Monday, July 8, 2019

अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐

###ranjit//

अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐

अब जिंदगी में वापस।
जाना नहीं हैं।
किसी से भी दिल ये।
लगाना नहीं हैं।
कोई इसकों तोड़ें खिलौना।
समझकर।
ऐसें लोगों की बातों में ।
आना नहीं हैं।

```नहीं कोई मेरी तमन्ना रही अब।
नहीं कोई सपनें सजाएंगे हम।
जो अपना समझकर पराया हैं करता।
ऐसे लोगों से मीलने ना जाऐंगें हम।

``मेरी हर कहानी के पन्नों में शामिल।
मेरी जिंदगी के वो पहलू हैं मिलतें।
जहाँ हर कदम लिखी हमनें नफरत।
वो साहिल किनारें से सजदा करें क्यों।
``हर एक पन्ना मेरी कहानी कहेगा।

हर एक आँसू बहकर नादानी लिखेगा।
नहीं होगा कोई तेरा साहिल बनकर।
ये इश्क ही तेरी कहानी कहेगा।
``हमनें खाई हर बार चोट।

फिर भी कुछ सीख ना पाएं।
एक नई शुरुआत के लिये।
हम क्यो लौट आएं।
```क्यों आशिक ही बरबाद होतें हैं।

उनकीं खता क्या हैं दुनियाँ वालों।
तुम बताओं नफरत के ठेकेदारों।
क्या दिल जलाने की ठेकेदारी मिलती हैं।
```दुनियाँ में भलें ही घर ।

चारदिवारी होतें हैं।
पर दिल की तो एक ही दिवार हैं।
क्या करेंगेः अब सच्चे दिवाने।
दिल की दिवारों पर चल रही तलवार हैं।
``टुटा हैं दिल अब जोड़ना नहीं चाहेंगे।

राह बिछ़डी हैं अब जोड़ना नहीं चाहेगें।
जला दे़गें अपनें दिल को इस तुफान में।
पर अब लौट कर मीलना नहीं चाहेंगें।
```जैसे बिन हवा के लौ नहीं उठती।

जैसे जल के भी दियें को अपनी।
रोशनी नहीं मीलती।
शायद ऐसी हैं इस दिवानें की मोहब्बत।
इसें  मोहब्बत कर के भी।
मोहब्बत नहीं मीलती।

अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐

#रंजीतचौबे।
#अबजिंदगीमेवापसजानानहीहै।

9/07/2019 www.edmranjit.com

Writing editing by ranjit choubeay.

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