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पंछी बच्चा पेड़ और टेक्नाँलिजी,,, पार्ट( 2)💐

Edmranjit. 


पंछी बच्चा पेड़ और टेक्नाँलिजी,,, पार्ट( 2)💐

आज तो नास्ते पर माँ बहुत गुस्सा होने वाली थी। पर अचानक से मौसम चेंज सा हो गया आसमान मैं तेज हवाऐं चलने लगी और साथ साथ माँ के चेहरे पर रौनक सी आ गई। वो तेज तेज मुझे आवाज लगाने लगी। शिरू शिरू बेटा देखो मिट्ठु कहाँ है।आया है या नहीं तेज हवा और बारिस का मौसम बन गया है। चिन्ता की बात थी क्योंकि मिट्ठु सुबह से ही गायब था और अब हल्की हल्की बारिस होनी शुरू हो चुकी थी। तभी मुझे खिड़की से आवाज आई। शिरू शिरू खिड़की खोलो खोलो मैं भींग रहा हूँ मै समझ गया ये मिट्ठु ही है। उसकी आवाज सुन माँ भी कमरे मैं आ गई और मुझसे पहले माँ ने खिड़की खोली। खिड़की खुलते ही मिट्ठु उड़ता हुआ माँ माँ बोलता माँ से चिपक गया। और बोलने लगा माँ शिरू में गिला हो गया हु मुझसे उड़ा नहीं जा रहा माँ मिट्ठु से बहुत प्यार करती थी कभी कभी तो मुझे लगता था जैसे इसने मेरी जगह ही छिन ली हैं। पर में जानता था मिट्ठु भी बहुत प्यारा हैं।  मैं  भी उसे बहुत प्यार करता हु। माँ ने मिट्ठु के पंख हल्के कपडे़ से पोछ दिये अब वो मस्ती करने लगा फिर माँ चली गई। मेने उससे पूछा कहाँ गया था तू तो कहने लगा शिरू तुम तो सारे दिन घर में रहते हो या झुमरू के साथ बाते करते हो। इसलिए में अपने दोस्तों के साथ बगीचे मैं आम खाने चला गया था भर पेट मीठे मीठे आम खायें और जब पेट भरा तो आ गया । मैने पुछा अपने झुमरू के आम क्यों नहीं खाता तू तो कहने लगा रोज रोज एक ही आम खा कर जी भर गया था। माँ ने भी मिट्ठु की बात सुनी तो हँसने लगी। और उससे कहाँ मिट्ठू बेटा अकेले ही सारे आम चख आऐं माँ के लिये नहीं लाऐं मिट्ठू कहने लगा केसे लाता केसे लाता माँ मेरी छोटी सी चोंच हैं। माँ फिर हँसने लगी वो बोलता ही ऐसे था कोई भी हँस दे। झुमरू आज तेज बारिस और हवा का आनंद ले रहा है उसकी डालियाँ आम और बारिस के पानी से दबकर काफी नीचे नीचे लटक रही हैं। डर भी लग रहाँ हैं कहीं कोई डाली टुट ना जाऐं। पर ऐसा नहीं होगा क्योंकि झुमरू को घर की छत से अच्छा सा स्पोट मिला हुआ है।पापा ने तो शाम को ही झुमरू की उन डाँलियों पर ध्यान से स्पोट लगा दिया था। 

पंछी बच्चा पेड़ और टेक्नाँलिजी,,, पार्ट( 2)💐

जिन पर ज्यादा आम आ गये हैं। मिट्ठू भी अब सो गया शायद भिगनें की वजह से उसको अब नींद आ गई हैं। मुझे भी बारिश बहुत पसंद हैं। पर ये शिमला की बारिश हैं यहाँ पानी की बुंदो के साथ बरफ भी
बरसती हैं। इसलिए माँ परमिशन नही देगी पर मुझे एक आयडिया पता है। में हर बार बारिस का मजा ले लेता हु और माँ की डाँट से भी बच जाता हूँ। ये आयडिया भी मुझे झुमरू से ही मिला था एक बार बारिस बंद होने के बाद में झुमरू के पास गया उसके नीचे खडा़ होकर बोलने लगा काश माँ मुझे भी बारिस मे नहानें की परमिशन देती तो मुझे भी मजा आता। बस फिर क्या झुमरू ने सुनते ही हिलना शुरू कर दिया। जितना भी बारिस का पानी झुमरू ने अपने पतो पर रोक रखा था सारी की सारी बुंदे मेरे ऊपर आ गिरी और में एक तरह से बारिस का आनंद ले रहा था। तब से जब भी बारिस होती हैं मैं यहीं करता हूँ। झुमरू भी मेरे लिये ज्यादा पानी रोके रहता है। हाहाहा। कभी कभी सोचता हु अगर मेरी लाइफ मैं झुमरू और मिट्ठू नहीं होते तो मैं कितना अकेला होता। क्योंकि पापा तो अपने काम पर ही रहते हैं। और माँ भी अपने इंटरनेट गुरू मैं  ही बिजी रहती है। उन्हें सिर्फ़ नास्ता डिनर और सुबह शाम शिरू दिखना चाहिए बाकी का टाइम स्कुल हैं तो वहां नहीं तो मोबाइल युज ही ज्यादा रहता है।  इसलिये शायद सभी बच्चे आजकल गेंम्स और फिल्मो पर फोकस करते हैं।लेकिन मुझे तो मोबाइल फोन भी नहीं दिया जाता माँ कहती हैं बिगड़ जाओगे अभी उम्र नहीं तुम्हारी मोबाइल चलाने की। और क्या बताऊं बारिस रूकने का इंतजार है खिड़की खोली हुई हैं बाहर देख कर खुश हो रहा हु। ये इस साल की पहली बारिस भी है शायद मानसुन आ गया है। वैसे मेरे पास बातें तो बहुत हैं पर बात करने वाला अभी कोई नहीं है मेरे दोनों दोस्त अपनी दुनियां में मस्त हैं। कुछ टाइम बाद मिट्ठु उठ जाऐगा अपनी तोतली आवाज के साथ घर में हंगामा करेगा। तब माँ भी मोबाइल रख देगी  क्योंकि मिट्ठु को 

पंछी बच्चा पेड़ और टेक्नाँलिजी,,, पार्ट( 2)💐

मोबाइल पंसद नहीं वो उस पर चोंच मारना शुरू कर देता है। इसलिए माँ डरती है कही मिट्ठ माँ का मोबाइल ना तोड़ दे। दोपहर हो चुकी हैं और बारिस तो खुलने का नाम ही नहीं ले रही अब शायद मैं भी सो जाऊगाँ क्योंकि ठंडी ठंडी हवाऐं चलने लगी है। ऐसे में पता नहीं क्यों नींद आ रही हैं ठिक हैं मैं आप सभी से मिलता हु कुछ टाइम बाद अगर आप के भी शहर या गाँव मैं बारिस आ रही है तो उसका मजा लीजिए तब तक में भी एक हल्की नींद लेता हूँ। फिर आप से मीलता हु। आप सभी से बाते शेयर कर के मुझे अब बहुत अच्छा लग रहा है ऐसा लगता हैं जैसे अब मेरै पास बहुत सारे दोस्त है। आप सभी को (शोर्या उर्फ शिरू का बहुत सारा प्यार झुमरू और मिट्ठ की तरफ से भी बहुत बहुत प्यार) रंजीत चौबे। 

पंछी बच्चा पेड़ और टेक्नाँलिजी,,, पार्ट( 2)💐

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Writing by ranjit choubeay

24/06/2819,,,,,,,,,,,,🏠🙏 

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