Posts

Showing posts from 2019

शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019

Image
#EDMranjit
शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019
कोई सौगात नहीं जिंदगी जो  हार जाएं ।
बस दिल की बेबसी ने जलाया हैं। ।
प्यार भी तो वहीं किया करते हैं ज्यादा। 
जिन्हें वक्त ने हरपल रूलाया हैं ।।

मासुम सा दिल भी जल कर पत्थर। 
बन जाता है दुनियां में अक्सर ।
क्योंकि इस दुनियां में हर तरफ ।
बेवफ़ाई का साया छाया हैं । 

खता नहीं हो अश्क फिर भी  गिरते हैं ।।
सजा ना भी मिले लोग फिर भी डरते हैं ।
ऐसी बेईमान मोहब्त को भी कहते हैं ।
खुदा ने अपने ही हाथों से बनाया हैं। 

जमीं गवाह उनकी हो गई जो इश्क में। ।
ताबुत हो गए । 
कुछ तो समझे कुछ मिट गए फंसाने बने ।।
कुछ सब हारकर भी न पा सके मोहब्त  ।
सुना हैं वही मजनू वही रांझा दिवाने बने। 

कोई पढ़े दिवानगी पर किताबों में नहीं । 
नशा मोहब्त का तो मिट जानें पर होता हैं।। 
वक्त जब निकल जाता है परवाने का अक्शर। 
फिर प्यार में सिर्फ़ आँसुओं का समंदर रह जाता हैं।। 

What is Love ,only for sadness then sadness ,
दोस्तों जिंदगी में प्यार तभी करना जब आपमें गम सहने की ताकत हो। 
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay .
29/10/2019शायरी दर्दे मोह्बत। 29/10/2019

अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019

Image
#EDMranjit motivational thought.

अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019
अब मौसम बदल रहा हैं।
अब.लोग संभल रहें हैं।
अब सच्चाई को समझकर।
अब लोग भक भक जल रहे है।
अब मौसम बदल रहा है।
**अब जागी है थोड़ी इनसानियत देखों।
अब लोग बात कर रहे है।
अब जब कंगाल हुआ हैं अपना कुछ।
अब पाँव फुक फुक लोग चल रहें हैं।
**अब समझ आएगा सबकों
अब आँखों मैं ज्वाला भड़कने लगी हैं।
अब पागल पब्लिक कुछ कुछ करने लगी हैं।
अब नहीं चलती भेड़चाल की मरजी।
अब मरजी से अपनी सब चलने लगें हैं।
**अब मौसम बदल रहा हैं।
अब लोग संभल रहे हैं*******
www.edmranjit.com
Writing ranjit choubeay.
26/10/2019
अब मौसम बदल रहा है।26/10/2019

👏💐शुभ दीपावली 🎆🎇27/10/2019

Image
#EDMranjit

👏💐शुभ दीपावली 🎆🎇27/10/2019
दीपों के जगमग उजालों का मौसम आया है।
सोनें चाँदी सा चमचम बजारों का रूतबा छाया हैं।
घरों मैं सबकी अपनी अपनी फरमाइशे हैं।
बाजारों मैं भी अतरंगी अतरंगी नुमाईशे हैं।
**नौकरी से छुट्टी लेनें का मौसम आया हैं।
सभी के साथ माहौल बनाने का मौसम आया है।
यारों से मिलने अपनी सुनाने उनकी सुनने का मौसम आया है।
मिठाइयों मैं डुबकी लगाने का मौसम आया है।

**सभी रूठें मित्र रिस्तेदारों को मनानें का मौसम आया हैं।
नई फसल का लुत्फ उठाने का मौसम आया है।
घरों को नया साफ सुथरा चमकदार बनाने का मौसम आया हैं।
खुशियों मैं झुमने नाचने गानें का मौसम आया है।
भग्वान श्री राम को यादकर खुशियाँ लुटाने का मौसम आया है।**जीवन के एक और साल को शुभ दिपावली मैं छाने का मौसम आया है।

सच और झुठ पर विजय अजय समझने का मौसम आया है।
वर्षों से चली आ रही शुभ परमपरा को निभाने का मौसम आया है।
नई पिढ़ी को रावन कौन था बताने का मौसम आया.हैं।
अपनी सभ्य संस्कृति को आत्मसात करने का मौसम आया है।
छोटे को आशीर्वाद देने बड़ों का आशीर्वाद लेने का मौसम आया है।**

अपनी भुलों को भुलाकर और सत्य को अपनाकर फिर से चलने …

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐

Image
#EDMranjit

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part(11) 25/10/2019💐
आकाश हमनें कहा था ना साहिल तुमसे तबीयत अच्छी।
नहीं तो काम पर मत चलों पर तुम माने नहीं। अब देखों कैसे बुखार ज्यादा बढ़ गया। साहिल क्या आकाश भाई आप भी बिल्कुल उस सुरभि जैसे ही रिऐक्ट कर रहे हौ वौ हमें ले गई पकड़ कर डाक्टर के पास हमने दवा भी ली हैं।

 और डाक्टर ने कहा एक दो दिन मे फिट हो जाऔगे। आकाश सही है जो सुरभि हैं वरना तुम मेरी तो सुनते ही नहीं। वरना आज बीमार तो नहीं होते। साहिल आकाश भाई आप अब शान्त हो जाईयें कल सुबह देखिये हम कैसे ठिक होकर काम पर जाते हैं।
अच्छा क्या कहा तुमने कल काम पर जाओगे। हाहाहा साहिल हमने सैठ जी को फोन कर दिया साहिल बिमार हैं ।

और दो दिन वो काम पर नहीं आ पाऐगा।आकश भाई क्या किया आपने आखिर में अकेला यहाँ रूम पर करुगां क्या। और आप कै ऊपर ज्यादा लौड आ जाऐगा शौप पर फिर ये ठिक नहीं ईसलिए मुझे यहाँ बोर नहीं हौना। आकाश साहिल कोई बोरिंग नहीं होगी मस्त खा पिकर आराम करना और शाम को सुरभि ले जाऐगी गार्डन सब मुड अच्छा हो जाऐगा। हाहाहाहा क्या भाई आ…

एक आईना। पोयम 23/10/2019💐

Image
#EDMranjit


एक आईना। पोयम 23/10/2019💐एक आईना की तरह जिंदगी ।
को साफ रखा जाए। 
कुछ खुशियों की तरह गम। 
को भी पास रखा जाए।। 

" शिकायत नहीं करों कभी भगवान से।। 
बेईमानी न करो कभी इंसान से।। 
खुद की तरह औरो  को भी
दिल के पास रखा जाए।। 

" कुछ भटक कर लौट आओ। 
कुछ सीख कर वापसी करो।। 
कुछ चाहत नसीब के बस में नहीं।। 
ये बात समझ कर मान लिया जाए।

" इंसान हर तरफ अब बढ़ रहा हैं।। 
हर राह में तरक्की कुछ कर रहा हैं।। 
यही सोच कर हम सबको अब।। 
बदलाव का युग समझ लिया जाए।

"चिंगारी को भी कम नहीं समझना कभी।। 
वो भी शौला बन जाती हैं हवा की मद्त से। 
आना जाना तो लगा ही रहता है सबका ।।
अब ठहर जाना ही उचित राह बन जाए।। 

"मदत कुदरत प्रकृति की  माया हैं।। 
इम्तिहान जिंदगी की पाठशाला हैं।। 
अपने पराए रिस्तो का गठबंधन हैं।। 
क्यों न इन्हीं को जीवन दर्पण समझा जाए।। 
Www.edmranjit.comWriting by ranjit choubeay. 23/10/2019 Poem. एक आईना। पोयम 23/10/2019💐

इतनी हैं जिंदगी। पोयम 18/10/2019💐

Image
#EDMranjit
इतनी हैं जिंदगी। पोयम 18/10/2019💐
इतनी है जिंदगी जैसे शाम का ढल जाना।
इतनी है खुशियाँ जैसे कुछ पल मुश्कुराना।
इतनी है आदतें जैसे सासों का आना जाना।
इतनी है ख्वाहिशें जैसे सपने में सब कुछ मिल जाना।


इतनी है लड़ाईया जैसे सुई का चुभना।
इतनी है बेबसी जैसे सब भुलकर लौट आना।
इतनी है कमियां जैसे गलतियों की किताब।
इतनी है बातें जैसे कुछ पल लाजवाब।

इतनी है बेवकूफी जैसे पहली एक गलती।
इतनी हैं चाहत जैसे उस पर मिट जाना।।
इतनी है मिन्नते जैसे फिर कुछ और नहीं।।
इतनी है पागलपंती जैसे आगे अब और नहीं।।

इतनी हैं दुरियां जैसे पास आना मुमकिन नहीं।।
इतनी हैं मजबुरियाँ जैसे भुल जाना चाहत हैं।।
इतनी हैं खामोंशियाँ जैसे सच गलत हो जाएं।।
इतनी हैं आवारगी जैसे गलत भी सही हो जाएं।।

इतनी हैं मुश्किलें जैसे एक पल का दर्द।।
इतनी हैं मंजिलें जैसे सफर का एक दौर।।
इतनी हैं शुरूआत जैसे अंतहीन एक कहानी।।
इतनी हैं नफरतें जैसे मिट जानी हैं जिंदगानी।।

इतनी हैं नैतिकता जैसे सब कुछ अच्छा है।।
इतनी हैं सादगी जैसे कुछ और सुंदर नहीं।।
इतनी हैं माया जैसे सब एक और हैं।।
इतनी हैं मासुमियत जैसे फिर कोई और नहीं।।


 जिंदगी…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'part10) 17/10/2019💐

Image
#EDMranjit motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'17/10/2019💐

       हैलो दिपु सुनो हा साहिल भईयां बोलिये क्या बात हैं। देखो दिपु आज सैठ जी भी नहीं हैं और हमारी तबीयत कल से ही कुछ ठिक नहीं है। पर हमने आज की सारी डिलवरी कर ली हैं और अब ये लास्ट डिलवरी के लिये निकल रहे हैं। तो अब वहीं से रूम चले जाऐंगे ऐसा लग रहा हैं हमे ।तो आकाश भाई अभी कुछ देर में आऐंगे तो उनको बोलना की हम अब कल सुबह ही आऐंगे।

दिपु जी साहिल भईयां जी हम आकाश भईयां को सब बोल दैंगे। आप आराम से डिलीवरी दे कर रूम जाईयें।साहिल हैंलो सुरभि हा साहिल बोल़ो क्या बात है सुरभि यार हमने आपको इसलिये फोन किया आज शाम हम गार्डन नहीं आऐंगे। सुरभि लेकिन क्यो क्या हुआ काम ज्यादा हैं या कोई बात हैं। साहिल अरे नहीं अभी तो लास्ट डिलीवरी करके जल्दी रूम पर आया हु मुझे थोड़ा फिवर है कल से ही मोर्निग मै आकाश भाई बोले थे आज छुट्टी कर लो पर हम काम पर गये।

और अब थोड़ा फिवर बढ़ गया इसलिये रूम आ गये रेस्ट कर लेंगें तो ठिक हो जाऐंगे। सुरभि साहिल तुम रूको मै अभी आती हु। …

वृक्ष और आस्था। पोयम 16/10/2019💐

Image
#EDMranjit
वृक्ष और आस्था। पोयम 16/10/2019💐
एक गाँव मैं एक पेड़ था।
वो हरा भरा विशाल था।
उसकी जड़ें बहुत मजबूत थी।
भयंकर तूफान भी उसे गिरा नहीं पाए।


एक दिन एक फकीर आया।
उस पेड़ के नीचे उसने डेरा जमाया।
पेड़ पहले ही गाँव में बहुत लोकप्रिय था।
अब फकीर वहाँ निरन्तर रहने लगा।।

कुछ वक्त पहले वो पेड़ सिर्फ गाँव का था।
अब फकीर के कारण लोग पेड़ से कतराने लगे।
इधर फकीर वहीं से अपना गुजर चलाने लगा।
लोग पेड़ की जगह फकीर से मीलने जाने लगे।।

वक्त कभी ठहरता नहीं वो तो गतिमान है।
पेड़ अब निराश रहने लगा।
लोगों की रूची बदलने लगी।
फकीर की दुकान चलने लगी।।

पेड़ समझ गया उसके प्रति प्रेम अब गाँव मैं नहीं।।
उसे बड़ा अफसोस हुआ जन जन की मूर्खता पर।
क्योंकि पहले लोग उस पर जल चढा़या करते थे।
उसकी आरती और पूजा किया करते थे।

पेड़ भी अपने इष्टदेव से गाँव के मंगल की।
कामना किया करता था।
एक समय में वो गाँव के लिए भगवान हुआ करता था।।
पर एक ढोंगी फकीर ने सबका विश्वास जीत लिया।
पेड़ के साथ ही उसके इष्टदेव से भी पंगा लिया।


वर्षौ पुराना रिस्ता अब पेड़ का टुट चुका था ।
लोगों के विश्वास और आस्था का सुरज डुब चुका था।
उस …

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2) ,

Image
#EDMranjit
वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love14/10/2019 part 2)


आज शीतल को गाँव गये पुरे आठ दिन हो गए थे। और मन बस याद किए जा रहा है समझ नहीं आ रहा था मन को हुआ क्या था। ऐनि टाईम दिमाग की घंटी सिर्फ उसके ही इर्दगिर्द घुमती रहती थी परेशान था इस तरह की बेबसी से मन विद्यालय में भी मन नहीं लग रहा था दोस्तों से बात करना भी कुछ खास नहीं अच्छा लगता था। जब तक स्कुल का टाइम होता था किसी तरह निकल जाता था लेकिन घर का टाइम तो जैसे बदल ही गया था लगता ही नहीं था हर वक्त खुश रहने वाला साहिल इतना भी उदास हो सकता था। मैने लाइफ को हमेशा से एक बच्चे की तरह समझा था जब भी मुझे कुछ चाहिए होता तो मैं माँ या पापा से बोलकर ले लेता था। पर यहाँ जो कुछ भी मेरे साथ हो रहा था वो सब कुछ अलग सा था वो कोई चिज या सामान नहीं था जो मम्मी पापा दिला देते ।कभी कभी मन होता था माँ से बात करू और अपनी सारी परेशानी बता दू। पर फिर मन में संकोच होता था ये सब बहुत अलग था। मेरा टाइम शीतल को याद कर के बस युही निकल रहा था।

आज मैंने आँटी से पुछा शीतल कैसी है ऐडमिशन हो गया उसका वहाँ आँटी पहले तो कुछ पल मुझे देखती रह…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09

Image
#EDMranjit
पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'10/10/2019💐part 09
               आकाश साहिल बात क्या है भाई आज सैठ जी।
पहले तो तुम्हें सुनाते रहे फिर कुछ टाइम बाद तुम्हें।
वापस बुलाया और बोले मै बहुत पराउड फिल कर रहा।
हु कि तुम मेरे लिये काम करते हो ।साहिल एक बात तो समझ।
आती हैं की आज सुबह जो कुछ तुमनें किया उससे सैठ जी का।थोड़ा नुकशान हो गया।

और इसके लिये उनहोंने तुम्हें डांट लगाई। फिर अचानक से कुछ टाइम बाद बुलाकर शाबाशी भी दे रहे हैं। आकाश अरे दिपु तुमने कुछ जानते हो तो बताओ।
आकाश भईया बात ये हैं जब सैठ जी साहिल को डांट रहे थे उस टाइम उन्हें बस अपना नुकसान नजर आया था।

 लेकिन बाद मे जब (आई सी आई बेंक )से निशा मेम का फौन आया और उन्हौने सैठ जी से कहा की वाह सैठ जी आपका और साहिल का बहुत बहुत धन्यवाद ।आप लोगो की वजह से हमारे एक होनहार एडवाईजर की जान बच गई। अगर आपका साहिल वक्त पर उसको हौस्पिटल ना ले जाता तो डाक्टर का कहना था उसको बचाना मुश्किल हो जाता।

निशा मेम ने आगे कहा सेठ जी इस अच्छे काम के लिये परोपकार और हैल्प के लिये हम…

शुभ दशहरा। 💐08/10/2019🏹

Image
#EDMranjit🏹
शुभ दशहरा। 💐08/10/2019🏹
सभी मित्रों को दशहरा  की अनेक अनेक शुभकामनाएं। 
आज फिर से एक बार।
दुनिया ने इतिहास को ।
दोहराया रावण को मान्यता।
अनुसार जलाया।🏹

हर बार की तरह इस बार भी।
देशवासियों ने रावण को बुराई का।
प्रतीक मानकर उसका अंत किया।
और सदियों से करते रहे है।🏹

आगे भी रावण युही जलता रहेगा।
और हम सब इसको एक उत्सव।
के रूप मे मनाते रहैंगे।🏹

भगवान राम ने तो रावण को।
शतयुग मे ही मार दिया था।
और उनहोंने कहा था किसी।
वयक्ति राज्य और धर्म को।
तभी याद रखना चाहिए।🏹

जब वो समपूर्णतह उचित हो।
राजा श्री राम ने ये भी कहा था।
आज केवल युद्ध मै रावण हि नहीं मरा।
अपितु उसकी सारी बुराइयों का अंत हो गया है।
रावन ने भी मरने से पूर्व भगवान श्री राम से।
पुछा हे राम क्या ये संसार मुझे ।🏹

मेरी द्ववारा किये गये अपराधों से छमा कर पायेगा।
तब भगवान  श्री राम ने रावण से कहा रावण तुम तो।
परम ज्ञानी हो और जानते हो।🏹

मेरी लड़ाई केवल तुम्हारे द्वारा किये गये अपराध और पाप से थी। जीस पर धर्म की बिजय हुई।
तुम्हारे पापो का अब अंत हो चुका है।
इसलिए अब आपसे संसार मै कोई भी।
द्ववेश नही रखेगा।🏹

और फिर रावण श्री राम के नाम को पुकारते…

नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

Image
#EDMranjit

नासमझ जिंदगी। poetry 💐07/10/2019

जिंदगी प्यार से जिओ तो नादानी बन जाती हैं। 
जिंदगी को समझो तो बेईमानी नजर आती हैं।। 
जिंदगी से दुर रहो तो दर्द बहुत दे जाती हैं।। 
जिंदगी की ये पहेली तो उलझी रह जाती हैं।। 

जब तक आप खुद से निडर हो सब ठिक। 
जरा सा डरे तो सब साथ छोड़ जाएंगे।। 
जो मतलबी होते हैं शुरू से ही यारो। 
वो क्या आपका उम्र भर साथ निभाऐंगे।। 

नहीं करना कभी किसी पर विश्वास तुम।। 
ये शब्द आपको जला कर राख कर जाऐगा।। 
जब टुटेगा आपके हृदय से निकलकर तो। 
वापस आपकी जिंदगी मैं लौट नहीं पाएगा।। 

इंसान जब भी खुद को समेटता हैं ।
तो  दुनियां से अलग हो जाता हैं।। 
फिर कोई रहे न रहे उसकी दुनियां में।। 
हर परवाह से वो दुर हो जाता है।। 

हम ने तो खूद को मिटाया हंसते हुए।। 
रोना तो जिंदगी ने सिखाना चाहा था। 
निकालकर फेक दिया उन किताबो को। 
अपनी जिंदगी से बाहर जिसने हमें दर्द में। 
रहकर भी जिना सिखाया था।। 

आसपास ही होती जिंदगी तो इतनी दुरी क्यों।। 
जब दिल मिलते ही नहीं तो मजबुरी क्यों। 
कुछ जालसाज़ होती हैं जिंदगानी उन लोगों की।। 
जो मोहब्त को भी बदनाम कर जाते निजी स्वार्थ कर।। 


स्वार्थी लोग कभी साथ नहीं निभा सकत…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08)

Image
#EDMranjit पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'03/10/2019💐part 08

            साहिल ऐं साहिल कहां खोये हो। तुम तो खोये हुऐ।
रेगिस्तान तान की तरह खो जाते हो।।
नही सुरभि में सोच रहा हु तुमने पहले मुझें उस दिन बुक मेला।
में देखा थोड़ी बात की उसके बाद मुझे बुक आँफर की जब मैने लेने से मना किया तो चोरी चुपके हमे फौलो किया और हम ये सब महज एक सयोग समझते रहे।।

सुरभि क्या यार अब तो मैने सब बता दिया ना की मैने तुम्हें एक दिन एक बेकरी में देखा बस मुझे लगा मील गया वो दोस्त जिसकी मुझे तलाश थी और वहीं से तुम्हें फौलो करने लगी। चाहती तो सब बुक मेले में भी बोल सकती थी लेकिन फिर मुझे सब कुछ जल्दी जल्दी लगता इसलिये खुद मैने ही थोड़ी मेहनत कर ली।।

साहिल हाहाहाहाहाहा। सुरभि अब इसमे हसनें वाली क्या बात हैं। नही यार बस तुम्हारी मेहनत पर मुझे हसी आ गई मुझे नही पता था दिल्ली आकर मुझे इतनें अच्छे दोस्त मीलने वाले हैं वरना पहलें ही आ जाता सुरभि हाहाहा शो फनी चलो अब ये बताओ तुम खुश तो हो ना।।

साहिल हा यार खुश हु क्यो तुम्हें खुश नही लग रहा। सुरभी हां …

माँ आ रही 💐 नवरात्रि कविता।। Mother is coming 💐 Navratri poem.27/09/2019

Image
#EDMranjit

माँ आ रही 💐 नवरात्रि कविता।। Mother is coming 💐 Navratri poem.27/09/2019
माँ आ रही हैं जग को फिर से संवारने।  तु तन से तु मन से माँ को पुकार ले।।  जो थम गया था तेरा जीवन का कारवाँ।  बीन बोले पुरी होगी वो हर मुराद तेरी। 
वो भक्ति में है खोई भक्तों के संग रहती।  ना भुलती कभी वो नवरात्रि का सबेरा।  निश्चल हैं मन अगर गुहार फिर लगा ले।  माँ के चरण मैं झुक कर अब शीश तु नवा ले।। 
वो चर में भी अचर में भी धरा के हर पहर में भी।  वो नभ भी है और शीत भी स्वर्ग भी स्तह भी है ।। जगत की हर विरह भी है सुख भी संचय भी है।  माँ ज्ञान भी संज्ञान भी है शक्ति का वरदान भी है।। 
अब आ गया है फिर से स्नेह का सवेरा।  जोत भी जल रही है माँ ले कर नाम तेरा।।  छुटे ना तेरे दर से कोई गरीब शाही।  आशीष सबको देना ओ कटरा वाली माँई।। 
अभय हैं तेरे दर का हर एक रहगुजारी।।  तुने तो सबकी दुनियां स्नेह से सजाई।।  अब आ भी ओ माते हम भी बुला रहे हैं।।  तेरे धाम की तरफ हम अर्जी लगा रहे हैं।। 

माँ तुझ से ऐसा नाता जो प्राण से भी प्यारा।। 
पुकारते हैं तुझको धरती के सारे लाला।। 
माँ शीतले माँ कोमल हृदय की शीत छाया।। 
तुने बड़े विनय से संसार ये बस…

कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny. Poem 26/09/2019

Image
#EDMranjit
कोई भाग्य को कभी मिटा नहीं पाया। पोयय💐Nobody was able to destroy destiny.  Poem 26/09/2019
रूक कर चलते चलते चलना ही भुल गये। 
थोड़ा सी खुशी क्या मिली सारे गम ही भुल गये। 
अभी बस चले थे कुछ कदम मस्ती की राह में। 
पता चला चलते ही मंजिल अपनी भुल गये।। 


जुगनू रातों में अक्सर जगाया करते हैं। 
आँखों ही आँखों में कुछ राज बयाँ करते हैं। 
हम पुछे भी तो सिर्फ़ टिमटिमाते है।। 
ना जानें वो सारी उम्र हमसे क्या छुपाया करते हैं।। 

तकदीर तो सबकी वहीं लिखता आया है।। 
तश्बीर  में कुछ बेइमानी करता आया है।। 
तकदीर में कुछ कर्मो का लिहाज बताकर। 
तश्बीर में एक ही रंग परमामेंट भरते आया है।। 

कोई भगवान को कभी हरा नहीं पाया। 
को भाग्य को कभी मिटा नही पाया। 
कौई झुठ को कभी छुपा नहीं पाया। 
तो कोई सत्य को कभी दबा नहीं  पाया।। 

इंसान दुख का पुजारी है इस दुनियां में। 
इंसान ही सुख का भंडारी है इस दुनियां मैं। 
थोड़ा सा गर सर झुकाकर चलना सिख जाओ।। 
तो इंसान ही वफादारी हैं इस दुनिया में।। 

वक्त हरिशचंद से भी सब कुछ ले बैठा था।। 
वक्त रावण को भी मिटा आया है। 

वक्त ने बलि को भी खुद में समाया था।। 
वक्त ने हर बार खुद को दोहराया …

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'26/09/2019💐part 07)

Image
#EDMranjit   motivational love story.
 पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'26/09/2019💐part 07)
#पार्ट 7
.......
साहिल आज तो बहुत थक गया यार आज तो लगता हैं।
डिलीवरी कर कर के मेरी ही डिलवरी हो जाऐगी।
अरे नही तुम बताओ और कहा करके आना है आकाश में कर आता हु। नही यार साहिल बस एक और बाकी है तु यही रूक मै आता हु अभी यही अशोक नगर ही जाना है।

ठिक जाओ जल्दी आना भुख भी लगी हैं लंच का टाइम भी हो गया ।हा यार बस गया और आया साहिल तब तक तुम एक काम करो वो राजु मिठाई वाले के यहाँ से गरमा गरम ढोकले लेते आओ आज मन कर रहा है ढोकले खाने को ओके में ले आता हु पर आकाश तुम जल्दी आओ। अब जाओ हा मै निकलता हु ।

साहिल ये आकाश भी लंच मे आज ढोकले खाऐगा इसका भी जवाब नही ओके चलो अब उसके ढोकले ले आता हु। हैलो भाई आधा किलो ढोकला पैक कर दो और सुनो थोड़े गरम होने चाहिये। तभी साहिल को कोई पिछे से टच करता है हैलो मिस्टर जी आप हा क्यो हम यहाँ नही आ सकते ये वही लड़की हैं जो साहिल को बार बार कही ना कही मील जाती हैं।

साहिल मैम आप मुझे गलत समझ रही हो मै तो यहाँ ढोकले लेन…

लव शायरी 💐 Love shayari 24/09/2019

#EDMranjit      love shayri.
लव शायरी 💐 Love shayari 24/09/2019
उलझे हुए ख्वाबो की एक झलक मिल जाए। 
एतबार कर सके उनसे वो पलक मिल जाए। 
एहसास हो उन्हें वो हमारे सिर्फ़ हमारे है। 
तो इस बेसहारे दिल को भी शुकू मिल जाए।। 

कोई क्या इश्क करेगा आज इस जहां में। 
कोई क्या साथ देगा इस बहती हवा में। 
अब तो शहर से शहर तक सिर्फ वफा फिरती है।। 
कोई बचा ही नहीं अब इस शहरे बेवफ़ा में।। 

पलक झूकती है तो ख्वाबो में चेहरा खिल जाता है। 
याद आती है तो होटो में रंग भर आता है।। 
लोग मोहब्त आज भी दिल से ही करते हैं। 
इसलिए आँखों का झरना आज भी बह जाता हैं।।

किसी शायर की एक कलम लिख रहा हु।
किसी के दिल की ये कसक लिख रहा हु। 💕 
वो जो दिल के पास आते हैं छुपके छुपके। 
सिर्फ उन्हीं के लिए ये गजल लिख रहा हु।। 💕 

नहीं इल्म होता मोहब्त के मतवालों को। 💕 
वो तो सिर्फ़ प्यार किए जाते हैं।। 
जब नफरते जहाँ मैं फिजाएं रोती है रातों मैं।। 
दिवानें उस रात को अपनी महक से सजाते हैं।। 💕 

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay. 
24/09/2019.
लव शायरी 💐 Love shayari 24/09/2019

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

Image
#EDMranjit। motivational love story.
पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'22/09/2019💐part 06)

साहिल यार आकश आज जब में लास्ट डिलीवरी करके निकल रहा था तो मैने कुछ नोटिस किया पर फिर लगा नही मेरा वहम हैं। लैकिन फिर भी मन कहता है नही वो सच था अब समझ नही आता में सही था या फिर वो और मन कहता है वहम नही है सच है।

 आकाश साहिल लेकिन क्या मुझे अब बतायेगा या फिर खुद ही सही गलत करता रहेगा। बात क्या है खुलकर बता। साहिल यार बीते रविवार को मैने छुट्टी की थी ये तो तुझे पता है आकाश हा पता है।

अब आगे यार उस दिन में प्रगति मैदान गया था वहाँ कुछ पेंटिंग्स और बुक्स कि प्ररद्शनी लगी थी तो मै भी कुछ पुरानी ऐतिहासिक बुक्स देखने लगा मुझे एक बुक पंसद आई लेकिन उसका प्राइज़ बहुत था यार पुरे तीन हजार नौ सौ । फिर मैने वो बुक रख दि लैकिन तभी एक लड़की आई और पुछने लगी हैलो क्या आप ये बुक ले रहे हो।

तो मैने कहा नही तो उसने कहा आप काफी टाईम से इस बुक को पढ़ रहे थे। इसका मतलब आपको पंसद आई हैं तो फिर आप झुठ क्यो बोल रहे हो फिर उसने मुझे गौर से देखा मुझे ऐसा लगा जै…

तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

Image
#EDMranjit motivational poetry.
तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 22/09/2019

गिरते गिरते जो उठ जाते हैं।
वक्त रहते जो संभल जाते हैं।
हर वजह को अनदेखा जो करते हैं।
वक्त रहते वहीं कुछ कर जाते हैं।।

वाकिफ होते हैं जो दुनियां से।
वो तो डर डर कर बढ़ते है।
जो निडर होते हैं हर जहाँ से ।
वो सबसे आगे निकल जाते हैं।

कसर कौन छोड़ता है यहाँ जीत की।
हर किमत पर लोग जीतना चाहते हैं।
वजह जैसे ही समझ आती है कुछ खोने की।
बस वहीं हौसले पस्त हो जाते हैं।।

शिकार कहाँ शिकारी को बुलाता है कभी।।
वो अपनी भुख मिटाने की राह तय करता है।
बस कुदरत की मेहरबानी हैं दोनों पर।
कोई शिकार बन जाता है कोई शिकारी कहलाता है।

तराजु भी हमेशा दो तरफ बहता है।
कभी कम तो कभी ज्यादा कहता है।
मगर जैसे ही थोड़ा ज्यादा मिलता है उसे।
वो भी उसी साहुकार का होकर रहता है।।

इंसान का हुनर भी कमाल का होता है।
जहाँ पिटता है जिंदगी की चक्की मैं हर पल।
पता नहीं क्यों उसी चक्की के गुण गाता हैं।
हद तो तब हो जाती हैं एक दिन वहीं दम तोड़ जाता है। 🙏🏻
Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.
22/09/2019.
तराजू भी हमेशा दो तरफ बहता है💐पोयम 2…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05

Image
#EDMranjit.  Motivational love story.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'20/09/2019💐part 05)

साहिल आकाश से कहता हैं।
यार जब घर से भागा था था तो कुछ पता नही था कहां जाऊंगा क्या करूंगा बस भाग लिया रेलवे स्टेशन पर बैठा बैठा काफी देर तक सोचता रहा कहा जाऊ क्योंकि किसी के पास नही जाना चाहता था जहा भी जाना था बस अकेला ही रहना था।
फिर कितनी ट्रेन आती थी जाती थी बस सबको देखता और सोचता नहीं यहाँ नही कही और।

फिर यही देखते सोचते सुबह हो गई ऐसा लगा जैसे में कोई निर्णय ले ही नही पाऊंगा और फिर अचानक से एक दिल्ली ट्रेन आई कुछ टाइम वो रूकी रही बस फिर मैने भी टिकट लिया और बैठ गया।

आकाश बोला पर साहिल ये सब अभी क्यो सोच रहा हैं। साहिल नही यार तु समझ नही रहा में जो बता रहा हु वो बस ध्यान से सुन शायद जो में नही समझ पाया वो तु समझ जाऐ और मुझे बता सके की आखिर मेरे दिमाग में ऐसा क्या था जो में खुद ब खुद यहाँ आ गया।

आकाश यार तु क्या बोल रहा हैं फिलहाल तो मुझे अभी कुछ समझ नही आया। अच्छा आगे बोल। साहिल मुझे लगता था बचपन में जैसे में बहुत काबील वकील…

मन उड़ रहा हवा में। पोयम💐20/09/2019

Image
#EDMranjit.      Motivational poetry.  मन उड़ रहा हवा में। पोयम💐20/09/2019
मन उड़ रहा हवा में।
एक ताजगी एहसास लिए।
दिल जी रहा फिंजा में।
 कुछ खास पल लिए।

कुछ चल रही हवाए।
बीन राह चुन दिशाए।
भटक रही हैं ऐसे।
एक साथ के लिए।

वो दिख रहा है नभ में ।
एक आस का सहारा।
दिल जानता है सबका।
अदृश्य है वो तारा।

हम आ गये हैं चलकर।
कुछ दुर तक वो राहें।
अब लौटना है मुश्किल।
किस हाल है बताए।
मन उड़ रहा हवा में।
कुछ खास पल लिए।

तु चंद है किरण भी।
एक रोशनी की छाया।
अब मील गया हैं  हमको।
इस दीप का उजाला।

कुछ बात कह गई है।
चारों सजी दिशाऐं।
अब नाचती है जग में।
एक छंद में फिजाएं।
मन उड़ रहा हवा में।
कुछ खास पल लिए।।

Www.edmranjit.com
Writing by ranjit choubeay.
20/09/2019.

मन उड़ रहा हवा में। पोयम💐20/09/2019

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love19/09/2019

Image
#EDMranjit

वो एहसास जो प्यार बन गया💐The feeling that fell in love19/09/2019 Story 2002 to 2008
वो शाम कैसे भुल सकता हूँ जब अचानक से एक एहसास ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया था। उससे पहले मुझे कभी वैसा एहसास हुआ   था। हरपल साथ रहना हंसना खेलना पढ़ना लिखना सब अलग बात थी उस वक्त मैं इलेवन का छात्र था ना ही कोई होशियारी थी न कोई खास नादानी थी। सिर्फ़ दोस्ती और पढाई के सिवा मन में कोई ख्याल नहीं था। 
उस दिन दिन के कोई दस बज रहे थे और में अपनी शेविंग कर रहा था। तभी अंटी ने अचानक अपने वाले गेट का दरवाजा खोला था। उनका दरवाजा मेरे खिड़की के सामने ही था दरवाजा खुलते ही उनकी बेटी जिनका नाम शीतल था वो अंदर आई और झूक कर अपने माँ के चरण छुये। इसके बाद वो लड़की की नजर सीधे मेरी खिड़की की तरफ आई शायद उसने भी मुझे देख लिया था। तो देखते ही बोली माँ वो इतना बड़ा हो गया है देखो तो पुरे चेहरे पर क्रीम लगाकर शेविंग कर रहा हैं। 
में सिर्फ उसकी आवाज सुन रहा था उसने अंदर आते ही दरवाजा खटखटाया पर मैने खोलने से मना कर दिया तो आँटी हंसने लगी और बोली चल पहले हाथ मुँह धोकर कुछ खाँ ले आराम कर ले उससे बाद में मील लेना। उस…

पिज्जा डिलीवरी साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'18/09/2019💐part 04)

Image
#EDMranjit  motivated story. Wid love.

पिज्जा डिलीवरी  साहिल विच सुरभि की प्रेम कहानी। Delivery Sahil Witch Surabhi's love story'18/09/2019💐part 04
#पार्ट 4#


साहिल यार आकाश हम पुरी दिल्ली में पिज्जा सपलाई करेंगे ना। आकाश हा पर जो ओडर ज्यादा दुर का होता हैं।
वो उस एरिया के शोप से पुरी की जाती हैं।
इसका मतलब ये हैं की अपने सैठ की पुरी दिल्ली में 7 shop और भी हैं। जहाँ से जो पास में पडता हैं  वो एरिया वाईज हो जाता हैं।साहिल यार तु टेनशन ना ले मैं हु ना तेरे साथ जल्दी ही तु। दिल्ली का हो जाएगा और दिल्ली तेरी।
अच्छा साहिल अब तु जल्दी से कुछ Address note kar
और वहाँ का पार्सल दे कर आ जा फिर हम फ्री।

साहिल ओके यार चल फिर में आता हु।
साहिल का आज पहला दिन था उसके मन में थोड़ा डर था तो थोड़ी खुशी भी थी।
उसने अशोक नगर मे अपनी पहली डिलीवरी दी ।
उसके बाद पास में कुछ औफिस की डिलीवरी भी दी।

उसने देखा लोग अपनी लाईफ में इतने बिजी हैं उन्हें लंच तक ओडर करने का टाईम नही मीलता कभी कभी और इसलिए काम के टाइम पिज्जा बरगर खाकर काम में वापस लग जाते हैं लोग यहाँ।
अभी साहिल अपने तिसरे ओडर की तरफ निकल ही …

सपनों का शहर मुम्बई उसमें पल पल बड़े होते छिपकी के ख़्वाब💐भाग 03) 18/09/2019

Image
#EDMranjit    Motivational Story.

सपनों का शहर मुम्बई उसमें पल पल बड़े होते छिपकी के ख़्वाब💐भाग 03) 18/9/2019

छिपकी आज सुबह ही उठ गई पार्क में टहलते हुए एक पास के पड़ोसी अंकल ने उस से सवाल कर लिया ।छिपकी जी अंकल मेंने कल हमारे प्रिय प्रधानमंत्री जी का भाषण सुना उन्होने कहाँ जीवन में स्वस्थ रहना उतना ही जरूरी है जितना के पेट के लिए भोजन जेब के लिए पैसे और पढाई के लिए किताबे अंकल वाह छिपकी बिटिया बहुत सुंदर और शाबाश बेटा ऐसे ही पढ़ते लिखते रहना हमेशा देखना एक दिन बहुत नाम होगा तुम्हारा। छिपकी जी अंकल अब घर जाती हु मेरा वाँकिंग टाईम खत्म हुआ। अंकल हाहाहाहा जी बेटा अपना ख्याल रखना। 
छिपकी माँ आप अभी तक नहीं उठी देखो ना माँ मै तो पार्क भी हो आई। पता है आज वहाँ बहुत भीड़ है अब तो ज्यादा से ज्यादा लोग जोंगिंग के लिये आने लगे हैं वहीं माँ कल तक तो पार्क भी सुना सुना सा लगता था। छिपकी की माँ भी अब उठ गई थी आखिर उसकी बिटियाँ उसको जगा जो रही थी। उसके बाद वो अपने पापा के पास गई और उन्हें भी जगाने लगी उठो उठो पापा सुबह हो गई हैं आप तो बहुत आलसी हो गये हो देखो बाहर जाकर सारी दुनियां योगा व्याम मे ल…