी शायद किसी दुसरी गाडी़ वाले ने ठोकर मारी होगी। 

मेंने कार के अंदर झाँका तो एक सेठ टाईप का आदमी कार की सीट पर झुल रहा था उसका सर बुरी तरह से फट चुका था और तेजी से खुन निकल रहा था। लेकिन वो अभी थोड़ा थोड़ा होश मैं था। कार के पिछे की सीट पर एक दस साल का बच्चा और एक महिला थी जो बेहोश हो चुके थे। घायल आदमी कह रहा था प्लिज हैल्प कीजिये। 

ईमानदारी उज्जवल भविष्य बुनती है। Honesty weaves a bright future.🇨🇮🙏🏻motivated story 



मेने रोड पर कोशिश की दुसरी गाडियों को रोकने की पर असफल रहा। कोई भी गाडी़ नहीं रुक रही थी। मुझे लगा मुझे पुलीस को फोन करना चाहिए। लेकिन उस से पहले सबको गाडी़ से बाहर निकालना उचित समझा। मेंने जल्दी से कार का गेट किसी तरह खोला और उस आदमी को बाहर निकाला उसके सर में एक कपड़ा बाँधा और एम्बुलेंस को फोन किया फिर पुलिस को बुलाया । फोन करने तक तो कोई भी इंसान रोड पर नहीं रूका था। पर जैसे ही एम्बुलेंस और पुलीस की गाड़ी आकर रूकी लोग रुकने लगे। 

पुलीस मुझसे पुछताछ करने लगी क्योंकि तब तक वो आदमी पुरी तरह बेहोश हो चुका था। मेंने जो भी देखा और किया था सब पुलीस को पुरी ईमानदारी से बता दिया। कुछ वक्त पुछताछ के बाद पुलिस अधिकारी ने कहाँ चलो हाँस्पिटल हमारे साथ क्योंकि जब तक इनमे से किसी को होश नहीं आता तब तक तुम्हें साथ रहना होगा। मैने हैल्प की थी इस बात से दिल में एक शुकुन था। पर पुलिस का डर भी मन मैं हो गया था। 

हाँस्पिटल आने के आधे घंटे बाद महिला और बच्चे को होश आ गया था। लेकिन उस व्यक्ति को होश दो घंटे बाद आया जिसकी आवाज सुनकर में हैल्प के लिये गया था। डाँक्टर ने उससे कहाँ  अगर कुछ टाइम और आपके सर से ब्लड बहता तो शायद आप को बचाना मुमकिन ही नहीं होता आपका काफी खुन बह चुका था आप कौमा मैं भी जा सकते थे। जिस इंसान ने आपकी हैल्प की वाकई वो बहुत नेक और समझदार व्यक्ति है। 

इसके बाद उस व्यक्ति ने पुलिस को सारी घटना बताई और बताया की सिर्फ यही दोस्त कही से उस टाइम हमारे पास आया, हमारी हैल्प की। उस व्यक्ति ने मेरा नाम पुछा और पुलिस से कहाँ सर आप इस नैक वंदे को तंग मत कीजिए।    दर असल वो व्यक्ति एक जिला कलेक्टर था जो अपनी फैमिली के साथ खुद अपनी कार ड्राइव करके अपने गाँव जा रहा था। उन्होने पुलिस को अपने बारे में बताया ।

अब लगभग सुबह के चार बजने वाले थे। और मेंने पुलिस अधिकारी और कलेक्टर सर से घर जाने की अनुमति माँगी तो पुलिस वाले अधिकारी कहने लगे रुको भाई हम खुद आपको आपके घर तक छोड़ देंगे डरो नहीं आपने बहुत बड़ा काम किया है। आपको इसका इनाम भी दिया जाऐगा। में खुश था क्योंकि एक परिवार सुरक्षित बच गया था। मुझे कलेक्टर सर ने कहाँ आप नौकरी करोगे सरकारी मेरी तो आवाज ही बंद हो गई थी। मेंने जैसे तैसे कहाँ जी सर नौकरी मिलेगी तो जरूर करूंगा। 

और फिर उन्होने पुलिस वालो से कहाँ  इन्हें घर छोड़ देना आप सब । और मुझे कहाँ  आप दिवाली की छुट्टी बाद हमसे मिलने आईये। हम आपके लिये जरूर कुछ करना चाहेंगे आप ने इनसानियत और इमानदारी से हैल्प की तो आपको इसका फल भगवान जरूर देगा। 

कुछ दिनों बाद खुद कलेक्टर सर ने मुझे फोन करके अपने कलेक्टर आँफिस बुलाया। आज में कलेक्टर आँफिस मैं एक कर्मचारी के तौर पर काम करता हु। मुझे उन्होनै सरकारी नौकरी दिलवाई और बता दिया नैकी ईमानदारी इनसानियत आज भी जिंदा है।  एक आयरन की दुकान वाला कलेक्टर आँफिस मैं आ गया सिर्फ ईमानदारी के कारण। 

मित्रों इंसानियत  कोई अवसर नहीं धर्म हैं। 
इसे आप भी अपनाईये। 
 मद्त करना भी एक धर्म हैं। श्रेष्ठ कर्म है। 

जब भी जितना हो सके किसी की भी कभी भी मद्त किजिए। यही सेवाभाव आपको एक दिन कामयाब इंसान बना देगा। 
जय हिंद वंदेमातरम।। 

ईमानदारी उज्जवल भविष्य बुनती है। Honesty weaves a bright future.🇨🇮🙏🏻motivated story 


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Writing ranjit choubeay
22/08/2019






Wednesday, August 21, 2019

मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05

#EDMranjit


मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05


आज सच मैं मुझे इस बात का एहसास हुआ था ।के अपने गाँव का मुखिया बन कर मेने कोई गलती नहीं की थी। क्योंकि आज जो कुछ भी हुआ वो मेरे इस पद की इमानदारी के कारण ही हुआ था। कलेक्टर सर तो गाँव से अपना वादा पुरा कर के जा चुके थे। 

लेकिन गाँव के लिये अभी भी खुशी का महौल बिलकुल झकास था सब लोग बहुत खुश थे। और जयकारा लगा रहे थे कभी कभी मेरे कुछ मित्र मुझे उठाकर नाच भी रहे थे। सच में पहली बार अपने गाँव वालों को इतना खुश देखा था यकीन ही नहीं हो रहा था इतना सब कब कैसे हो गया। 

सच ही कहते हैं इमानदारी का कोई मुल्य नहीं होता वो तो एक ऐसा गुण है जो समाज के लिये हमेशा ही अतुलनीय साबित होता है।। आज पिताजी भी बहुत खुश से उन्होनै खुद मुझे गले लगाकर कहाँ था शाबस बेटा आज तुमने वाकई सभी का दिल जीत लिया है। ऐसे ही काम करते रहना और समाज के हित के लिये अग्रसर रहना। यही उतम कर्म है।। 

अब गाँव की एक समस्या का लगभग अंत हो चुका था क्योंकि पुल जल्दी ही बनकर तैयार होनै वाला था मेंने इंजीनियर और पुल निर्माण में लगे सभी मिस्त्री से निवेदन किया आप सब अब पुरी लगन मेहनत से इसका काम संपन्न कीजिए।। सभी ने इस काम में पुरी ईमानदारी से जुटने के लिये हामी भी भरी और लगभग हर व्यक्ति बहुत खुश नजर आया।। 

मेंने आज शाम वापस अपने गाँव के बड़े बुजुर्ग की एक बैठक  घर पर बुलाई और उनसे गाँव के विकास पर चर्चा की सभी से में जानना चाहता था की फिलहाल गाँव में सबसे ज्यादा जरूरी और क्या होना चाहिए। तो लगभग सभी का मत गाँव में एक छोटा या बड़ा हाँस्पिटल खुलवाने की थी।  क्योंकि गाँव से लगभग बीस किलोमीटर दुर था सरकारी हाँस्पिटल तो परेशानी ज्यादा हो जाती थी जब भी कोई बिमार होता था खासकर बच्चों को ज्याद तकलीफ़ होती थी।। 

गाँव में और भी  समस्याऐ थी जिनसे मुझे गाँव को छुटकारा दिलाना था जैसे की लाईट साफ पानी अच्छी सड़क खैल के लिये कोई मैदान और सरकारी स्कुल को ठिक से मेंटेन करवाना ये सब काम बहुत ज्यादा जरूरी थे।। क्योंकि मेरा गाँव बाकी के गाँव से बहुत ज्यादा पिछड़ चुका था वो सिर्फ इसलिये क्योंकि भूतपूर्व मुखिया जी ने भ्रष्टाचार के अलावा कुछ और किया ही नहीं था।। 

मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05


सभा खत्म होते ही पिताजी पुछने लगे बेटे पंचायत के बाकी गाँव पर भी तुम्हें ही ध्यान देना है। कही कोई ये ना कहें की मुखिया जी सिर्फ अपने ही गाँव का विकास कर रहे हैं। और बाकी के गाँव छोड़ दिये है।  मेंने पिताजी को बताया की ऐसा नहीं होगा । पंचायत के हर गाँव की समस्याओं की लिस्ट मेरे पास है। सभी गाँव के लोगो से बारी बारी मिलता हु। और सबकी राय भी ली है मेंने । कौन से गाँव की क्या समस्या पर जल्दी कार्य किया जाएं। ये सब गाँव वालों के विचार से ही उनकी सहमती से ही कार्य शुरु करवाता हु। और पिताजी मुझे ये तरीका बहुत अच्छा लगता हैं। सबकी रजामंदी से उनके गाँव में विकास हो इससे अच्छा क्या हो सकता है।। 

पिताजी की आँखों में एक अद्भुत विश्वास था मेरे प्रति सेम यही विश्वास और स्नेह में सभी से चाहता था पता नहीं क्यों लोगो को खुश देखकर मुझे बहुत ही खुशी होती थी। उनकी खुशी से मुझे दिन रात कार्य करने की प्रेरणा मिलती थी। एक गजब सा जुनून मुझमे आ गया था अपने पंचायत के हर घर में मुझे अपना ही घर अपने ही नजर आते थे। और सच कहु तो अपने इस प्रोरोफेशन से भी में बहुत खुश था। मेरे दोस्त मेरा गाँव मेरे अपने सभी मेरे साथ थे और इस तरह मेरा हर काम खुशी खुशी आगे बढ़ता गया। 

पंचायत के हर गाँव का धिरे धिरे संभव विकास होता गया लोग अब जागरूक भी होने लगे थे। एक शुरूआत की थी मेंने ईमानदारी से कार्य करने की वो अब एक बड़ी टिम बन चुकी थी। अब में अकेला नहीं था गाँव समाज के मेरे मित्र भी विकास और इमानदारी के पथ पर मेरे साथ था।। 

आज मुझे पुरे गाँव का हर बच्चा बड़ा बुजुर्ग बडे़ नेक नजरिये से देखता हैं सम्मान देता है। आज में बहुत खुश हु ये बताकर की मेंने अपने जीवन में एक मुखिया कै तौर पर पंचायत के हर गाँव को सुविधाजनक बनाया हर व्यक्ति को उसकी सुविधाएं दिलाई उसका हक दिलाया और मेरी पंचायत एक सफल इमानदार पंचायत बनी। अगर एक इंसान अच्छी सुरूआत करता है उस पर चलता है। इमानदारी से सेवा करता है। 

तो ये सच है उसके आसपास का समाज भी उसके इर्दगिर्द जरूर उसकी तरह अच्छा बन जाता है। तो कृपया आप भी अगर भविष्य में अपने गाँव का विकास चाहते हैं तो पूर्णत्ह इमानदारी से कदम उठाईये आपका सपना जरूर सच होगा आपके आसपास विकास होगा समाज का विकास होगा तो देश का भी विकास होगा।। 

मेरी पहली पंचायत। my first panchayat💐🙏🏻🇨🇮🙏🏻भाग 05


💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮💐जय हिंद वंदेमातरम💐🇨🇮
Edmranjit.com
Writing ranjitchoubeay
20/8/2019.........ईमानदारी उज्जवल भविष्य बुनती है। 
Next story. 
पढ़ना ना भले।। 

Sunday, August 18, 2019

सच्ची बातें । True words🇨🇮💐☝🙏🏻

#EDMranjit

सच्ची बातें । True words🇨🇮💐☝🙏🏻


कुछ लोग कहतें कायर होते हैं वो लोग जो हार जातें हैं।
कुछ लोग कहतें है लगातार प्रयासरत रहने से मंजील का मिलना तय हो जाता है।

मुझें लगता हैं कभी कभी जिंदगी में हार जाना भी जरूरी हैं। 
और मुझें ये भी लगता हैं अगर आप अपने हर सफल प्रयास में असफल हो रहें हो ।तो फिर आपको किसी  और रास्तें का चुनाव करना चाहिए दिशा बदलनी चाहिए एक बार फिर से सफल प्रयास करना चाहिए हो सकता है इस बार सफलता आपके पास आपके साथ हो।। 

कभी कभी इंसान बहुत महत्वाकांक्षी हो जाता है। उसका उदेश्य भी बहुत बड़ा होता है। ऐसे में जिंदगी उसका बहुत कड़ा इम्तिहान लेती हैं। मित्रों अगर आप भी महत्वाकांक्षी हो आपका लक्ष्य भी बड़ा है। तो याद रखना रास्ता बहुत मुश्किल होगा चोट भी गहरी हो सकती है। हर उस कडे़ संघर्ष के लिये तैयार रहना जो आपके डिजायर के रास्ते मैं  बाधा डालने का कार्य करेंगी। 

याद रखना मुश्किले आशान तभी होंगी । जब जीत के लिये  हौसले बुलंद होंगे। 
कुछ निडर होकर चलना कुछ अडिग हो जाना जिंदगी का कारवां अपना मुकाँ खुद बना लेगा।। 

मेरे एक दोस्त का कथन था सिंकदर महान था उसके लियें मेरी दो लाईने। 

युहीं नहीं कोई सिंकदर बन जाता हैं।  युहीं नहीं कोई शंहशाह कहलाता है। गुजरे कल को उठाकर  तो देखो। हजारों तख्तों के पिछें कुर्बानियों का लहु ही बहा हैं।। 

एक सवाल बहुत चुभता हैं। वो लोग कायर है जो जिंदगी को मिटा लेते हैं।। 
 ये गलत सोच हो सकती है। लेकिन शायद किसी को पता नहीं। अपनी जिंदगी को युहीं गवाँ देना भी आसान नहीं होता। 
खुद को मिटा लेने के लिये भी अथाह साहस की जरूरत होती है। 

      सच्ची बातें True words🇨🇮💐☝🙏🏻


मैं एक ऐसे सख्स की कहानी जानता हूँ। जो पेशे से मश्हुर वैज्ञानिक था। पर अपने एक परिक्षण को सफल करने में वो बार बार असफल हो जाता था। जब भी वो असफल होता तो प्रसांत महासागर के तट पर जाता और डुबने की सोचता था लेकिन वो साहस नहीं जुटा पाता था और हर बार लौटकर वापस अपने लैब में जुट जाता था। उन्होने अपने एक स्मोल मेसेज मैं लिखा था। 
कंबख्त जिंदगी बहुत परेशान करती है। ये दुनियाँ की सबसे अनभिज्ञ पुस्तक हैं जिसे सही कोई नहीं पढ़ सकता। 
और मौत उससे भी ज्यादा डरावनी जगह है जहाँ जाना शायद ही कोई चाहता है। 

मित्रों अब आप समझ सकतें हो। जो लोग अपने हालात से मजबूर हौकर मौत को गले लगा लेते हैं। वो कायर नहीं बल्कि निडर और साहसी होते हैं। 

जिंदगी को हँस कर शरहद पर लुटा लेने वाले जवानों से पुछना  जिंदगी और मौत की जंग में पलड़ा किसका भारी होता है। 

बस इतना कहना हैं  गलतियां हो जाऐं तो गलतियों का एहसास करना ।
फिर से उठने का दिल करे तो जिंदगी मैं आजाद रहना।। 

सच्ची बातें । True words🇨🇮💐☝🙏🏻


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Motivation though. 
Ranjit choubeay.
Writer blogger thinker. 18/08/2019







Friday, August 16, 2019

सच्ची बातें। चाहें तो परख लेना वक्त पर। True words. If you want, take time to test.🇨🇮👏👏💐

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 सच्ची बातें। चाहें तो परख लेना वक्त पर। True words.  If you want, take time to test.🇨🇮👏👏💐


बहुत मश्गुल है वक्त अपने आप में इसकी फितरत में भी ईमानदारी नहीं।
Time is very strong, there is no honesty in its nature in itself।

आप कब हार जाओगे ये तो आप भी नहीं जानतें। फिर भी दुनियां के झुठे फैसले का इंतजार जरूर करते हो।

You won't even know when you will lose.  Still you wait for the false decision of the world.

अपनी इमानदारी को जब भी रिस्तो पर तोलोगे इमानदारी हार जाऐगी रिश्ता जीत जाऐगा।

Whenever you trust your honesty on your faith, honesty will be lost, the relationship will win.।

 सच्ची बातें। चाहें तो परख लेना वक्त पर। True words.  If you want, take time to test.🇨🇮👏👏💐


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16/08/2019.

Monday, August 12, 2019

AsL Topics '' प्रकृति ' जल 'जनसंख्या 'स्वास्थ/ मेरा भारत महान/AsL Topics''Nature 'Water' Population 'Health / My India Great🇨🇮💐🙏🏻☝

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AsL Topics '' प्रकृति ' जल 'जनसंख्या 'स्वास्थ/ मेरा भारत महान/AsL Topics''Nature 'Water' Population 'Health / My India Great🇨🇮💐🙏🏻☝


1) प्रकृति को हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग माना जाता है । क्योंकि  हम सभी के जीवन का संतुलन इसकी सुरक्षा पर ही निर्भर हैं । हम सभी को अपने जीवन में इसके प्रति अपनी कर्तव्यता का निर्वाह पुरी ईमानदारी से करना चाहिए। हम इससे जीतना ज्यादा जुडे़गे हमें जीवन मैं उतना ही सुकून मिलेगा। इसलिये हमें अपने आस पास पेड़ पौधे लगाने चाहिए साफ सफाई रखना चाहिए।

2) जल
 जल जीवन का मुख्य आधार हैं। कहते हैं हमारे शरीर को अधिक मात्रा में जल की सबसे ज्यादा जरुरत होती है इसके बिना तो जीवन संभव ही नहीं । इसके अलावा संसार का हर जीव जंतु पेड़ पौधा भुमी कृषि यहाँ तक की electricity का क्षैत्र भी जल पर ही निर्भर हैं। इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को जल के प्रति बेहद सजग रहना चाहिए। जल का बचाव करना चाहिए फिर चाहें वो वर्षा का जल हो नदियों का जल हो या फिर हमारें दैनिक जीवन के उपयोग का जल हो। इसलिए हम कह सकते हैं जल हैं तो जीवन है।।

3) जनसंख्या।
जनसंख्या आज हमारे देश हमारे समाज के लिये एक चिंता का विषय है। क्योंकि संसाधनों की कमी प्रयावरण के प्रति अनभिज्ञता। और देश में बढ़ती बेरोजगारी से। एक बड़ा परिवार सिर्फ कुपोषण का ही शिकार होता है। बड़ा परिवार उचित शिक्षा उचित भोजन और तमाम दैनिक जीवन में होने वाली परेशानियों को भोगता है। उसे जीवन मैं  कुछ भी उचित मात्रा में नहीं प्राप्त होता। इसलिये हमें छोटा परिवार सुखी परिवार जैसे विचारो पर  अमल करना चाहिए। और इस बढ़ती जनसंख्या की रोकथाम के लिये सभी को जागरूक करना चाहिए।। अगर हम ऐसा करते हैं तो अपने साथ साथ हम अपने देश अपने समाज का विकास करने में भी एक महत्वपूर्ण भुमिका निभा सकेगें।

4) स्वास्थ।
एक अच्छे जीवन की कल्पना हम तभी कर सकते हैं जब हम पूणत्ह स्वस्थ हो। और इसके लिये हमे कुछ दैनिक कार्यो को अपने जीवन में बिलकुल ही सही मात्रा में उपयोग करना चाहिए।  अगर हमे एकदम फिट स्वस्थ रहना है तो सबसे पहले अपनी नींद रोजाना पुरी करनी चाहिए। सुबह नियमित कुछ व्याम करना चाहिए। अच्छे स्वस्थ के लिये हमें ज्यादा से ज्यादा वैजिटेबल फूडस घर में बना खाना दुध दही घी का उपयोग ही करना चाहिए। रोजाना कम से कम एक किलोमीटर पैदल जरूर चलना चाहिए। क्योंकि स्वस्थ जीवन ही सुखी जीवन होता हैं।।

5) मेरा भारत महान।

मेरा देश एक स्वतंत्र राष्ट हैं। मेरा देश एक प्रतिभाशाली महान संस्कृति से सुस्जित राष्ट है। मेरे देश में अथाह धर्म के लोग बडे़ ही विनम्रता से एक साथ मिलजुलकर रहते हैं। मेरा देश राम कृष्ण गौतम विवेकानंद जैसे महान विभुतियो की भुमी है। यहाँ समय समय पर अनेको तरह के त्योहार मनाये जाते हैं जो अपने आप में मेरे देश की संस्कृति को जीवंत बनाते हैं। मेरा देश गंगा यमुना ब्रर्मपुत्र सिंधु नदी जैसी विशालतम धाराओं की धरा हैं। मेरा देश हिमगिरी कैलास हिमालय विद्ययांचल जैसे पर्वतो का तारा है। चारों तरफ हरियाली से भरा कृषि प्रमुख मेरा देश बहुत ही सुंदर विशाल हैं। इसलिए मुझे गर्व है और  मैं गर्व से कहता हु मेरा देश महान है।।

AsL Topics '' प्रकृति ' जल 'जनसंख्या 'स्वास्थ/ मेरा भारत महान/AsL Topics''Nature 'Water' Population 'Health / My India Great🇨🇮💐🙏🏻☝


Writing ranjit choubeay.
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12/08/2019 ।                 







Sunday, August 11, 2019

खुबसुरत सोच। beautiful think 🇨🇮🙏🏻💐☝

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खुबसुरत सोच। beautiful think 🇨🇮🙏🏻💐☝


जिंदगी बहुत खुबसुरत हैं अगर आप इसे अपने खूबसूरत नजरिये से देखो तो। और एक बात।दुनियाँ की बीन परवाह किये खुद को साबित करो आपके प्रति फिर दुनियां का नजरिया भी खुबसुरत हो जाऐगा।
Life is very beautiful, if you look at it from your beautiful point of view then one more thing. Regardless of the world, prove yourself, then the world will also become beautiful towards you.

खुबसुरत सोच। beautiful think 🇨🇮🙏🏻💐☝

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11/08/2019

देश को मिला जब एक अद्भुत सितारा। 🇨🇮🙏🏻☝💐

#EDMranjit

देश को मिला जब एक अद्भुत सितारा। 🇨🇮🙏🏻☝💐

Pics from google
देश को मीला जब एक ।
अदभुत सितारा।
बहुत ही निडर प्रधान हमारा।
सूनी थी कब से माँ भारती की गोद।
मीला अब जाकर माँ से लाल हमारा।
।।
वो डरता नही बस बढता ही जाता।
बस देशहित का वो धर्म निभाता।
अभी तो किया है शुरू उसने काम।
पकड़े है एक एक चोरों के कान।
।।
नही उसको लालच ना सता की भुख।
ना पहने है  खादि ना पहने है शुट।
रहता है सादा और कहता है सीधा।
सुनो लालची बिदेशी कपूत।
।।
दिया उसने टाइम देशहित मे सारा।
लुटेरों की गद्दी को जड़ से उखाडा़।
जो खाते थे सता की गलियों से रोटी।
सारे नोटों को उनके कचरा बनाया।।
।।
अभी करी है बस थोड़ी सफाई।
कमीनो को थोड़ी सजा है दिलाई।
बचोगे नही अब चाहें छुप लो कही तुम।
गरीबों के राजा की बारी है आई।
।।
कहते है साधु संत और फकीर।
मोदी है भारत माँ का बीर।
करेगा वो भारत को सोने की चिड़िया।
ली है उन्होंने प्रतिज्ञा अडिग।
ली है उन्होंने प्रतिज्ञा अडिग।। 

देश को मिला जब एक अद्भुत सितारा। 🇨🇮🙏🏻☝💐

।poetry  ranjit choubeay
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11/08/2019
।।जय माँ भारती।।

Saturday, August 10, 2019

एक तरफ आजादी एक तरफ भ्रष्टाचार आप किसके साथ हो।।Independence on the one hand and corruption on the other, with whom are you?🇨🇮🙏🏻☝💐

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एक तरफ आजादी एक तरफ भ्रष्टाचार आप किसके साथ हो।।Independence on the one hand and corruption on the other, with whom are you?🇨🇮🙏🏻☝💐

मित्रों एक देश एक मत सुनने मैं कितना सुंदर लगता हैं।
तो क्या आप भी ऐसा ही सोचते हो। 
और अगर सोचते हो तो इसके लिये क्या फैसले खुद से लेते हो। 
आजादी को सलाम करते हो हर पन्द्रह अगस्त को और फिर कुछ देश भक्ति गीत आपको अच्छे लगते हैं बस यहीं सब तो करते हैं हम सब। दिन बीत जाता है आजादी का यही मतलब होता है आज देश के लगभग प्रत्येक व्यक्ति का।। 

मित्रों आजादी के लिये क्या क्या हुआ हम सभी जानते हैं । दुख की बात है बस जानते ही है पर खुद से कुछ भी नहीं करते क्या आप इस स्वतंत्रता दिवश से कुछ करना चाहोगे। अपने देश अपने समाज और स्वयं खुद के लिये।। 

एक भगत सिंह ने ऐसी लौ जला दि थी सारा देश उस वक्त एकजुट होकर आजादी की लड़ाई में हिस्सा ले रहा था। क्या उसके बाद कोई भगत सिंह ही नहीं हुआ ऐसा सोचना मातृभूमि के लिये गलत होगा। मित्रों भगत सिंह तो आज भी बहुत हम सबके बीच में रहते हैं  बस वो लौ जलाने वाले किरदार को हम पहचान नहीं पाते। सही दिशा में बहने वाली हवा की तरफ हम कुच नहीं करते यहीं हमारी हार हैं।। 

आज देश में एक शेर प्रधानमन्त्री जी हैं परन्तु जनमानस आज भी बटाँ हुआ है। में तो कही न कही उन्हें चंद्रशेखर आजाद की तरह देखता हु। और उनके हर फैसले के साथ हु।। उन्होने धारा तीन सौ सतर हटा दिया पैंतीस ऐ खत्म किया। संघर्ष कर रहे हैं देशहित के लिये धरती के स्वर्ग को कुछ अलगाववादी नेताओं के चंगुल से आजादी दिलाई ये इस देश के प्रत्येक व्यक्ति के लिये गर्व का विषय हैं।। 

एक तरफ आजादी एक तरफ भ्रष्टाचार आप किसके साथ हो।।Independence on the one hand and corruption on the other, with whom are you?🇨🇮🙏🏻☝💐


मित्रों  हवाये तो चलती रहेंगी  तिरंगा भी लहराता रहेगा। 
आप भी चलों इस हवा के संग देश सदा मुश्कुराता रहेगा। 

वतन की और बढ़ने वाले हर सोले को हम बुझा देंगें
गंदी सोच रखने वालो को इस फिजाँ से हम भगा देंगे। 

देश वतन चमन के हम रखवाले हैं। 
भारत माता की मिट्टी से दुश्मन का खुन सुखा देंगे।। 

बीर सावरकर आजाद गुरू भगत सुखदेव हमारे हिरो हैं।। 
इस जलती लौ की आजदी को हम कभी नहीं बुझनें देंगे। 

ये देश महापुरूषो की अमानत है ये देश देवताओं का अंश है यहाँ भावनाओं से हर व्यक्ति जुड़ा हुआ है मुझे लगता हैं एक जंग जितने के लिये हमारी भावना से बड़ा हथियार तो कुछ भी नहीं। मित्रों ज़िंदा रखिये ये वतन से मोह्बत का हथियार हर दुश्मन खाक हो जाऐगा।। 

यहाँ ना कोई हिंदु है ना कोई यहाँ  ईसाई हैं  मजहब की बात  दुर हैं बहुत। 
सबसे पहले भारत माता की मिट्टी पर रहने वाला हर  अंश एक सिपाही हैं।। 

मित्रों  कोई भी व्यक्ति देश से बड़ा नहीं होता सब कुछ देख कर अनभिज्ञता दिखाना मुर्खतापूर्ण ही है।।  आज देश से भ्रष्टाचार खत्म हो रहा है। आप भी इसमें भागीदार बनों इसे जड़ से मिटाओं इस स्वतंत्रता दिवश पर आप सब कुछ ना कुछ गलत हो रहे अपने आसपास के वातावरण को ठिक करने की स्पथ लो।। क्योंकि एक और एक ग्यारह होता है ।

एक तरफ आजादी एक तरफ भ्रष्टाचार आप किसके साथ हो।।Independence on the one hand and corruption on the other, with whom are you?🇨🇮🙏🏻☝💐


जय हिंद जय भारत वंदेमातरम।। 
लेख देश के प्रति प्रेम और भावना को दर्शाता हैं। 
इसे अच्छी भावना से ही पढ़े। 🇨🇮🙏🏻💐☝Edmranjit. Com

Writer thinker blogger. 10/08/2019







Friday, August 9, 2019

एहसास के धागे स्नेह बंधन रक्षाबंधन। 🇨🇮👏🙏🏻🙏🏻

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एहसास के धागे स्नेह बंधन रक्षाबंधन। 🇨🇮👏🙏🏻🙏🏻

रिस्तों के दामन में लिपटा एहसास का। 
बंधन हैं आया। 
कभी लड़कर कभी झगड़कर खेले हैं  दोनों। 
वो साथ रहकर एक साये की तरह सीखें हैं दोनों। 
वक्त के साथ एक दुसरे की आदत थे दोनों। 

कभी एक था गलत तो दुसरे ने बचाया। 
तो कभी उसने भी वक्त पर उसे समझाया। 
बचपन से एक दूसरे के पुरक रहे हैं। 
भाई बहन एक दुसरे बीन अधुरे रहे है।। 

बचपन बीतता गया रिस्ता समझ आता गया। 
भाई की कलाई पर बहन के धागे का सुनहरा। 
वो रक्षा कवच गहराता गया। 
दुनियां का सबसे मजबुत रिस्ता यही होता है।। 
हर बहन सुरक्षित रहे यही उसका भाई सोचता हैं।।

दुनियाँ में हजारों बंधन जरूर होते हैं। 
सबकी जिंदगी में रिस्ते भी बहुत होते हैं। 
पर एक कोमल रिस्ता जो रक्षाबंधन बन जाता है। 
एक ऐसा बंधन  है जो आजीवन कवच बन जाता है। 
Poetry ranjit choubeay.

एहसास के धागे स्नेह बंधन रक्षाबंधन। 🇨🇮👏🙏🏻🙏🏻


रक्षा बंधन पर सभी भाई बहनों को अनेक अनेक शुभकामनाएं।। इन एडवाँस। 
Edmranjit.com 09/08/2019



Thursday, August 8, 2019

मेरी पहली पंचायत/भाग 4/my First panchayat /

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मेरी पहली पंचायत/भाग 4/my First panchayat /


गाँव में पुल का काम तेजी के साथ चल रहा था और में  खुद भी हर पल वहीं रहकर सब काम देख रहा था। आज गाँव में कलेक्टर सर भी विजिट के लिये आने वाले थे इसलिये पुरा गाँव भी बहुत उनसे मिलने के लिये उत्सुक था। 

दिन के कोई एक बजकर तीस मिनट हो रहे थे अचानक से पुलीस सायरन की आवाज़ सुनाई देने लगी मतलब साफ था कलेक्टर सर की गाड़ी गाँव की तरफ आने वाली सड़क पर आ चुकी थी। उनके साथ गाडि़यो का काफिला भी था जैसे जैसे गाडि़या गाँव की तरफ बढ़ रही थी गाँव वालो की धड़कनें भी तेज हो  रही थी। 

गाँव के लोगों ने उनके लिये काफी अच्छा इंतजाम भी किया था उनके कुछ टाईम रुककर बात करने के लिये गाँव वालों ने पुल निर्माण स्थल के समीप ही एक आम के बगीचें  में बीचोबीच सुंदर सा टेंट लगवा कर कुछ चैयर का इंतजाम किया था। और एक हलवाई बुलवाकर् कुछ नास्ते का भी जबरदस्त इंतजाम था। 

मेंने पहली बार किसी सरकारी कुर्सी वाले अफसर के लिये गाँव वालों की नजर मैं इतना प्रेम देखा था इसके पिछे भी एक लाँजिक था। और वो बात थी कलेक्टर सर से मेरी मीटिंग वाली बात गाँव वालों के समक्ष मेंने प्रस्तुत कर दी थी इससे गाँव वाले भी समझ गये थे उनके जिला कलेक्टर बहुत ही ईमानदार थे। 

सर आ चुके थे आज पिताजी भी यहाँ आ चुके थे मैने आगे बढ़कर उनका वेलकम किया और उन्होने भी तुरन्त रियेक्शन किया ।और कैसे हो मिस्टर अल्प मेंने सोचा उन्हें चेयर की तरफ इशारा किया सर बैठियें लेकीन उन्होने पहले कहाँ नहीं मुखिया जी आप पहले मुझे पुल निर्माण स्थल पर  ले चलियें कोई दौ सौ मीटर की दुरी पर काम हो रहा था। 

 हम सभी कलेक्टर सर के साथ कार्य स्थल की तरफ चल दिये और कुछ मीनट में हम वहाँ आये जहाँ काम हो रहा था सर के साथ एक इंजीनियर भी था जिसने अपने हिसाब से उन्हें समझाना शुरू किया। जो इंजीनियर मेंने हायर किया था वो भी बीच बीच में निर्माण कार्य की डिटेल दे रहा था कलेक्टर सर सब समझ और देख रहे थे उन्होनें सब कुछ बड़े आराम से समझा उसके बाद सरकारी इंजीनियर से पुछ क्यों सर अब आप बताईये क्या यहाँ सब कुछ योजना बद्ध तरीके से अच्छा काम चल रहा है।। 

मेरी पहली पंचायत/भाग 4/my First panchayat /


सरकारी इंजीनियर ने दुसरे इंजीनियर के काम की तारिफ की कहाँ सर बिलकुल अच्छा काम हो रहा है यहाँ  और पुल निर्माण में कही कोई कमी नजर नहीं आ रही। उन्होने मुझे और इंनजिनियर को वेरी गुड कहाँ  वो बोले अल्प आप बिना किसी अनुभव के बहुत अच्छा काम कर रहे हो और उन्होने अपने PA. को बुलाया और कहाँ वो पेपर और चैक अल्प को दे दिजिये। सर मेरी तरफ मुशकुराते हुये देखकर बोले अल्प आपके गाँव के इस पुल के लिये मैने फंड अपने कोटे से पास करवा लिया है। उम्मीद हैं अब आपके गाँव की ये समस्या जल्दी से जल्दी खत्म हो जाएगी।। 

सर से साठ लाख रुपये का चैक दिया था  जो इस पुल का बजट था। उन्होनै कहाँ  अगर बजट बढ़ा तो सुचित करना गाँव वाले कलेक्टर सर जिंदाबाद कै नारे लगाने लगे। मेंने सर से रिकवेस्ट की सर आप से कुछ गाँव वाले मीलना चाहते हैं जो वहाँ रूके हुये हैं। उन्होने कहाँ चलो अल्प लेकीन टाइम बहुत लिमिटेड हैं अभी हमें कुछ और भी ब्लाँक मैं  जाना है। 

सर कुछ टाईम के लिये सम्मान स्थल पर आये बैठे पिताजी और गाँव के कुछ बडे़ बुजुर्ग उनसे एक एक करके मिले पिताजी ने उनसे कुछ गाँव की बाकी समस्याओं पर भी बातचीत की सर ने और पुलीस अधिकारियों ने जलपान किया सर ने गाँव की बहुत तारीफ की फिर सभी ने एक साथ मिलकर उन्हें विदाई दी कुछ बडे़ बुजुर्ग और पिताजी ने उन्हें पगड़ी भी बांधी थी मैने और दोस्तों ने उन्हें फुलो के 💐 भेंट किये थे।। 

आज गाँव वाले बहुत खुश थे वहीं पिताजी मेरे लिये बहुत खुश थे। उन्होने कहाँ अल्प सर से कहों पुल बनने के बाद इसका उदघाटन भी ये गाँव आपके हाथो से ही चाहता है। कलेक्टर सर ने सुनते ही कहाँ  जी सर में पुरी कोशिश करूगा और फिर वो सभी का अभिवादन करते मुश्कुराते हुये चले गये।। 

मेरी पहली पंचायत/भाग 4/my First panchayat /


अब आगे। 
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Writing by ranjitchoubeay.
08/07/2019/





बंसत पंचमी कविता 👏30/01/2020

#EDMranjit बंसत पंचमी कविता👏30/01/2020 बंसत पंचमी कविता  इस माँ के बीना तो संसार अधुरा लगता था। नहीं आती तु तो सब सूना सूना लगता...