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एक सच्चा एहसास जो दबा रह जाता है💐

Edmranjit.

एक सच्चा  एहसास जो दबा रह जाता है💐

कितना तंग आ गया था वो जिंदगी से।
उसे घुटन होने लगी थी वो जीना चाहता था।
लेकिन इस तरह नही  वो खुलकर सांस लेना ।
चाहता था वो हर पल हसना चाहता था ।
उसके जज्बात अब उसके काबु मे नही थे।

उसकी फैमली से उसे कभी वो सब नही मिला जो वो चाहता था। उसकी फैमली तो मानो जैसे बस पैसे की भुखी थी जब तक आति काम करता गया हर महीने अपने पापा को।
सैलरी लाकर देता गया तब तक वो अच्छा बेटा था ।आति कै पास काम था वो घर मै सबका खयाल भी रखता था फिर चाहे आति की बहन हो या भाई आति ने सबकी जरूररते पुरी की। लेकिन आति को उसकी माँ की कमी हमेशा से खलती रही।

 जीसको देखो वो आति को हमेशा जरूरत भरी निगाहों से ही देखता था उसकी लाइफ मै कोई ऐसा नही था जो उसको समझ पाता एक इंसान केवल दुसरो की जरूरतों के लिये नही होता जब उसको ये
एहसास होता है। की फैमली और दुनीया सिर्फ
उसको अपनी जरूरतों के लिये ही पुछती है तो। वो टुट जाता है। आति भी इसी तरह बिलकुल अकेला हो गया था वो हमेशा अपनी सोच को गलत साबित करता रहा और अपने पापा भाई बहन का साथ देता रहा

लेकिन इंसान की शक्ति भी सीमित ही होती है। जब वो अपने मन के बिचारो को अनदेखा कर
उन्हीँ कामो को करता है ।जो उसकी इच्छा के
विरुद्ध हो तब भगवान भी उसका साथ छोड़ देते है। आति के साथ भी अब वही सब हुआ।
आज कुछ कारणों की वजह से आति के पास
काम नही है। वो कुछ टाईम से बैरोजगार है।
तो जिंदगी के सारे सच से उसका सामना हो।
रहा है। जिन्हें वो अपनी फैमली समझता है।

वही लोग उसे बैरोजगार और लूजर समझते है। आति को लगता है जैसे वो ये सब जानता ही नही था लेकिन सच तो ये है दूनीया के हर उस इंसान की यही कहानी है।
 जो इमानदार ह़ोता है जो कभी खुलकर लाइफ मै कुछ अपने लिये सोचने लगता है।
तो सारे अपनो की सचाई सामने आ जाती है।
आति भी अपनो का शिकार है। वो समझ नही पा रहा उसे कया करना चाहिऐ।एक तरफ आति का खुद का भविष्य है।

एक सच्चा  एहसास जो दबा रह जाता है💐

 जो उसे एसा लगता है की वो ऐसे जी नही सकता ।
उसने अपनी लाइफ जीनी है कुछ बड़ा करना है। और दुसरी तरफ वो लोग है जो आति को
सारा जीवन बस अपने लिये युज करना चाहते है। आति को लगता है की बस ये उसकी ही कहानी है।
लेकिन मै जानता हु दुनीया मै तमाम ऐसे आति है जिनके अपने सपने अपनी दुनीया।
बस अपनो कै बोझ तले ही गुजर जाती हे।
जिनका ना कोइ आज होता है।
ना कोई कल अगर कुछ होता है।
तो बस उनके सपनों का अंत उनके
भविष्य का अंत उनकी दुनियां का अंत।।
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.

एक सच्चा  एहसास जो दबा रह जाता है💐


मै नही जानता समाज परिवार और पिढ़िया
अपने बच्चों से क्या  चाहती है।
पर एक बात जरूर कहना चाहुँगा
अगर समाज अपने बच्चों को उनके।
सपने नही जीने देगा तो ना सही।
पर उन पर ऐसा बोझ भी ना डाले।
जिसके कारण कोई बेटा कोई भाई
अपने जीवन का लक्ष्य ही भुल जाऐ।।
21/06/19

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