Tuesday, December 17, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love( part 12)18/12/2019

#EDMranjit
पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love( part 12)18/12/2019

साहिल तुम अब कैसे हो मै ठिक हु सुरभि अच्छा गुड सुरभि सुनों हम शाम को बात करते हैं। अभी थोड़ा काम कर रहा हु।
सुरभि ओके। बांय साहिल बाय यार ।आकाश भाई हमने कल वो बिल दे दिये थें जो अपनें मंथली कस्टमर थें।

उनके ओफिस और घर जाकर एक बात बोलें हम ने जब कुछ बिल दिये तो लोगों कि अजीब सी शकल सामनें आई। आकाश भाई लोगों ने पिज्जा लेतें टाइम कभी कोई शिकायत नहीं की अब बिल के टाइम कैसी शिकायत।

हमें तो लोगों की ये आदत बिलकुल भी अच्छी नहीं लगी हम तो धुप बारिस आंधी तुफान रात दिन मेहनत से उनके घर या औफिस में डिलीवरी पहुंचाते हैं ना हम तो कभी कोई शिकायत नहीं करते।फिर पैमेंट टाईम में कुछ लोग ऐसा क्यों करते हैं। आकाश साहिल मेरे भाई ये बिजनेस में ऐसा होता हैं।
पिज्जा विथ लव
Edmranjit.com


कोई भी काम करो लोगों को पैसे देते टाइम अच्छा नहीं लगता।साहिल आकाश भाई मुझे तो आज बिल्कुल अच्छा नहीं लगा और आज नहीं तो कल में सैठ जी से इस बारे में बात करूँगा की जो लोग पैसे दैने में मुह बनाते हैं ऐसे लोगों की डिलीवरी हमे बंद कर दैनी चाहिये।

आकाश साहिल तुम सोचते बहुत हो। यार और सही सोचते हौ पर क्या हर आदमी हमारे तुम्हारे जैसा सोचता हैं। साहिल नहीं सोचते तो हम क्या करें हम तो अपनें काम में कोई कोताही कोई गलती नहीं करते। तो आकाश भाई में तो कुछ नहीं झैल सकता।

में सैठ जी को बोलुंगा अगर सैठ जी माने तो ठिक हैं अगर सैठ जी ने मेरी नहीं सुनी तो आकाश भाई ये पक्का हैं।
 की में वहाँ डिलीवरी ही नहीं दैने जाऊँगा जो लोग खाने के बाद बिल दैने में आनाकानी करते हैं मुह बनाते हैं अपनी तो साफ सी निती हैं जो बुरे लोग हैं में उनसें दुर रहु।

आकाश हाहाहाहा साहिल तुम बहुत अलग हो यार लेकिन प्लिज तुम  इतनी सारी बातें सैठ जी से मत करना में उन्हें जानता हु उन्हें बस अपनें पिज्जा सप्लाई से मतलब हैं उनको बस ज्यादा से ज्यादा कस्टमर चाहिये अब कस्टमर उनके कर्मचारी के साथ कैसा व्योहार करता हैं।

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love( part 12)18/12/2019

 या बिल लैट देता हैं उससें सैठ जी को अभी तक तो कोई फर्क पड़ा नहीं तो साहिल यार तुम्हारे हमारें जैसे काम करने वालों के बोलने से तो कोई फर्क नहीं पड़ता। साहिल आकाश भाई सैठ जी को फर्क पड़े या ना पड़े पर हमें तो फर्क पड़ता हैं ना हम क्यो घटिया टाईप कस्टमर को डिलवरी दै हमारी सर्विस इतनी अच्छी हैं।

कि हमें और भी अच्छे कस्टमर मिल सकते हैं फिर हम ऐसें लोगों के पास जाऐ ही क्यों। आकाश साहिल ये बातें सब ठिक हैं। लेकिन अपना सैठ साहब हमारी बात सुन लेंगे तुम्हें ऐसा लगता हैं। आकाश भाई सैठ जी को मानना ही हौगा में।

बताऊंगा उन्हें हम कितनी मेहनत सै डिलीवरी करते हैं और कैसी सर्विस दैते हैं हम खुद के लंच टाइम भुल जाते हैं अपने कस्टमर की सेवा के लिये तो फिर कस्टमर को भी दौहरा व्योहार नहीं करना चाहिये।आकाश अच्छा साहिल जो भी बात करनी  हैं कर लैना पर ये भी मत भुलो हम बस यहाँ एक डिलीवरी बाँय हैं कहीं हमारा सैठ ये ना सोच ले कि हम तो मालिक जैसा सोचते हैं।

साहिल आकाश भाई वो तो अपने सैठ कि सोच पर निर्भर करता हैं वौ हमें कितना अपना कामगार समझते हैं और कितना इंसान अगर उनमें इनसानियत हौगी तो वौ मेरी बात जरूर समझ जाऐंगे।और आकाश भाई एक बात मैरी भी सुन लो हम सब इंसान है अमीर गरीब छोटा बड़ा ये सब तो दुनियाँ की बनाई हुई दुरियाँ हैं।

अगर अपने सैठ जी को अपना बिजनेस और भी बेहतर करना हैं तो उन्हें अपने हर कर्मचारी को भी सुनना चाहिये ये कोई मेरी एडवाईस तो नहीं हैं वो अपने हर शाँप पर फौन कर पता कर लै कहीं ना कहीं उन्हें पता लग ही जाऐगा मैने कुछ गलत कंम्लेन नहीं की हैं।और आकाश भाई इस बिषय में मै तो इस रविवार को पक्का ही सैठ जी सै बात करूगाँ।

आकाश साहिल हम करो में भी यही चाहता हु कुछ कस्टमर से तो में भी काफी टाइम से तंग हो गया हु। हाहाहा साहिल आकाश भाई आप सब जानकर भी चुप हो इतना टाईम हो गया सैठ जी के पास काम करते कभी तो बोले होते।आकाश साहिल मेरी कभी इतनी हिम्मत ही नहीं हुई।

 पर अच्छा लगा साहिल ये जानकर कि अब तुम बात करोगे और हमें भी कुछ राहत मीलेंगी। साहिल जी भाई में बात करूँगा और अब तो पक्का ही करूँगा।
Writing ranjit choubeay.
Www.edmranjit.com
18/12/2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love( part 12)18/12/2019

Tuesday, October 29, 2019

शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019

#EDMranjit

शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019

दर्द
Edmranjit.com

कोई सौगात नहीं जिंदगी जो  हार जाएं ।
बस दिल की बेबसी ने जलाया हैं। ।
प्यार भी तो वहीं किया करते हैं ज्यादा। 
जिन्हें वक्त ने हरपल रूलाया हैं ।।

मासुम सा दिल भी जल कर पत्थर। 
बन जाता है दुनियां में अक्सर ।
क्योंकि इस दुनियां में हर तरफ ।
बेवफ़ाई का साया छाया हैं । 

खता नहीं हो अश्क फिर भी  गिरते हैं ।।
सजा ना भी मिले लोग फिर भी डरते हैं ।
ऐसी बेईमान मोहब्त को भी कहते हैं ।
खुदा ने अपने ही हाथों से बनाया हैं। 

जमीं गवाह उनकी हो गई जो इश्क में। ।
ताबुत हो गए । 
कुछ तो समझे कुछ मिट गए फंसाने बने ।।
कुछ सब हारकर भी न पा सके मोहब्त  ।
सुना हैं वही मजनू वही रांझा दिवाने बने। 

कोई पढ़े दिवानगी पर किताबों में नहीं । 
नशा मोहब्त का तो मिट जानें पर होता हैं।। 
वक्त जब निकल जाता है परवाने का अक्शर। 
फिर प्यार में सिर्फ़ आँसुओं का समंदर रह जाता हैं।। 

What is Love ,only for sadness then sadness ,
दोस्तों जिंदगी में प्यार तभी करना जब आपमें गम सहने की ताकत हो। 
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay .

29/10/2019

शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019

Saturday, October 26, 2019

अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019

#EDMranjit motivational thought.

अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019

Www.edmranjit.com
Www.edmranjit.com

अब मौसम बदल रहा हैं।
अब.लोग संभल रहें हैं।
अब सच्चाई को समझकर।
अब लोग भक भक जल रहे है।
अब मौसम बदल रहा है।
**अब जागी है थोड़ी इनसानियत देखों।
अब लोग बात कर रहे है।
अब जब कंगाल हुआ हैं अपना कुछ।
अब पाँव फुक फुक लोग चल रहें हैं।
**अब समझ आएगा सबकों
अब आँखों मैं ज्वाला भड़कने लगी हैं।
अब पागल पब्लिक कुछ कुछ करने लगी हैं।
अब नहीं चलती भेड़चाल की मरजी।
अब मरजी से अपनी सब चलने लगें हैं।
**अब मौसम बदल रहा हैं।
अब लोग संभल रहे हैं*******
www.edmranjit.com
Writing ranjit choubeay.
26/10/2019

अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019

👏💐शुभ दीपावली 🎆🎇27/10/2019

#EDMranjit
Www.edmranjit.com
Edmranjit.com

👏💐शुभ दीपावली 🎆🎇27/10/2019


दीपों के जगमग उजालों का मौसम आया है।
सोनें चाँदी सा चमचम बजारों का रूतबा छाया हैं।
घरों मैं सबकी अपनी अपनी फरमाइशे हैं।
बाजारों मैं भी अतरंगी अतरंगी नुमाईशे हैं।
**नौकरी से छुट्टी लेनें का मौसम आया हैं।
सभी के साथ माहौल बनाने का मौसम आया है।
यारों से मिलने अपनी सुनाने उनकी सुनने का मौसम आया है।
मिठाइयों मैं डुबकी लगाने का मौसम आया है।

**सभी रूठें मित्र रिस्तेदारों को मनानें का मौसम आया हैं।
नई फसल का लुत्फ उठाने का मौसम आया है।
घरों को नया साफ सुथरा चमकदार बनाने का मौसम आया हैं।
खुशियों मैं झुमने नाचने गानें का मौसम आया है।
भग्वान श्री राम को यादकर खुशियाँ लुटाने का मौसम आया है।**जीवन के एक और साल को शुभ दिपावली मैं छाने का मौसम आया है।

सच और झुठ पर विजय अजय समझने का मौसम आया है।
वर्षों से चली आ रही शुभ परमपरा को निभाने का मौसम आया है।
नई पिढ़ी को रावन कौन था बताने का मौसम आया.हैं।
अपनी सभ्य संस्कृति को आत्मसात करने का मौसम आया है।
छोटे को आशीर्वाद देने बड़ों का आशीर्वाद लेने का मौसम आया है।**

अपनी भुलों को भुलाकर और सत्य को अपनाकर फिर से चलने का मौसम आया हैं।
**श्री राम जी के आदर्श भरे जीवन को अपनाकर उस पर चलना है ऐसा संकल्प करने का मौसम आया है।
भैया लक्ष्मण और भरत सा प्रेम निष्षाठावान जीवन फिर से उभरे धरा पर ऐसी कोशिश करने का मौसम आया हैं।
भाई भाई के जीवन मैं सिर्फ सत्य प्रेम बना रहें ऐसा दिन जीने का मौसम आया हैं।

धरती पर धर्म की धव्जा फहरती रहे दिपावली का आदर्श बना रहें ऐसा संकल्प दोहराने का मौसम आया हैं।
ना कोई गरीब ना कोई अमीर मीलकर दीपदान दीप जलानें का मौसम आया हैं।
**माँ लक्ष्मी भगवान गणेश की शुभदीपावली पुजा कर सुख समृद्धि भाग्य जगाने का मौसम आया हैं।
तो मित्रजनों प्रियजनों देशवासियों आओं मिलकर दीपदान करें
क्योंकि सभ्यता का प्रतीक शुभ त्योहार हम सबका दिपावली का मौसम आया हैं।*****#writing #rk.#c

आप सभी मित्रों को दिपावली की अनेकों अनेकों शुभकामनाएं।27/010/2019*******#dipawali #poetry

👏💐शुभ दीपावली 🎆🎇27/10/2019

Friday, October 25, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐

#EDMranjit
Edmranjit.com
Www.edmranjit.com

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐


आकाश हमनें कहा था ना साहिल तुमसे तबीयत अच्छी।
नहीं तो काम पर मत चलों पर तुम माने नहीं। अब देखों कैसे बुखार ज्यादा बढ़ गया। साहिल क्या आकाश भाई आप भी बिल्कुल उस सुरभि जैसे ही रिऐक्ट कर रहे हौ वौ हमें ले गई पकड़ कर डाक्टर के पास हमने दवा भी ली हैं।

 और डाक्टर ने कहा एक दो दिन मे फिट हो जाऔगे। आकाश सही है जो सुरभि हैं वरना तुम मेरी तो सुनते ही नहीं। वरना आज बीमार तो नहीं होते। साहिल आकाश भाई आप अब शान्त हो जाईयें कल सुबह देखिये हम कैसे ठिक होकर काम पर जाते हैं।
अच्छा क्या कहा तुमने कल काम पर जाओगे। हाहाहा साहिल हमने सैठ जी को फोन कर दिया साहिल बिमार हैं ।

और दो दिन वो काम पर नहीं आ पाऐगा।आकश भाई क्या किया आपने आखिर में अकेला यहाँ रूम पर करुगां क्या। और आप कै ऊपर ज्यादा लौड आ जाऐगा शौप पर फिर ये ठिक नहीं ईसलिए मुझे यहाँ बोर नहीं हौना। आकाश साहिल कोई बोरिंग नहीं होगी मस्त खा पिकर आराम करना और शाम को सुरभि ले जाऐगी गार्डन सब मुड अच्छा हो जाऐगा। हाहाहाहा क्या भाई आप भी वो सुरभि जितने टाइम साथ होती हैं चुप नहीं रहती।

कहती हैं साहिल ये सही नहीं वो सही नहीं बस बक बक करती रहती हैं।आकाश भाई कभी कभी तो में बोर होकर उसको बोल भी देता हु अरे यार चुप भी रहा करो। आकश साहिल पता हैं तुम्हें सुरभि जैसी दोस्त किस्मत वालों को ही मीलते हैं वरना हमने तो लड़कियों को बस मतलब के लिये ही साथ रहते देखा हैं मतलब पुरा हुआ की साथ छोड़ जाती हैं ।

आजकल की लड़कियाँ पर साहिल अपनी सुरभि ऐसी बिलकुल भी नहीं लगती उसने तुम्हें खुद चुना हैं और सच्ची वाली दोस्ती की हैं और निभा भी रही हैं साहिल तुम खुद ही सोच लो वो लड़की किसी रईश आदमी कि बैटी हैं फिर भी उसने तुम मे ऐसा कुछ देख लिया जो उसे पुरी दिल्ली के लड़कों मे ना दिखा तुम्हें अपना बेस्ट फ्रेन्ड बना लिया।

 तुम्हारी इतनी केयर करती हैं और तुम कुछ भी कहो हां बोलती हैं ।साहिल और क्या चाहिये तुम्हें मेरे भाई। साहिल आकाश भाई पता हैं आपको में भी जानता हु वो बहुत अच्छी हैं ईसलिये तो में भी उसको पंसद करता हु। में भी तो उसको कभी निराश नहीं करता और ना कभी करूंगा आकाश गुड साहिल ये लो आ गया उसका फौन बात करो।

सुरभि हैलो साहिल ।हाय सुरभि हम अब बताओ कैसे हो कुछ आराम हुआ। हां यार हम ठिक है तुम बताओ क्या कर रही हो
सुरभि क्या करू तुम बोलो ये टाइम तो हम दोनों के गार्डन जाने का हैं ना अब तुम्हें फिवर हैं तो में भी नहीं जाने वाली शो घर में बैठी छोटे भाई के साथ केरम खेल रही हु। साहिल सुरभि तुम जाऔ ना यार गार्डन अपने भाई को साथ ले जाओ वो भी थोड़ा घुम लेगा ओर तुम्हारा मुड भी थोड़ा चैंज हो जाऐगा मुझे पता हैं तुम्हारी रूटीन बनी हुई हैं। तुम चाहों तो आ जाओ चलता हु साथ में। सुरभि साहिल तुम पागल हो भाड़ में जाऐ मेरी रूटीन।

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐

तुम चुपचाप आराम करो और मेरी टेन्शन तो मत लो कहीं ना हो रहे हम बौर।और सुनों रात में खाने के बाद दवा याद करके लै लेना और सुबह कल कहीं नहीं जाओगे। जब तक पुरा फिवर गायब नहीं होता तब तक औनली रेस्ट। साहिल हाहाहाहा यार ठिक हैं आपकी हर बात सबसे ऊपर मैडम जी। सुरभि अच्छा बच्चु हम मेडम नहीं हैड मैडम हैं हाहाहाहाहा। सुनो अगर तुम्हें अपने मालिक से छुट्टी नहीं मील रही तो बोलो हम सुबह शौप जाकर उन्हें बोल दे। साहिल अरे नहीं नहीं हैड मैडम जी ऐसा कुछ मत करना।

आप सुनिए हमें पहले ही आकाश भाई ने छुट्टी दिला दी हैं। तो आप टैनशन ना लिजिये सुरभि गुड गुड ।
आकाश भाई को हमारी तरफ से थेंक्यु बोलो एक काम करो उन्हें फौन दो हम खुद बोलना चाहते हैं ।साहिल आकाश भाई लिजिये फौन। हैलो सुरभि हैलौ भाई आप कैसे हो। आकाश हम बिल्कुल ठिक हैं। सुरभि आपको थेंक्यू बोलना था आपने साहिल को छुट्टी दिलाई। आकश सुरभि साहिल मेरा छोटा भाई हैं।

तो हम ईतना तो कर ही सकते हैं ना। लेकिन थेंक्यु हमारी तरफ से आपको की आप हमारे साहिल का इतना खयाल रखती है। सुरभि आकाश भईया आप हमारी खिचाई मत किजिये। हाहाहाहा। सुनिए साहिल का थोड़ा अभी दो दिन अच्छे से खयाल रखना हैं डाक्टर अंकल ने कहा हैं।
सुरभि तुम चिंन्ता ना करो हम सब हैं तो साहिल एक दम जल्दी से अच्छा होगा। सुरभि अच्छा भईयां अब फौन रखतीँ हु।

आकाश हा रूको साहिल को फौन देता हु। सुरभि साहिल सुनो अगर रात को कोई प्राब्लम फिल हो तो डरना नहीं हमें फौन कर लैना। और सुनो बोर हुयें तो भी फौन कर लैना। साहिल जी बिल्कुल मैडम जी। सुरभि हाहाहा अच्छा बाय साहिल बाय बाय।। आकाश साहिल देखा तुमने खुद दुर हैं तो हमें बोला उसने भाई साहिल का ख्याल रखना। साहिल जी भाई वो बहुत डरती हैं और बहुत केयर फुल लड़की हैं। उसको जरा भी लापरवाही पंसद नहीं आज डाक्टर अंकल से भी बोल रही थी।
अंकल साहिल जल्दी ठिक होगा ना। भाई इतनी फिकर तो बस एक मां ही करती हैं ।और सुरभि मैरी दोस्त होकर भी वो सब करती हैं।


Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.
25/10/2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐

Wednesday, October 23, 2019

एक आईना। पोयम 23/10/2019💐

#EDMranjit
कविता
Www.edmranjit.com 


एक आईना। पोयम 23/10/2019💐

एक आईना की तरह जिंदगी ।
को साफ रखा जाए। 
कुछ खुशियों की तरह गम। 
को भी पास रखा जाए।। 

" शिकायत नहीं करों कभी भगवान से।। 
बेईमानी न करो कभी इंसान से।। 
खुद की तरह औरो  को भी
दिल के पास रखा जाए।। 

" कुछ भटक कर लौट आओ। 
कुछ सीख कर वापसी करो।। 
कुछ चाहत नसीब के बस में नहीं।। 
ये बात समझ कर मान लिया जाए।

" इंसान हर तरफ अब बढ़ रहा हैं।। 
हर राह में तरक्की कुछ कर रहा हैं।। 
यही सोच कर हम सबको अब।। 
बदलाव का युग समझ लिया जाए।

"चिंगारी को भी कम नहीं समझना कभी।। 
वो भी शौला बन जाती हैं हवा की मद्त से। 
आना जाना तो लगा ही रहता है सबका ।।
अब ठहर जाना ही उचित राह बन जाए।। 

"मदत कुदरत प्रकृति की  माया हैं।। 
इम्तिहान जिंदगी की पाठशाला हैं।। 
अपने पराए रिस्तो का गठबंधन हैं।। 
क्यों न इन्हीं को जीवन दर्पण समझा जाए।। 

Www.edmranjit.com

Writing by ranjit choubeay.
23/10/2019

Poem. एक आईना। पोयम 23/10/2019💐



Thursday, October 17, 2019

इतनी हैं जिंदगी। पोयम 18/10/2019💐

#EDMranjit

इतनी हैं जिंदगी। पोयम 18/10/2019💐

कवित पोयम।
Pics from Google. 

इतनी है जिंदगी जैसे शाम का ढल जाना।
इतनी है खुशियाँ जैसे कुछ पल मुश्कुराना।
इतनी है आदतें जैसे सासों का आना जाना।
इतनी है ख्वाहिशें जैसे सपने में सब कुछ मिल जाना।


इतनी है लड़ाईया जैसे सुई का चुभना।
इतनी है बेबसी जैसे सब भुलकर लौट आना।
इतनी है कमियां जैसे गलतियों की किताब।
इतनी है बातें जैसे कुछ पल लाजवाब।

इतनी है बेवकूफी जैसे पहली एक गलती।
इतनी हैं चाहत जैसे उस पर मिट जाना।।
इतनी है मिन्नते जैसे फिर कुछ और नहीं।।
इतनी है पागलपंती जैसे आगे अब और नहीं।।

इतनी हैं दुरियां जैसे पास आना मुमकिन नहीं।।
इतनी हैं मजबुरियाँ जैसे भुल जाना चाहत हैं।।
इतनी हैं खामोंशियाँ जैसे सच गलत हो जाएं।।
इतनी हैं आवारगी जैसे गलत भी सही हो जाएं।।

इतनी हैं मुश्किलें जैसे एक पल का दर्द।।
इतनी हैं मंजिलें जैसे सफर का एक दौर।।
इतनी हैं शुरूआत जैसे अंतहीन एक कहानी।।
इतनी हैं नफरतें जैसे मिट जानी हैं जिंदगानी।।

इतनी हैं नैतिकता जैसे सब कुछ अच्छा है।।
इतनी हैं सादगी जैसे कुछ और सुंदर नहीं।।
इतनी हैं माया जैसे सब एक और हैं।।
इतनी हैं मासुमियत जैसे फिर कोई और नहीं।।


 जिंदगी को हमेशा अपने आसपास ही नहीं दुर तक देखों बहुत कुछ नजर आता जाएगा अगर सिर्फ़ मैं में ही देखना है।
तो फिर आप सिर्फ उस कुए के मेढ़क की तरह ही हो जिसको एक बुंद भी बरसात लगती हैं।।
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.

18/10/2019.motivational poetry. 

इतनी हैं जिंदगी। पोयम 18/10/2019💐

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part10) 17/10/2019💐

#EDMranjit motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'17/10/2019💐

Love story pizza boy
Www.edmranjit.com


       हैलो दिपु सुनो हा साहिल भईयां बोलिये क्या बात हैं। देखो दिपु आज सैठ जी भी नहीं हैं और हमारी तबीयत कल से ही कुछ ठिक नहीं है। पर हमने आज की सारी डिलवरी कर ली हैं और अब ये लास्ट डिलवरी के लिये निकल रहे हैं। तो अब वहीं से रूम चले जाऐंगे ऐसा लग रहा हैं हमे ।तो आकाश भाई अभी कुछ देर में आऐंगे तो उनको बोलना की हम अब कल सुबह ही आऐंगे।

दिपु जी साहिल भईयां जी हम आकाश भईयां को सब बोल दैंगे। आप आराम से डिलीवरी दे कर रूम जाईयें।साहिल हैंलो सुरभि हा साहिल बोल़ो क्या बात है सुरभि यार हमने आपको इसलिये फोन किया आज शाम हम गार्डन नहीं आऐंगे। सुरभि लेकिन क्यो क्या हुआ काम ज्यादा हैं या कोई बात हैं। साहिल अरे नहीं अभी तो लास्ट डिलीवरी करके जल्दी रूम पर आया हु मुझे थोड़ा फिवर है कल से ही मोर्निग मै आकाश भाई बोले थे आज छुट्टी कर लो पर हम काम पर गये।

और अब थोड़ा फिवर बढ़ गया इसलिये रूम आ गये रेस्ट कर लेंगें तो ठिक हो जाऐंगे। सुरभि साहिल तुम रूको मै अभी आती हु। साहिल अरे नहीं ऊफ ये लड़की भी ना। दिपु हा आकाश भईयां अरे भाई वो साहिल अब तक नहीं आया क्या। दिपु नहीं आकाश भईया साहिल भाई आऐ थें और। बोले अब तबीयत कुछ अच्छी नहीं लग रही लास्ट डिलवरी लेकर गये हैं और वहीं से रूम जाऐंगे यहाँ अब कल ही आऐंगे। दिपु पता है मैने उसको सुबह कहां था।

तुम्हें बुखार है आज रेस्ट कर लो काम सारा हम कर लैगें। पर वो साहिल हमारी एक भी नही सुनी आ गया बुखार में भी काम पर।
अब अपना काम तो सारे दिन धुप में गरमी मे भटक कर डिलवरी करना है तुम ही बताऔ दिपु उसको आराम कैसे मीलेगा। और तबीयत बिगड़ ही जाऐगी ना। दिपु हा आकाश भईया साहिल भाई काम कै आगे सब भुल जाते है अब देखियें ना उनको फिवर भी बढ गया है। पिपिपिपिपिपिपि। साहिल सुरभि रूको बस आ गया ।यार सुरभि आपने सुना भी नही कुछ फोन काट दिया। सुरभि अच्छा पता हैं तुम मुझे क्या बोलते यही ना की मे मैने मैडिकल से दवा ले ली हैं और अब रेस्ट करूगा।

साहिल हां इसलिये तो रूम आया। सुरभी अच्छा ओके। तो साहिल मै भी तुम्हें बस डाक्टर अंकल क़ो दिखा दु। उसके बाद घर छोड़ दुंगी आराम से रेस्ट कर लैना। साहिल सुरभि यार हल्का सा फिवर है हमें। साहिल तुम नहीं जानते ये दिल्ली का हल्का सा फिवर तुम्हें अच्छा बेड रेस्ट दे सकता हैं। सुरभि तुम मेरी सुनोगी ही नहीं पता हैं। हम पता हैं साहिल तो चुप रहो कोई दो मिनट मे क्लिनिक आने वाला हैं। ऊफ। साहिल आऔ चलो यार आ गये हम। औके। चलो। हैलो मैम हैलो सुरभि कैसी हौ आप। जी मै ठिक हु आप थोड़ा जल्दी से डांक्टर अंकल से बोलिये सुरभि आई हैं। जी बिलकुल। हैलो सर सुरभि आई हैं अंदर भेज दु।

 हा भेज दो उसको। उसने फोन किया था उसका दोस्त बीमार हैं जी औके।
जाईयें आप दोनों। वो फ्री हैं। सुरभी चलों साहिल।
हैलो अंकल हैलो बैटा। कैसे हो जी अंकल मे बिलकुल ठिक हु पर मेरा ये दोस्त ठिक नही हैं।   साहिल अंकल को हैलो तो बोलो। हाहा वो शौरी हैलो अंकल हौलो साहिल । जी अंकल बेटा इधर आओ आपका फिवर चेक कर ले हम कुछ कम हुआ या नहीं।


पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'17/10/2019💐


आपको तकलीफ मेहसूस नहीं हुई। सुरभी अंकल ये तो बोल रहे है हम मेडिकल से दवा लेकर ठिक हो जाऐंगे। पर हम पकड़ लाऐ क्योंकि हमे अपनी दिल्ली का फिवर पता है। साहिल बैटे सुरभि बिल्कुल सही बोल रही हैं आप अभी नये हो लेकिन दिल्ली का क्लाईमेट इतना जहरीला हैं यहाँ अगर अपना खयाल नहीं रख पाया कोई तो जल्दी ही बहुत बीमार होता हैं। इसलिये जब भी थोड़ी तकलीफ मैहसुस हो फोरन डाक्टर से चैक करवां लैना चाहिये।

साहिल जी डाक्टर अंकल आगे से पुरा ध्यान रखेंगे हम भी।
गुड अच्छा साहिल ये दवा बाहर मेडिकल से लेकर आओ।
सुरभि साहिल तुम रूको मै लेकर आती हु। डाक्टर साहिल बेटे काम क्या करते हो आप। जी अंकल में पिज्जा डिलीवरी करता हु। डाक्टर अरे वाह बेटे कभी हमारे लिये भी लाओ।
साहिल हाहाहा जी अंकल बिलकुल क्यो नहीं कल ही आपके लिये लाता हु।

डाक्टर। हाहाहा अरे नहीं बेटे पहले ठिक हो जाओ हम तो कभी भी तुम्हारा पिज्जा खां लगे।
सुरभि अंकल दवाई। हा साहिल ये दवा आज अभी से लै लौ ।
जी अंकल कल भी तीन टाइम लैना और परसो भी ।अगर उसके बाद भी आराम नहीं हुआ तो फौरन आ जाना।
सुरभि सुना साहिल अगर अच्छे नहीं हुये तो मुझे कौल कर लैना मै लै आऊगी ।साहिल अंकल आपकी फिश ।डाक्टर अच्छा साहिल अंकल भी बोलोगे और हमें फिश भी दोगे।
सुरभि हाहाहाहाहा। अच्छा अंकल हम चलते हैं।

औके बैटा। साहिल का खयाल रखना बहुत अच्छा दोस्त हैं पिज्जा पार्टी लैनी हैं हमें तो। सुरभि हाहाहाहाहा। जी अंकल हमे भी। बाय अंकल बाय बैटा।
साहिल सुरभि ये डाक्टर अंकल तो बहुत अच्छे हैं। हम साहिल अंकल बहुत बहुत अच्छे हैं।
अब गाड़ी मै बैठो बाबा। वो हा यार चलतें हैं साहिल तो आज शाम तो हो गई अब भलें ही गार्डन मै नहीं मीले तुम।

पर देखो मुलाकात तो हो ही गई ना। हा सुरभी तुम कोई ना कोई तरकीब तो निकाल ही लेती हौ। सुरभि अच्छा बच्चु हमें आपकी फिकर हैं यै कोई तरकीब नहीं थी।
साहिल हम पता हैं हमे और बहुत बहुत थेंक्यू यार तुम मेरा ईतना ख्याल रखती हो। सुरभि अच्छा साहिल बस करो।
तुम नहीं समझोगे बस फिर कभी हमें हमारे किसी भी काम के लिये थेंक्यू तो नहीं चाहिये तुम से।

साहिल ऊफ यार तुम तो नाराज हो गई साहिल नहीं नाराज नहीं हु देखो तुम्हारा रूम आ गया अब जाओ आराम से रेस्ट करो। अब दो दिन कोई काम नहीं।
मै अभी जाती हु बिना बोले चली आई थी। और सूनो कुछ टाइम बाद मैं फौन कर लूंगी। तब तक रेस्ट कर लो साहिल ओके। यार आप आराम से जाना घर। सुरभी हम बाय बाय।
साहिल बाय।
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit ChOubeay
17/10/2019.

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'17/10/2019💐


Wednesday, October 16, 2019

वृक्ष और आस्था। पोयम 16/10/2019💐

#EDMranjit

वृक्ष और आस्था। पोयम 16/10/2019💐

पोयम।
Pics form google.

एक गाँव मैं एक पेड़ था।
वो हरा भरा विशाल था।
उसकी जड़ें बहुत मजबूत थी।
भयंकर तूफान भी उसे गिरा नहीं पाए।


एक दिन एक फकीर आया।
उस पेड़ के नीचे उसने डेरा जमाया।
पेड़ पहले ही गाँव में बहुत लोकप्रिय था।
अब फकीर वहाँ निरन्तर रहने लगा।।

कुछ वक्त पहले वो पेड़ सिर्फ गाँव का था।
अब फकीर के कारण लोग पेड़ से कतराने लगे।
इधर फकीर वहीं से अपना गुजर चलाने लगा।
लोग पेड़ की जगह फकीर से मीलने जाने लगे।।

वक्त कभी ठहरता नहीं वो तो गतिमान है।
पेड़ अब निराश रहने लगा।
लोगों की रूची बदलने लगी।
फकीर की दुकान चलने लगी।।

पेड़ समझ गया उसके प्रति प्रेम अब गाँव मैं नहीं।।
उसे बड़ा अफसोस हुआ जन जन की मूर्खता पर।
क्योंकि पहले लोग उस पर जल चढा़या करते थे।
उसकी आरती और पूजा किया करते थे।

पेड़ भी अपने इष्टदेव से गाँव के मंगल की।
कामना किया करता था।
एक समय में वो गाँव के लिए भगवान हुआ करता था।।
पर एक ढोंगी फकीर ने सबका विश्वास जीत लिया।
पेड़ के साथ ही उसके इष्टदेव से भी पंगा लिया।


वर्षौ पुराना रिस्ता अब पेड़ का टुट चुका था ।
लोगों के विश्वास और आस्था का सुरज डुब चुका था।
उस रात एक भयंकर तुफान गाँव पर मडराया।।
पेड़ झुककर जमीं पर गीर आया।
फकीर तुफान में पेड़ से दबकर मर चुका था।
पुरा गाँव अपना वजूद खो चुका था।

मित्रों आस्था और विश्वास मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
जो उसे अनेको पून्य  कार्य करने  पर प्राप्त होती हैं।
इसलिए कभी भी किसी धर्म विश्वास और आस्था के साथ खिलवाड़ न करे अन्यथा परिणाम सुखद नहीं होता।
व्यक्ति को हमेशा उस समय को याद रखना चाहिए जिस समय से वो धिरे धिरे निकल कर बड़ा हुआ है और बाहर आया है।।

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. Poetry motivational.
16/010/2019/

वृक्ष और आस्था। पोयम 16/10/2019💐



Monday, October 14, 2019

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2) ,

#EDMranjit
वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2)
प्रेम कहानी। लव स्टोरी
Edmranjit.com


आज शीतल को गाँव गये पुरे आठ दिन हो गए थे। और मन बस याद किए जा रहा है समझ नहीं आ रहा था मन को हुआ क्या था। ऐनि टाईम दिमाग की घंटी सिर्फ उसके ही इर्दगिर्द घुमती रहती थी परेशान था इस तरह की बेबसी से मन विद्यालय में भी मन नहीं लग रहा था दोस्तों से बात करना भी कुछ खास नहीं अच्छा लगता था। जब तक स्कुल का टाइम होता था किसी तरह निकल जाता था लेकिन घर का टाइम तो जैसे बदल ही गया था लगता ही नहीं था हर वक्त खुश रहने वाला साहिल इतना भी उदास हो सकता था। मैने लाइफ को हमेशा से एक बच्चे की तरह समझा था जब भी मुझे कुछ चाहिए होता तो मैं माँ या पापा से बोलकर ले लेता था। पर यहाँ जो कुछ भी मेरे साथ हो रहा था वो सब कुछ अलग सा था वो कोई चिज या सामान नहीं था जो मम्मी पापा दिला देते ।कभी कभी मन होता था माँ से बात करू और अपनी सारी परेशानी बता दू। पर फिर मन में संकोच होता था ये सब बहुत अलग था। मेरा टाइम शीतल को याद कर के बस युही निकल रहा था।

आज मैंने आँटी से पुछा शीतल कैसी है ऐडमिशन हो गया उसका वहाँ आँटी पहले तो कुछ पल मुझे देखती रही फिर बोली नहीं साहिल अभी तो कुछ एक घंटे पहले उसका फोन आया था बोल रही थी वो टेस्ट में फैल हो गई जिसके कारण उसका ऐडमिशन रूक गया है। आँटी इतना बता कर उलटा मुझसे ही पुछने लगी अच्छा साहिल तू ये बता वो तेरी अच्छी दोस्त हैं तु तो जानता है ना वो पढाई मै काफी अच्छी है फिर ये टेस्ट में फेल होना मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा बेटा आँटी की बातो से एक तरफ तो मैं समझ चुका था ।  उसने जान बुझकर टेस्ट पास नहीं किया होगा। सिर्फ़ यहाँ वापस आने के लिए फिर भी मैने उन्हें उलझा लिया आँटी से मैने कहाँ नहीं जी कभी कभी हमारे सबजेक्ट से हटकर भी सवाल पुछ लिए जाते हैं और हमारी तैयारी इतनी नहीं होती तो ऐडमिशन मीलना मुश्किल हो जाता है।। 

फिर इतना कहकर में अपने घर पर आया और बेड पर लेट गया काफी खुश था मन कुछ हलका सा मेहसुस कर रहा था में लगभग दस दिनों बाद मुझे कुछ राहत मिली थी। उस वक्त मुझे पता ही नहीं था में शीतल के प्यार में पड़ गया हु वो अब मेरी दोस्त ही नहीं मेरी जिंदगी बन गई थी बस आज और उस वक्त मे फर्क सिर्फ इतना सा था की आज हमे सब कुछ अच्छे से समझ आता हैं। और उस वक्त सिर्फ तकलिफ का एहसास होता था। नासमझ जिंदगी की बचकानी कहानी तो हजारों में होती है पर कुछ कहानियाँ जिंदगी के हर दौर में याद कर के खुशियाँ और गम दोनों समेटे उस पल उस वक्त को जीवंत बना देती है। साहिल और शीतल भी इस पहलु के वही सितारें थे जिन्हें याद कर के आज में आप सभी को उस दौर में ले जाने की कोशिश कर रहा हु जब राजा हिन्दुस्तानी और दिवाना जैसी फिल्मों का सुनहरा दौर था।। 

बस सोचते सोचते शीतल की छवि को याद करते मेरी आँखों ने मुझे कुछ पल के लिए अपनी पलको मैं कैद कर लिया और में न जाने कौन सी दुनियां का 🌟 बन गया मजे की बात तो यही थी आँख लगते ही शीतल के हजारों सवाल सामने खड़े होते थे। क्यों बच्चु अब याद आ रही हैं ना मेरी। रोते भी हो ना। दिल नही लगता होगा ना ।माँ से रोजाना मेरी खबर लेने लगे हो ना। अब समझ आ गया बेटा में तुझसे दुर क्यों नहीं होना चाहती थी। ऐसा लगता था मानो सच मैं वो सामने से बैठी सब मुझसे पुछ रही हो लेकिन वो सच नहीं था पर आज बिलकुल समझ आता हैं वो सब सच के एकदम करीब ही था। कुछ टाईम के बाद मेरी नींद खुली तो मैं एकदम से सन्न रह गया था सामने देखा तो माँ थाली में चावल साफ कर रही थी।  शाम हो चुकी थी मैं उठा और माँ के हाथों से थाली हटाकर उनके आँचल में सिर रखकर लैट गया। 

माँ मुझे इस तरह देखकर पुछने लगी क्या हुआ बता क्या बात है तबीयत तो ठिक है ना बेटा मैने कहाँ हाँ माँ आप परेशान मत हो जाओ सब ठिक है।लेकिन माँ एक बात पुछनी थी बताओगी। माँ ने कहाँ पुछ क्या पुछना है पुछ। मैने माँ से कहाँ माँ ये सपने क्यों आते हैं। और क्या ये सच भी होते हैं या बस हमे तंग करने के लिए होते हैं।। क्योंकि मुझे पता था माँ ही इसका सही उतर दे सकती है। माँ समझ गई मैने कोई सपना देखा हैं। वो पुछने लगी बता बेटा तुने क्या सपना देखा है। मैने कहाँ माँ बस युही पुछ रहा हु बताओ ना। फिर माँ कहने लगी जब भी हम किसी एक ही बिषय पर सोचते हैं उसमे खोये रहते हैं तो बस वो बात हमे सपने में नजर आती है। फिर चाहें हम दुनियां के किसी भी बिषय में क्यों ना सोचे। माँ की बातों से मुझे राहत तो मिली थी ।क्योंकि ये सच भी था उन दिनों मन में सिर्फ़ शीतल का ही ख्याल था तो सपना उसका ही आना लाजिमी भी था।। फिर बातों बातों मैं मैने माँ से कहाँ पता है माँ अभी मैंने सपने में देखा की शीतल वापस यही आ रही हैं। मेरी बात सुनकर माँ हंसने लगी और बोली अब तुने देखा है तो फिर सपना सच ही होगा तेरा आखिर तेरी दोस्त जो ठहरी वो सपने में तो आऐगी ही। माँ बोलते हुये हंसने लगी मुझे छेड़ने लगी।। 

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2) 


आज सुबह उठते ही अपनी छत पर गया और वहाँ से शीतल की छत की तरफ मुंह करके बैठ गया मुझे लग रहा था आज तो पक्का आ गई होगी क्योंकि रात में चली होगी तो सुबह सुबह आ गई होगी । पर ऐसा नही हुआ था क्योंकि ये महज मेरी सोच थी जो हर पल उसकी तलाश कर रही थी हल्की हल्की ठंडी थी तो धुप के लिए में छत पर बैठे शीतल की छत तरफ देख रहा था तभी आँटी ऊपर आई और मुझे देखते ही हंसते हुए कहने लगी साहिल अरे बेटा तुम इतनी सुबह उठ गए इधर आओ। क्योंकि मेरा छत उनकी छत से अटैच था तो मैं चला गया। जब में उनके पास गया तो वो कहने लगी अच्छा बताओ में तुमसे कुछ बताने वाली हु तो बताओं क्या बात होगी। 

मेरे मन में तो डर भी था और खुशी भी इसलिए मैने डरते हुए पहले कहाँ शायद शीतल का ऐडमिशन हो गया ये सुनकल आँटी बोली नहीं हुआ। साहिल यही तो दुख की बात है। पर मेरा मन अंदर से खुश हो गया था दिल ने कहाँ नहीं आँटी जी मेरे लिये तो यही खुशी की बात है।। फिर आँटी ने कहाँ पर कोई नहीं उसके बिना यहाँ भी तो सब सुना सुना सा लगता है अब यही होगा ऐडमिशन रात को उसने अपने पापा से बात की अब कल आ जाएगी वापस फिर से तुम दोनों एक ही जगह हो जाओगे। मैने कहाँ जी आँटी मेरे अंदर तो खुशी के लड्डू फुट रहे थे मन तो कर रहा था जैसे आज आँटी के साथ डांस कर लु पर इतना रिएक्ट अच्छा नहीं था क्योंकि वो नाईन्टीन का दौर था जहाँ शरम और सभ्यता दोनों की एक खास जगह थी।। 


वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2) 




फिर आँटी पुछने लगी क्या हुआ साहिल तुम खुश नहीं हो क्या। मेने कहाँ नहीं आँटी जी खुश तो हु पर वो टेस्ट में फेल हो गई ये सोचकर थोड़ा परेशान सा था अब सब ठिक है।, हमारी फेमली बहुत क्लोज थी इसलिए हम दोनों की दोस्ती भी खास थी सबको हम दोनों बहुत प्यारे थे पर। अब जो हम दोनों की हालत थी ये किसी को पता नहीं था। कोई नहीं समझता था के साहिल  और शीतल अब बड़े हो रहे हैं दोनों दोस्ती में कुछ और ना हो जाए। सच तो एक ये भी था की साहिल और शीतल अपने साथ होने वाले बदलाव से अंजान थे। शीतल साहिल से सिर्फ एक क्लास सीनियर थी पर अकल नाम की कोई बात उसमे भी नहीं थी। उसको सिर्फ़ साहिल नजरो के सामने चाहिए था।। 


आज का दिन और रात साहिल के लिए बहुत ही खतरनाक हो रही थी उसको लग रहा था कब दिन गुजर जाता और रात बीत जाती पर दिन के चौबीस घंटे तो होने ही थे। उसमे तो बदलाव मुमकिन नहीं था। स्कुल से साहिल छुट्टी के बाद सीधे अपने एक दोस्त के घर चला गया और वहीं शाम तक पढाई बात चीत करते शाम ढलने पर घर आया और माँ से जल्दी से खाना माँगा कुछ टाईम बाद साहिल खाना खाके सो गया। उसका पुरा दिन सिर्फ एक ही ख्याल मैं गुजरा कल शीतल आ जाऐगी बहुत सी बातें करनी है और अपनी प्राब्लमस बतानी है । बोलना हैं उसे तुम्हारे गाँव जाने के बाद मेरी क्या हालत हुई हैं। क्या हुआ है मुझे पुछना हैं साहिल को सब शीतल से। बस इन्ही सब सवालों को सोचते हूए साहिल सो गया।। 

अब आगे क्या साहिल शीतल समझ पाऐगे अपने बीच पनपते प्यार को। 
जानने के लिए पढ़ते रहिए।। 
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. 
14/10/2019

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2) 




    

Thursday, October 10, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09

#EDMranjit

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09

Pizza boy love story
Edmranjit.com

               आकाश साहिल बात क्या है भाई आज सैठ जी।
पहले तो तुम्हें सुनाते रहे फिर कुछ टाइम बाद तुम्हें।
वापस बुलाया और बोले मै बहुत पराउड फिल कर रहा।
हु कि तुम मेरे लिये काम करते हो ।साहिल एक बात तो समझ।
आती हैं की आज सुबह जो कुछ तुमनें किया उससे सैठ जी का।थोड़ा नुकशान हो गया।

और इसके लिये उनहोंने तुम्हें डांट लगाई। फिर अचानक से कुछ टाइम बाद बुलाकर शाबाशी भी दे रहे हैं। आकाश अरे दिपु तुमने कुछ जानते हो तो बताओ।
आकाश भईया बात ये हैं जब सैठ जी साहिल को डांट रहे थे उस टाइम उन्हें बस अपना नुकसान नजर आया था।

 लेकिन बाद मे जब (आई सी आई बेंक )से निशा मेम का फौन आया और उन्हौने सैठ जी से कहा की वाह सैठ जी आपका और साहिल का बहुत बहुत धन्यवाद ।आप लोगो की वजह से हमारे एक होनहार एडवाईजर की जान बच गई। अगर आपका साहिल वक्त पर उसको हौस्पिटल ना ले जाता तो डाक्टर का कहना था उसको बचाना मुश्किल हो जाता।

निशा मेम ने आगे कहा सेठ जी इस अच्छे काम के लिये परोपकार और हैल्प के लिये हम और हमारी पुरी स्टाप टीम साहिल को सम्मानित करना चाहते है ।और कल के अखबार मे आपकी सोप के साथ साहिल का नाम भी ऐसे जुड़ जाऐगा जैसे आज तक आपके पिज्जा की वजह से दिल्ली मे लोग आपको जानते हैं।

और फिर सैठ जी ने भी मेम को शुक्रिया किया। आकाश तो ये बात हैं। हां आकाश भईया इसलिये सैठ जी को जब ऐ एहसास हुआ की सिर्फ पैसे का नुकशान ही सब कुछ नहीं होता किसी की जान बच गई इससें बड़ा फायदा और क्या हो सकता हैं।

तब सैठ जी साहिल को बुलाकर उससॆ शौरी भी बोले और उसको सम्मान का हकदार भी बताया। आकाश भाई और दीपु।
क्या आप लोग भी सुबह से वहीं रट्टा लगा रखे हो। अरे किसी की हैल्प करना अच्छी बात हैं और उसके लिये हमे किसी सम्मान की कोई जरूरत नहीं अरे हमारै गाँव घर में हम सबको यही सिखाया गया हैं ।

 क्या आप सब किसी मरते को छोड़ सकते हो। आकाश साहिल तु नाराज मत हो लेकिन ये बात तो तु भी जानता हैं आज दुनिया में इनसानियत नाम की कोई चीज नहीं हैं ।जब वहाँ एक्सिडेंट हुआ तो इकलौता तु रोड पर नहीं था हजारों कार बाईक और बस वाले भी थें।

 और जिसने गलती की वो तो सीधा अपनी गाड़ी लेकर भाग गया। तब तुम्हें वहाँ किसी की ईनसानियत दिखी नहीं ना।और जब इसके तुमनें उसकी हैल्प की उसकी जान बचाई तो ।इसके लिये अगर कोई थोड़ा सा सम्मान देता हैं इसमे गलत क्या हैं। जब हमारे कनजूस सैठ तक को बात समझ आ गई तो तुम क्यो नाराज होते हो।

 साहिल आकाश भाई मै नाराज नहीं हु बल्कि ये सोच रहा हु। क्यो लोग अपनी जिम्मेदारी नही समझते क्यो सब अपना ही सोचते हैं। अगर हर इंसान सिर्फ़ अपना सोचता हैं तो।
कल को हम सब भी तो रोड पर चलते हैं काम करते हैं ।
और हादशे बोलकर नहीं होतै बस हो जातै हैं।

 जो लोग दुसरो को रोड पर मरता छोड़ अपने काम को तव्जो देते है भगवान ना करे कल उनके साथ ऐसा कुछ हो।आज सुबह जब सैठ जी ने मुझे डांटा तो में थोड़ा दुखी जरूर हुआ था मुझे लगा था में किसी ऐसी जगह पर काम कर रहा हु जहाँ सिर्फ हमे अपना काम टाइम पर करना हैं ।और उसके अलावा कुछ नहीं।बहुत सारे सवाल थें।

मेरे दिमाग में। और मैने मन ही मन सोच लिया था अब यहाँ काम करना उचित नहीं। पर सैठ जी को बाद मै समझ आया मैने कोई गलत काम नहीं किया । आकाश साहिल मेरे भाई तु इतनी जल्दी इतना सब मत सोचा कर और काम छोड़ने का तो बिल्कुल मत सोचना और हां तुझे जो करना हैं कर सैठ जी दिल के बुरे नहीं हैं। साहिल पर थोड़े बनिया टाइप हैं।

 उन्हें हर बात समझ आती हैं में तो इनके पास काफी टाइम से हु इन्हें अच्छे से जानता हु।तु इनकी टेन्शन ना लिया कर।
और हां अब कल तो तु पेपर मे आऐगा मेरे दोस्त ।देखा जाऐ।
तो ये भी कामयाबी की तरफ तेरा पहला कदम हैं।

 आकाश साहिल तु जानता हैं बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो अपने अच्छे करमों की बजह से पेपर मे जगह पाते हैं। और तुने अखबार में अपने अच्छे काम की वजह से जगह मीलेगी कल यार
इसलिये मे तो बहुत खुश हु मेरे भाई।हाहाहाहाहाहा।
साहिल आकाश भाई आप तो ऐसे खुश हो रहे हो जैसे मुझे कोई नेशनल आवर्ड मिल रहा हो।

 साहिल किसी कि जिंदगी बचा लेना बहुत सारे बड़े आवर्ड से भी बड़ा गिफ्ट हैं यार।
और कल जब सुरभि भी तुझे अखबार मे देखेगी बहुत खुश होगी। साहिल आकाश भाई बस भी करो।



 पढतें रहिये।
साहिल और सुरभि की कहानी
क्या होगा साहिल की लाईफ में।

Writing by ranjit Choubeay 

Www.edmranjit.com
10/10/2019

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09


Tuesday, October 8, 2019

शुभ दशहरा। 💐08/10/2019🏹

#EDMranjit🏹

शुभ दशहरा। 💐08/10/2019🏹

विजय दशमी
Www.edmranjit.com

सभी मित्रों को दशहरा  की अनेक अनेक शुभकामनाएं। 
आज फिर से एक बार।
दुनिया ने इतिहास को ।
दोहराया रावण को मान्यता।
अनुसार जलाया।🏹

हर बार की तरह इस बार भी।
देशवासियों ने रावण को बुराई का।
प्रतीक मानकर उसका अंत किया।
और सदियों से करते रहे है।🏹

आगे भी रावण युही जलता रहेगा।
और हम सब इसको एक उत्सव।
के रूप मे मनाते रहैंगे।🏹

भगवान राम ने तो रावण को।
शतयुग मे ही मार दिया था।
और उनहोंने कहा था किसी।
वयक्ति राज्य और धर्म को।
तभी याद रखना चाहिए।🏹

जब वो समपूर्णतह उचित हो।
राजा श्री राम ने ये भी कहा था।
आज केवल युद्ध मै रावण हि नहीं मरा।
अपितु उसकी सारी बुराइयों का अंत हो गया है।
रावन ने भी मरने से पूर्व भगवान श्री राम से।
पुछा हे राम क्या ये संसार मुझे ।🏹

मेरी द्ववारा किये गये अपराधों से छमा कर पायेगा।
तब भगवान  श्री राम ने रावण से कहा रावण तुम तो।
परम ज्ञानी हो और जानते हो।🏹

मेरी लड़ाई केवल तुम्हारे द्वारा किये गये अपराध और पाप से थी। जीस पर धर्म की बिजय हुई।
तुम्हारे पापो का अब अंत हो चुका है।
इसलिए अब आपसे संसार मै कोई भी।
द्ववेश नही रखेगा।🏹

और फिर रावण श्री राम के नाम को पुकारते हुये अपने।
प्राण तयाग देता है।
श्री राम ने लश्रमन से ये भी कहा।
आज संसार ने एक महाज्ञानी महानकलावादी प्रतापी यूग को।
खो दिया।।।🏹

भगवान श्री राम को भी रावण को मारकर दुख हुआ।
हम हर साल रावन को जलाते आये है।
पर असफल ही रहे है।
कयोंकि रावण का अंत तो श्री राम ही कर सकते है।
जो उनहोंने युगो पहले किया।🏹

अगर असली रावण को मारना ही चाहते हो।
आप सब तो अपने अंदर छुपे रावण को मारो।
ज़ो हम लोग एक दुसरे को नुकसान पहुचाना चाहते है।
अपने ही माता पिता का अपमान करते है।
अपने हि देश को लुटने की कोशिश करते है।🏹

कागज के पूतलो मे बारुद लगाकर जलाने से।
रावण नही मरता ना ही बुराईयों से कोई बच पायेगा।
अपने मन मे श्री राम को बसाओ।
गलत रास्ते का त्याग करो।
माता पिता और नारी जाती का सममान करो।
देखो कही कोई रावन नजर नही आऐगा।।।
दशहरा मनाओ।
वो अधर्म पर।
धर्म की बिजय का दिन है।🏹

लेकिन याद रखो आप हर साल लाखो करोड़ों।
रुपए नुकसान कर अपने हि देश और समाज को।
गलत दिशा कि तरफ बढने क़ो बिवश कर रहे है।

जय श्री राम।🏹
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay .
08/10/2019.........


शुभ दशहरा। 💐08/10/2019🏹

Monday, October 7, 2019

नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

#EDMranjit



जिंदगी प्यार से जिओ तो नादानी बन जाती हैं। 
जिंदगी को समझो तो बेईमानी नजर आती हैं।। 
जिंदगी से दुर रहो तो दर्द बहुत दे जाती हैं।। 
जिंदगी की ये पहेली तो उलझी रह जाती हैं।। 

जब तक आप खुद से निडर हो सब ठिक। 
जरा सा डरे तो सब साथ छोड़ जाएंगे।। 
जो मतलबी होते हैं शुरू से ही यारो। 
वो क्या आपका उम्र भर साथ निभाऐंगे।। 

नहीं करना कभी किसी पर विश्वास तुम।। 
ये शब्द आपको जला कर राख कर जाऐगा।। 
जब टुटेगा आपके हृदय से निकलकर तो। 
वापस आपकी जिंदगी मैं लौट नहीं पाएगा।। 

इंसान जब भी खुद को समेटता हैं ।
तो  दुनियां से अलग हो जाता हैं।। 
फिर कोई रहे न रहे उसकी दुनियां में।। 
हर परवाह से वो दुर हो जाता है।। 

हम ने तो खूद को मिटाया हंसते हुए।। 
रोना तो जिंदगी ने सिखाना चाहा था। 
निकालकर फेक दिया उन किताबो को। 
अपनी जिंदगी से बाहर जिसने हमें दर्द में। 
रहकर भी जिना सिखाया था।। 

आसपास ही होती जिंदगी तो इतनी दुरी क्यों।। 
जब दिल मिलते ही नहीं तो मजबुरी क्यों। 
कुछ जालसाज़ होती हैं जिंदगानी उन लोगों की।। 
जो मोहब्त को भी बदनाम कर जाते निजी स्वार्थ कर।। 


स्वार्थी लोग कभी साथ नहीं निभा सकते। 
सिर्फ़ धोका फरेब झुठ और जाल बुनते हैं।। 
वो तब तक आपके साथ चलने का ढोंग करेंगे। 
जब तक आप उनकी हाँ में हाँ करते हैं।। 


दोस्तों इस दुनियां मैं मोहब्त जैसा कुछ नहीं होता। 

आप खुद को मजबूत करो दुनियां आप की हो जाएगी। 

अगर आप कुछ नहीं हो तो माफ करना मित्रों। 

यहाँ पर आपकी जिंदगी सिर्फ मजाक बनकर रह जाएगी।।  

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. 
07/10/2019 poetry. 

नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

Thursday, October 3, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08)

#EDMranjit

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08

साहिल सुरभि प्रेम कहानी
Www.edmranjit.com


            साहिल ऐं साहिल कहां खोये हो। तुम तो खोये हुऐ।
रेगिस्तान तान की तरह खो जाते हो।।
नही सुरभि में सोच रहा हु तुमने पहले मुझें उस दिन बुक मेला।
में देखा थोड़ी बात की उसके बाद मुझे बुक आँफर की जब मैने लेने से मना किया तो चोरी चुपके हमे फौलो किया और हम ये सब महज एक सयोग समझते रहे।।

सुरभि क्या यार अब तो मैने सब बता दिया ना की मैने तुम्हें एक दिन एक बेकरी में देखा बस मुझे लगा मील गया वो दोस्त जिसकी मुझे तलाश थी और वहीं से तुम्हें फौलो करने लगी। चाहती तो सब बुक मेले में भी बोल सकती थी लेकिन फिर मुझे सब कुछ जल्दी जल्दी लगता इसलिये खुद मैने ही थोड़ी मेहनत कर ली।।

साहिल हाहाहाहाहाहा। सुरभि अब इसमे हसनें वाली क्या बात हैं। नही यार बस तुम्हारी मेहनत पर मुझे हसी आ गई मुझे नही पता था दिल्ली आकर मुझे इतनें अच्छे दोस्त मीलने वाले हैं वरना पहलें ही आ जाता सुरभि हाहाहा शो फनी चलो अब ये बताओ तुम खुश तो हो ना।।

साहिल हा यार खुश हु क्यो तुम्हें खुश नही लग रहा। सुरभी हां लग रहे हो खुश लेकिन अभी कुछ टाइम पहले रेगिस्तान में खोये थे इसलिये पुछा। साहिल पता हैं सुरभी अभी तो में बस ये सोच रहा हु में जब यहाँ से रूम जाऊंगा तब उस आकाश से क्या बहना बनाऊँगा क्योंकि वो आज मेरा पुरा हिसाब लेगा पुछेगा कहां था इतने टाइम।।

क्योंकि कभी उसके बिना इतना टाइम कही बिताया नहीं इसलिये मे भी कुछ सोच लु सुरभि अच्छा तो क्या बोलोगे उस से आज सब सच बता देना सुरभी बुक देने आई और साथ ले गई फिर हमने होटल मे लंच किया फिर बाहर गार्डन में बहुत टाइम बैठे बहुत सारी बाते हुई।।

बोलना सुरभि ने बहुत सर खाया और अब वो मेरी बेस्टी हैं। साहिल हाहाहाहा बाप रे तुम तो उस से भी ज्यादा बातुनी हो।सुरभि क्यो अब मुह भी बंद रखना चाहिये और तुम्हारी हैल्प ही तो कर रही हु।साहिल हा बाबा ठिक है यहीं सब बोल दुंगा लेकिन फिर अगर उसने मुझे डांटना शुरु किया तो फिर तुम वहाँ रहोगी बचाने के लिये।।

सुरभि लेकिन साहिल वो डांटेगा क्यों।साहिल इसलिये क्योंकि वो मेरें बड़े भाई जैसा हैं जब में यहाँ आया था तो उसने बिना कुछ सोचे बिना मेरे बारे में जाने ही। कहां था दोस्त रहने कै लिये टेनशन मत लो मै हु ना और उसने कभी मुझसे ऐसा कुछ नही कहां जो मुझे बुरा लगे एक बड़े भाई से ज्यादा ख्याल रखता हैं वो मेरा।।

 अब तुम ही बताओ। सुरभि उस दोस्त से कुछ छुपाना क्या सही होगा ।नही साहिल सब सच बता देना ।साहिल लेकिन एक बात ये भी याद रखना मैने तुम्हें एक नजर मे Select कर लिया था। सेम तुम्हारे दोस्त कि तरह। साहिल हा जानता हु यार तुम भी उसके जैसी हो। अच्छा साहिल अब हमें चलना चाहिये ना आज तो मम्मा भी बहुत सवाल करेगी बोलेगी बिना बताऐँ कहां गायब थी।।

पिज्जा बोय लव स्टोरी।।


और मैने तो फोन भी ना किया। साहिल हा तुम जाओं में भी निकलता हु। सुरभि नही तुम बाहर चलो में पार्किंग से कार निकालती हु तुम्हें भी छोड़ दुंगी ।साहिल नहीं यार मे आटो ले लुंगा। सुरभी क्यो मेरी कार पंसद नहीं या मेरे साथ उसमें बैठना।।

साहिल अरे नही यार ठिक हैं चलो साथ ही चलता हु।में तो बस ये सोच रहा था कही तुम्हारे किसी अपने ने तुम्हें किसी अजनबी के साथ देख लिया तो बहुत सवाल दैने होते हैं। लड़की कि जात को बहुत सवाल करते लोग यार। सुरभि ओफ वोह। यार साहिल कहां चले जाते हो पन्द्रहवीं सदीं में ।इतना मत सोचा करो और अगर ऐसा कुछ हुआ भी तो मैं हैन्डल कर लुगीं यार मार्डन गर्ल हु कोलेज जाती हु घर के बाहर सारे काम देखती हु।।

इतनी बड़ी हो गई हु अपना खयाल औरो से बेहतर रख सकती हु। और सबसे अच्छी बात ये हैं मेरे मम्मी पापा सेम मेरे जैसे ही अच्छी सोच रखते हैं। वो जानते हैं उनकी बेटी कैसी हैं। औकें मिस्टर साहिल लो देखो तुम्हारा घर भी आ गया ।हाहाहा। साहिल जी बिलकुल झासी की रानी जी अब आप आराम से जाईये।।

और अपना खयाल रखना। हम साहिल बायं कल शाम को मीलते हैं ।सुरभि अच्छा ठिक हैं। मिलते हैं औके।
बांय बांय ।रेगिस्तान हाहाहा। साहिल बांय बांय।
साहिल अरे बाप रे लड़की हैं या चलती फिरती डिवीडी जो एक बार शुरू हो जाऐ तो रूकती ही नही।
वैल अब आकाश भाई से निपटना पडेगा।

अब आगे।
क्या साहिल और सुरभि।
की दोस्ती प्यार में बदल जाऐगी।
या फिर दोनों अच्छे दोस्त ही रहेंगे।
और साहिल क्या दिल्ली प्यार करने ।
आया हैं कही वो अपना कुछ भुल तो नहीं।
रहा।
पढते रहिये ।

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.
03/10/2019

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08

Thursday, September 26, 2019

माँ आ रही 💐 नवरात्रि कविता।। Mother is coming 💐 Navratri poem.27/09/2019

#EDMranjit
नवरात्रि वंदना माँ भक्ति कविता
Www.edmranjit.pics from g web

माँ आ रही 💐 नवरात्रि कविता।। Mother is coming 💐 Navratri poem.27/09/2019


माँ आ रही हैं जग को फिर से संवारने। 
तु तन से तु मन से माँ को पुकार ले।। 
जो थम गया था तेरा जीवन का कारवाँ। 
बीन बोले पुरी होगी वो हर मुराद तेरी। 

वो भक्ति में है खोई भक्तों के संग रहती। 
ना भुलती कभी वो नवरात्रि का सबेरा। 
निश्चल हैं मन अगर गुहार फिर लगा ले। 
माँ के चरण मैं झुक कर अब शीश तु नवा ले।। 

वो चर में भी अचर में भी धरा के हर पहर में भी। 
वो नभ भी है और शीत भी स्वर्ग भी स्तह भी है ।।
जगत की हर विरह भी है सुख भी संचय भी है। 
माँ ज्ञान भी संज्ञान भी है शक्ति का वरदान भी है।। 

अब आ गया है फिर से स्नेह का सवेरा। 
जोत भी जल रही है माँ ले कर नाम तेरा।। 
छुटे ना तेरे दर से कोई गरीब शाही।
 आशीष सबको देना ओ कटरा वाली माँई।। 

अभय हैं तेरे दर का हर एक रहगुजारी।। 
तुने तो सबकी दुनियां स्नेह से सजाई।। 
अब आ भी ओ माते हम भी बुला रहे हैं।। 
तेरे धाम की तरफ हम अर्जी लगा रहे हैं।। 

माँ तुझ से ऐसा नाता जो प्राण से भी प्यारा।। 
पुकारते हैं तुझको धरती के सारे लाला।। 
माँ शीतले माँ कोमल हृदय की शीत छाया।। 
तुने बड़े विनय से संसार ये बसाया।। 

नमन हैं माता तुमको धरती के कण कण से।। 
झुमता हैं मन सबका आपके आगमन से।। 
माँ आप सबकी प्यारी हम लाल सब तुम्हारे।। 
आशीष सबको देना सब चरण हैं पखारे।। 
माँ तुझे प्रणाम।। जय माता दी।। 💐🙏🏻🔱
Writing by ranjit choubeay. 
Www.edmranjit.com.

माँ आ रही 💐 नवरात्रि कविता।। Mother is coming 💐 Navratri poem.27/09/2019🌹🌺🌼☘️





Wednesday, September 25, 2019

कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny. Poem 26/09/2019

#EDMranjit

कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny.  Poem 26/09/2019

मोटिवेशनल पोयम
Www.edmranjit.com .sri Krishna dham mathura. 

रूक कर चलते चलते चलना ही भुल गये। 
थोड़ा सी खुशी क्या मिली सारे गम ही भुल गये। 
अभी बस चले थे कुछ कदम मस्ती की राह में। 
पता चला चलते ही मंजिल अपनी भुल गये।। 


जुगनू रातों में अक्सर जगाया करते हैं। 
आँखों ही आँखों में कुछ राज बयाँ करते हैं। 
हम पुछे भी तो सिर्फ़ टिमटिमाते है।। 
ना जानें वो सारी उम्र हमसे क्या छुपाया करते हैं।। 

तकदीर तो सबकी वहीं लिखता आया है।। 
तश्बीर  में कुछ बेइमानी करता आया है।। 
तकदीर में कुछ कर्मो का लिहाज बताकर। 
तश्बीर में एक ही रंग परमामेंट भरते आया है।। 

कोई भगवान को कभी हरा नहीं पाया। 
को भाग्य को कभी मिटा नही पाया। 
कौई झुठ को कभी छुपा नहीं पाया। 
तो कोई सत्य को कभी दबा नहीं  पाया।। 

इंसान दुख का पुजारी है इस दुनियां में। 
इंसान ही सुख का भंडारी है इस दुनियां मैं। 
थोड़ा सा गर सर झुकाकर चलना सिख जाओ।। 
तो इंसान ही वफादारी हैं इस दुनिया में।। 

वक्त हरिशचंद से भी सब कुछ ले बैठा था।। 
वक्त रावण को भी मिटा आया है। 

वक्त ने बलि को भी खुद में समाया था।। 
वक्त ने हर बार खुद को दोहराया है।। 

सिखोगे तो हर बात में कुछ मिलना तय है।। 
देखोगे तो हर राह पर कुछ मिलना तय है।। 
समझ जाओगे तो हर इंशा लाजवाब हैं।। 
समझ पाओगे तो खुद से मिलना भी तय है।। 


पहचान न छुपाना कभी आप अपनी। 
क्योंकि ऊपर से सब नजर आ रहा  उसको। 
डर सदेव रखना जीवन में मित्रों अपने। 
 हमको तुमको सबको एक श्री ही चला रहा है💐

💐ऊँ नमोः भग्वते वाशुदेवाय नमः 💐
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. 
26/09/2019
Poetry motivational .


कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny.  Poem 26/09/2019



पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'26/09/2019💐part 07)

#EDMranjit   motivational love story.

 पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'26/09/2019💐part 07)


#पार्ट 7
.......
साहिल आज तो बहुत थक गया यार आज तो लगता हैं।
डिलीवरी कर कर के मेरी ही डिलवरी हो जाऐगी।
अरे नही तुम बताओ और कहा करके आना है आकाश में कर आता हु। नही यार साहिल बस एक और बाकी है तु यही रूक मै आता हु अभी यही अशोक नगर ही जाना है।

ठिक जाओ जल्दी आना भुख भी लगी हैं लंच का टाइम भी हो गया ।हा यार बस गया और आया साहिल तब तक तुम एक काम करो वो राजु मिठाई वाले के यहाँ से गरमा गरम ढोकले लेते आओ आज मन कर रहा है ढोकले खाने को ओके में ले आता हु पर आकाश तुम जल्दी आओ। अब जाओ हा मै निकलता हु ।

साहिल ये आकाश भी लंच मे आज ढोकले खाऐगा इसका भी जवाब नही ओके चलो अब उसके ढोकले ले आता हु। हैलो भाई आधा किलो ढोकला पैक कर दो और सुनो थोड़े गरम होने चाहिये। तभी साहिल को कोई पिछे से टच करता है हैलो मिस्टर जी आप हा क्यो हम यहाँ नही आ सकते ये वही लड़की हैं जो साहिल को बार बार कही ना कही मील जाती हैं।

साहिल मैम आप मुझे गलत समझ रही हो मै तो यहाँ ढोकले लेने आया हु । हैलो मिस्टर मैने कुछ नही समझा मै तो बस ये सोच रही हु तुमने वो बुक ली होती तो पढ़ के अब तक लौटा चुके होते ।लेकिन मैम सुनो मेरा नाम सुरभी हैं मैम मत बोला करो साहिल ओके सुरभी जी। हैलो सर आपके ढोकले हा एक मिनट ये लिजिये पैसे। तो मिस्टर आप का नाम जान सकती हु मै। जी मेरा नाम साहिल है।

अच्छा तो साहिल मुझे भी बहुत अजीब सा लगता हैं जब आप वहाँ मील जाते हो जहां मे किसी काम से जाती हु ।
माना की ये महज एक इतिफाक हैं लैकिन अगर ऐसे ही आप हमें मीलते रहे तो फिर मुझे कुछ करना पडेगा। साहिल सुरभी जी ये क्या बोल रही हो आप । सुरभी हसने लगती हैं कहती हैं ओके ओके डरो नही यार में मजाक कर रही हु।साहिल सुरभी जी आप से डर लगता हैं।

 हमे देखिये हम सच मे बस अपना काम करते हैं और काम के बीच ही आप से मुलाकात हो जाती हैं इसमें मेरा कोई मतलब या कुछ इरादा नहीं हैं। सुरभी अरे यार तुम तो सिरियस हो गये। अच्छा मे चलती हु मै भी यहाँ कुछ स्वीट लेने आई थी देखते हैं हमारी अगली मुलाकात कहा होती हैं लेकिन साहिल दुआ करना इस बार आपको हमसे डर ना लगे। बाय ।साहिल बाय बाय जी बाय बाय।

साहिल बाप रे अजीब लड़की हैं कही भी मील जाती हैं ।
पता नही इसके दिमाग मैं चल क्या रहा हैं। आकास का फोन हां भाई आया अभी बस दो मीनट में।
साहिल क्या हुआ तुने बहुत टाइम लगा दिया मैं दस मिनट से यहा बैठा हु ।क्या हो गया साहिल कुछ नही यार आज फिर से वो लड़की मील गई थी आकाश कौन वो बुक वाली।

हा यार वही उसका नाम सुरभी हैं अच्छा त़ो नाम भी बता दिया। खुद बताया या तुने पुछा अरे यार मैं क्यो उसका नाम पुछने लगा उसने ही खुद बताया यार वो अजीब हैं जब देखो कही ना कही मील जाती हैं और कुछ ना कुछ बात करने लग जाती हैं।साहिल यार मुझे तो लगता हैं वो ही तुझे फौलो करती हैं ।नही आकाश ऐसा कुछ नही हैं वो वही मीलती हैं जहां कोई भी काम से ही जाता हैं।

अभी वो भी स्वीट लेने ही आई थी वहाँ ये कोई फौलो करना नही होता। अब मुझे लगता है इस बार मीलेगी तो उससे वो बुक लेकर पढ़ ही लुंगा कम से कम फिर उसके पास कुछ बोलने के लिये नही होगा। आकाश ये हुई ना शेरो वाली बात चलो अब लंच करते हैं बाते तो करनी ही हैं लेकिन अभी पेट पुजा भी जरूरी हैं साहिल हा यार चलो।
।।
अब आगे क्या सुरभी सच मैं साहिल को फौलो।
करती हैं या फिर उनका मीलना बस एक सयोग हैं।
Www.edmranjit.com
Writing editing by ranjit choubeay.
26/09/2019

 पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'26/09/2019💐part 07)

Tuesday, September 24, 2019

लव शायरी 💐 Love shayari 24/09/2019

#EDMranjit      love shayri.

लव शायरी 💐 Love shayari 24/09/2019


उलझे हुए ख्वाबो की एक झलक मिल जाए। 
एतबार कर सके उनसे वो पलक मिल जाए। 
एहसास हो उन्हें वो हमारे सिर्फ़ हमारे है। 
तो इस बेसहारे दिल को भी शुकू मिल जाए।। 

कोई क्या इश्क करेगा आज इस जहां में। 
कोई क्या साथ देगा इस बहती हवा में। 
अब तो शहर से शहर तक सिर्फ वफा फिरती है।। 
कोई बचा ही नहीं अब इस शहरे बेवफ़ा में।। 

पलक झूकती है तो ख्वाबो में चेहरा खिल जाता है। 
याद आती है तो होटो में रंग भर आता है।। 
लोग मोहब्त आज भी दिल से ही करते हैं। 
इसलिए आँखों का झरना आज भी बह जाता हैं।।

किसी शायर की एक कलम लिख रहा हु।
किसी के दिल की ये कसक लिख रहा हु। 💕 
वो जो दिल के पास आते हैं छुपके छुपके। 
सिर्फ उन्हीं के लिए ये गजल लिख रहा हु।। 💕 

नहीं इल्म होता मोहब्त के मतवालों को। 💕 
वो तो सिर्फ़ प्यार किए जाते हैं।। 
जब नफरते जहाँ मैं फिजाएं रोती है रातों मैं।। 
दिवानें उस रात को अपनी महक से सजाते हैं।। 💕 

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. 
24/09/2019.

लव शायरी 💐 Love shayari 24/09/2019

Sunday, September 22, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

#EDMranjit। motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

Pizza boy love story
Www.edmranjit.com


साहिल यार आकश आज जब में लास्ट डिलीवरी करके निकल रहा था तो मैने कुछ नोटिस किया पर फिर लगा नही मेरा वहम हैं। लैकिन फिर भी मन कहता है नही वो सच था अब समझ नही आता में सही था या फिर वो और मन कहता है वहम नही है सच है।

 आकाश साहिल लेकिन क्या मुझे अब बतायेगा या फिर खुद ही सही गलत करता रहेगा। बात क्या है खुलकर बता। साहिल यार बीते रविवार को मैने छुट्टी की थी ये तो तुझे पता है आकाश हा पता है।

अब आगे यार उस दिन में प्रगति मैदान गया था वहाँ कुछ पेंटिंग्स और बुक्स कि प्ररद्शनी लगी थी तो मै भी कुछ पुरानी ऐतिहासिक बुक्स देखने लगा मुझे एक बुक पंसद आई लेकिन उसका प्राइज़ बहुत था यार पुरे तीन हजार नौ सौ । फिर मैने वो बुक रख दि लैकिन तभी एक लड़की आई और पुछने लगी हैलो क्या आप ये बुक ले रहे हो।

तो मैने कहा नही तो उसने कहा आप काफी टाईम से इस बुक को पढ़ रहे थे। इसका मतलब आपको पंसद आई हैं तो फिर आप झुठ क्यो बोल रहे हो फिर उसने मुझे गौर से देखा मुझे ऐसा लगा जैसे वो मेरे कपड़े ओर पैरो की तरफ देख कर ये अंदाजा लगाने की कोशिश कर रही थी।

 मे गरीब हु या अमीर इसलिये में निकलने लगा तभी उसने कहा हु लगता हैं आपके पास इस बुक्स को लैने के लिये पुरे पैसे नही हैं क्यो मिस्टर सही कहा ना मैने तो मैने कहा दैखिये आप तो बेमतलब की बात कर रही हैं हम बुक ले या ना ले ये हमारी मरजी है।

 तो वो बोली देखिये मैने ऐसा इसिलिये कहा क्योंकि मुझे भी ये बुक्स पंसद हैं तो क्यो ना हम दोनो मिलकर यै बुक ले और पहले हम पढ़ लेगें और फिर आप का एडरेस दो आपको दे देगें हम लाकर।

आकाश साहिल अजीब लड़की थी बीना जान पहचान के ही गले पड़ रही थी अच्छा अब ये बता आगे क्या हुआ।
यार आगे फिर बोली क्यों मंजूर हैं। तो मैने कहा जी नहीं आप ले लिजिये हमे नही लेनी कोई बुक हम तो बस देखने आऐ है।

उसके बाद उसने कहा ओके और वो बुक उसने ले ली और जाते जाते बाय बाय बोल गई।आकाश अच्छा तो आज क्या हुआ जो तु उस दिन को लेकर आज सोच रहा हैं।साहिल अरे तु सुन यार आज जब मोरनिंग मै गार्ड अंकल से मीलने क्नाट पैलेस गया तो मैने उसको गार्डन मै जागिंग करते दैखा।

आकाश दिल्ली कि हैं यार दिख गई होगी यही आस पास की होगी। साहिल सुन तो लै भाई। उसके बाद जब मै अंकल से मिलकर लौटने लगा तो कार से रास्ते में मीली और हौरन दिया पिछे से जब मे साइड हुआ तो बोली क्यो हिरो मुझे फौलो कर रहे हो ।

 मैने जी नही में यहां अपने अंकल से मीलने आया था।
तो बोली अच्छा ओके सुनो तुम्हें वो बुक पढ़नी हैं तो में फ्री में दे सकती हु क्योंकि मैने पढ़ ली। यार मैने कहा लैकिन मेडम में आपको नही जानता तो आपसे बुक क्यो लु। तो बोली औके तुम्हारी मरजी और बांय बोलकर चली गई।

आकास उसके बाद लास्ट टाईम यार अभी जब में डिलवरी करके लौट रहा था तो मैरे पिछे ही कार का हौरन बजाने लगी।
जब मैने पिछे देखा तो मेरे होश उड़ गये वो दैख कर हंस रही थी। यार आकाश एक तो उसको ये भी पता चल गया मै एक डिलीवरी बोय हु ।

और ऊपर से ये समझ नही आ रहा वो बार बार क्यो मिल रही हैं ये कोई इतिफाक हैं या फिर वो मुझे फौलो कर रही हैं ।आकाश हाहाहाहाहा अरे यार तु बोलता है वो कार वाली हैं इसका मतलब पैसे वाली है।

और आस पास की है ईसलिए दिख जाती है। बस इतनी सी बात हैं और तु परेशान हैं।
लेकिन साहिल तुझे वो बुक ओफर कर रही थी तो ले लेता यार इसी बहाने पहचान हो जाती। साहिल अरे बाप रे नही यार वो बहुत हाईफाई दिखती हैं लगता हैं बहुत बडे़ घर की हैं देखते ही डर लगता हैं यार।

आकाश साहिल तु तो घबरू हैं यार लेकिन अब अगर वो मीले और कुछ बोले तो इसबार इतिफाक नही समझना उससे बात करना। हाहाहाहाहाहा।

क्या भाई तु बहूत खिचाई करता हैं यार।
आकास नहीं साहिल रियली यार तु भी हैंडसम हैं ।
और ये दिल्ली लड़कियों को तुझ सरीखे लड़के बहुत पंसद आते। हाहाहाहाहाहा साहिल बस बस भाई।

अब आगें ।
कौन हैं वो लड़की।
क्या साहिल से वापस उसकी मुलाकात होगी।


Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.
22/09/2019

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

Saturday, September 21, 2019

तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

#EDMranjit motivational poetry.

तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

Motivational poetry
Www.edmranjit.com poetry. 


गिरते गिरते जो उठ जाते हैं।
वक्त रहते जो संभल जाते हैं।
हर वजह को अनदेखा जो करते हैं।
वक्त रहते वहीं कुछ कर जाते हैं।।

वाकिफ होते हैं जो दुनियां से।
वो तो डर डर कर बढ़ते है।
जो निडर होते हैं हर जहाँ से ।
वो सबसे आगे निकल जाते हैं।

कसर कौन छोड़ता है यहाँ जीत की।
हर किमत पर लोग जीतना चाहते हैं।
वजह जैसे ही समझ आती है कुछ खोने की।
बस वहीं हौसले पस्त हो जाते हैं।।

शिकार कहाँ शिकारी को बुलाता है कभी।।
वो अपनी भुख मिटाने की राह तय करता है।
बस कुदरत की मेहरबानी हैं दोनों पर।
कोई शिकार बन जाता है कोई शिकारी कहलाता है।

तराजु भी हमेशा दो तरफ बहता है।
कभी कम तो कभी ज्यादा कहता है।
मगर जैसे ही थोड़ा ज्यादा मिलता है उसे।
वो भी उसी साहुकार का होकर रहता है।।

इंसान का हुनर भी कमाल का होता है।
जहाँ पिटता है जिंदगी की चक्की मैं हर पल।
पता नहीं क्यों उसी चक्की के गुण गाता हैं।
हद तो तब हो जाती हैं एक दिन वहीं दम तोड़ जाता है। 🙏🏻
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.
22/09/2019.

तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

Friday, September 20, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05

#EDMranjit.  Motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05)

Pizza boy love story.
Www.edmranjit.com pics form web. Pixel 


साहिल आकाश से कहता हैं।
यार जब घर से भागा था था तो कुछ पता नही था कहां जाऊंगा क्या करूंगा बस भाग लिया रेलवे स्टेशन पर बैठा बैठा काफी देर तक सोचता रहा कहा जाऊ क्योंकि किसी के पास नही जाना चाहता था जहा भी जाना था बस अकेला ही रहना था।
फिर कितनी ट्रेन आती थी जाती थी बस सबको देखता और सोचता नहीं यहाँ नही कही और।

फिर यही देखते सोचते सुबह हो गई ऐसा लगा जैसे में कोई निर्णय ले ही नही पाऊंगा और फिर अचानक से एक दिल्ली ट्रेन आई कुछ टाइम वो रूकी रही बस फिर मैने भी टिकट लिया और बैठ गया।

आकाश बोला पर साहिल ये सब अभी क्यो सोच रहा हैं। साहिल नही यार तु समझ नही रहा में जो बता रहा हु वो बस ध्यान से सुन शायद जो में नही समझ पाया वो तु समझ जाऐ और मुझे बता सके की आखिर मेरे दिमाग में ऐसा क्या था जो में खुद ब खुद यहाँ आ गया।

आकाश यार तु क्या बोल रहा हैं फिलहाल तो मुझे अभी कुछ समझ नही आया। अच्छा आगे बोल। साहिल मुझे लगता था बचपन में जैसे में बहुत काबील वकील या डाक्टर बन जाऊंगा।

क्योंकि घर और टीचर सबको यही लगता था और मैने खुद से कभी ऐसा नही सोचा था हमेशा घर और टीचर के बीच सोचता रहा कभी कभी ऐसा लगता था जैसे सबकी लाईफ ऐसी ही

होती हैं। पर नही कुछ दोस्त मीलते थे उनकी बाते अलग होती थी पुछते थे साहिल तु क्या करने वाला हैं Study के बाद और में उन्हें कुछ खास  बता ही नही पाता था।

आकाश देता भी कहा से यार तुझे यहाँ पिज़्ज़ा जो बेचना था।
हाहाहाहाहाहा। साहिल नही यार ऐसा कुछ नहीं हैं ऐसा तो कभी नही सोचा था।आकाश साहिल एक बात कहता हु यार ध्यान से सुन अगर तेरी फिलोसोफी खत्म हुई हो तो तु ज्यादा सोचा मत कर 70 year ki तो जिंदगी हैं जिसमे 22 to बिता चुके अब जो बची है।

उसको सोच के नही बल्की कुछ करके बितानी है मेरे भाई। ईसलिए खयालों से बाहर निकलो और देखो। फिलहाल तो हम दिल्ली की गलियों के बस डिलीवरी बोय हैं इससे ज्यादा कुछ भी नही।आकाश तुम्हारी बात सही है ।इसका ये तो बिलकुल भी मतलब नही की हम सोचे ही ना हमे जाना कहां हैं करना क्या हैं।

ये जरूरी तो नही अगर हमने अपने आज को एक डिलीवरी बोय बना लिया तो बस वही काम हमारी लाईफ बन जाऐ।
मैं तो बस ये सोच रहा हु क्या में जो अभी कर रहा हु क्या यही मेरा ऐम था क्या यही मेरी मंजिल थी या फिर मुझे कुछ और करना हैं इससे आगे भी कुछ सोचना है। आकाश साहिल यार तुम्हारी सोच सही हैं ।

पर हम क्या कर सकते हैं नौकरी अच्छी मीलने से रही पहचान और पैसे हैं नही अब अगर ये नौकरी भी ना करें तो फिर वही या तो गांव जाकर जानवरों को चारा डालों या फिर खैती मे काम करो। साहिल मेरे भाई में तो बस यहीं तक सोच पाता हु। तु क्या और कितना सोचता हैं।

मे नही समझ पाता लेकिन एक बात जानता हु तु कुछ अलग जरूर करना चाहता हैं और अगर इश्वर ने चाहा तो जरूर कोई राह मिलेंगी यार। अब हमे सोना चाहियें कल लोगों को पिज्जा भी दैना हैं।
हाहाहाहाहा। औके गुडनाईट यार।

क्या है साहिल के मन में।
क्या करना चाहता हैं वो।
Next day.
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05)

मन उड़ रहा हवा में। पोयम💐20/09/2019

#EDMranjit.      Motivational poetry. 

मन उड़ रहा हवा में। पोयम💐20/09/2019

पोयम
Www.edmranjit.com pics from web. 

मन उड़ रहा हवा में।
एक ताजगी एहसास लिए।
दिल जी रहा फिंजा में।
 कुछ खास पल लिए।

कुछ चल रही हवाए।
बीन राह चुन दिशाए।
भटक रही हैं ऐसे।
एक साथ के लिए।

वो दिख रहा है नभ में ।
एक आस का सहारा।
दिल जानता है सबका।
अदृश्य है वो तारा।

हम आ गये हैं चलकर।
कुछ दुर तक वो राहें।
अब लौटना है मुश्किल।
किस हाल है बताए।
मन उड़ रहा हवा में।
कुछ खास पल लिए।

तु चंद है किरण भी।
एक रोशनी की छाया।
अब मील गया हैं  हमको।
इस दीप का उजाला।

कुछ बात कह गई है।
चारों सजी दिशाऐं।
अब नाचती है जग में।
एक छंद में फिजाएं।
मन उड़ रहा हवा में।
कुछ खास पल लिए।।

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.
20/09/2019.

मन उड़ रहा हवा में। पोयम💐20/09/2019

Thursday, September 19, 2019

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love19/09/2019

लव स्टोरी
Www.edmranjit.com
#EDMranjit

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love19/09/2019

Story 2002 to 2008

वो शाम कैसे भुल सकता हूँ जब अचानक से एक एहसास ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया था। उससे पहले मुझे कभी वैसा एहसास हुआ   था। हरपल साथ रहना हंसना खेलना पढ़ना लिखना सब अलग बात थी उस वक्त मैं इलेवन का छात्र था ना ही कोई होशियारी थी न कोई खास नादानी थी। सिर्फ़ दोस्ती और पढाई के सिवा मन में कोई ख्याल नहीं था। 

उस दिन दिन के कोई दस बज रहे थे और में अपनी शेविंग कर रहा था। तभी अंटी ने अचानक अपने वाले गेट का दरवाजा खोला था। उनका दरवाजा मेरे खिड़की के सामने ही था दरवाजा खुलते ही उनकी बेटी जिनका नाम शीतल था वो अंदर आई और झूक कर अपने माँ के चरण छुये। इसके बाद वो लड़की की नजर सीधे मेरी खिड़की की तरफ आई शायद उसने भी मुझे देख लिया था। तो देखते ही बोली माँ वो इतना बड़ा हो गया है देखो तो पुरे चेहरे पर क्रीम लगाकर शेविंग कर रहा हैं। 

में सिर्फ उसकी आवाज सुन रहा था उसने अंदर आते ही दरवाजा खटखटाया पर मैने खोलने से मना कर दिया तो आँटी हंसने लगी और बोली चल पहले हाथ मुँह धोकर कुछ खाँ ले आराम कर ले उससे बाद में मील लेना। उसे भी यही सही लगा उसने सोचा ज्यादा भाव खा रहा है और वो चली गई। सच तो ये था की मुझे उस वक्त पता भी नहीं था भाव खाना क्या होता हैं। मुझे सिर्फ़ इतना पता था मेरी दोस्त गाँव से आई है। एग्जाम के बाद छुट्टियाँ माँ पापा के साथ बिताने। मेंने अपनी शैविंग की उसके बाद फ्रैस हुआ नास्ता किया और माँ से बोलकर दोस्तों से मिलने चला गया। 

में कोई रात को नौ बजे घर वापस आया। तो देखा शीतल घर में माँ के पास बैठी उनसे कुछ बाते कर रही थी। मेरे आते ही उसका मुँह बंद सा हो गया में भी कुछ बोल नहीं पाया क्योंकि मेरे पास बोलने के लिए शायद कुछ था ही नहीं।मेरे कमरे मैं जाते ही वो माँ से बोली देखा आँटी कब से इसका इंतजार किया आया तो हैल्लो तक नही बोला। माँ ने मुझे आवाज लगाई और कहाँ सुन बेटा साहिल इसको हैल्लो तो बोल दे कम से कम माँ की बात सुनते ही मेरी हंसी छुट गई माँ भी हँसने लगी फिर शीतल दोड़ते हुए मेरे कमरे मैं आई और मुझसे एक कदम दुरी पर रूक गई। कहने लगी क्या हिरो बचपन भुल गए हो या फिर मुझे देखकर डर लग रहा है तुम्हें। 

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love19/09/2019

में सच मैं उसकी तरफ देख ही नहीं पा रहा था उस वक्त क्योंकि मुझे उस टाइम अपने किसी काम की ज्यादा टेंशन थी। 
तो मैने उस से कह दिया ना बचपन भुला हु और ना तुझसे डर लगता है मुझे बस मेरे पास फालतु का वक्त नही है ये सुनते ही वो बोलने लगी मेरे पास फालतु टाइम था जो अपनी दोस्ती के लिए गाँव की छुट्टियाँ छोड़ तुझसे मीलने इतनी दुर आ गई हु। मुझे कुछ समझ नहीं आया तो कह दिया तुरन्त मेने भी वं हैल्लो मैने नही बुलाया टिकट करवाकर तुम्हारी मम्मी को तुम्हारी याद आ रही थी इसलिए तुम्हें बुला लिया। शीतल इतना सुनते ही कुछ उदास सा मुँह बनाकर मेरे कमरे से सीधा अपने घर भाग गई ।फिर माँ ने उसे ऐसे जाते देख मुझे बहुत डाँट लगा दी। 

कुछ वक्त बाद मैने खाना खाया और वापस सो गया। कहते हैं स्कुल के दिन बहुत खास होते हैं  मुझे भी अब इसका एहसास होता है। बचपन मैं साथ पढ़ने वाले दोस्त सच मैं बहुत खास होते हैं उनका मन बहुत निर्मल होता है और हम सब अपने हिसाब से अपने मन से अपने दोस्त भी चुन लेते हैं। फिर चाहे लड़की हो या लड़का कौई भेदभाव भी नहीं होता दोस्ती में। ऐसे ही शीतल मेरी बचपन की क्लासमीट थी जो दसवीं तक साथ पढ़ने के बाद अपनी सिटी मे आगे की पढ़ाई के लिए चली गई थी। 

एग्जाम खत्म होते ही उसे सबसे पहले मेरी ही याद आई और वो सीधा अपने मम्मी पापा के पास वहीं आ गई जहाँ हम भी साथ रहा करते थे। पर हम लड़के जब भी लड़कियों से दोस्ती करते हैं उस तरह से नहीं निभा पाते जीस तरह से वो निभाना जानती है। शायद ये इसलिए भी होता हैं क्योंकि हम लड़के ज्यादातर अनाड़ी ही होते हैं। शीतल के मामले में भी मेरी दोस्ती किसी अनाड़ी से कम नही थी। मुझे बस इतना ही पता था की साथ में पढ़ना लिखना खेलना और फिर अपने घर आ जाना फिर अगले दिन स्कुल जाना फिर पढाई करना खेलना  यही दोस्ती भी है। और यही दोस्ती निभाना भी इससे ज्यादा कुछ समझना और जानना कभी चाहा ही नहीं था। 

शीतल अगले दिन में सुबह सोया ही था तो आकर उसने मुझे जगाया में उसे फिर से अपने पास देखकर डर गया मुझे कुछ अजीब सी  शर्म आती थी जब वो मुझे इतने पास से देखती थी तो। इसलिए मेंने उसे कहाँ तुम तुम यहाँ मेरे कमरे में वो  God इस लड़की को मेरा दोस्त बनाया है या दुश्मन इतना सुनते ही वो आगबबुला होकर मुझे मारने लगी बोलने लगी मे तेरी दुश्मन कब से हो गई। बता फिर दोस्त कौन है तेरा। तभी माँ कमरे में आ गई और वो एक तरफ हट गई माँ को देखते ही बोलने लगी आँटी ये साहिल मुझे अपना दुश्मन बोलने लगा है। इसका मतलब में यहाँ से गाँव जाते ही पराई हो गई थी। 
माँ उसकी लुभावनी बातों में आ गई और फिर मुझे डाँटने लगी। ये देखकर वो माँ के पिछे से मुझे चिढा़ने लगी और हमारी वापस नोंक झोक शुरू हो गई। किसी तरह माँ ने हम दोनों को अलग किया और फिर उसे अपने साथ ले गई वो जाते जाते भी मुझे बहुत खतरनाक घुरती गई जैसे मैने उसका कुछ छिन लिया हो। कुछ वक्त बाद जब में बाहर कहीं जाने लगा तो वो अपने घर से मुझे देख रही थी। उसकी आँखें बहुत उदास उदास चेहरा भी बहुत अजीब सा था शायद में भी समझ गया था उस टाइम ये मेरी वजह से दुखी हैं ।क्योंकि उसको आए दो दिन हो गए थे और मैने उससे ठिक से कोई बात नहीं की थी। इसलिए उस पल तो मुझे भी सही नहीं लगा कुछ यही सोचता हुआ में अपने काम से बाहर चला गया। 

आज दोपहर जब मैं घर वापस आया तो लंच के बाद में खुद ही उसके घर गया और देखा तो वो आँटी की गोद में बैठकर अपने हैयर ठिक करवा रही थी मुझे देखते ही दोनों माँ बेटी एक साथ बोली आज तो साहिल खुद ही आ गया बीन बुलाए मेहमान की तरह ये शीतल ने कहाँ आँटी ने उसे डाँटा वो मेहमान नहीं मेरा बेटा है। तु पागल जैसी हरकते मत किया कर फिर में शीतल से बोला अब आँटी की गोद से निकलकर इधर आ तुझसे बात करनी है। वो तो सुनते ही उछल पड़ी अच्छा अच्छा बोल ना क्या बात करनी है जल्दी से बता ये देख कर आँटी को भी हँसी छुट गई वो मुझसे बोली देख लिया साहिल अभी मुझसे तुमहारे लिए ही बोल रही थी मम्मी वो साहिल अब पहले जैसा नहीं रहा। और अब जब तुम आए इससे बात करने तो चिढा़ रही है। मेने कहाँ जी आँटी ये ऐसे ही तंग करती है इसलिए इससे बात करने का मन नहीं होता मेरा। 

फिर शीतल बोलने लगी ज्यादा नखरे मत कर ये बता आजकल कहाँ गायब रहता है घर से पढा़ई कैसी चल रही है एग्जाम कैसे हुए। उसने तो एक बार मे ही बहुत सवाल कर लिए। फिर हम दोनों ने ढेरों बाते की तभी मैने उससे पुछा बता आज जब मैं घर से बाहर जा रहा था तो तु मुझे दुखी होकर क्यों ताक रही थी फिर उसने कहाँ  गधे बस इसलिये की तु मुझसे ठिक से बात नहीं कर रहा था इसलिए। पर अब तुझसे बात करके देख कितनी खुश हु। मेने कहाँ मुझे बना रही हैं तो बोली नहीं यार तु ही समझेगा बस युही हम दोनों बचपन सै दोस्त है ना तो इतना समझ ले की एक दुसरे के बहुत करीब है। वो क्या कह रही थी मेरे पल्ले कुछ उस वक्त नही पड़ रहा था पर ये अच्छा लगा देखकर मेरे कुछ पल उससे बात करने से वो बहुत खुश थी। और दोस्ती की यही वजह मुझे पसंद थी।। 

जल्दी ही हम दोनों का हँसते खैलते बातचीत करते वक्त बीत गया अब वो वक्त फिर से आया जब उसको दाखिला के लिए फिर वाप वहीं जाना था अपनी गाँव वाली सिटी में। बस दो दिन बाकी थे हम दोनों कैरम खैल रहे थे वो बार बार हार रही थी और उदास होती जा रही थी मैने पुछा तेरा खैल मैं तो मन लग ही नहीं रहा है फिर खैल क्यों रही है। तो कहने लगी तु नहीं समझेगा पर मुझे लगता हैं जब वक्त आएगा तु खुद ही समझ जाएगा।। 

उस दिन शीतल को अब जाना था दिन में दो बजे की उसकी ट्रेन थी तब तक मुझे याद हैं मुझे कुछ काम से बाहर जाना था तभी उसकी माँ हमारे घर आई और कहने लगी साहिल तुम भी चलना साथ में शीतल को स्टेशन छोड़ने उसे भी अच्छा लगेगा मेरी माँ ने भी कह दिया हाँ चला जाऐगा। पर पता नहीं क्यो मुझे कुछ अजीब सा लगा उस वक्त दिन के दस बज रहे थे और शीतल एक बार भी दिखी नहीं थी। तो मेंने आँटी से पुछा वो है कहाँ आज घर भी नहीं आई वरना एक महीने से वही मुझे जगाने आ रही थी सुबह। 

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love19/09/2019

आँटी कहने लगी अभी तो वो खुद ही सोई हुई हैं। ये सुनकर मुझे भी अजीब लगा पर मे तो अनाड़ी था मुझे क्या करना है सोच कर में कुछ काम के लिए बाहर गया। पर मेरा दिल नहीं लगा तो मैं वापस घर आ गया जल्दी ही बारह बजने वाले थे और दो बजे की ट्रैन थी वो अभी तक अपने रूम में बैठी थी फिर में उसके घर गया तो आँटी ने इशारा किया रूम में ही है वो किचन में काम कर रहीं थी। जब में उसके रूम में गया तो रो रो कर उसने अपनी आँखों का बुरा हाल कर लिया था मुझे देखते ही खडी़ हुई और हग कर लिया रोते हुए कहने लगी साहिल तुझसे दुर रहकर नहीं पढ़ना मुझे में कुछ समझ नहीं पा रहा था लेकिन वो बहुत तकलीफ़ में इसलिए मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगा और मेरा मन बहुत उदाब सा हो गया। 
मैने उसे बैठाया और कहाँ फिर आँटी से कहो यही ऐडमिशन हो जाएगा। तो कहने लगी नहीं पापा नहीं मान रहे हैं मैं सब बता चुकी हु फिर भी मेरी टिकट करवा दी और गाँव में चाचा को फोन कर दिया। अब में बहुत परेशान हो गई हु तु तो समझता ही नहीं कुछ पर मैं यही तेरे साथ ही रहकर पढ़ना चाहती हु। इतने में आँटी आई और सबको समझाने लगी मेने भी उस से कहाँ चलो तैयार हो जाओ गाड़ी का टाइम भी होने वाला है। इतना बोलकर जब में अपने घर में आया तो मेरे अंदर भी बहुत कुछ चल रहा था शीतल के आँसुओ ने पता नहीं मेरे अंदर एक तुफान सा लाकर खड़ा कर दिया था मुझे उस वक्त सब कुछ बेकार सा लग रहा था और पहली बार मुझे ऐसा लगा जैसे सच मैं शीतल का दुर जाना मेरे लिए भी सही नहीं था। 

कुछ वक्त बाद वो तैयार हो गई उसका भाई मुझे बुलाने आया शीतल भी माँ से मीलने आई और फिर वो दोनों मुझे बोलकर एक साथ चले गये अब में बहुत टेंशन में आ गया था में उसे छोड़ने स्टेशन जाना ही नहीं चाहता था क्योंकि मेरी बाँडी में अजीब सी हड़बड़ाहट हो रही थी। नहीं समझ पा रहा था उस दर्द को किसी से बोल भी नहीं सकता था। बस फिर एक ख्याल आया और मैं मार्केट की तरफ दौड़ गया वहाँ गिफ्ट गैलरी गया और शीतल के लिए एक ताजमहल लिया  जिसमे एक सुंदर सी गुड़िया गुड्डा एक साथ बैठे होते हैं। उसे पैक करवाँ लाया फिर जब घर आया तो उसे लै जाकर अपने हाथों  से दे दिया। इतना करते ही मुझे बहुत राहत मिली इसके बाद वापस घर आ गया क्योंकि अब उसे स्टेशन छोड़ने का टाइम आ गया था और ये बहुत मुश्किल घड़ी थी दोनों के लिए। फिर मैने एक ब्लेक गौगल अपनी पहन लिया और शीतल  उसका भाई और आँटी कार में बैठकर स्टेशन आ गये। 

दिल की धड़कन ने तो जैसे साथ ही छोड़ दिया था आँखों के आँसू भी अंदर ही अंदर सुख रहे थे और जुबान एक दम बंद हो गई थी हम दोनों एक मीनट भी चुप नहीं रहे थे इसके पहले की लाइफ में पर उस वक्त मुँह से आवाज भी नहीं निकल रही थी। स्टेशन आते ही जान हलक में  आ गई थी ऐसा लगता था जैसे मेरी जिंदगी मेरे अंदर से निकलकर जा रही हो और में बेबस लाचार बस देख रहा हु। आँटी कुछ पुछती इस से पहले ही ट्रेन आ गई। शीतल ने हाथ मिलाया और कहाँ साहिल अपना ख्याल रखना में जरूर कुछ करूगी और लौट आऊगी उसकी इस बात से उस वक्त मेरे अंदर कुछ जान वापस आ गई थी उसने वापस कहाँ  पागल अब समझ आया उस दिन में उदास क्यों थी फिर कहाँ एक बार अपनी आँखें दिखा मुझे ये चश्मा उतार। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाया वो समझ गई उसका दोस्त अभी ठिक नहीं है उसने जिद् नहीं की और फिर ट्रेन मैं बैठ गई। लास्ट में उसने कहाँ बस थोड़ा इंतजार करना शीतल यु गई और यु आई। 

फिर ट्रेन चलने लगी और हम एक दुसरे को देखते देखते नजरों से ओझल हो गए। वो एहसास आज भी दिल दुखा जाता है जब तक परवाह नहीं थी उसकी सब कुछ नार्मल ही थी पर जैसे ही एहसास हुआ जिंदगी में सब कुछ बदल सा गया था। घर आ गया मुँह धोया बहुत रोया और बस रोता ही गया जब तक नींद नही आई। अगले दिन सुबह उसका फोन आया उसने कहाँ पागल कितना रोएगा उठ जा अब। मैं बस गाँव ही आई हु लेकिन तु देख तो सही तेरे मन से एक पल भी दुर नहीं साहिल शीतल से कभी दुर हो ही नहीं सकती बच्चू तू देखता जा में कैसी वहीं आती हु और वहीं पढ़ती हु। उसकी इन बातों ने मुझे बहुत राहत दी और में धिरे धिरे फिर से साहिल बन गया।। 

अब आगे।। 

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. 
19/09/2019.

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love19/09/2019

Wednesday, September 18, 2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'18/09/2019💐part 04)

#EDMranjit  motivated story. Wid love.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'18/09/2019💐part 04


#पार्ट 4#
Motivation story pizza boy
Pizza. Edmranjit.com motivated story. 


साहिल यार आकाश हम पुरी दिल्ली में पिज्जा सपलाई करेंगे ना। आकाश हा पर जो ओडर ज्यादा दुर का होता हैं।
वो उस एरिया के शोप से पुरी की जाती हैं।
इसका मतलब ये हैं की अपने सैठ की पुरी दिल्ली में 7 shop और भी हैं। जहाँ से जो पास में पडता हैं  वो एरिया वाईज हो जाता हैं।साहिल यार तु टेनशन ना ले मैं हु ना तेरे साथ जल्दी ही तु। दिल्ली का हो जाएगा और दिल्ली तेरी।
अच्छा साहिल अब तु जल्दी से कुछ Address note kar
और वहाँ का पार्सल दे कर आ जा फिर हम फ्री।

साहिल ओके यार चल फिर में आता हु।
साहिल का आज पहला दिन था उसके मन में थोड़ा डर था तो थोड़ी खुशी भी थी।
उसने अशोक नगर मे अपनी पहली डिलीवरी दी ।
उसके बाद पास में कुछ औफिस की डिलीवरी भी दी।

उसने देखा लोग अपनी लाईफ में इतने बिजी हैं उन्हें लंच तक ओडर करने का टाईम नही मीलता कभी कभी और इसलिए काम के टाइम पिज्जा बरगर खाकर काम में वापस लग जाते हैं लोग यहाँ।
अभी साहिल अपने तिसरे ओडर की तरफ निकल ही रहा था तब तक उसके सैल पर फोन आया हैलो क्या आप हमारा पिज्जा थोड़ा जल्दी डिलीवरी करोगें सर हमने मोर्निग से कुछ नही खाया ।

साहिल पहले तो डर गया फिर बोला यस मेम हम बस फाईव मिनट मे आ जाऐंगे।
ये एक icici bank ki unit मेनेजर निशा जी का फौन था जो इस पिज्जा शोप की रेगुलर कस्टमर थी और तो और इनके दिन की शुरुआत ही साहिल के शोप के पिज्जा से होती थी।

साहिल मेम आपका ओडर । ओह यस मिस्टर साहिल थेंक्यु ।
तो आप नये हो आई एम राईट साहिल जी मेम तो साहिल अब आप को डेली यहाँ पिज्जा लाना हैं पता हैं आपको जी मेम ।
साहिल ये टाइम ठिक हैं या फिर थोड़ा और जल्दी।
ओह साहिल बहुत ही गुड बोय लगते हो औकै ये टाइम सही हैं।
और सुनो थोड़ा इधर उधर भी चलेगा पर जल्दी के चक्कर में।

कही बाईक भी मार सकते हो ना शो आराम से डियर कोई जल्दी नही। साहिल ओके मेम थेंक्यू।
साहिल को यहाँ थोड़ा अच्छा लगा क्योंकि कुछ जगह तो लोगों ने उससे नारजगी ही दिखाई थोड़ा जल्दी आया करो
कल से लैट नहीं होना बहुत सी बाते।

उसने देखा कुछ लोग तो बस अपने सामान की फिकर करते हैं।
और कुछ लोग इनसानियत की भी कदर करते हैं और समझते हैं। अब साहिल ने अपने पुरे आज के ओडर खत्म कर लिये थें।

तभी आकाश की कौल आई भाई कहां हौ आ जा़औ यार लंच भी करना हैं। साहिल हा यार बस आ ही गया।
अब आगे साहिल को आज अच्छा भी लगा और
कुछ अजीब सी बाते भी उसको समझ में आई।

आगे साहिल क्या करेगा कैसे अपनी लाईफ ।
के फैसले लैगा ।
Next day.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'18/09/2019💐part 04
........

बंसत पंचमी कविता 👏30/01/2020

#EDMranjit बंसत पंचमी कविता👏30/01/2020 बंसत पंचमी कविता  इस माँ के बीना तो संसार अधुरा लगता था। नहीं आती तु तो सब सूना सूना लगता...