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क्या प्यार जैसा भी कुछ होता हैं💐

Edmranjit.

क्या प्यार जैसा भी कुछ होता हैं💐

#आज #बात #करेंगे #लव #लाइफ #पर#
दोस्तों ईश्वर ने मनुष्य को एक बहुत बड़ा तोहफा दिया#जिसें हम सब जिंदगी कहतें है#
साथ में दिया जिंदगी से भी खूबसूरत एहसास इमोशन रिस्ते वगेराह वगेराह#चाहें तो इस पर हम सारी जिंदगी लिखते रहे पर ये खत्म ना हो जिंदगी वो पन्ना हैं जो कभी भर नहीं सकता। क्या होता हैं प्यार what is love...अगर बात करे तो हम सब की जिंदगी मैं सिर्फ कुछ ही पल हैं और उसमे पलने वाले ख्वाबों की फेरहिस्त बहुत लम्बी हैं।क्या कभी किसी के सारे ख्वाब  पुरे हुये हैं। अगर बात करे इमानदारी से तो नहीं। कभी इस दुनियां मैं आने वाले किसी भी इंसान के सारे सपने पुरे नहीं हुये सिंकन्दर महान शब्द नाम लेकर दुनियां से गया बेचारे ने अपने अंतिम शब्द में कहाँ मैं खाली जा रहा हूँ।
एक सीख दे गया दुनियां को। एक ऐसा साशक जिसने मोहब्त भी की और दुनियां भी जीती पर फिर भी कुछ अधुरा रह गया। जो वो भी पुरा पा नही सका।आप सभी जानते ही होंगे जब सिंकन्दर जिंदगी से मोहब्त करना चाहता था तब जिंदगी ने उसका साथ छोड़ दिया वो जीना चाहता था पर जी न सका।
प्यार शब्द बहुत बड़ा हैं।अगर समझ आ जाऐं तो आप की सारी एचिवमेंट पर प्यार ही काबीज होता हैं। अगर आप समझ सकों तो आपके हर पल मैं प्यार हर वर्क में प्यार आप की फेमली मैं प्यार साथ समाज हर तरफ सिर्फ प्यार प्यार परिभाषित करना बहुत कठिन है पर समझना और इस एहसास में समा जाना कुछ सरल है। सबसें पहलें माँ फिर ईश्वर फिर गुरू और फिर रिस्ते। क्या समझे यही है वो बंधन जहाँ से एहसास के परिंदे जन्म लेते हैं। लिखते वक्त मुझें भी ये पता नहीं है मैं क्या लिख रहा हु मैं इतना जानता हूँ। बस एहसास लिख रहा हु। आप कभी तम्मना के सागर में न जाया करो पता है क्यों। वो बहुत गहरा है इतना गहरा है। जहाँ हिर और रांझा गये शिरी  फ़रहाद गये रोमियो जुलियट गये अफसोस उस अथाह सागर में वो सब गये जो लैला और मजनू बने। हासिल क्या हुआ एक लव इतिहास बन गया जिंदगी और लव के बीच एक किताब बन गये। प्यार चाहिए यस चाहिए पर साथ में जिंदगी भी चाहिए। आज एक कहानी सुनाता हु आपके काम जरूर आऐगी। एक आति नाम का लड़का था वो सोशल साइड पर लव कर बैठा। अपने इमोशन खो बैठा लड़की भी उसे चाहने लगी दोनों ने मिलने की ठान ली लड़का कही दुर रहता था ।लड़की से अब उसे मिलना था। लड़का सुरू से ही तन्हा था उसे बस वो लड़की चाहिए थी। उसने अपना सारा डिजायर उस को पाने के लिये लगा लिया। क्योंकि लड़की भी यहीं चाहती थी। एक वक्त आया फिर दोनों मिले।

क्या प्यार जैसा भी कुछ होता हैं💐

बहुत खुश हुये उस पल उन दोनों से ज्यादा दुनियां मैं शायद कोई और खुश भी न हो। ये एक लव बर्ड सही से समझ जाऐगा। उन्हें लगा आज हमने सब कुछ हासिल कर लिया। कुछ वक्त साथ मै बिताया बहुत खुश थे। दोनों ने मिलने से पहले बहुत सी कसमें खाई थी वादें किये न जाने क्या क्या बाते  हुई थी। आति को तो अपने प्यार पर ईश्वर से भी ज्यादा विश्वास हो चला था। वो तो सांस भी अपने लव के साथ ही लेना चाहता था। अगर एक वर्ड मैं कहु तो आति की जिंदगी थी वो लड़की। वो कहता था तु नही तो मैं भी नहीं। लड़की का रौल भी वही था। कुछ और वक्त बीता दोनों फिर से मिले।और अब आति बिछड़ना नहीं चाहता था अब वो अपने लव के साथ ही रहना चाहता था। पर उसका लव इस बात से पिछे हटने लगा वो उससे कहने लगी। आति मैं तुम्हें ही चाहती हु सारी जिंदगी चाहुंगी भी पर साथ नहीं रह सकती। ये वही लड़की थी जो आति के लिये बोल चुकी थी तुम मिलने नहीं आऐं तो मैं घर छोड़ कही चली जाऊगीं। मैं अब और तुम्हारे बीना यहाँ इस घर में नहीं रह सकती।मुझे मेरा घर काटने को दोड़ता हैं। मै पागल हो जाएगी। जिसने आति को मिलने के लिये मजबुर कर लिया था आज वहीं उससे दुर रहने की सलाह लिये घुम रही थी।
कसुर किसका था क्या पता। पर दोस्तों आति टूट चुका था उसका सपना चकनाचुर हो गया था। आति के पास जिने का कोई मकशद नहीं था। आति ने अपनी सोच की हद तक उसे समझाया पर उसका लव सिर्फ़ जवाब मैं ना के आँसू बहा देता था। आति बहुत मुश्किल मैं था भटक रहां था इधर उधर उसके जीवन का डिजायर फेल हो चुका था। उसे सिर्फ़ यही एहसास होता था। उसका लव जो एक पल मैं उसके लिये बेचैन हुआ करती थी। वो अब अपने घर में आँसू बहा कर दिन काट रही थी। कुछ मिंशिंग था दोनों की कहानी मैं। में चाहुं तो लिख सकता हु सच मैं क्या मिंशिंग था। जो दोनों को एक होनै से रोक रहा था। पर दोस्तों आज एक सवाल सभी के मन मै होता है। लोग लव मैं धोका खाते हैं क्यों खाते है। और धोका दैने वाला और धौखा खाने वाला दोनों ही खुद को निर्दोष कहते हैं।
क्या ये सच नहीं है।अगर मैं आज किसी एक का पक्ष लेना चाहू तो मैं एक पक्छपाती लेखक बोला जाऊगां। सच तो यहीं हैं।जो दुनियां हमेशा से एक सुझाव के तौर पर या मजबुरी का नाम देकर अलग होते गये हैं या फिर मतलब साधते गये हैं। जानते हैं सच कौन बता सकता हैं। सच वहीं इंसान बता सकता है जिसनें सच मैं प्यार निभाया हो या निभाया था। आज इस कहानी का पात्र आति जिसें शायद मैं जानता हूँ।
अब आज मैं प्यार मैं पड़ने वालों को।
अलग होने का वो राज बता देता हु जिसे हम सब बडी़ ही आसानी से मजबुरियों बता कर   उसके भविष्य को निगला जाता है। ये समाज ये लोग ये सोसायटी।
लड़की हैं तो उसकी मजबुरियां।
मैं अपने माता पिता भाई बहन की इज्ज़त नहीं बरबाद कर सकती अपने घर के अगेन नहीं कुछ भी कर सकती।
दुसरा सच आप लड़की हो आप अपने माँ बाप सभी से छुपकर

क्या प्यार जैसा भी कुछ होता हैं💐

दोस्त बना सकती हो ।आप दस्ती से आगे आकर प्यार भी कर सकती हो आप लड़के के साथ सच्चे प्यार का नाम लेकर नाईट भी बीता सकती हो। पर जब बात आऐगी लाइफ मैं आगे बढ़ कर एकदुसरे के साथ जीने की तो फिर मजबुरियां और इज्जत धोका भरोसा सब एक साथ युज कर के अपने लव से किनारा किया जाना न्यायपूर्ण लगता हैं आप सभी को।
अब अगर किसी शादी शुदा औरत ने किसी लड़के से प्यार किया संबंध बना लिये क्योंकि शायद वो अपने पति से खुश नहीं थी। लेकिन परिवार चला रही है। और पिछे से चाहती है ख़ुशी। अपनी खुशि के लिये किसी आति जैसे लड़के से प्यार कर लिया। वादे कर लिये और फिर निभाने के टाईम लव को अपनी शादीशुदा जिंदगी और बच्चे याद आ गये। वाह रे प्यार और वाह वाह समाज। यहाँ दो बातें बोल सकता हूँ। ये प्यार नहीं है। ये एक तरह का दोगलापन है। आज इस समाज मैं सिर्फ मर्द जाती बदनाम ज्यादा होती है। जानते हो  क्यों क्योंकि महिलाओं का सम्मान करना इज्जत करना बगेराह बगेराह सब हमारी संस्कृति हैं। फिर चाहें यहीं महिलाओं यही लड़कियाँ इसी  पर्दे मोह और इज्जत की आड़ का सहारा लेकर मासुमों की जिंदगी खाती रहे। प्यार हो या सम्मान दोनों पर महिला और पुरूष दोनों का समानता का अधिकार है। कृपया अपने निजी स्वार्थ के लिये ।आप प्यार शब्द का सहारा ना ले। इस समाज मैं बहुत सारे आति जैसे लड़के की कहानियां है। जो दम तोड़ रही है। पर फिर भी लोग सोशलिस्ट होते जा रहे हैं। कोई भी लेखक कभी नहीं  चाहता अपने समाज मैं कुछ गलत हो रहा है तो उसका पक्ष  ले।
प्यार समर्पण है।
प्यार विश्वास है।
प्यार निश्छल है।
प्यार कोमल है।
प्यार त्याग है।
प्यार एक धारा हैं।
अंत मैं बस यहीं कहना चाहता हु प्यार ईश्वर हैं और अगर आप अपने ईश्वर से मिलों तो क्या उसे छोड़ पाओगें मुझे लगता है नहीं। क्योंकि ईश्वर से अलग तो कुछ भी नहीं।
#लेख मैं बार बार प्यार को समझने का अंश है।
उम्मीद है आप सब समझ पाओगें।
कहानीं का अंश सोशल साइड से शुरू होता है।
मैं  चाहता हूँ दोस्तों आप सब चाहें आति हो या लव।
कृपया फेसबुक या किसी अन्य साइड पर अफेयर ना करे।
आप सभी का जीवन सुखमय हो आपका लवपूर्ण हो बस यहीं कामनां करता हूँ। जय हिंद।
Www.edmranjit.com
Writing by
#दिनांक 21/062019

क्या प्यार जैसा भी कुछ होता हैं💐


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