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Showing posts from July, 2019

अद्भुत है कुदरत भी इसका करिश्मा भी🇨🇮💐👏👏

#Edmranjit

अद्भुत है कुदरत भी इसका करिश्मा भी🇨🇮💐👏👏
 मित्रों कुदरत कभी भी इंसान को हारनें नहीं देती।  अगर इंसान भी कुदरत के साथ इमानदार रहे तो।।  एक मोटिवेशनल सत्य है जो सभी की आँखों के सामनें होकर भी अन्भिज्ञ हैं।। 
कुछ भी आप सभी से छुपा नहीं है।  सब कुछ आप सभी के सामनें हैं।।  एक बार एक दुध मुँहा  बच्चा किन्हीं कारणों से अपनें माँ  पिता से बिछड़ कर जंगल में  छुट जाता हैं।  और फिर धरती माँ के आँचल तलें रोते देख कुदरत एक शैरनी के रूप में उसे अपना दुध पिला उसे धरती का सबसे बलवान पुत्र बना देती हैं।।  
वहीं आप सभी ने  ऐसा भी देखा हैं बहुत रहीस औरत जब अपने बच्चें को जन्म देती हैं तो उसके साथ दुनियां भर की  देखभाल करने वाली नर्स डाँक्टर सोसाइटी के पड़ोसी माँ बाप रिस्तेदारों का मेला लगा होता हैं। बड़ा नाम बड़ा हाँस्पिटल सब कुछ होते हुये भी बहुत बार उन्हें निराशा हाथ लगती हैं  क्योंकि कुदरत वहाँ होकर भी नहीं होती।। 
और आपने ऐसा भी देखा होगा एक गरीब औरत जो दिन रात अपनें कोख मैं अपना मासुम बच्चा लियें दुनियाँ भर की परेशानियों को हँस कर सहते हुये। जीवन जी रही होती हैं एक दिन अचानक उसे कार्यस्थल पर…

दुनियाँ के तीन रहस्यमय इंसान जिनका पुरा रहस्य कोई नहीं जान पाया// The three mysterious people of the world who did not know the secret''

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दुनियाँ के तीन रहस्यमय इंसान जिनका पुरा रहस्य कोई नहीं जान पाया// The three mysterious people of the world who did not know the secret''
मित्रों हमारी दुनियां रहस्यमी घटनाओं से भरी हुई हैं।। 
तो आईये आज जानते हैं कुछ रहस्यमययी इंसानो के विषय मैं ।।
जो कब आऐं कहाँ से आऐं और कब गायब हो गये कहाँ गये कोई नहीं पता कर पाया।। 

1)मैन फ्रॉम तौरेद

साल 1954 में एक व्यक्ति टोक्यो के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। जब उसे उसके देश के बारे में पूछा गया, तो उसने 
अपने देश का नाम अण्डोरा बताया, जो कि उस वक्त दुनिया के नक्शे में कहीं भी नहीं था। जब उसका पासपोर्ट चैक 
किया गया, तो उससे पता चला कि वो यहां पहले भी कई बार आ चुका है। लेकिन शक होने पर उसे पास ही के एक होटल के रूम में रात को रोक दिया गया, ताकि सुबह वापस पूछताछ की जा सके और उसके कमरे के आगे दो गार्ड खड़े कर दिए गए ताकि वो भाग न जाए। लेकिन हैरान करने वाली बात यह थी कि अगली सुबह जब पुलिस वहां पहुंची तो वो पहले से ही वहां से गायब हो गया था और चौंका देने वाली बात यह है कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और कमरे में कोई भी खिड़की नहीं थी, जहा…

कुछ पल की जिंदगी हैं कुछ पल में मिट जाना हैं। /There are few moments of life to be erased in a few moments/

#EDMranjit  कुछ पल की जिंदगी हैं कुछ पल में मिट जाना हैं। /There are few moments of life to be erased in a few moments/कुछ पल की जिंदगी हैं  कुछ पल में मिट जाना है //फिर कैसी ये कड़वाहट है कैसा ये टकराना हैं।। मिल कर बीता सको एक दूजे का साथ मित्रों  तो मिल जाना।। वरना  ये पल तो बस युही निकल जाना हैं। फिर कैसी ये कड़वाह कैसा ये टकराना हैं।। 
बड़े शानौ शौकत से मिली हैं  आपको ये प्यारी सी जिंदगी।। खुलकर लुटा डालो अपने मन के हर अरमानो को।। क्या पता कब ये पल हमें मजबूर कर दे सब कुछ यही छोड़ जाने को। लोग कहतें आऐं हैं  तरसते हैं  सब जीव मानव जन्म पाने को।। 
चलों मिलकर सब एक सुंदर सा जहाँ बनाते हैं।। राग् द्वेष सब यही पर छोड़ जाते हैं।। नहीं कुछ तेरा मेरा सब मिलकर बाँट लेते हैं।। श्री के श्री चरणों मैं  सुंदर मन से शीश झुकाते हैं।। 
जय श्री राधे कृष्णा।। कुछ पंक्तियां  मेरे श्री को सम्रप्रित।। कुछ पल की जिंदगी हैं कुछ पल में मिट जाना हैं। /There are few moments of life to be erased in a few moments/Www.edmranjit.com 26/07/2019.   Ranjitchoubeay. 

आपकी सुंदर सोच आपके जीवन को बदल देती हैं/ एक गलत सोच आपको गलत बना देती हैं।पोयम ।

#EDMranjit/ आपकी सुंदर सोच आपके जीवन को बदल देती हैं/ एक गलत सोच आपको गलत बना देती हैं / पौयम।  हम जान बुझकर  ही  डुब  जाऐं  तो  सजा जरूरी है।। अंजान बनकर ही  दुनियां  ने  बहुत गुनाह कर डाले हैं //
तड़पता है हर सख्स वो  जो डुब रहा होता है //
अपनी गलतियों के भंवर से निकलने की कोशिश में।।  ।।
ऐं दोस्त मेरे तु सीख सखें तो  जान लगा लेना // थोड़ी सी बुराई जरूर होगीं पर वक्त गवाँ लेना।। 
इस दौर मैं अगर कुछ करना है  तुझे  जीवन के लिऐं।। 
तो कुछ पल दुख भरी जिंदगी भी खुशी से बीता लेना।।  ।।
तु जानता है हर एक कदम गलत बढ़ रहा हैं।। 
तु जानता हैं  तु गरत् में  पल पल गीर रहा हैं।। 
फिर भी जिंदगी को ताक पर रखकर बेवकूफ इंसान।। 
देखो गलतियां पर गलतियां कर रहा हैं।।  ।।
जो लोग कहते हैं वक्त मेरा खराब चल रहा हैं।। 
उनसे क्या वक्त ने कभी शिकायत की होगी।। 
हर कदम पर इलज़ाम की पोटली लिये घुमने वालों।। 
काश अपने कर्मो  का चुनाव भी वक्त की सीख से  किया होता।।  ।।
इंसान वहीं जो हरपल कुछ सीखें  सुंदर विचारों  से।।  दुर रहे वो लालच और घमंड भरे  अंधियारों से।। कौन  जानता है  कब अपना  वक्त बदलने वाला है।। अपनी करनी के बदले में  किस…

किसानों की बदहाली का जिम्मेदार कौन //Who is responsible for the loss of farmers?

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किसानों की बदहाली का जिम्मेदार कौन //Who is responsible for the loss of farmers?
वर्षो से सुनते आये हैं  भारत एक कृषि  प्रधान देश हैं।। 
पर आज मेरे देश का किसान खुद भुखमरी की कगार पर हैं  ये लेख लिखते वक्त मुझे बहुत ही दुख हो रहा हैं।। 
प्रति वर्ष सैकड़ों की संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं।। कहते हैं आत्महत्या एक बहुत बड़ा पाप हैं।। अगर किसानों की भाषा में कहुं तो भारतिय संस्कृति पर भारतीय भूमि पर एक दुर्भाग्य का दिन तब होता  जब कोई किसान आत्महत्या करने पर मजबुर होकर खुद को मिटा लेता है।। 

मेरा देश जिसकी गौरव गाथा आज पुरा विश्व गा रहा हैं।।  मेरा देश जो प्रति वर्ष अलग अलग  बिषयों में अपनी एक पहचान बना रहा है। बडे़ दुख के साथ ये स्विकार करना पड़ता हैं  की इसी भारत देश में आज मेरे किसान अन्नदाता खुद बदहाली के शिकार होते जा रहे हैं।। 

एक वक्त ऐसा भी था जब भारत में कृषि नाम का कुछ खास नहीं था  भारत स्वतंत्रता के बाद अपने पैरो को मजबुती प्रदान कर रहा था विकास की और लगातार तेजी से दोड़ रहा था।।  बड़े आश्चर्य के साथ लिखना पड़ रहा हैं ये दौर स्व श्री पूर्व प्रधानमंत्री  लालबहादुर…

मेरी पहली पंचायत भाग 2// my first panchayat 🤫

#EDMranjit  मेरी पहली पंचायत भाग 2// my first panchayat 🤫 (स्टोरी) में अल्प कल आपसे मिला था। और शेयर की थी। अपने गाँव और खुद से जुड़ी  स्टोरी। हम बात कर रहे थे  मेरे मुखिया बनने के सफर का तो मित्रों चुनाव हो चुका था और में अल्प भारी मतो से जीत कर गाँव का पहला यंग मुखियाँ बन गया था। यहाँ तक आने मैं कोई परेशानी मुझे नहीं हुई थी।। 
पुरा गाँव बहुत खुश था पर मुझे कुछ भारी भारी सा लग रहा था ऐसा लग रहा था जैसे मैने बहुत बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधो पर ले ली हैं।। मुखियाँ बनने के अगले ही दिन मैने पुरे गाँव की आम सभा अपने गाँव के प्राइमरी स्कुल के प्रागण मैं बुलाई।। 
गाँव के बच्चे बुढे़  जवान सभी सभा में आऐं और सभी अपने अपने विचारों को एक एक करके बताते थे। गाँव से जुड़ी समस्याओं को सबने बड़े सच्चे मन से कह सुनाया।। गाँव की कुछ समस्या तो इतनी जटिल थी मानों उस को सबसे पहले ठिक करवाना पुरे गाँव की आवाज़ थी। और समस्या थी गाँव मैं बाढ़ से आने वाले पानी की निकासी के लिये गाँव मैं एक बड़ा सा पुल बनवाना जिससे गाँव मैं आने वाला पानी अपने सही रास्तें से बहता हुआ छोटी बड़ी खाडि़यो के रास्ते जल्दी से निकल …

मेरी जिंदगी मैं खुद बनाऊगाँ//Top five motivation. I will make myself in my life. Motivation 💐

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मेरी जिंदगी मैं खुद बनाऊगाँ//Top five motivation.  I will make myself in my life. Motivation💐    लाईफ एक गेंद की तरह गोल हैं आप जब चाहों जैसे चाहो उछालो फर्क नहीं पड़ता। फर्क का असर तब पड़ता हैं। जब ये गेंद गोल गोल घुमते घुमते रूक जाती हैं। क्यों सही कहाँ न मित्रों न बिलकुल गलत क्योंकि अभी आप सब ये नहीं समझ सकते जब आपकी गेंद कहीं रूक जाऐगी शायद तब समझ जाओ।। तो सोचो अगर हम अपनी गेंद रूकने ही ना दे तो कितना अच्छा हो सकता है  Motivational  1 /अगर आप कुछ कर रहे हो तो करते रहो ना। तब तक करते रहों जब तक खुद को ना लगे हाँ मुझे थोड़ा रूकना हैं।। Point  ये आपका विचार है। अब आपको कितना रूकना हैं। और फिर कब रैड्डी हो जाना हैं। यकीनन अगर आप अपनी दिमाग की चाभी अपने पास रखो आप को कोई रोक नहीं सकता।। आप सफल हो सकते हो़
2/ मैं जानता हूँ मुझमे ये कला नहीं है की मैं ज्यादा दैर तक दौड़ पाऊ  मित्र ये आप जानते हो आप ज्यादा नहीं दौड़ सकते तो आप अपनी कमजोरी को खुद ही दुनियाँ के सामने क्यों ला रहे हो।। 
अपनी योग्यता हम बढ़ा सकते हैं बस एक त्याग करना है दुसरो से पहले हम खुद ही अपनी कमियों को पह…

मेरी पहली पंचायत /My first panchayat💐💐

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मेरी पहली पंचायत /My first panchayat💐💐 भाग 1/ पंचायत का मेरा पहला दिन था गाँव के लोग बहुत उत्साहित थे।। पिछले  पच्चीस सालो  से मुखियाँ विरेन प्रताप ने गाँव मैं राज किया  था।। एक राजपुत होने के साथ विरेन प्रताप थोड़ा स्वभाव से भी कठोर था।। पुरा गाँव उसकी इज्जत दिल से तो बिलकुल भी नहीं करता था।। हाँ लेकिन डर से सर झुकाना मजबुरी थी गाँव वालो की।। जब से में चुुनाव में खड़ा हुआ था उसका गाँव वालो से रोष और भी ज्यादा हो गया था।।  जबकी मुझसे उसकी कोई खास रंजीश भी नहीं थी उसके बडे़ बेटे के साथ ही मेरी स्कुली पढाई हुई थी।।  गाँव की समस्या का उसके पास सिर्फ एक ही जवाब होता था। हम का करे सरकार से कोई फंड ही नहीं मिलता है।। पंचायत राज का ये दौर वैसे तो बहुत ही अच्छा था आज भी है।। लेकिन अस्सी और नब्बे के दशक में और भी बेहतर थी।। सरकार के बड़े बड़े कर्मचारी खुद गाँव गाँव का मुयायना करते रहते थे।। और लोककल्याण योजनाओं की विस्तारिता की और सरकार का ध्यान बटाँते रहते थे।। में बचपन से ही गाँव की समस्याओं को बड़े ध्यान से समझता था। वक्त के साथ में भी बडा़ हो गया और धिरे धिरे गाँव के सभी बड…

Yes this is the same// हा ये वही हैं //Poetry motivational 💐💐

#EDMranjit////// Yes this is the same// हा ये वही हैं //Poetry motivational💐💐 हा ये वही हैं। कुछ वक्त पहले था जो आस पास।।  देखो इसका रंग भी वही है इसका ढंग भी वही हैं।।  कुछ बात करने से पहले बोला जो करता था बस वहीं हैं।।  हा ये वही हैं।।  हजारों लोगों मैं थी इसकी पहचान देखो।।  कागज से पन्नों पर जो उतर आया था एक रोज।।  चार लोगों की नहीं वो खुद मैं लिखा करता था।।  हा ये वही हैं।।  कभी कभी उसके लिखे तमाशै मैं मैनें।।  खुद को भी मेहसूस किया था।।  क्या सुदंर लिखकर देखो उसने मेरा नाम किया था।।  हा ये वही हैं।।  सुना है गाँव मैं वो बहुत मशहुर हो गया था।।  जलन वालो की आँखो से वो दुर आ गया था।।  उसकी किस्मत तो समुंदर के आस पास रहती थी।।  अब वर्षो बाद नजर आया है।।  हा ये वही हैं।।  क्या नाम कमाया  है खुद से इसने।।  बहुत दुर हो चला है अब ये उन दिनों की यादों से।।  मशहूर होकर भी तो छुपा नहीं पाया खुद को।।  क्योंकि मेरी आँखों ने देखते ही कहाँ।।  हाँ ये वही हैं।।  बातें इसकी आज भी याद आती हैं।।  वो मस्ती उसकी आज भी रूलाती है।।  जब डाँट दिया था उसकी आँखों में आँखे डालकर।।  उसकी आँखो की लालिमा आज …

Motivation //How much faith do we have on ourselves? हम खुद पर कितना विशवास करते हैं।

#EDMranjit  
 Motivation //How much faith do we have on ourselves? हम खुद पर कितना विशवास करते हैं। 
मित्रों जीवन में चार स्टेप बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं।  जैसे ही हम सब दुनियाँ में आते हैं। हमारे साथ साथ परिवार की उम्मिदों का भी  जन्म हो जाता है। अथाह स्नेह और बहुत सारी शुभाशीष से शुरुआत होती है हम सभी के बचपन की ।समय के साथ जब थोड़े बड़े होते हैं। स्कूल की यात्रा का शुभारंभ होता है।  घर में अगर शुरू से ही शिक्षा का माहौल हो तो स्कुल में और भी हमसे महात्वकांक्षा रखी जाती है। और कही ना कहीं ज्यादातर बच्चें इसमे सफल भी होते हैं।  जीवन चरित्र पर भी निर्भर होता है। ऐसा कुछ शास्त्र भी कहते हैं। जीवन संस्कारी हो इसके लिये बचपन से ही घर और विद्यालय दोनो जगह हमें प्रतिदिन प्रेरणा भी मिलती रहती है।  कुछ बातों का असर हम पर बचपन मैं बहुत ज्यादा होता है। जैसे की कहानियाँ आज के दौर मैं गेम्स या फिर टेक्नाँलिजी फ़िल्म. खेल वगैरह वगैरह।  इसी तरह जिंदगी का एक सबसे खूबसूरत पल धीरे धिरे माँ पापा भाई बहन टिचर दोस्त सबके साथ गुजरता रहता है। और हम सब बचपन से कुछ आगे की तरफ बढ़ते बढ़ते एक दिन किशौर अवस…

समाज की नैतिकता पर कुछ सवाल//Some questions on the morality of society💐

#Edmranjit######  समाज की नैतिकता पर कुछ सवाल//Some questions on the morality of society💐 जब समाज एकजुट होकर  किसी एक भाषा शैली किसी एक  जातिधर्म किसी एक भविष्य का विरोधाभास करता है। तो वाकई ये एक  सोचने और समझने का बिषय बन जाता है।  समाज सभी समुह के वर्ग से ही बनता हैं। ये सभी जानते हैं।  फिर आज क्यों समाज एक परिपक्वता वाली नीति नहीं अपनाता। आज समाज के लोग क्यों समाजिक गतिविधियों को सिर्फ एक तरफा कर जाते हैं।  ऊँच नीच भेदभाव जातिगत व्यवहार्यता की व्यवस्था किसने बनाई और क्यों बनाई।  ये एक बहुत ही गूढ बिषय हैं। मैं पुछना चाहता हूँ। इस समाज से क्या आप अपने पूर्वज को मूर्ख बता सकते हो। अगर बोल सकते हो और इसका
 सबुत दे सकते हो तो फिर आप कहीं ना कहीं समाजिक नीतियों मैं बदलाव के हक मैं हो। और अगर आप ऐसा नहीं करतें तो फिर आप से बड़ा दोगला सामाजिक व्यक्ति इस समाज मैं रहने योग्य ही नहीं है।   मुझे लिखकर बडा़ अजीब लग रहा है। देश के कुछ बुद्धि जीवी भी खुद को इस दोगले व्यवहार और व्यवस्था मैं ऐसे भागीदार बना रहे हैं। जैसे उन्हें कोहिनुर मीलने वाला है। ऐसें मूर्ख राजनीतिज्ञ के लिये बस दो बातें ही…

वक्त और मंजील का मिलना //poetry 💐

#EDMranjit   वक्त और मंजील का मिलना //poetry 💐 वक्त और मंजील। का मिलना। आसान नहीं होता। बिन कोशिश मेहनत। से मिली सफलता। का कोई मुल्यांकन नहीं होता।। ।।
कभी कभी सबने देखा होगा। हवा का कोई रूख नहीं होता। वो हर दिशा मे बहती चली जाती हैं। बस वैसे ही दिशाहिन वक्ति का। कभी विकाश नहीं होता।। ।।
धरती का हर जीव प्रर्यतनशिल हैं। चिंटी से लेकर हाथी तक। फिर कुछ मनुष्य अभी भी। बिन किये सब मिल जाऐं। कि तमन्ना लिये रहते हैं।। ।।
हर बार देखता आया हैं। अंजाम तु अपनी आँखों से। फिर लालच का ये परदा क्यों। अब भी तुझमें जिंदा हैं। ।।
कुछ करम तेरे हैं बाकी तो। उनको ऐसे बदनाम ना कर। अब आदि से आदर्श नगर। तु कर्मो का प्रस्थान कर।। ।।
पहलें भी लिखता आया हु। आगें भी लिखता जाउँगा। जो समझें हैं वो अपने हैं। औरों को भी समझाऊँगा।। वक्त और मंजील का मिलना //poetry 💐 #रंजीतचौबेलेखक।। #दिनांक17/07/2019

हवा की तलाश जारी है //poetry 💐

#EDMranjit  हवा की तलाश जारी है //poetry 💐 हवा की तलास जारीहै । मन की वो आस अभी जारी है ।
पल पल गुजर रहा है वक्त फिर भी।  मिलें ओश की वो बुंद तन को। 
आँखों की वो प्यास आज भी जारी है।  कैसा हैं इंसान आज का देखो जरा।
घुम रहा बेईमान बन के देखो जरा।  वो कहता हैं चलों बस चलते ही रहो।
मिलेगा एक रोज वो अजर अमर भी।  क्योंकि सत्य की तलाश अभी जारी है।
एक एक पग हौसले का बढा़ओं।  मन की सारी शक्ति सारी उर्जा लगाओं। 
अब वक्त आ गया है युग परिवर्तन का यारों।  क्योंकि भारत माता से गद्दारी अभी भी जारी है।  हवा की तलाश जारी है //poetry 💐 16/07/2019#रंजीत चौबे ।।

धिरे धिरे आहिस्ता से कदम बढ़ाते रहना //poetry 💐

#EDMranjit  धिरे धिरे आहिस्ता से कदम बढ़ाते रहना //poetry 💐   कभी कभी सब समझ कर किया जाता हैं।  कभी कभी वक्त अपनी करवा लेता है।  जिंदगी तो इंसान को बस इशारो पर रखना चाहती हैं।  जब चाहा जहाँ चाहा लाकर खड़ा कर देती हैं। कौन चाहता है दरबदर फिरता रहे। मुकाम की चाहत लियें मुक्कदर मैं। यहाँ आजकल लोग तरक्की जैबो से तोला करते हैं। दुनियाँ भर में दुकानदारी हो रही हैं। सिफारिशों की भरमारी हो रही हैं। आप चलतें रहो अपना हुनर ख्वावों में सजाऐं। यहाँ तो दोस्तों रूपयो से इमानदारी हो रही है। दिल तो कहता हैं ऐं दुनियाँ तुझे सलाम करू। तुझ जैसा ही बनु तेरा किरदार करू। पर संस्कारों के दामन को भी भुला नहीं सकता।  ऐ जिंदगी मैं तुझे बेईमान बनाकर रुला नहीं सकता। सब कुछ बदल जाएगा अगर तु डटा रहा तो। वो सब पा सकता है अगर तु लगा रहा तो। क्योंकि हार कर जीत लेते हैं जो दिलो को। सच कहें इस जहां में मुकाम वहीं पातें हैं।धिरे धिरे आहिस्ता से कदम बढा़ते रहना। वक्त चाहें जैसा हो मुस्कुराते रहना।उन्हें भी साथ लेना जो थके हुये थे राह में। अपनी कामयाबी के साथ उन्हें भी उठाते रहना ।।धिरे धिरे आहिस्ता से कदम बढ़ाते रहना /…

हम निभा नहीं पाऐं// poetry💐

#EDMranjit
हम निभा नहीं पाऐं// poetry💐 देखो तुम मीलो हमसे।
पर बस अजनबी रहों।
क्योंकि अपनों का साथ।
हम निभा नहीं पाऐं।
।।
जब भी कोशिश की हमनें।
अब सम्भल जाऐ हम।
बस फिर गिर गये ऐसे।
 वापस फिर चल ना पाऐं।
।।
रूकी मंजिल मेरी।
रूका रूका सा कारवाँ रहा।
जब भी कदम से कदम मिलाऐ।
वक्त ने हमें तनहा किया।
।।
वो मिशाल बनें कुछ पल।
जिन पलों मे मेरा साथ रहा।
लेकिन समझें वो बात नहीं।
क्यों हमसे वक्त उदास रहा।
।।
कभी नहीं जान पाऐं हम।
वक्त की चाह क्या रही हमसे।
अगर जानते तो शायद आज।
यहाँ अलफ़ाज़ कुछ और होते।
।।
अभी तलक दबें से रहते हैं।
कोशिश नहीं करते उठने की।
क्योंकि जिंदगी ने चाहा ही नहीं।
हम भी उठकर उसे सलाम करें।
हम निभा नहीं पाऐं// poetry💐 ।।लेखन रंजीत चौबे।।
।।दिनांक 12/07/2019 ?
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दुनियाँ की भीड़ में अक्सर एक ऐसा चेहरा भी होता हैं //poetry 💐

###ranjit//
दुनियाँ की भीड़ में अक्सर एक ऐसा चेहरा भी होता हैं //poetry 💐 अक्सर दुनियाँ को झुकाने वालें।
हजारों बार झुकते आऐं हैं।
अक्सर गालियां खानें वाले ने।
कुछ इतिहास भी बनाऐं हैं।।
।।
दुनियाँ की भीड़ में अक्सर।
एक ऐसा चेहरा भी होता हैं।
जो लाखों सपने लेकर रोज।
फुटपाथ पर सौता हैं।
।।
हममे से सबकी लाईफ।
कभी एक सी नहीं हौती।
वरना कभी किसी की लाईफ।
में आवरगी नहीं हौती।
।।
कुछ किस्से कभी मजबुरियां।
में भी बनाऐं जातें हैं।
अक्सर गरीबों का मजाक।
भी बनाया जाता हैं।
।।
दुनियाँ में हम सबके बीच।
कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ।
गलत हौता रहता हैं।
और कभी ना कभी।
सच्चाई से सामना भी हौता हैं
।।
कहानियाँ कहां छुपाने से।
छुपा करती हैं।
कहानियाँ अक्सर सच्चाई।
बयाँ किया करती हैं।
कुछ लोग सच को छुपानें।
की कोशिश भी करते हैं।
पर अंत में यही कहानियाँ।
इतिहास बयाँ करती हैं।।
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#रंजीतचौबे
दुनियाँ की भीड़ में अक्सर एक ऐसा चेहरा भी होता हैं //poetry 💐 #दुनियाँकीभीड़मेअक्सरएकऐसाचेहराभीहौताहै।।
#लेखनरंजीतचौबे
#दिनांक10/07/2019

Poetry //कितनें सत्य जीवन के💐

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###ranjit//
Poetry //कितनें सत्य जीवन के💐 इतना गैरत भी नहीं के गिर जाऊ।
बीना पंख के भी मन सबसें तेज है ।
दुर निगाहों से देखता इंसान चाँद को।
आसमां मैं भी बहुत सारें छेंद हैं ।
कभी नदियों का बहना गौर करो।
समुन्दर के विशाल आकार को निहारों।
सब कुछ समाहित कर जानें वाला भी।
अपनी खामोशियों से शान्ति फैला रहा है ।
अदम्य साहस भर कर भी हाथी डरता हैं ।
एक छोटी सी चींटी से सिंहरता हैं।
सब कुछ पाना ही जिंदगी का राज नहीं।
जन्म और मृत्यु के बीच में संघर्ष सत्य है ।
कभी भटक जाता हैं ज्ञानी पुरूष भी।
धर्म सत्य ज्ञानी और अज्ञानी के बीच सदैव।
जो फैला रहा फैला रहेगा वही जीवन मतभेद है।
अगर खुद ही विकार संबल हो जाएं।
मन खुद ही प्रबल हो जाएं।
तो अंधकार सा लगने वाला जीवन भी जल ऊठे।
फिर कैसा रंगभेद सारा जहाँ अपना स्वदेश हैं ।
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Poetry //कितनें सत्य जीवन के💐 #रंजीत चौबे। 09/07/2019

Writing kaise kre sklis

https://youtu.be/E76FUUVQhkA

अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐

###ranjit//
अब जिंदगी मैं वापस जाना नहीं है //पोयम//💐 अब जिंदगी में वापस।
जाना नहीं हैं।
किसी से भी दिल ये।
लगाना नहीं हैं।
कोई इसकों तोड़ें खिलौना।
समझकर।
ऐसें लोगों की बातों में ।
आना नहीं हैं।

```नहीं कोई मेरी तमन्ना रही अब।
नहीं कोई सपनें सजाएंगे हम।
जो अपना समझकर पराया हैं करता।
ऐसे लोगों से मीलने ना जाऐंगें हम।

``मेरी हर कहानी के पन्नों में शामिल।
मेरी जिंदगी के वो पहलू हैं मिलतें।
जहाँ हर कदम लिखी हमनें नफरत।
वो साहिल किनारें से सजदा करें क्यों।
``हर एक पन्ना मेरी कहानी कहेगा।

हर एक आँसू बहकर नादानी लिखेगा।
नहीं होगा कोई तेरा साहिल बनकर।
ये इश्क ही तेरी कहानी कहेगा।
``हमनें खाई हर बार चोट।

फिर भी कुछ सीख ना पाएं।
एक नई शुरुआत के लिये।
हम क्यो लौट आएं।
```क्यों आशिक ही बरबाद होतें हैं।

उनकीं खता क्या हैं दुनियाँ वालों।
तुम बताओं नफरत के ठेकेदारों।
क्या दिल जलाने की ठेकेदारी मिलती हैं।
```दुनियाँ में भलें ही घर ।

चारदिवारी होतें हैं।
पर दिल की तो एक ही दिवार हैं।
क्या करेंगेः अब सच्चे दिवाने।
दिल की दिवारों पर चल रही तलवार हैं।
``टुटा हैं दिल अब जोड़ना नहीं चाहेंगे।

राह बिछ़डी है…

सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर//पोयम💐

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###ranjit//
सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर//पोयम💐 सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर।
तुम चलकर देखो।
हौसला बढ़ता जाएगा।
कुछ बदलाव ला सकोगें तो।
चमक उठेगा और सत्य कोमल हृदय पर।
सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर।
कभी सत्य से तुम कुछ माँग लेना।
वो पुलकित मन से तुम्हें वरदान देगा।
जब भी घबराओगे तुम धरा मैं ताल के नियमों से।
वो तुम्हारी बागडोर खुद ही थाम लेगा।
सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर।
अर्जुन को याद करना जब मन अधीर हो।
कृष्ण को साथ अवश्य पाओगें।
भटक नहीं सकतें कभी तुम जीवन मैं ।
जो सत्य राह अपनाओगे।
सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर।
चलता रहेगा यें सत्य का पहिया।
जब तक तुम तन मन कर्म से इसे बढा़ओगें।
रास्ते मैं कांटो पर भी फुल सा बना पुल पाओगे़।
क्योंकि सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर।
हिमालय से भी ऊँचा जीसका यस रहा हो।
उस राह को विचरना अद्भुत योग होगा।
झुठी माया के बंवडर से निकलकर देखो।
सिर्फ धर्म विजय सत्य का संयोग होगा।
सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर। 🙏🏻
क्योंकि सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर।
सत्य अटल हैं सत्य की सतह पर//पोयम💐 #रंजीत #चौबे
Www.edmranjit.com
07/07/2019

Pubg ये गेम नहीं आप के भविष्य की बरबादी है। आर्टिकल //💐

###ranjit// Pubg ये गेम नहीं आप के भविष्य की बरबादी है। आर्टिकल //💐 हैल्लो friends आज मैं बात करने वाला हूँ ।pubg game ko लेकर । क्योंकि हमारा युथ इस गेम को लेकर कुछ ज्यादा ही सिरियस जौन मैं हैं।  आप सब जानते हैं आज देश में स्किल इंडिया डिजिटल इंडिया का का एक नारा दिया जाता है । माननीय प्रधानमंत्री जी ने दिया है ।  दोस्तो गेम ही क्यों । स्किल इंडिया क्यों नहीं ।आप सौलह साल से लेकर पच्चीस तीस चालीस साल तक के युथ इस गेम मैं अपना काफी वक्त बरबाद कर रहे है । कुछ बहुत कम उम्र के बच्चें भी अपनी स्टडी को ठिक से नहीं कर पा रहें । सिर्फ़ इस गेम के पीछे।  वाह बहुत डिजिटल हो रहा है मेरा भारत । महान है देश के पेरेंस भी।  दुनियां ही नहीं पुरा विश्व जानता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा यूथ वाला देश हैं।  चीन जापान अमेरिका रूस और इंगलैंड जैसे देशों मैं । एक 10 साल का बच्चा एक नया गेम बना देता है । वहाँ के बच्चें खेलने से ज्यादा गेम बनाने स्किल सिखनें के शौकीन होते हैं । और आप मेरे देश के महान युथ महान भविष्य बच्चों को   बडे़ बड़े मोबाइल फोन हाथों में पकडा़ कर दुसरे देशों का।  भविष्य उज्जवल कीजिए।  क्…

सब भाव बिखर गयें हैं। पोयम💐

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###ranjit//
सब भाव बिखर गयें हैं। पोयम💐 सब भाव बिखर गये है
अब भाव कहा से लाऊगा
चींता और लकीरो की।
वो चाव कहा से लाऊगा।
पतझड़ गुजरा सावन भादो
पनपी अब जीवन की आशा।
पहलें से ही डुब गई जो
अब वो नाव कहा से लाऊगा।
तलब लिये बारिश की प्यास।
धरती पुरी सुख गई थी।
लिये थाम हाथों में पगहा।
अब खूट कहा से लाऊगा।
टोला था जो पूरब पश्चिम।
दक्षिण उतर भी टोला था
घर सारे ढहे गये थे।
अब गाँव कहा से लाऊगा।
त्राहि माम जीवन का ऐसा
बारिश ने जो काम किया।प
उजड़ गया बगियाँ सा जीवन।
अब फुल कहा से लाऊँगा।
मंदिर मश़जिंद और चर्च का।
ऐसा जो विधवंश हुआ।
पुजत थे जो बांट बांट कर।
अब वो जात कहा से लाऊँगा।
तड़प रहा अब भटक रहा हु।
दुख ऐसा जो अंतहीन है।
बता सकु ये जीवन दर्शन।
अब इंसान कहा से लाऊँगा।
सब भाव बिखर गयें हैं। पोयम💐 ।। #लेखक।। #रंजीत #चौबे।॥
#राधे #राधे##दिनांक 06/07/2019
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बनों तुम बेहतर इंसान बनों//पौयम💐

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###Edmranjit. बनों तुम बेहतर इंसान बनों//पौयम💐 करो कुछ बेहतर ।
मानवता की पहचान बनों।
नहीं कुछ भी अच्छी बातें यहाँ।।
कुछ अच्छी फिजाँ कि बयार बनों।।
।।
तुम फुलों फलों और आगे बढ़ो।।
अपनें साथी जनों को ले साथ चलों।
हम जीवन परिन्दे धरा पर हैं सब।
में तु से निकलकर सब एक बनों।।
।।
ये जीवन की रहिया।।
सबकी एक हैं भईया।।
तुम आऐं थें जैसे ।
हम भी आऐं हैं वैसे।।
।।
ये धरती गगन आकाश हमारा।
इसने हमकों और तुमको।
सबको मिलकर संवारा।
फिर काहे का लालच हमारा तुम्हारा।
एक मिट्टी से बनता तन मन ये हमारा।।
।।
चलें जब बयार धरा पर तो देखों।
हर प्राणी को मिलता हैं कितना शुकुन।।
ये शीतल ये माया प्राकृतिक ये छाया।
छुपा इसमें कोमल सतु एक विचार।।
।।
रब ने एक ही मिट्टी और भाषा गढ़ी।।
तन में एक ही रंग कि धारा बही। फिर भी भटके हैं मन के छकून्दर ये चौर।
क्यों समझें ना रब की भाषा सही।।
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बनों तुम बेहतर इंसान बनों//पौयम💐
#कवितालेखकरंजीतचौबे
#दिनांक007/2019
#बनोतुमबेहतरइंसानबनों।।

थोड़ी सी खोई हैं जिंदगी //थोड़ी उलझी भी है //💐

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###ranjit//
थोड़ी सी खोई हैं जिंदगी //थोड़ी उलझी भी है //💐 थोड़ी सी खोई हैं जिंदगी।
थोड़ी उलझी भी हैं।
थोड़ी चल पड़ी हैं गाड़ी।
थोड़ी सुलझी भी हैं।

:

सहज हैं भाव मेरे अब।
कभी जो बिखर गयें थे।
नजर जो राह से अपनी।
अधर में भटक रहे थें।

:

किताबों की झलक से।
लौट आई ।
अब आश अपनी।
जो पतझड़ में तड़प कर।
साख से यु गिर रहें थें।

:

नहीं हैं दरम्यां कोई।
नहीं हैं दुरियाँ कोई।
जो बचकर दुर हमसे।
अजनबी से हो रहे थे।

:
नहीं हैं आरजू की लत।
नहीं थी मोशिकी कोई।
जो उलफत बन रहे थे तुम।
वो यादें अब मेरी खोई।
वो यादें अब मेरी खोई।
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थोड़ी सी खोई हैं जिंदगी //थोड़ी उलझी भी है //💐 #लेखन
#चौबेरंजीत
#दिनांक
#04..07.2019

बरबस उलझें आसमान में /मैं और उलझता गया//💐

###ranjit//
बरबस उलझें आसमान में /मैं और उलझता गया//💐 आज फिर से निगाहे ।
आसमान से टकराई।
कितनी ही सुरतो से।
सजा आसमान नजर आया।
।।
दिमाग ने जौर दिया ।
आँखों ने मुआयना किया।
दिल ने तो ना जानें कितनी।
सुरतो को मानों देख लिया।।
।।
बरबस उलझें आसमां में।
मैं और उलझता गया।
मजा तो तब आया मुझे।
में जितना डुबता गया।
मुझे उतना सुकून मिलता गया।
।।
एक बार तो आसमान में।
केलाश भी नजर आया।
पर फिर आँखों से ओझल।
मानों अद्शय सा हो गया।
।।
मैने कोशिश बहुत की।
बिराट आसमान को समझने की।
पर मन को एक सुकून के आलावा।
और कुछ ना मिला।
।।
जिज्ञासा बढती गई।
इंसान जो ठहरा।
और हम सब तो परछाइयाँ ।
से भी बाते कर लेतें हैं।।
।।
वापस ताकता रहा।
में सजें आसमान को।
विचार आया ऐसा जैसे।
वो भी हमें ही ताक रहा हो।
।।
पर हमेशा की तरह ।
 ऐसा कुछ ना हुआ।
देखतें ही देखते आज।
एकबार फिर आसमां साफ हो गया।
।।
मन में हजारों प्रशन उभरें।।
जिज्ञासाओं ने डेरा जमाया।
आशाओं की झौली ने।
एक फिर से उम्मीद की।
किरण पर आश लगा ली।।
।।
कवि कुछ ना समझा आसमां को।
पर एक बात लिख गया।
विशाल आसमान और।
विशाल मन का कोई अंत नहीं।
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Writi…

फलता फुलता एक सामाजिक परदा//इसका सच भी समझ लीजिए//💐

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###ranjit//#
फलता फुलता एक सामाजिक परदा//इसका सच भी समझ लीजिए//💐 परदा क्या है इसके पिछे भी एक छुपी सोच हैं#
#परदे के पिछे#॥॥
।।
दोस्तों आशचर्य की बात है लेकिन कोइ झुठ तो बिलकुल भी नही।
आईये हम आपको बताते हैं।
ये परदा क्या है आखिर इसके पिछे कि स्टोरी क्या है।
दोस्तों भारतीय संस्कृति में परदे का बड़ा महत्व हैं।
और इस युग मे तमाम तरह के परदे भी हैं।
आप सोच रहे होंगे ।
आखिर ये परदा हैं कैसा। तो में आपको परदे के कई रूप दिखाना चाहुंगा।
और फिर इसके पिछे का हर रहस्य आप खुद ही समझ जाओगे।
लेकिन दोस्तों परदे के पिछ जो स्टोरी आप अभी पढोगे उसमे मैं आप हम सब आ सकते हैं और हम सब पर कही ना कही ये परदा लागु हैं।
तो आप सभी से अनुरोध हैं इसे एक मनोरंजक स्टोरी समझ कर ही स्वीकार करें।
इसमे किसी के निजी जीवन या निजी व्कतित्व की झलक मील सकती हैं पर वो बस लेखक की सोच हैं।
लेकिन फिर भी एक लेखक होने के कारण।
में आप से कहना चाहुंगा ये लेख पढने के बाद।
अगर आपको लगता हैं आप को खुद में कुछ चेंजेस की जरूरत।
हैं तो आप से अनुरोध हैं आप खुद में वो बदलाव जरूर लाइऐ।
क्योंकि लेखक ने इस लेख को लिखते वक्त इंसान की उन तमाम…

कोई शायर एक दिन आऐगा //शायरी 💐

###Edmranjit.
कोई शायर एक दिन आऐगा //शायरी 💐 में मुश्किलें आशान कर दुंगा।
अपनी जिंदगी तेरे नाम कर दुंगा।
तु एक इशारा तो कर ऐ दिल मेरे।
अपनी हशरते निलाम कर दुंगा।
।।
नहीं तुफानों का डर मुझे।
ना दुनियाँ से डरता हु।
एक सच हैं तो बस यही हैं।
खुद से मोहब्बत करता हु।
।।
मेरी सोच एक आशियाना हैं।
मेरी लेखनी मेरा खजाना हैं।
तु बता तुझे हम क्या सुनाये।
यहाँ हर लब्ज एक नजराना हैं।
।।
हमराज अपनी सोच का।
हम बन गये तो क्या हुआ।
तु आज भी चाहे तो हम।
तेरे साथ जिना चाहेंगे।
।।
कुछ बात दिल की अनकही।
हर शक्श में दब जाती हैं।
पर याद बीतें कल का पल।
हर दिल को याद आती हैं।
।।
में लिख रहा उनके लिये।
जो खो गये सब भुलकर।
बस याद वो भी किया करें।
इन लाईनों को याद कर।
।।
अब जा रहे हैं हम वहाँ।
पंक्तियाँ ये तुम्हें सोंप कर।
कोई शायर एक दिन आऐगा।
यें दाश्ता सुनाऐगा।।
कोई शायर एक दिन आऐगा //शायरी 💐 Www.edmranjit.com
।#लेखन #रंजीतचौबे
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1/07/2019
#कोईशायरएकदिनआएगा